कन्नौज जिले की सरकारी मक्का खरीद व्यवस्था गंभीर आरोपों के घेरे में है। सौरिख थाना क्षेत्र के सकरावा रोड स्थित चन्द्रा सरकारी मक्का क्रय केंद्र पर रात के अंधेरे में मक्का तौलने का मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय किसानों का दावा है कि केंद्र दिन में बंद रहता है, लेकिन रात होते ही वहां बिचौलियों की मक्का की बोरियां तौली और खरीदी जाती हैं। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद केंद्रों का मूल उद्देश्य उन्हें उनकी उपज का उचित दाम दिलाना है, लेकिन इसके विपरीत असली किसान केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं, बिचौलियों की फसल रात के अंधेरे में बिना किसी परेशानी के खरीदी जा रही है, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों ने सवाल उठाया है कि यदि यह खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, तो फिर रात में तौल करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने इस व्यवस्था को बिचौलियों के हवाले करने और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करेंगे। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर खरीद केंद्र के प्रभारी या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
कन्नौज जिले की सरकारी मक्का खरीद व्यवस्था गंभीर आरोपों के घेरे में है। सौरिख थाना क्षेत्र के सकरावा रोड स्थित चन्द्रा सरकारी मक्का क्रय केंद्र पर रात के अंधेरे में मक्का तौलने का मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय किसानों का दावा है कि केंद्र दिन में बंद रहता है, लेकिन रात होते ही वहां बिचौलियों की मक्का की बोरियां तौली और खरीदी जाती हैं। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद केंद्रों का मूल उद्देश्य उन्हें उनकी उपज का उचित दाम दिलाना है, लेकिन इसके विपरीत असली किसान केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं, बिचौलियों की फसल रात के अंधेरे में बिना किसी परेशानी के खरीदी जा रही है, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों ने सवाल उठाया है कि यदि यह खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, तो फिर रात में तौल करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने इस व्यवस्था को बिचौलियों के हवाले करने और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करेंगे। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर खरीद केंद्र के प्रभारी या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की अदालत ने एक सनसनीखेज मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। इस दोषी ने महज डेढ़ साल के मासूम बच्चे को बेहद बर्बरता के साथ जमीन पर पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया था, जिस पर अब कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला दे दिया है। इस पूरे मामले में पुलिस और न्यायपालिका ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न्याय की एक बड़ी मिसाल पेश की है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सिर्फ 6 दिनों के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज और गवाह सबसे अहम सबूत बने, जिसके आधार पर अदालत ने करीब 41 दिनों के भीतर ही दोषी को फांसी की सजा का एलान कर दिया। ऐसे जघन्य अपराधों में क्या फांसी की सजा ही सबसे उचित सजा है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताइए।1
- कन्नौज जिले की सरकारी मक्का खरीद व्यवस्था गंभीर आरोपों के घेरे में है। सौरिख थाना क्षेत्र के सकरावा रोड स्थित चन्द्रा सरकारी मक्का क्रय केंद्र पर रात के अंधेरे में मक्का तौलने का मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय किसानों का दावा है कि केंद्र दिन में बंद रहता है, लेकिन रात होते ही वहां बिचौलियों की मक्का की बोरियां तौली और खरीदी जाती हैं। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद केंद्रों का मूल उद्देश्य उन्हें उनकी उपज का उचित दाम दिलाना है, लेकिन इसके विपरीत असली किसान केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं, बिचौलियों की फसल रात के अंधेरे में बिना किसी परेशानी के खरीदी जा रही है, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों ने सवाल उठाया है कि यदि यह खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, तो फिर रात में तौल करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने इस व्यवस्था को बिचौलियों के हवाले करने और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करेंगे। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर खरीद केंद्र के प्रभारी या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।1
- मंटू वर्मा की ओर से डॉ. भीमराव अंबेडकर पर एक नया गाना पेश किया गया है। मंटू वर्मा ने इस नए गाने को लेकर लोगों से अपनी प्रतिक्रिया साझा करने की अपील की है। उन्होंने श्रोताओं से पूछा है कि यह गाना किन लोगों को अच्छा लगा और किन लोगों को खराब लगा है। साथ ही, मंटू वर्मा ने लोगों से लाइक, सब्सक्राइब और कमेंट करने का आग्रह किया है।1
- कानपुर को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से रविवार को एक वृहद वृक्षारोपण महाअभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जनपद के 500 से अधिक चिन्हित स्थलों पर कुल 35 लाख 84 हजार 556 पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का मुख्य कार्यक्रम चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सुबह नौ बजे आयोजित होगा, जिसमें कैबिनेट मंत्री राकेश सचान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शासन द्वारा इस अभियान के लिए प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. षणमुग सुंदरम को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इस महाअभियान के तहत शहर में सात विशेष थीम आधारित वन विकसित किए जाएंगे और 51 गोआश्रय स्थलों पर गोकुल वाटिकाएं बनाई जाएंगी। साथ ही, गंगा बैराज से मंधना तक सड़क के दोनों ओर अमलतास के पौधे रोपे जाएंगे। वन विभाग स्वयं 8.55 लाख पौधे लगाएगा, जबकि अन्य विभागों को 27.29 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें ग्राम्य विकास विभाग का हिस्सा सर्वाधिक 13.06 लाख पौधे है। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन ने अधिकारियों को स्थलों की जियो-टैगिंग करने और पौधों के संरक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जनपदवासियों से 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने की अपील की है। प्रभागीय वन अधिकारी आकांक्षा जैन ने बताया कि रोपण के लिए आम, महुआ, पीपल, बरगद, नीम और जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों की तैयारी पूरी कर ली गई है, और लोगों से इन्हें मां की ममता के भाव से संजोने का आग्रह किया गया है।1
- कन्नौज से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस और गौकशों के बीच मुठभेड़ हो गई है।1