आवासीय इलाकों में डीजे का शोर बना सिरदर्द, नियमों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई हेडिंग (शीर्षक): आवासीय इलाकों में डीजे का शोर बना सिरदर्द, नियमों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई बाइलाइन: (सौरभ कौशल) प्रणामवार्ता प्रूफ खबर: तुलसीपुर/बलरामपुर। आवासीय क्षेत्रों में डीजे संचालकों द्वारा लगातार तेज़ आवाज़ में साउंड टेस्टिंग और ट्यूनिंग किए जाने से स्थानीय लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। दिनभर और कई बार देर रात तक बजने वाले तेज़ ध्वनि वाले डीजे के कारण बुजुर्ग, बच्चे, बीमार व्यक्ति तथा दुकानदार तक प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास रहने वाले कुछ डीजे संचालक अपने घरों या गोदामों में ही बार-बार साउंड सिस्टम का परीक्षण करते हैं, जिससे पूरे मोहल्ले में कंपन और तेज़ आवाज़ गूंजती रहती है। इससे न केवल मानसिक तनाव बढ़ रहा है, बल्कि हार्ट और बीपी के मरीजों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो रहा है। गौरतलब है कि Noise Pollution (Regulation and Control) Rules, 2000 के तहत रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध है, वहीं दिन में भी ध्वनि की सीमा निर्धारित की गई है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे डीजे संचालकों के हौसले बुलंद हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में नियमित निगरानी की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
आवासीय इलाकों में डीजे का शोर बना सिरदर्द, नियमों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई हेडिंग (शीर्षक): आवासीय इलाकों में डीजे का शोर बना सिरदर्द, नियमों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई बाइलाइन: (सौरभ कौशल) प्रणामवार्ता प्रूफ खबर: तुलसीपुर/बलरामपुर। आवासीय क्षेत्रों में डीजे संचालकों द्वारा लगातार तेज़ आवाज़ में साउंड टेस्टिंग और ट्यूनिंग किए जाने से स्थानीय लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। दिनभर और कई बार देर रात तक बजने वाले तेज़ ध्वनि वाले डीजे के कारण बुजुर्ग, बच्चे, बीमार व्यक्ति तथा दुकानदार तक प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास रहने वाले कुछ डीजे संचालक अपने घरों या गोदामों में ही बार-बार साउंड सिस्टम का परीक्षण करते हैं, जिससे पूरे मोहल्ले में कंपन और तेज़ आवाज़ गूंजती रहती है।
इससे न केवल मानसिक तनाव बढ़ रहा है, बल्कि हार्ट और बीपी के मरीजों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो रहा है। गौरतलब है कि Noise Pollution (Regulation and Control) Rules, 2000 के तहत रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध है, वहीं दिन में भी ध्वनि की सीमा निर्धारित की गई है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे डीजे संचालकों के हौसले बुलंद हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में नियमित निगरानी की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
- बलरामपुर के भगवानपुर गांव में 27 अप्रैल की रात खुशियों का माहौल अचानक खौफ में बदल गया। जहां एक तरफ बारात आई हुई थी, शहनाइयां बज रही थीं, वहीं दूसरी तरफ दबंगों ने शादी के मंडप को जंग का अखाड़ा बना दिया।1
- Post by 8055PUG7863
- "धर्म, भाषा, प्रांत और जाति की दीवारें हमें पीछे खींचती हैं।" भारत की पूर्व प्रधानमंत्री - 'आयरन लेडी' इंदिरा गांधी जी की यह बात आज भी उतनी ही सच है, जितनी तब थी।1
- Organic farming सहियापुर के किसानों ने जैविक खेती और आधुनिक तकनीकी ज्ञान अपनाकर सब्जी उत्पादन में अच्छा लाभ कमाया है। वे बिना रसायन के खेती कर स्वस्थ फसल उगा रहे हैं। उनकी सफलता देखकर अन्य लोग भी प्रेरित हो रहे हैं, क्योंकि अपना काम स्वयं करने से1
- Post by Janta ki awaz 6471
- जिलाधिकारी ने जनता दर्शन में सुनीं शिकायतें सम्बन्धित अधिकारियों को फोन कर निस्तारण के दिये निर्देश श्रावस्ती । जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने प्रतिदिन की तरह गुरूवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में आयोजित जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याओं को सुना और उनकी समस्याओं के निराकरण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान जिलाधिकारी को 13 शिकायतें प्राप्त हुई, जो विभिन्न विभागों से सम्बन्धित थी, इन शिकायतों को तत्काल निराकरण कर रिपोर्ट प्रेषित करने हेतु सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को स्वयं फोन कर निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर अब अधिकारियों की जवाबदेही तय की जायेगी। इसलिए समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण अपने कार्यालय में समस्त कार्य दिवसों में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक स्वयं जनसुनवाई करें एवं उनकी समस्याओं का समय सीमा के अन्दर निस्तारण कराना भी सुनिश्चित करें।1
- पैट्रोल की किल्लत1
- Pehradun Protest: देहरादून में नेपाल जैसे हालात पैदा करने के लगे नारे! #uttarakhandnews #dehradun #nepal #dhami #latest #uttarakhand . धामी सरकार से निवेदन है कि इन सबको आजादी देदे1