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जशपुर में जल जीवन का हाल बेहाल पत्थलगांव के बनगाँव में महज पंप की खराबी से साल भर से आपूर्ति बंद लम्बी जशपुर में जल जीवन का हाल बेहाल पत्थलगांव के बनगाँव में महज पंप की खराबी से साल भर से आपूर्ति बंद लम्बी दूरी से पानी लाने ग्रामीण मजबूर जल जीवन मिशन के अधिकारियों को लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामवासी मुख्यमंत्री साय के गृह जिले का मामला Jashpur District Administration CMO Chhattisgarh Gomati Sai PMO India Jashpur Times
Ibnul khan
जशपुर में जल जीवन का हाल बेहाल पत्थलगांव के बनगाँव में महज पंप की खराबी से साल भर से आपूर्ति बंद लम्बी जशपुर में जल जीवन का हाल बेहाल पत्थलगांव के बनगाँव में महज पंप की खराबी से साल भर से आपूर्ति बंद लम्बी दूरी से पानी लाने ग्रामीण मजबूर जल जीवन मिशन के अधिकारियों को लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामवासी मुख्यमंत्री साय के गृह जिले का मामला Jashpur District Administration CMO Chhattisgarh Gomati Sai PMO India Jashpur Times
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- बनगांव बी में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित भव्य मेले में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने मंदिर विकास के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की। ग्राम प्रतिनिधियों ने भी समिति को आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की, वहीं बागबहार पुलिस की मुस्तैदी से कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा। 📍 बनगांव बी | जशपुर पूरी खबर देखें – Jashpur Times1
- अंबिकापुर | 18 फरवरी 2026 सरगुजा जिले के थाना गांधीनगर क्षेत्र में सूने मकान से हुई चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खरीददार आरोपी सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात समेत लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये का सामान जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रार्थी अनिल कुमार दास परिवार सहित बाहर दर्शन पर गए थे, इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। प्रकरण दर्ज कर विवेचना के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिन्होंने चोरी करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि चोरी किए गए जेवर अंबिकापुर के एक सर्राफा व्यापारी को बेचे गए थे। इसके बाद जेवर खरीदने वाले दुकानदार को भी गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।3
- हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शिक्षकों पर VSK ऐप का दबाव गलत, दंडात्मक कार्रवाई और अनिवार्यता पर लगाई ‘अंतरिम रोक’ छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और निगरानी के लिए लागू किए गए ‘VSK ऐप’ को लेकर चल रहे विवाद में बिलासपुर उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शिक्षक को उसकी इच्छा के विरुद्ध व्यक्तिगत मोबाइल फोन पर थर्ड-पार्टी ऐप इंस्टॉल करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। जस्टिस एन.के. चंद्रवंशी की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता शिक्षक के खिलाफ किसी भी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। निजी संपत्ति और निजता का अधिकार प्रमुख आधार यह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब शिक्षक कमलेश सिंह बिसेन ने सरकार के उस फरमान को चुनौती दी, जिसमें शिक्षकों के निजी मोबाइल को शासकीय कार्य के लिए उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया था। याचिकाकर्ता ने स्वयं कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए दो टूक कहा कि शिक्षकों का व्यक्तिगत मोबाइल उनकी निजी संपत्ति है, जिसे सरकार बिना सहमति के ‘ऑफिसियल टूल’ की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकती। साथ ही, थर्ड-पार्टी ऐप से डेटा सुरक्षा और व्यक्तिगत निजता (Privacy) के उल्लंघन का गंभीर खतरा बना रहता है। सरकार से दो सप्ताह में मांगा जवाब हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्कों को प्रथम दृष्टया स्वीकार करते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर विस्तृत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि मामले की अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता को ऐप डाउनलोड करने के लिए बाध्य न किया जाए और न ही इस आधार पर उसके वेतन या सेवा रिकॉर्ड पर कोई प्रतिकूल प्रभाव डाला जाए। डिजिटल प्रशासन के दौर में मील का पत्थर कानूनी गलियारों में इस आदेश को डिजिटल प्रशासन और कर्मचारी अधिकारों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार किसी ऐप को अनिवार्य करना चाहती है, तो उसे संसाधन (मोबाइल और डेटा) भी स्वयं उपलब्ध कराने चाहिए। फिलहाल यह राहत तकनीकी रूप से याचिकाकर्ता तक सीमित है, लेकिन आने वाली सुनवाई में होने वाला फैसला प्रदेश के हजारों शिक्षकों के भविष्य और कार्यप्रणाली की दिशा तय करेगा।1
- दिन प्रतिदिन ठगी सामने आ रही हैं की लोग कलेक्टर बन कर लोगों को ठग कर पैसा लिए जा रहे है आखिर ऐसे क्यू1
- Post by विवेक टेंट एंड साउंड बगीचा1
- Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ1
- मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना वर्ष 2024-25 अंतर्गत सूकर विकास योजना के तहत बुधवार को प्रखंड परिसर, चैनपुर में चयनित 7 लाभुकों के बीच सूकर इकाइयों का वितरण किया गया। प्रत्येक लाभुक को 04 मादा सूकरी एवं 01 नर सूकर की दर से एक-एक इकाई प्रदान की गई।कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 1 बजे से प्रखंड परिसर में किया गया, जहां लाभुकों में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा एवं जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा , प्रथम पशुचिकित्सक पदाधिकारी डॉक्टर धर्मरक्षित उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने लाभुकों को पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने एवं आय में वृद्धि करने का संदेश दिया।इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक पहल मानी जा रही है। चयनित लाभुकों में सरिता टोप्पो, गांगी देवी, फरीदा लकड़ा, तिलिना मिंस, बेसिस मिंस, जेम्स दीपक हुजूर सहित अन्य शामिल रहे।ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पशुपालन से परिवार की आमदनी बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होग।3
- कलेक्ट्रेट अफसर बनकर लाखों की ठगी! जशपुर में खुद को कलेक्ट्रेट का बड़ा अधिकारी बताकर दो युवकों से 4 लाख 35 हजार रुपये ठगने वाला आरोपी प्रदीप पंडा गिरफ्तार। सिटी कोतवाली पुलिस ने होटल से घेराबंदी कर दबोचा, आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया। जशपुर पूरी खबर देखें – Jashpur Times पर1