कौशांबी के सिराथू रेंज में रिटायर्ड कर्मचारी पर अवैध वसूली के आरोप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल उपशीर्षक: हरे पेड़ों की कटान और विभागीय संरक्षण को लेकर क्षेत्र में तेज हुई चर्चाएं, जांच की मांग कौशांबी से विशेष रिपोर्ट कौशांबी जिले के सिराथू रेंज स्थित वन विभाग कार्यालय एक बार फिर चर्चा में है। क्षेत्र में यह आरोप तेजी से उभर रहे हैं कि एक रिटायर्ड कर्मचारी कई वर्षों से कार्यालय में सक्रिय रहकर कथित रूप से अवैध वसूली कर रहा है। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी विभागीय परिसर में सक्रिय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित रिटायर्ड कर्मचारी लंबे समय से कार्यालय में बैठकर कथित तौर पर वसूली की गतिविधियों में शामिल है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी क्रम में वन विभाग के एक अधिकारी निखिलेश चौरसिया का नाम भी चर्चाओं में लिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह कहा जा रहा है कि उक्त रिटायर्ड कर्मचारी को संरक्षण प्राप्त है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं दूसरी ओर, क्षेत्र में हरे पेड़ों की अवैध कटान को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश सरकार जहां एक तरफ व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर सिराथू क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं द्वारा हरे पेड़ों की कटाई की घटनाएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय मिलीभगत के बिना इस तरह की गतिविधियां संभव नहीं हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या इस मामले में कोई जांच बैठाई जाती है या नहीं।
कौशांबी के सिराथू रेंज में रिटायर्ड कर्मचारी पर अवैध वसूली के आरोप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल उपशीर्षक: हरे पेड़ों की कटान और विभागीय संरक्षण को लेकर क्षेत्र में तेज हुई चर्चाएं, जांच की मांग कौशांबी से विशेष रिपोर्ट कौशांबी जिले के सिराथू रेंज स्थित वन विभाग कार्यालय एक बार फिर चर्चा में है। क्षेत्र में यह आरोप तेजी से उभर रहे हैं कि एक रिटायर्ड कर्मचारी कई वर्षों से कार्यालय में सक्रिय रहकर कथित रूप से अवैध वसूली कर रहा है। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी विभागीय परिसर में सक्रिय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित रिटायर्ड कर्मचारी लंबे समय से कार्यालय में बैठकर कथित तौर पर वसूली की गतिविधियों में शामिल है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी क्रम में वन विभाग के एक अधिकारी निखिलेश चौरसिया का नाम भी चर्चाओं में लिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह कहा जा रहा है कि उक्त रिटायर्ड कर्मचारी को संरक्षण प्राप्त है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं दूसरी ओर, क्षेत्र में हरे पेड़ों की अवैध कटान को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश सरकार जहां एक तरफ व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर सिराथू क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं द्वारा हरे पेड़ों की कटाई की घटनाएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय मिलीभगत के बिना इस तरह की गतिविधियां संभव नहीं हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या इस मामले में कोई जांच बैठाई जाती है या नहीं।
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- *कौशांबी पत्रकार पर एफआईआर दर्ज, संगठनों में रोष* *संदीपन घाट प्रकरण को लेकर डायट मैदान में धरना, निष्पक्ष जांच की उठी मांग* *कौशाम्बी संदेश* कौशांबी। जनपद में एक पत्रकार के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पत्रकार संगठनों और मीडिया कर्मियों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। संदीपन घाट क्षेत्र में हुए कथित हमले के मामले में एक स्थानीय पत्रकार को नामजद किए जाने के विरोध में प्रेस क्लब और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। पत्रकार संगठनों का आरोप है कि बिना निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के ही पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मामले में पत्रकार का नाम सामने आता है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन जल्दबाजी में दर्ज की गई एफआईआर से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने डायट मैदान में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है और उसे दबाने या डराने का प्रयास लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। धरना स्थल पर आयोजित सभा में कई वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष जांच नहीं कराई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। इसके बाद पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर की समीक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि जब तक जांच पूरी न हो जाए, तब तक पत्रकार के खिलाफ कठोर कार्रवाई न की जाए। इस पूरे प्रकरण ने जिले में मीडिया और प्रशासन के संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच की दिशा क्या रहती है।2
- देख लो सवर्णों तुम्हारे मोदी ने तुम्हारा क्या हाल कर दिया।कुछ भी बहम पाल लेना लेकिन ये बहम मत पालना कि भाजपा तुम्हारी सगी है। #सवर्णों_भाजपा_छोड़ो1
- जनपद कौशाम्बी पुलिस ने कुल 83 मोबाइल रिकवर कर मोबाइल स्वामियों को लौटाये ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS सी ई आई आर (सेन्ट्रल इक्वीपमेंट आईडेंटीटी रजिस्टर) पोर्टल पर जनपद कौशाम्बी के विभिन्न थानों पर मोबाइल चोरी, स्नेचिंग व मोबाइल खोने आदि की प्राप्त शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए जनपद कौशाम्बी के समस्त थानों की पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस एवं मेनुअल इनपुट की सहायता से भिन्न-भिन्न कम्पनियों के कुल 83 मोबाइल जिनकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रू० है, की बरामदगी की गई है। थानों पर नियुक्त कम्प्यूटर ऑपरेटर व सीसीटीएनएस पुलिस टीम द्वारा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। बरामद किये गये मोबाइल फोन को उनके स्वामियों की पहचान कर प्रदान किये गये हैं। ग़ौरतलब हो कि सी ई आई आर (सेन्ट्रल इक्वीपमेंट आईडेंटीटी रजिस्टर) पोर्टल एक केन्द्रीकृत सिटीजन पोर्टल है, जिसकी सहायता से चोरी हुए, खोए हुये अथवा छीने गये मोबाइल फोन को ट्रैक किया जा सकता है। आम जनता द्वारा स्वयं ही अपने मोबाइल खोने, चोरी होने आदि की सूचना ऑनलाइन सी ई आई आर की वेवसाइट ceir.gov.in पर दर्ज की जा सकती है। इसी प्रकार मोबाइल चोरी व खो जाने के सम्बन्ध में थानों पर प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों को CEIR पोर्टल पर दर्ज कर ट्रैक किया जाता है। इस प्रकार पूरे भारत वर्ष में कहीं भी मौजूद मोबाइल फोन को आवश्यकता अनुसार सम्बन्धित थानों को सूचित करते हुये बरामद करके मोबाइल स्वामी को सुपुर्द किया जाता है। सर्वाधिक फोन बरामद करने वाले थानों में प्रथम स्थान, थाना करारी (19 मोबाइल), द्वितीय स्थान थाना कोखराज (14 मोबाइल) व तृतीय स्थान थाना सराय अकिल (13 मोबाइल) पर नियुक्त पुलिस कर्मियों को पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा उत्साहवर्धन हेतु 5000-5000 रूपये के नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।1
- ‼️स्कूल गेम एथेलेटिक्स प्रतियोगिता ‼️ 4/100 मीटर रिले रेस छेत्री प्रतियोगिता खागा फतेहपुर 🏃🏻🏃🏻1
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