बगोदर बस स्टैंड में गूंजा करम गीत, ढोल-मांदर की थाप पर झूमे लोग, विराट करम महोत्सव का हुआ आयोजन लविधायक नागेन्द्र महतो, पूर्व विधायक विनोद सिंह, डुमरी विधायक जयराम महतो समेत कई जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में हुए शरीक बगोदर। झारखंड की समृद्ध लोक कला, संस्कृति और परंपरा को जीवंत रखने के उद्देश्य से रविवार को बगोदर बस स्टैंड परिसर में विराट करम महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में लोक संस्कृति का ऐसा रंग देखने को मिला कि ढोल-मांदर की थाप और खोरठा करम गीतों पर महिलाएं, युवतियां, युवक और जनप्रतिनिधि घंटों झूमते रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अखड़ा जगाकर की गई। इसके बाद विभिन्न टोलियों ने पारंपरिक परिधानों में करम गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। महिलाओं और युवतियों की नृत्य प्रस्तुतियों ने लोगों का विशेष ध्यान खींचा, वहीं पुरुषों ने मांदर की थाप से माहौल को और जीवंत बना दिया। कड़ी धूप के बावजूद बड़ी संख्या में लोग छतरी लेकर महोत्सव का आनंद लेते नजर आए। महोत्सव में बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह,डुमरी विधायक जयराम महतो, जिप उपाध्यक्ष छोटेलाल यादव और प्रमुख आशा राज समेत कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग शामिल हुए। इस दौरान जनप्रतिनिधि भी कलाकारों के साथ झूमते नजर आए। अतिथियों ने कहा कि करम पर्व झारखंड की पहचान और लोक संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अपनी भाषा, कला और परंपराओं को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने में मदद मिलती है। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि विभिन्न प्रतिभागी टीमों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महोत्सव में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
बगोदर बस स्टैंड में गूंजा करम गीत, ढोल-मांदर की थाप पर झूमे लोग, विराट करम महोत्सव का हुआ आयोजन लविधायक नागेन्द्र महतो, पूर्व विधायक विनोद सिंह, डुमरी विधायक जयराम महतो समेत कई जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में हुए शरीक बगोदर। झारखंड की समृद्ध लोक कला, संस्कृति और परंपरा को जीवंत रखने के उद्देश्य से रविवार को बगोदर बस स्टैंड परिसर में विराट करम महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में लोक संस्कृति का ऐसा रंग देखने को मिला कि ढोल-मांदर की थाप और खोरठा करम गीतों पर महिलाएं, युवतियां, युवक और जनप्रतिनिधि घंटों झूमते रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अखड़ा जगाकर की गई। इसके बाद विभिन्न टोलियों ने पारंपरिक परिधानों में करम गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। महिलाओं और युवतियों की नृत्य प्रस्तुतियों ने लोगों का विशेष ध्यान खींचा, वहीं पुरुषों ने मांदर की थाप से माहौल को और जीवंत बना दिया। कड़ी धूप के बावजूद बड़ी संख्या में लोग छतरी लेकर महोत्सव का आनंद लेते नजर आए। महोत्सव में बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह,डुमरी विधायक जयराम महतो, जिप उपाध्यक्ष छोटेलाल यादव और प्रमुख आशा राज समेत कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग शामिल हुए। इस दौरान जनप्रतिनिधि भी कलाकारों के साथ झूमते नजर आए। अतिथियों ने कहा कि करम पर्व झारखंड की पहचान और लोक संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अपनी भाषा, कला और परंपराओं को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने में मदद मिलती है। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि विभिन्न प्रतिभागी टीमों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महोत्सव में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
- बिहार में सामग्री वितरण कर लोगों को सहयोग मिला आशीर्वाद बिहार: बिहार में सामग्री वितरण करते हुए स्थानीय लोगों को सहयोग प्रदान किया गया। इस दौरान लोगों ने वितरकों को आशीर्वाद दिया, जिससे सामाजिक सद्भाव और सहयोग का माहौल बना। इस पहल के तहत जरूरतमंदों तक आवश्यक सामग्री पहुँचाई गई, जिससे उनकी सहायता हुई। स्थानीय निवासियों ने इस प्रयास की सराहना की और इसे सकारात्मक कदम बताया। बिहार में सामग्री वितरण कर लोगों को सहयोग मिला आशीर्वाद बिहार: बिहार में सामग्री वितरण करते हुए स्थानीय लोगों को सहयोग प्रदान किया गया। इस दौरान लोगों ने वितरकों को आशीर्वाद दिया, जिससे सामाजिक सद्भाव और सहयोग का माहौल बना। इस पहल के तहत जरूरतमंदों तक आवश्यक सामग्री पहुँचाई गई, जिससे उनकी सहायता हुई। स्थानीय निवासियों ने इस प्रयास की सराहना की और इसे सकारात्मक कदम बताया।1
- 5 साल का इंतजार हुआ खत्म टुंडु में शुरू हुआ करोड़ों का साइलो सिस्टम महज 1 घंटे में लोड होगी पूरी कोयला रैक बीसीसीएल के कोयला परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार1
- लोयाबाद में बड़ा भू-धंसान: तेज धमाके के साथ दो मकान समाए मलबे में, इलाके में दहशत लोयाबाद में बड़ा भू-धंसान: तेज धमाके के साथ दो मकान समाए मलबे में, इलाके में दहशत लोयाबाद थाना क्षेत्र के सात नंबर मुस्लिम मुहल्ले में रविवार की सुबह अचानक भारी भू-धंसान की खबर है। इस भू-धंसान की चपेट में आए तीन घर, जिनमें से दो मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए और घरों में रखा सारा सामान मलबे में समा गया। इस भीषण हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सूचना मिलते ही लोयाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर दी है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लगातार जायजा लिया जा रहा है।1
- समलडीह में दुर्गापूजा की तैयारियों पर मंथन, भव्य आयोजन की बनी रूपरेखा समलडीह में दुर्गापूजा समिति की बैठक, भव्य आयोजन को लेकर बनी रूपरेखा सतगावां। प्रखंड के समलडीह स्थित सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति की बैठक रविवार को पूजा समिति के अध्यक्ष सुनील यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आगामी दुर्गापूजा को लेकर तैयारियों की समीक्षा करते हुए आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान पूजा पंडाल, मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना, मंदिर एवं पंडाल की आकर्षक सजावट, विद्युत व्यवस्था और साफ-सफाई सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। समिति के सदस्यों ने कहा कि पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है, जिसे देखते हुए व्यवस्था पहले से बेहतर रखने की जरूरत है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पंडाल एवं पूजा स्थल के आसपास बैरिकेडिंग को मजबूत करने पर सहमति बनी। इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हो, इसके लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने की बात कही गई। बैठक में दुर्गापूजा मेले को आकर्षक बनाने के लिए खेल-तमाशा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर भी चर्चा हुई। समिति का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के साथ मनोरंजन का भी अवसर मिल सके। समिति अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि दुर्गापूजा आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का पर्व है। सभी लोगों के सहयोग से पूजा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से कराया जाएगा। उन्होंने समिति के सदस्यों और ग्रामीणों से तैयारियों में सहयोग करने की अपील की। बैठक में सचिव महेंद्र प्रसाद यादव, उपाध्यक्ष मनोज भगत, दिनेश यादव, मन्नू चौधरी, कोषाध्यक्ष पप्पू चौधरी, प्रवक्ता हीरालाल चौधरी, रोहित चौधरी, अजय चौधरी, रामकिशोर चौधरी, आशीष वैश्कियार, मधुसूदन चौधरी, विजय चौधरी, रवि चौधरी, कपिलदेव चौधरी, भुनेश्वर महथा सहित अन्य सदस्य एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- आदिवासी केंद्रीय सरना समिति के तत्वावधान में हजारीबाग में करम पूर्व संध्या का भव्य आयोजन -- प्रकृति, कृषि और भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है करम पर्व : अतिथियों ने दी पर्व की शुभकामनाएं -- करम पर्व प्रकृति, कृषि और भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक : विधायक प्रदीप प्रसाद -- करम पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का संदेश देता है : महापौर अरविंद कुमार राणा --- हजारीबाग। आदिवासी केंद्रीय सरना समिति हजारीबाग के तत्वावधान में रविवार को शहर अखड़ा सरहुल मैदान, धुमकुड़िया में करम पूर्व संध्या का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक संस्कृति, आदिवासी रीति-रिवाज और प्रकृति संरक्षण की भावना देखने को मिली। आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया और करम पर्व की सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्ता को रेखांकित किया। कार्यक्रम में हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। वहीं, विशिष्ट अतिथियों के रूप में महापौर अरविंद कुमार राणा, अपर समाहर्ता महेंद्र छोटन उरांव, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शेफाली गुप्ता एवं डॉ. सोमा उरांव उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप प्रसाद ने करम पर्व की शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति, कृषि और आदिवासी परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि करम पर्व झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन पारंपरिक संस्कृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महापौर अरविंद कुमार राणा ने करम पर्व के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि करम पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देता है। इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन समाज को एकजुट करने में सहायक होते हैं। अपर समाहर्ता महेंद्र छोटन उरांव ने करम पर्व की शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि करम पर्व आदिवासी समाज की प्रकृति के साथ गहरी आत्मीयता और पारंपरिक जीवन मूल्यों को दर्शाता है। इन परंपराओं को संरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। करम पर्व का धार्मिक और सामाजिक महत्व करम पर्व झारखंड सहित कई आदिवासी समाजों का महत्वपूर्ण पारंपरिक पर्व है। यह पर्व प्रकृति, कृषि और भाई-बहन के प्रेम से जुड़ा हुआ है। करम देवता की पूजा-अर्चना के माध्यम से सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की जाती है। इस पर्व का उद्देश्य कृषि एवं प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त करना, भाई-बहन के प्रेम को मजबूत करना तथा सामाजिक रिश्तों में आपसी सहयोग और सद्भाव को बढ़ावा देना है। करम पूर्व संध्या जैसे आयोजन पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से इस विरासत को जीवंत बनाए रखते हैं। आदिवासी केंद्रीय सरना समिति हजारीबाग के अध्यक्ष महेंद्र बेक ने कहा कि करम पर्व आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि करम पूर्व संध्या के माध्यम से समाज की पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और लोक परंपराओं को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में मदद मिलती है। उन्होंने सभी समाज के लोगों को करम पर्व की शुभकामनाएं दीं। सरना पूजा समिति के अध्यक्ष पवन तिग्गा ने कहा कि करम पर्व प्रकृति, कृषि और आपसी प्रेम का महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व समाज में भाईचारे, सद्भाव और एकजुटता की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि करम पर्व की परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। करम पूर्व संध्या का आयोजन इसी उद्देश्य से किया गया है, ताकि समाज के लोग अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाएं। कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी समाज की सांस्कृतिक परंपराओं, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। आयोजन में उपस्थित लोगों ने करम पर्व की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। *आयोजन की सफलता में समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान* कार्यक्रम को सफल बनाने में आदिवासी केंद्रीय सरना समिति हजारीबाग के अध्यक्ष महेंद्र बेक, सचिव सुनील लकड़ा, कोषाध्यक्ष महेंद्र कुजूर, रमेश कुमार हेंब्रम, रवि लिंडा, प्रदीप बेदिया, सुनील कच्छप, बिरसा मुंडा, पाहन बंधन टोप्पो, फुलवा कच्छप, विनोद मुंडा, प्रवीण बाखला, मनीषा टोप्पो, संदीप मुंडा सहित अन्य सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई। समिति के संरक्षक कृपाल कच्छप, सुशील ओड़िया, विशाल लकड़ा, पाहन बंधन एक्का तथा सरना पूजा समिति के अध्यक्ष पवन तिग्गा के साथ अमिका टोप्पो, अमीषा उरांव, ललित सोरेन, शुकरमनी तिर्की, सोनी टोप्पो, रिया कुमारी, शीला मुर्मू, खुशबू टोप्पो, अनिल टुडू, पप्पू एक्का, अंकित टोप्पो और समीर एक्का ने आयोजन की सफलता में योगदान दिया।2
- 🚨 हजारीबाग में अवैध स्टोन क्रशरों पर बड़ी कार्रवाई 9 अवैध क्रशर सील, गिट्टी लदा ट्रक जब्त; संचालकों पर प्राथमिकी की तैयारी हजारीबाग में अवैध स्टोन क्रशरों पर बड़ी कार्रवाई 9 अवैध क्रशर सील, गिट्टी लदा ट्रक जब्त; संचालकों पर प्राथमिकी की तैयारी1
- Instagram पर वायरल हुआ डहरे करम वीडियो डहरे करम नामक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में किसी विशिष्ट घटना या व्यक्ति का उल्लेख नहीं है, केवल #trending, #viral, #explore, #karma, और #instagood जैसे हैशटैग शामिल हैं। इस संदर्भ में कोई राजनीतिक, हिंसात्मक, या विवादास्पद सामग्री नहीं पाई गई है। वीडियो के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, जिससे सटीक घटना का विवरण देना संभव नहीं है। Instagram पर वायरल हुआ डहरे करम वीडियो डहरे करम नामक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में किसी विशिष्ट घटना या व्यक्ति का उल्लेख नहीं है, केवल #trending, #viral, #explore, #karma, और #instagood जैसे हैशटैग शामिल हैं। इस संदर्भ में कोई राजनीतिक, हिंसात्मक, या विवादास्पद सामग्री नहीं पाई गई है। वीडियो के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, जिससे सटीक घटना का विवरण देना संभव नहीं है।1
- खरखरी बचाओ आंदोलन: जल उठी मशालें!खरखरी की माटी, अस्मिता और वजूद को बचाने के लिए अब खरखरी बचाओ आंदोलन: जल उठी मशालें! "ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के..." खरखरी की माटी, अस्मिता और वजूद को बचाने के लिए अब इंकलाब का बिगुल बज चुका है! खरखरी में निकाले गए ऐतिहासिक मशाल जुलूस के साथ ही इस जन-आंदोलन का जोरदार आगाज़ हो चुका है। गाँव के युवाओं, बुजुर्गों और हर एक नागरिक का यह जनसैलाब इस बात की गवाही दे रहा है कि अब खरखरी के अधिकार और विकास पर आंच नहीं आने दी जाएगी। आंदोलन की मुख्य बातें: संकल्प: खरखरी के अस्तित्व और हितों की रक्षा के लिए हरसंभव संघर्ष। एकता: जात-पात और भेदभाद से ऊपर उठकर पूरा गाँव एक मंच पर। हुंकार: अन्याय और उपेक्षा के खिलाफ अब चुप नहीं बैठेंगे ग्रामीण। अगला कदम: प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों तक अपनी आवाज़ को पूरी मजबूती से पहुँचाना। एक जन-जुमला (नारा): "जब-जब खरखरी पर संकट आएगा, गाँव का बच्चा-बच्चा मशाल लेकर आएगा!" 1
- जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और खिलौने होने चाहिए, आज उन्हीं हाथों में ‘छाताबाद बचाओ संघर्ष मोर्चा’ का बैनर नजर आ रहा है।1