Shuru
Apke Nagar Ki App…
, जय श्री श्याम
SANJEEV GUPTA MANBADHIKAR
, जय श्री श्याम
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- , जय श्री श्याम4
- रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रैक्टर ने दो बाइकों को कुचला, तीन युवकों की दर्दनाक मौत कन्नौज। सदर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रॉन्ग साइड से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दो बाइकों को कुचल दिया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एनएच-34 जीटी रोड पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर अचानक रॉन्ग साइड से आ गया और सामने से आ रही दो बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान इनायतपुर निवासी अरबाज, अहद तथा छिबरामऊ निवासी अमित के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि छिबरामऊ निवासी अमित अपने बीमार पिता को कानपुर में भर्ती कराकर घर लौट रहा था, जबकि अरबाज और अहद गांव से पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए आए थे। हादसे के बाद ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि घायल ट्रैक्टर चालक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया।2
- Post by पंकज सिंह1
- Post by अर्चना अर्चना1
- फर्रुखाबाद की सातनपुर आलू मंडी, जो एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडियों में गिनी जाती है, वहां इन दिनों किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है। बीते कई दिनों से किसान अपनी आलू की फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें दो-दो और तीन-तीन दिन तक मंडी में बैठना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि कई दिन इंतजार करने के बाद भी जब आलू का भाव खुलता है तो मात्र ₹50 प्रति पैकेट मिलता है। किसानों का कहना है कि इतना कम दाम मिलना उनके लिए आत्महत्या के बराबर है। मंडी में मौजूद किसानों ने बताया कि वे अपनी बहन-बेटियों की शादी और परिवार के खर्चों के लिए कर्ज लेकर आलू की खेती करते हैं, लेकिन जब फसल बेचने का समय आता है तो उन्हें लागत भी नहीं मिल पाती। गुस्साए कई किसानों ने बताया कि मजबूरी में कुछ किसान मंडी से ट्रैक्टर में आलू वापस ले जाकर सड़क किनारे या नालों में फेंकने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब इतना सस्ता दाम मिलता है तो मंडी में बेचने से बेहतर है कि आलू वापस ले जाएं। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसी तरह आलू का भाव गिरता रहा तो वे मंडी में आलू नहीं लाएंगे। उनका कहना है कि अगर सरकार और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं देंगे तो किसान नेताओं और अधिकारियों के घरों पर आलू पलटने को मजबूर होंगे। मंडी में मौजूद एक किसान ने बताया, "हमने अपनी आलू की फसल को बेचने के लिए कर्ज लिया था, लेकिन अब हमें लागत भी नहीं मिल पा रही है। हम क्या करें, नेताओं से कहो, हमारी सुनो, हमारी फसल का दाम दो।" एक अन्य किसान ने कहा, "हम सरकार से मांग करते हैं कि वे हमारी समस्या को समझें और आलू का उचित मूल्य तय करें।"4
- Post by मोनू शुक्ला1
- जति प्रमाणपत्र खारिज किये जाने से नाराज खटिक समाज ने किया प्रदर्शन1
- Post by SANJEEV GUPTA MANBADHIKAR1