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उनियारा : ईद मिलाद-उन-नबी का जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से निकला #janhitaawajnews #breakingnews #newpost #rajasthannews #उनियारा

3 hrs ago
user_JANHIT AAWAJ NEWS
JANHIT AAWAJ NEWS
Media company खंडर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
3 hrs ago
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उनियारा : ईद मिलाद-उन-नबी का जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से निकला #janhitaawajnews #breakingnews #newpost #rajasthannews #उनियारा

More news from राजस्थान and nearby areas
  • ईद मिलादुन्नबी पर निकली सद्भावना रैली, दिया भाईचारे का संदेश चौथ का बरवाड़ा.कस्बे में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को मुस्लिम समाज की ओर से सद्भावना रैली निकाली गई। इस अवसर पर रैली में बड़ी संख्या में बच्चे हाथों में इस्लामिक झंडे लेकर शामिल हुए और लोगों को प्रेम, भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। सद्भावना रैली की शुरुआत ईदगाह मैदान से समाजसेवी बसंती लाल सैनी द्वारा बच्चों को झंडे सौंपकर की गई। इसके बाद रैली मुख्य बाजार से होते हुए उस्मानिया मस्जिद के सामने से कलंदरी मस्जिद पहुंची। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत किया और बच्चों को सम्मानित किया। इस दौरान समाजसेवी ने कहा कि मोहम्मद साहब ने पूरी मानवता को प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश दिया था। वर्तमान समय में उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी समाजों से आपसी प्रेम और सद्भाव के साथ रहने की अपील की।रैली में शामिल बच्चों ने हाथों में झंडे लेकर अमन, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। रैली के समापन पर कलंदरी मस्जिद में देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ की गई।
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    ईद मिलादुन्नबी पर निकली सद्भावना रैली, दिया भाईचारे का संदेश
चौथ का बरवाड़ा.कस्बे में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को मुस्लिम समाज की ओर से सद्भावना रैली निकाली गई। इस अवसर पर रैली में बड़ी संख्या में बच्चे हाथों में इस्लामिक झंडे लेकर शामिल हुए और लोगों को प्रेम, भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया।
सद्भावना रैली की शुरुआत ईदगाह मैदान से समाजसेवी बसंती लाल सैनी द्वारा बच्चों को झंडे सौंपकर की गई। इसके बाद रैली मुख्य बाजार से होते हुए उस्मानिया मस्जिद के सामने से कलंदरी मस्जिद पहुंची। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत किया और बच्चों को सम्मानित किया।
इस दौरान समाजसेवी  ने कहा कि मोहम्मद साहब ने पूरी मानवता को प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश दिया था। वर्तमान समय में उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी समाजों से आपसी प्रेम और सद्भाव के साथ रहने की अपील की।रैली में शामिल बच्चों ने हाथों में झंडे लेकर अमन, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। रैली के समापन पर कलंदरी मस्जिद में देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ की गई।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • कुएं में गिरे नंदी महाराज को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला सारसोप। कस्बे के मीणा मोहल्ले में बुधवार को एक नंदी महाराज अचानक कुएं में गिर गया। नंदी के कुएं में गिरने की जानकारी मिलते ही मोहल्लेवासियों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए नंदी महाराज को कुएं से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रयास शुरू किए। काफी मशक्कत के बाद मोहल्लेवासियों और गांव के लोगों ने मिलकर नंदी महाराज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही और सभी नंदी महाराज को बचाने में जुटे रहे। सुरक्षित बाहर निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों की तत्परता और सामूहिक प्रयास से नंदी महाराज की जान बच गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने कुएं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता जताई, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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    कुएं में गिरे नंदी महाराज को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला
सारसोप। कस्बे के मीणा मोहल्ले में बुधवार को एक नंदी महाराज अचानक कुएं में गिर गया। नंदी के कुएं में गिरने की जानकारी मिलते ही मोहल्लेवासियों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए नंदी महाराज को कुएं से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रयास शुरू किए। काफी मशक्कत के बाद मोहल्लेवासियों और गांव के लोगों ने मिलकर नंदी महाराज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही और सभी नंदी महाराज को बचाने में जुटे रहे। सुरक्षित बाहर निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों की तत्परता और सामूहिक प्रयास से नंदी महाराज की जान बच गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने कुएं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता जताई, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
    user_Ravi  Rajasthan Patrika
    Ravi Rajasthan Patrika
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • कूनो नेशनल पार्क से लापता हुई मादा चीता निर्वा,एक सप्ताह से लापता,न लोकेशन मिली न सैटेलाइट सिग्नल
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    कूनो नेशनल पार्क से लापता हुई मादा चीता निर्वा,एक सप्ताह से लापता,न लोकेशन मिली न सैटेलाइट सिग्नल
    user_SHEOPUR NEWS FIRST
    SHEOPUR NEWS FIRST
    Building society Sheopur, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • स्लग : रिमझिम बारिश के बीच ईद मिलादुन्नबी का जुलूस हेडलाइन : रिमझिम बारिश के बीच हर्षोल्लास से निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस, तीन स्थानों से निकला जुलूस श्योपुर। शहर में बुधवार को ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रिमझिम बारिश के बीच शहर में तीन अलग-अलग स्थानों से जुलूस निकाले गए। बारिश के बावजूद समाजजनों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए। जुलूस के दौरान पूरे शहर में धार्मिक और सौहार्दपूर्ण माहौल नजर आया। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर पहला जुलूस वार्ड क्रमांक 22 स्थित करबला रोड के मदरसा फारुकिया पीर मजार से निकाला गया। दूसरा जुलूस वार्ड क्रमांक एक स्थित मदरसा फदनपुरा से और तीसरा जुलूस गांधी नगर स्थित मदरसे से निकाला गया। तीनों जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़े। करबला रोड और फदनपुरा से निकले दोनों जुलूस छारबाग, टीला मोहल्ला, बोहरा बाजार, सुबात चौराहा और मुख्य बाजार होते हुए पटेल चौक पहुंचे। इस दौरान गांधी नगर से निकला जुलूस भी पटेल चौक पहुंचकर इन जुलूसों में शामिल हो गया। इसके बाद जुलूस जय स्तंभ होते हुए गांधी चौक पहुंचा। यहां से गांधी नगर वाला जुलूस वापस अपने स्थान की ओर रवाना हो गया, जबकि दोनों अन्य जुलूस मुख्य बाजार से होते हुए अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर लौट गए। जुलूस में ऊंट और घोड़े आकर्षण का केंद्र रहे। ऊंट और घोड़ों पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे छोटे बच्चे लोगों का ध्यान खींच रहे थे। रिमझिम बारिश के बीच भी बच्चे और समाजजन पूरे उत्साह के साथ जुलूस में शामिल रहे। जुलूस के मार्ग में लोगों की मौजूदगी रही और कई स्थानों पर जुलूस का स्वागत भी किया गया। जुलूस के समापन के बाद शहर के विभिन्न मदरसों में सीरतुन्नबी कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन, उनके संदेश, भाईचारे, मानवता और आपसी सद्भाव पर प्रकाश डाला गया। मदरसों में बच्चों सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई। रिमझिम बारिश के बावजूद जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए और पूरे आयोजन के दौरान हर्षोल्लास के साथ आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देखने को मिला। स्लग : रिमझिम बारिश के बीच ईद मिलादुन्नबी का जुलूस हेडलाइन : रिमझिम बारिश के बीच हर्षोल्लास से निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस, तीन स्थानों से निकला जुलूस श्योपुर। शहर में बुधवार को ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रिमझिम बारिश के बीच शहर में तीन अलग-अलग स्थानों से जुलूस निकाले गए। बारिश के बावजूद समाजजनों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए। जुलूस के दौरान पूरे शहर में धार्मिक और सौहार्दपूर्ण माहौल नजर आया। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर पहला जुलूस वार्ड क्रमांक 22 स्थित करबला रोड के मदरसा फारुकिया पीर मजार से निकाला गया। दूसरा जुलूस वार्ड क्रमांक एक स्थित मदरसा फदनपुरा से और तीसरा जुलूस गांधी नगर स्थित मदरसे से निकाला गया। तीनों जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़े। करबला रोड और फदनपुरा से निकले दोनों जुलूस छारबाग, टीला मोहल्ला, बोहरा बाजार, सुबात चौराहा और मुख्य बाजार होते हुए पटेल चौक पहुंचे। इस दौरान गांधी नगर से निकला जुलूस भी पटेल चौक पहुंचकर इन जुलूसों में शामिल हो गया। इसके बाद जुलूस जय स्तंभ होते हुए गांधी चौक पहुंचा। यहां से गांधी नगर वाला जुलूस वापस अपने स्थान की ओर रवाना हो गया, जबकि दोनों अन्य जुलूस मुख्य बाजार से होते हुए अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर लौट गए। जुलूस में ऊंट और घोड़े आकर्षण का केंद्र रहे। ऊंट और घोड़ों पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे छोटे बच्चे लोगों का ध्यान खींच रहे थे। रिमझिम बारिश के बीच भी बच्चे और समाजजन पूरे उत्साह के साथ जुलूस में शामिल रहे। जुलूस के मार्ग में लोगों की मौजूदगी रही और कई स्थानों पर जुलूस का स्वागत भी किया गया। जुलूस के समापन के बाद शहर के विभिन्न मदरसों में सीरतुन्नबी कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन, उनके संदेश, भाईचारे, मानवता और आपसी सद्भाव पर प्रकाश डाला गया। मदरसों में बच्चों सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई। रिमझिम बारिश के बावजूद जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए और पूरे आयोजन के दौरान हर्षोल्लास के साथ आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देखने को मिला।
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    स्लग : रिमझिम बारिश के बीच ईद मिलादुन्नबी का जुलूस
हेडलाइन : रिमझिम बारिश के बीच हर्षोल्लास से निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस, तीन स्थानों से निकला जुलूस 

श्योपुर। शहर में बुधवार को ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रिमझिम बारिश के बीच शहर में तीन अलग-अलग स्थानों से जुलूस निकाले गए। बारिश के बावजूद समाजजनों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए। जुलूस के दौरान पूरे शहर में धार्मिक और सौहार्दपूर्ण माहौल नजर आया।
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर पहला जुलूस वार्ड क्रमांक 22 स्थित करबला रोड के मदरसा फारुकिया पीर मजार से निकाला गया। दूसरा जुलूस वार्ड क्रमांक एक स्थित मदरसा फदनपुरा से और तीसरा जुलूस गांधी नगर स्थित मदरसे से निकाला गया। तीनों जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़े।
करबला रोड और फदनपुरा से निकले दोनों जुलूस छारबाग, टीला मोहल्ला, बोहरा बाजार, सुबात चौराहा और मुख्य बाजार होते हुए पटेल चौक पहुंचे। इस दौरान गांधी नगर से निकला जुलूस भी पटेल चौक पहुंचकर इन जुलूसों में शामिल हो गया। इसके बाद जुलूस जय स्तंभ होते हुए गांधी चौक पहुंचा। यहां से गांधी नगर वाला जुलूस वापस अपने स्थान की ओर रवाना हो गया, जबकि दोनों अन्य जुलूस मुख्य बाजार से होते हुए अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर लौट गए।
जुलूस में ऊंट और घोड़े आकर्षण का केंद्र रहे। ऊंट और घोड़ों पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे छोटे बच्चे लोगों का ध्यान खींच रहे थे। रिमझिम बारिश के बीच भी बच्चे और समाजजन पूरे उत्साह के साथ जुलूस में शामिल रहे। जुलूस के मार्ग में लोगों की मौजूदगी रही और कई स्थानों पर जुलूस का स्वागत भी किया गया।
जुलूस के समापन के बाद शहर के विभिन्न मदरसों में सीरतुन्नबी कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन, उनके संदेश, भाईचारे, मानवता और आपसी सद्भाव पर प्रकाश डाला गया। मदरसों में बच्चों सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई। रिमझिम बारिश के बावजूद जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए और पूरे आयोजन के दौरान हर्षोल्लास के साथ आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देखने को मिला।
स्लग : रिमझिम बारिश के बीच ईद मिलादुन्नबी का जुलूस
हेडलाइन : रिमझिम बारिश के बीच हर्षोल्लास से निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस, तीन स्थानों से निकला जुलूस 
श्योपुर। शहर में बुधवार को ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रिमझिम बारिश के बीच शहर में तीन अलग-अलग स्थानों से जुलूस निकाले गए। बारिश के बावजूद समाजजनों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए। जुलूस के दौरान पूरे शहर में धार्मिक और सौहार्दपूर्ण माहौल नजर आया।
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर पहला जुलूस वार्ड क्रमांक 22 स्थित करबला रोड के मदरसा फारुकिया पीर मजार से निकाला गया। दूसरा जुलूस वार्ड क्रमांक एक स्थित मदरसा फदनपुरा से और तीसरा जुलूस गांधी नगर स्थित मदरसे से निकाला गया। तीनों जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़े।
करबला रोड और फदनपुरा से निकले दोनों जुलूस छारबाग, टीला मोहल्ला, बोहरा बाजार, सुबात चौराहा और मुख्य बाजार होते हुए पटेल चौक पहुंचे। इस दौरान गांधी नगर से निकला जुलूस भी पटेल चौक पहुंचकर इन जुलूसों में शामिल हो गया। इसके बाद जुलूस जय स्तंभ होते हुए गांधी चौक पहुंचा। यहां से गांधी नगर वाला जुलूस वापस अपने स्थान की ओर रवाना हो गया, जबकि दोनों अन्य जुलूस मुख्य बाजार से होते हुए अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर लौट गए।
जुलूस में ऊंट और घोड़े आकर्षण का केंद्र रहे। ऊंट और घोड़ों पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे छोटे बच्चे लोगों का ध्यान खींच रहे थे। रिमझिम बारिश के बीच भी बच्चे और समाजजन पूरे उत्साह के साथ जुलूस में शामिल रहे। जुलूस के मार्ग में लोगों की मौजूदगी रही और कई स्थानों पर जुलूस का स्वागत भी किया गया।
जुलूस के समापन के बाद शहर के विभिन्न मदरसों में सीरतुन्नबी कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन, उनके संदेश, भाईचारे, मानवता और आपसी सद्भाव पर प्रकाश डाला गया। मदरसों में बच्चों सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई। रिमझिम बारिश के बावजूद जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए और पूरे आयोजन के दौरान हर्षोल्लास के साथ आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देखने को मिला।
    user_Irsad News
    Irsad News
    Court reporter श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • काशीपुर में मौत के बाद भी नहीं मिल रही शांति कंधे पर अर्थी घुटने पर कि कीचड़ काशीपुर पंचायत में सिस्टम पूरी तरह फैल श्योपुर से बड़ी खबर,,,,,,,,,😥😥 श्योपुर जिले की ग्राम पंचायत काशीपुर से मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है यहां पक्की सड़क और रास्ता नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है बारिश के चलते खेतों और रास्तों में घुटने पर पानी और कीचड़ भरा गया है। कल एक सब यात्रा के दौरान ग्रामीणों को कंधे पर अर्थी लेकर इसी कीचड़ भरे पानी से होकर श्मशान घाट तक गुजर रहे हैं जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है लोगों का कहना है कि उन्होंने ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक कई बार सड़क बनाने की मांग की है लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई वहां के जो सरपंच सचिव हैं उनसे वह लोग शिकायत करते हैं तो वह लोग कहते हैं अभी इसका बजट नहीं आया है बजट डाल दिया है सवाल लिया है कि क्या लोगों को इसी तरह बजट के नाम पर दिलासा देकर इसी रास्ते से गुजरना पड़ेगा काशीपुर पंचायत में सिस्टम पूरी तरह से फेल हो चुका है ऐसा लग रहा है जैसे अंधेर नगरी चौपट राजा
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    काशीपुर में मौत के बाद भी नहीं मिल रही शांति कंधे पर अर्थी घुटने पर कि कीचड़ काशीपुर पंचायत में सिस्टम पूरी तरह फैल
श्योपुर से बड़ी खबर,,,,,,,,,😥😥 
श्योपुर जिले की ग्राम पंचायत काशीपुर से मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है यहां पक्की सड़क और रास्ता नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है बारिश के चलते खेतों और रास्तों में घुटने पर पानी और कीचड़ भरा गया है। कल एक सब यात्रा के दौरान ग्रामीणों को कंधे पर अर्थी लेकर इसी कीचड़ भरे पानी से होकर श्मशान घाट तक गुजर रहे हैं जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है लोगों का कहना है कि उन्होंने ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक कई बार सड़क बनाने की मांग की है लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई वहां के जो सरपंच सचिव हैं उनसे वह लोग शिकायत करते हैं तो वह लोग कहते हैं अभी इसका बजट नहीं आया है बजट डाल दिया है सवाल लिया है कि क्या लोगों को इसी तरह बजट के नाम पर दिलासा देकर इसी रास्ते से गुजरना पड़ेगा काशीपुर पंचायत में सिस्टम पूरी तरह से फेल हो चुका है ऐसा लग रहा है जैसे अंधेर नगरी चौपट राजा
    user_DA, news, Plus=shopur
    DA, news, Plus=shopur
    Personal Shopper बीरपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • गंगापुर सिटी शहर में निकली कावड़ यात्रा ढोल एवं डीजे की धुनो पर झूमे शिव भक्त धार्मिक झांकियां ने श्रद्धालुओं का मोहा मन बम बम भोले के जयकारो से गूंन्जायमान हुआ शहर
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    गंगापुर सिटी शहर में निकली कावड़ यात्रा  ढोल एवं डीजे की धुनो पर झूमे शिव भक्त धार्मिक  झांकियां ने श्रद्धालुओं का मोहा मन बम बम भोले के जयकारो से गूंन्जायमान हुआ शहर
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    5 hrs ago
  • चारभुजा नाथ मंदिर में रुद्राभिषेक भक्तों को कराया भोजन सारसोप। कस्बे के श्री चारभुजा नाथ मंदिर में बुधवार को पांचाल परिवार की ओर से भगवान शिव का रुद्राभिषेक श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। सुबह 8 बजे से शुरू हुए रुद्राभिषेक में भगवान शिव का जल, दूध सहित विभिन्न पूजन सामग्री से अभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। रुद्राभिषेक के दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। पांचाल परिवार के सदस्यों सहित धर्मप्रेमी लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान चारभुजा नाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। आयोजन के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा। पांचाल परिवार की ओर से श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया तथा प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव की आराधना की।
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    चारभुजा नाथ मंदिर में रुद्राभिषेक भक्तों को कराया भोजन 
सारसोप। कस्बे के श्री चारभुजा नाथ मंदिर में बुधवार को पांचाल परिवार की ओर से भगवान शिव का रुद्राभिषेक श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। सुबह 8 बजे से शुरू हुए रुद्राभिषेक में भगवान शिव का जल, दूध सहित विभिन्न पूजन सामग्री से अभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। रुद्राभिषेक के दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। पांचाल परिवार के सदस्यों सहित धर्मप्रेमी लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान चारभुजा नाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। आयोजन के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा। पांचाल परिवार की ओर से श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया तथा प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव की आराधना की।
    user_Ravi  Rajasthan Patrika
    Ravi Rajasthan Patrika
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • नेपाल में कुदरत का महा-प्रलय: आसमान से बरसी तबाही, उफनती नदियों ने लील लिए 72 जीवन; चितवन बना श्मशान! विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: पहाड़ों से उतरा साक्षात 'काल' नेपाल में कुदरत का महा-प्रलय: आसमान से बरसी तबाही, उफनती नदियों ने लील लिए 72 जीवन; चितवन बना श्मशान! विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: पहाड़ों से उतरा साक्षात 'काल' काठमांडू / नई दिल्ली: कुदरत के रौद्र रूप और आसमानी आफत ने नेपाल की धरती पर ऐसी भयंकर तबाही मचाई है कि चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार, बर्बादी और लाशों का मंजर दिखाई दे रहा है। मूसलाधार बारिश और बेकाबू सैलाब ने हंसते-खेलते शहरों और बस्तियों को पलक झपकते ही खंडहर में तब्दील कर दिया। अब तक 72 बेगुनाहों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अब भी मौत और जिंदगी के बीच सैलाब से जंग लड़ रहे हैं। प्रमुख बिंदु: तबाही का खौफनाक मंजर चितवन में महा-तांडव: अकेले चितवन जिले से अब तक 55 शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रशासन के मुताबिक यह आंकड़ा और भी भयावह हो सकता है। तिनके की तरह बहे विशालकाय पुल: उफनती नदियों के प्रचंड वेग के आगे कंक्रीट और लोहे के मजबूत पुल ताश के पत्तों की तरह टूटकर एक ही झटके में दो टुकड़ों में बह गए। जल समाधि में विलीन बस्तियां: सैकड़ों घर जमींदोज हो गए हैं, सड़कें बह चुकी हैं और पूरा जनजीवन पूरी तरह ठप हो चुका है। जब मौत बनकर उतरी नदियां: आंखों देखा खौफ पहाड़ों से उतरे इस 'जल-तांडव' ने इंसानी बस्तियों को संभलने का एक पल भी मौका नहीं दिया। जहां कभी चहल-पहल हुआ करती थी, वहां अब केवल गदला पानी, मलबा और चीखें बाकी हैं। कई इलाकों का संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट चुका है। "आंखों के सामने सेकंडों में पुल ढह गया और पानी सब कुछ बहा ले गया। ऐसा लग रहा था मानो साक्षात प्रलय आ गई हो!" > — प्रत्यक्षदर्शी युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी सेना, स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल जान की बाजी लगाकर पानी में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और कटे हुए रास्तों के कारण राहत कार्यों में भारी रुकावटें आ रही हैं। प्रभावित इलाकों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।
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    नेपाल में कुदरत का महा-प्रलय: आसमान से बरसी तबाही, उफनती नदियों ने लील लिए 72 जीवन; चितवन बना श्मशान!
विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: पहाड़ों से उतरा साक्षात 'काल'

नेपाल में कुदरत का महा-प्रलय: आसमान से बरसी तबाही, उफनती नदियों ने लील लिए 72 जीवन; चितवन बना श्मशान!
विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: पहाड़ों से उतरा साक्षात 'काल'
काठमांडू / नई दिल्ली: कुदरत के रौद्र रूप और आसमानी आफत ने नेपाल की धरती पर ऐसी भयंकर तबाही मचाई है कि चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार, बर्बादी और लाशों का मंजर दिखाई दे रहा है। मूसलाधार बारिश और बेकाबू सैलाब ने हंसते-खेलते शहरों और बस्तियों को पलक झपकते ही खंडहर में तब्दील कर दिया। अब तक 72 बेगुनाहों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अब भी मौत और जिंदगी के बीच सैलाब से जंग लड़ रहे हैं।
प्रमुख बिंदु: तबाही का खौफनाक मंजर
चितवन में महा-तांडव: अकेले चितवन जिले से अब तक 55 शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रशासन के मुताबिक यह आंकड़ा और भी भयावह हो सकता है।
तिनके की तरह बहे विशालकाय पुल: उफनती नदियों के प्रचंड वेग के आगे कंक्रीट और लोहे के मजबूत पुल ताश के पत्तों की तरह टूटकर एक ही झटके में दो टुकड़ों में बह गए।
जल समाधि में विलीन बस्तियां: सैकड़ों घर जमींदोज हो गए हैं, सड़कें बह चुकी हैं और पूरा जनजीवन पूरी तरह ठप हो चुका है।
जब मौत बनकर उतरी नदियां: आंखों देखा खौफ
पहाड़ों से उतरे इस 'जल-तांडव' ने इंसानी बस्तियों को संभलने का एक पल भी मौका नहीं दिया। जहां कभी चहल-पहल हुआ करती थी, वहां अब केवल गदला पानी, मलबा और चीखें बाकी हैं। कई इलाकों का संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट चुका है।
"आंखों के सामने सेकंडों में पुल ढह गया और पानी सब कुछ बहा ले गया। ऐसा लग रहा था मानो साक्षात प्रलय आ गई हो!" > — प्रत्यक्षदर्शी
युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी
सेना, स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल जान की बाजी लगाकर पानी में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और कटे हुए रास्तों के कारण राहत कार्यों में भारी रुकावटें आ रही हैं। प्रभावित इलाकों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।
    user_Ramsingh Meena
    Ramsingh Meena
    तालावारा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
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