खरखरी बचाओ आंदोलन: जल उठी मशालें!खरखरी की माटी, अस्मिता और वजूद को बचाने के लिए अब खरखरी बचाओ आंदोलन: जल उठी मशालें! "ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के..." खरखरी की माटी, अस्मिता और वजूद को बचाने के लिए अब इंकलाब का बिगुल बज चुका है! खरखरी में निकाले गए ऐतिहासिक मशाल जुलूस के साथ ही इस जन-आंदोलन का जोरदार आगाज़ हो चुका है। गाँव के युवाओं, बुजुर्गों और हर एक नागरिक का यह जनसैलाब इस बात की गवाही दे रहा है कि अब खरखरी के अधिकार और विकास पर आंच नहीं आने दी जाएगी। आंदोलन की मुख्य बातें: संकल्प: खरखरी के अस्तित्व और हितों की रक्षा के लिए हरसंभव संघर्ष। एकता: जात-पात और भेदभाद से ऊपर उठकर पूरा गाँव एक मंच पर। हुंकार: अन्याय और उपेक्षा के खिलाफ अब चुप नहीं बैठेंगे ग्रामीण। अगला कदम: प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों तक अपनी आवाज़ को पूरी मजबूती से पहुँचाना। एक जन-जुमला (नारा): "जब-जब खरखरी पर संकट आएगा, गाँव का बच्चा-बच्चा मशाल लेकर आएगा!"
खरखरी बचाओ आंदोलन: जल उठी मशालें!खरखरी की माटी, अस्मिता और वजूद को बचाने के लिए अब खरखरी बचाओ आंदोलन: जल उठी मशालें! "ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के..." खरखरी की माटी, अस्मिता और वजूद को बचाने के लिए अब इंकलाब का बिगुल बज चुका है! खरखरी में निकाले गए ऐतिहासिक मशाल जुलूस के साथ ही इस जन-आंदोलन का जोरदार आगाज़ हो चुका है। गाँव के युवाओं, बुजुर्गों और हर एक नागरिक का यह जनसैलाब इस बात की गवाही दे रहा है कि अब खरखरी के अधिकार और विकास पर आंच नहीं आने दी जाएगी। आंदोलन की मुख्य बातें: संकल्प: खरखरी के अस्तित्व और हितों की रक्षा के लिए हरसंभव संघर्ष। एकता: जात-पात और भेदभाद से ऊपर उठकर पूरा गाँव एक मंच पर। हुंकार: अन्याय और उपेक्षा के खिलाफ अब चुप नहीं बैठेंगे ग्रामीण। अगला कदम: प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों तक अपनी आवाज़ को पूरी मजबूती से पहुँचाना। एक जन-जुमला (नारा): "जब-जब खरखरी पर संकट आएगा, गाँव का बच्चा-बच्चा मशाल लेकर आएगा!"
- खरखरी की गलियों में जलती ये मशालें… सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि अपने गांव के भविष्य को लेकर ग्रामीणों की चिंता और उम्मीद की तस्वीर बयां कर रही हैं।1
- धनबाद के कतरास स्थित लिलोरी स्थान में मां तारा मंदिर की बाउंड्री वॉल निर्माण को लेकर विवाद धनबाद जिले के कतरास लिलोरी स्थान श्मशान घाट में मां तारा मंदिर की बाउंड्री वॉल निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। राजेश स्वर्णकार ने निर्माण के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि बाउंड्री बनने से आने वाले समय में लोगों के बैठने की जगह कम हो जाएगी, छांव की समस्या बढ़ेगी और अतिक्रमण को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थल की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य होना चाहिए। #dhanbad__jharkhand1
- धनबाद। बाघमारा क्षेत्र के लोयाबाद 7 नंबर में रविवार को जोरदार आवाज के साथ कई घर जमीन में समा गए यह तो गनीमत रही कि जब भू धसान हो रहे थे उस समय घटनास्थल पर कोई उपस्थित नहीं थे नहीं तो एक बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है दरअसल बाघमारा क्षेत्र में रह रह कर हो रही है भू धसान 3 माह के अंदर लगभग एक दर्जन जगहों में भू धसान की घटनाएं घट गई है जिसमें कहीं कहीं तो लोगों की जान तक चली गई रविवार को लोयाबाद 7 नंबर में इस तरह की घटना घटने से वहां के लोग चिंतित नजर आ रहे हैं अब वह अपना सर कहां छुपाएंगे ये बात वहां रह रहे लोगों को सता रही है ऐसी घटनाओं में कौन जिम्मेदार है इसका जवाब कौन देगा आइए वहां पर रह रहे लोगों ने इस संबंध में क्या कुछ कहा जानते हैं।1
- बीसीकेयू नेताओं ने मंटू दूबे के मनोनयन पर बधाई संदेश में नाम देने को लेकर जताई आपत्ति बाघमारा में बिहार कोलियरी कामगार यूनियन (बीसीकेयू) के स्थानीय नेताओं ने मजदूर नेता रविंद्र कुमार दूबे उर्फ मंटू दूबे के मनोनयन पर उठे विवाद को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को मधुबन वाशरी में जानकारी देते हुए बीसीकेयू के ब्लॉक-2 एरिया सेक्रेटरी धनंजय महतो और अध्यक्ष सीताराम कर्मकार ने स्पष्ट किया कि मंटू दूबे को ब्लॉक-2 क्षेत्रीय कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष तथा क्षेत्रीय सलाहकार समिति का सदस्य मनोनीत किए जाने की उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। नेताओं ने मुख्य रूप से आपत्ति जताते हुए कहा कि बधाई संदेशों में उनलोगो का नाम मनमाने ढंग से जोड़ा गया है। उन्होंने अपनी तरफ से ऐसी कोई भी बधाई प्रेषित नहीं की है। इस पूरे मामले को लेकर यूनियन के नेताओं ने उच्च स्तर पर बात करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में जल्द ही यूनियन के महामंत्री से बातचीत करेंगे। इस अवसर पर वाशरी सचिव मनोज सेन, नकुल महतो, दिलीप नोनिया, सुनील मांझी, सुबोध रवानी, सरयू सिंह और खीरू महतो सहित कई अन्य यूनियन प्रतिनिधि भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।1
- *हेडलाइन: धनबाद - राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला में शामिल होने पहुंचे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, सुरक्षा के कड़े इंतजाम* झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला में शामिल होने के लिए धनबाद पहुंचे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और आने-जाने वाले लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यशाला में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। राज्यपाल के स्वागत के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।1
- बगोदर थाना क्षेत्र के अटका लक्षीबागी में घर में घुसा तेज रफ्तार टेलर, बड़ा हादसा टला बगोद के अटका लक्षीबागी में घर में घुसा तेज रफ्तार टेलर, बड़ा हादसा टला गिरिडीह। बगोदर थाना क्षेत्र के अटका लक्षीबागी में रविवार को तेज रफ्तार टेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी बुलेट और गन्ना जूसर मशीन को टक्कर मारते हुए एक घर में जा घुसा। टेलर दोनों वाहनों को कुछ दूर तक घसीटता ले गया। हादसे में टेलर, बुलेट, जूसर मशीन और घर क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सूचना पर थाना प्रभारी राजेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। झामुमो नेता शत्रुध्न प्रसाद मंडल ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। स्थानीय लोगों ने क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। चालक के शराब के नशे में होने की चर्चा है, जिसकी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है। के अटका लक्षीबागी में रविवार को तेज रफ्तार टेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी बुलेट और गन्ना जूसर मशीन को टक्कर मारते हुए एक घर में जा घुसा। टेलर दोनों वाहनों को कुछ दूर तक घसीटता ले गया। हादसे में टेलर, बुलेट, जूसर मशीन और घर क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सूचना पर थाना प्रभारी राजेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। झामुमो नेता शत्रुध्न प्रसाद मंडल ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। स्थानीय लोगों ने क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। चालक के शराब के नशे में होने की चर्चा है, जिसकी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।1
- *नयाडांगा काली मंदिर ग्राउंड में करम महोत्सव की भव्य शुरुआत, लोकगीत और ढोल-मांदर की थाप से गूंजा पूरा इलाका* धनबाद, 20 सितंबर। धनबाद जिले के निरसा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नयाडांगा काली मंदिर प्रांगण स्थित ग्राउंड में घटवार/घटवाल आदिवासी महासभा, धनबाद जिला कमिटी की ओर से भव्य करम महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव का विधिवत उद्घाटन युवा नेता बिरबल राय ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में काशीनाथ सिंह, रामप्रसाद सिंह, सहदेव प्रसाद सिंह, सुभाष राय, गोपाल चंद्र राय, सपन राय, गंगाधर राय, विष्णु राय, पाराण राजू राय, भगत राय, राजन राय, शीतल राय, पुरण राय, किशोर राय और गोपाल राय सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। धनबाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे करम पर्व के प्रतिभागियों और कलाकारों ने पारंपरिक लोकगीतों तथा ढोल-मांदर की थाप के बीच अतिथियों का जोरदार स्वागत किया। उद्घाटन के दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल करम पर्व की पारंपरिक संस्कृति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज, करम गीतों और कलाकारों की प्रस्तुतियों से माहौल पूरी तरह जीवंत हो उठा। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने महोत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए काशीनाथ सिंह ने सभी को करम पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि करम महोत्सव झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति के प्रति प्रेम, सामाजिक एकजुटता और भाईचारे का अनूठा प्रतीक है। ऐसे आयोजन केवल पर्व-त्योहार मनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोक संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। वहीं रामप्रसाद सिंह ने कहा कि आधुनिकता के दौर में अपनी सांस्कृतिक जड़ों और लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना बेहद जरूरी है। करम पर्व जैसे आयोजन युवाओं और आने वाली पीढ़ी को अपनी झारखंडी पहचान, लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सहदेव प्रसाद सिंह ने महोत्सव में जिले के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कलाकारों, प्रतिभागियों और श्रद्धालुओं के उत्साह की सराहना की। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और उन्नति की कामना की। वहीं सुभाष राय ने कहा कि महोत्सव में पारंपरिक सांस्कृतिक वातावरण और लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। आयोजन में सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। इनमें सुरेश राय, संजय राय, लालविहारी राय, दिनेश राय, मलीन्दर राय सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से शामिल रहे। घटवार/घटवाल आदिवासी महासभा धनबाद जिला कमिटी की ओर से आयोजित करम महोत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि झारखंड की लोक संस्कृति केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान की जीवंत पहचान भी है। नयाडांगा काली मंदिर प्रांगण में करम गीतों और मांदर की थाप के बीच समाज के विभिन्न खेतियानधारी समुदायों—भुईयां, घटवार, घटवाल और क्षत्रिय—की उत्साहपूर्ण भागीदारी इस सांस्कृतिक एकजुटता की तस्वीर पेश करती नजर आई।5
- 5 साल का इंतजार हुआ खत्म टुंडु में शुरू हुआ करोड़ों का साइलो सिस्टम महज 1 घंटे में लोड होगी पूरी कोयला रैक बीसीसीएल के कोयला परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार1