किसान के घर में भेड़ ने जन्में दो बच्चे जिसमें एक बच्चे का सिर हाथी के सूंडनुमा, देखने को उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ राजेन्द्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। जिले के एक गांव में एक किसान के घर पालतू भेड़ ने दो बच्चों को जन्म दिया। सोमवार की सुबह जन्में दो बच्चों में एक मेमना का सर हांथी की सूंड जैसा दिखाई दिया तो गांव में चर्चा का विषय बन गया। जानकारी के मुताबिक गांव शाहनगर निवासी कमलेश पुत्र तमन्नालाल के घर पर पालतू भेड़ के सोमवार की सुबह दो मेमनो ने जन्म दिया। जब परिजनों ने मेमनो को देखा तो दंग रह गए। एक मेमने का सर हांथी की सूंड जैसा दिखाई दिया तो परिजनों और गांव के ग्रामीणों में चर्चा का विषय बन गया। गांव के ग्रामीण भेड़ के इस मेमने का सर हांथी जैसा सूंड वाला नजर आने पर गणेश भगवान जैसी आकृति वाला मानकर आस्था जताते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ ग्रामीण इस आश्चर्यजनक घटना को एक दुर्लभ घटना बता रहे हैं। स्थानीय गांव के अलावा आसपास के ग्रामीण मामले की चर्चा के बाद गांव पहुंच रहे हैं, और दुर्लभ मेमने को देख रहे हैं। फिलहाल भेड़ के जन्मे दोनों बच्चे सुरक्षित हैं।
किसान के घर में भेड़ ने जन्में दो बच्चे जिसमें एक बच्चे का सिर हाथी के सूंडनुमा, देखने को उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ राजेन्द्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। जिले के एक गांव में एक किसान के घर पालतू भेड़ ने दो बच्चों को जन्म दिया। सोमवार की सुबह जन्में दो बच्चों में एक मेमना का सर हांथी की सूंड जैसा दिखाई दिया तो गांव में चर्चा का विषय बन गया। जानकारी के मुताबिक गांव शाहनगर निवासी कमलेश पुत्र तमन्नालाल के घर पर पालतू भेड़ के सोमवार की सुबह दो मेमनो ने जन्म दिया। जब परिजनों ने मेमनो को देखा तो
दंग रह गए। एक मेमने का सर हांथी की सूंड जैसा दिखाई दिया तो परिजनों और गांव के ग्रामीणों में चर्चा का विषय बन गया। गांव के ग्रामीण भेड़ के इस मेमने का सर हांथी जैसा सूंड वाला नजर आने पर गणेश भगवान जैसी आकृति वाला मानकर आस्था जताते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ ग्रामीण इस आश्चर्यजनक घटना को एक दुर्लभ घटना बता रहे हैं। स्थानीय गांव के अलावा आसपास के ग्रामीण मामले की चर्चा के बाद गांव पहुंच रहे हैं, और दुर्लभ मेमने को देख रहे हैं। फिलहाल भेड़ के जन्मे दोनों बच्चे सुरक्षित हैं।
- --स्वास्थ्य विभाग का जागरूकता अभियान। --सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वाले 82 लोगों से 3000 रुपये जुर्माना। कन्नौज। नो स्मोकिंग डे के अवसर पर बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में “धूम्रपान का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तम्बाकू सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. सुकेश भारद्वाज ने धूम्रपान के दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पैसिव स्मोकिंग गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशु के लिए बेहद हानिकारक होती है। तम्बाकू का धुआं आसपास मौजूद लोगों के स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्वदेश गुप्ता ने की। उन्होंने कोटपा अधिनियम-2003 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित होने तथा तम्बाकू नियंत्रण से जुड़े कानूनी नियमों के बारे में बताया। इस दौरान 65 लोगों ने तम्बाकू का सेवन न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। कार्यक्रम के अंत में नोडल अधिकारी डॉ. के.पी. त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। वहीं तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम ने बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और जिला अस्पताल में आमजन को तम्बाकू व धूम्रपान के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते पाए गए 82 लोगों से कुल 3000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। स्वास्थ्य विभाग ने जनसामान्य से अपील की है कि स्वस्थ जीवन के लिए तम्बाकू और धूम्रपान से दूर रहें तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करें।8
- , जय श्री श्याम4
- रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रैक्टर ने दो बाइकों को कुचला, तीन युवकों की दर्दनाक मौत कन्नौज। सदर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रॉन्ग साइड से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दो बाइकों को कुचल दिया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एनएच-34 जीटी रोड पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर अचानक रॉन्ग साइड से आ गया और सामने से आ रही दो बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान इनायतपुर निवासी अरबाज, अहद तथा छिबरामऊ निवासी अमित के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि छिबरामऊ निवासी अमित अपने बीमार पिता को कानपुर में भर्ती कराकर घर लौट रहा था, जबकि अरबाज और अहद गांव से पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए आए थे। हादसे के बाद ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि घायल ट्रैक्टर चालक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया।2
- Post by पंकज सिंह1
- लखनऊ, राष्ट्रीय किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार बाबा ने अमेरिका के साथ हुई 18 प्रतिशत कृषि डील को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समझौते को वापस नहीं लिया गया तो देशभर के किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लखनऊ स्थित ईको गार्डन धरना स्थल पर अपने अधिकारों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हजारों किसानों को संबोधित करते हुए अरुण कुमार बाबा ने कहा कि इंडिया और अमेरिका के बीच हुई 18 प्रतिशत की कृषि डील किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि भारत सरकार और प्रधानमंत्री इस डील को वापस नहीं लेते हैं तो देश का किसान प्रधानमंत्री के खिलाफ आंदोलन छेड़ देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों के बारे में कितना सोचते हैं, यह जगजाहिर है। लेकिन इस तरह की डील से भारतीय कृषि और किसानों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए सरकार को तुरंत इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। अरुण कुमार बाबा ने सरकार से किसानों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि “हिन्दू खतरे में है”, लेकिन जो किसान देश की 140 करोड़ आबादी को अन्न उपलब्ध कराता है, क्या वह खतरे में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए, अन्यथा किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।1
- फर्रुखाबाद की सातनपुर आलू मंडी, जो एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडियों में गिनी जाती है, वहां इन दिनों किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है। बीते कई दिनों से किसान अपनी आलू की फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें दो-दो और तीन-तीन दिन तक मंडी में बैठना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि कई दिन इंतजार करने के बाद भी जब आलू का भाव खुलता है तो मात्र ₹50 प्रति पैकेट मिलता है। किसानों का कहना है कि इतना कम दाम मिलना उनके लिए आत्महत्या के बराबर है। मंडी में मौजूद किसानों ने बताया कि वे अपनी बहन-बेटियों की शादी और परिवार के खर्चों के लिए कर्ज लेकर आलू की खेती करते हैं, लेकिन जब फसल बेचने का समय आता है तो उन्हें लागत भी नहीं मिल पाती। गुस्साए कई किसानों ने बताया कि मजबूरी में कुछ किसान मंडी से ट्रैक्टर में आलू वापस ले जाकर सड़क किनारे या नालों में फेंकने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब इतना सस्ता दाम मिलता है तो मंडी में बेचने से बेहतर है कि आलू वापस ले जाएं। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसी तरह आलू का भाव गिरता रहा तो वे मंडी में आलू नहीं लाएंगे। उनका कहना है कि अगर सरकार और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं देंगे तो किसान नेताओं और अधिकारियों के घरों पर आलू पलटने को मजबूर होंगे। मंडी में मौजूद एक किसान ने बताया, "हमने अपनी आलू की फसल को बेचने के लिए कर्ज लिया था, लेकिन अब हमें लागत भी नहीं मिल पा रही है। हम क्या करें, नेताओं से कहो, हमारी सुनो, हमारी फसल का दाम दो।" एक अन्य किसान ने कहा, "हम सरकार से मांग करते हैं कि वे हमारी समस्या को समझें और आलू का उचित मूल्य तय करें।"4
- Post by मोनू शुक्ला1
- Post by SANJEEV GUPTA MANBADHIKAR1