मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के ग्राम रक्सा और कोलमी में न्यू जोन इण्डिया प्राईवेट लिमिटेड और टोरेंट पावर द्वारा बिजली उत्पादन के लिए लगाई जा रही विद्युत परियोजना से जुड़ी गतिविधियों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों पर कंपनियों ने अपना पक्ष रखा है। कंपनियों ने राजेश शुक्ला से बातचीत में दावा किया कि जमीनी हकीकत उन दावों से काफी अलग है जो विभिन्न मंचों पर प्रस्तुत किए जा रहे हैं, और उनके सभी कार्य शासन-प्रशासन, संबंधित विभागों तथा सक्षम प्राधिकारियों से प्राप्त वैधानिक अनुमतियों, सहमतियों और प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित हो रहे हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि कई प्रकार की भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जिनसे वास्तविक तथ्यों पर अनावश्यक रूप से पर्दा पड़ रहा है, और विकास, रोजगार तथा क्षेत्रीय आधारभूत संरचना से जुड़े प्रयासों को गलत संदर्भों में प्रस्तुत कर जनसामान्य के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है। कंपनी ने विशेष रूप से आरोपों में उल्लिखित खसरा क्रमांक 491, 493, 258, 264 एवं 279 पर कोई निर्माण कार्य न करने का दावा किया, और बताया कि ये भूमि खंड उसकी फेंसिंग सीमा के बाहर स्थित हैं, जहाँ न तो कंपनी द्वारा किसी वृक्ष की कटाई कराई गई है और न ही किसी प्रकार की निर्माण गतिविधि संचालित की जा रही है। गोहडरू नाला (जो सोन नदी की सहायक धारा है) को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी कंपनी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है, कहा कि जलापूर्ति एवं एनीकट निर्माण से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए सक्षम प्राधिकारियों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की गई हैं और सभी कार्य निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप ही संपादित हो रहे हैं, जिसमें पर्यावरणीय और तकनीकी मानकों का पालन उसकी कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा है। वृक्षों की कटाई के संबंध में, कंपनी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में नीलगिरी, बांस एवं छूला प्रजाति के वृक्षों की कटाई हुई है, वह कार्य स्थानीय किसानों द्वारा ग्राम पंचायत से प्राप्त अनुमति के आधार पर किया गया है, और परियोजना से संबंधित आवश्यक वृक्ष कटाई के मामलों में संबंधित विभागों से विधिवत अनुमति प्राप्त करने के बाद ही कार्रवाई की गई है। कंपनी ने दोहराया कि बिना वैधानिक अनुमति के किसी भी प्रकार की कार्रवाई उसकी नीति का हिस्सा नहीं है। कंपनी प्रबंधन ने बताया कि परियोजना क्षेत्र के अनेक प्रभावित ग्रामीण विकास कार्यों में सहभागी हैं और कंपनी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि वे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और क्षेत्रीय विकास की संभावनाओं को देखते हुए परियोजना के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। कंपनी और ग्रामीणों के बीच निरंतर संवाद की प्रक्रिया जारी है, तथा स्थानीय सुझावों और आवश्यकताओं को भी महत्व दिया जा रहा है। प्रतिनिधि ने आश्चर्य व्यक्त किया कि कुछ ऐसे लोग भी परियोजना को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं जिनका न तो प्रभावित क्षेत्र से प्रत्यक्ष संबंध है और न ही स्थानीय हितधारकों से कोई सीधा सरोकार। कंपनी का मानना है कि ऐसे तत्व अपूर्ण तथ्यों और एकपक्षीय जानकारियों के आधार पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे वास्तविक हितधारकों की आवाज दब रही है। कंपनियों ने जोर दिया कि विकास परियोजनाओं पर चर्चा तथ्यों, दस्तावेजों और विधिक प्रक्रियाओं के आधार पर होनी चाहिए, न कि धारणाओं और अपुष्ट जानकारियों के आधार पर। न्यू जोन इण्डिया और टोरेंट पावर ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अभिलेखों और तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा होने पर वास्तविक स्थिति स्वयं स्पष्ट हो जाएगी। कंपनियों ने शासन, प्रशासन एवं सभी नियामक संस्थाओं के साथ पूर्ण पारदर्शिता और सहयोग की नीति पर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई, यह सुनिश्चित करते हुए कि उनके सभी कार्य कानूनी, पर्यावरणीय और सामाजिक मानकों के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं तथा भविष्य में भी यही प्रतिबद्धता बनी रहेगी। कंपनी ने स्थानीय समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी दोहराया, कहा कि विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन स्थापित करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा तथा सभी गतिविधियां निर्धारित वैधानिक दायरे में ही संचालित होती रहेंगी।
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के ग्राम रक्सा और कोलमी में न्यू जोन इण्डिया प्राईवेट लिमिटेड और टोरेंट पावर द्वारा बिजली उत्पादन के लिए लगाई जा रही विद्युत परियोजना से जुड़ी गतिविधियों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों पर कंपनियों ने अपना पक्ष रखा है। कंपनियों ने राजेश शुक्ला से बातचीत में दावा किया कि जमीनी हकीकत उन दावों से काफी अलग है जो विभिन्न मंचों पर प्रस्तुत किए जा रहे हैं, और उनके सभी कार्य शासन-प्रशासन, संबंधित विभागों तथा सक्षम प्राधिकारियों से प्राप्त वैधानिक अनुमतियों, सहमतियों और प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित हो रहे हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि कई प्रकार की भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जिनसे वास्तविक तथ्यों पर अनावश्यक रूप से पर्दा पड़ रहा है, और विकास, रोजगार तथा क्षेत्रीय आधारभूत संरचना से जुड़े प्रयासों को गलत संदर्भों में प्रस्तुत कर जनसामान्य के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है। कंपनी ने विशेष रूप से आरोपों में उल्लिखित खसरा क्रमांक 491, 493, 258, 264 एवं 279 पर कोई निर्माण कार्य न करने का दावा किया, और बताया कि ये भूमि खंड उसकी फेंसिंग सीमा के बाहर स्थित हैं, जहाँ न तो कंपनी द्वारा किसी वृक्ष की कटाई कराई गई है और न ही किसी प्रकार की निर्माण गतिविधि संचालित की जा रही है। गोहडरू नाला (जो सोन नदी की सहायक धारा है) को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी कंपनी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है, कहा कि जलापूर्ति एवं एनीकट निर्माण से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए सक्षम प्राधिकारियों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की गई हैं और सभी कार्य निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप ही संपादित हो रहे हैं, जिसमें पर्यावरणीय और तकनीकी मानकों का पालन उसकी कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा है। वृक्षों की कटाई के संबंध में, कंपनी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में नीलगिरी, बांस एवं छूला प्रजाति के वृक्षों की कटाई हुई है, वह कार्य स्थानीय किसानों द्वारा ग्राम पंचायत से प्राप्त अनुमति के आधार पर किया गया है, और परियोजना से संबंधित आवश्यक वृक्ष कटाई के मामलों में संबंधित विभागों से विधिवत अनुमति प्राप्त करने के बाद ही कार्रवाई की गई है। कंपनी ने दोहराया कि बिना वैधानिक अनुमति के किसी भी प्रकार की कार्रवाई उसकी नीति का हिस्सा नहीं है। कंपनी प्रबंधन ने बताया कि परियोजना क्षेत्र के अनेक प्रभावित ग्रामीण विकास कार्यों में सहभागी हैं और कंपनी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि वे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और क्षेत्रीय विकास की संभावनाओं को देखते हुए परियोजना के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। कंपनी और ग्रामीणों के बीच निरंतर संवाद की प्रक्रिया जारी है, तथा स्थानीय सुझावों और आवश्यकताओं को भी महत्व दिया जा रहा है। प्रतिनिधि ने आश्चर्य व्यक्त किया कि कुछ ऐसे लोग भी परियोजना को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं जिनका न तो प्रभावित क्षेत्र से प्रत्यक्ष संबंध है और न ही स्थानीय हितधारकों से कोई सीधा सरोकार। कंपनी का मानना है कि ऐसे तत्व अपूर्ण तथ्यों और एकपक्षीय जानकारियों के आधार पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे वास्तविक हितधारकों की आवाज दब रही है। कंपनियों ने जोर दिया कि विकास परियोजनाओं पर चर्चा तथ्यों, दस्तावेजों और विधिक प्रक्रियाओं के आधार पर होनी चाहिए, न कि धारणाओं और अपुष्ट जानकारियों के आधार पर। न्यू जोन इण्डिया और टोरेंट पावर ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अभिलेखों और तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा होने पर वास्तविक स्थिति स्वयं स्पष्ट हो जाएगी। कंपनियों ने शासन, प्रशासन एवं सभी नियामक संस्थाओं के साथ पूर्ण पारदर्शिता और सहयोग की नीति पर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई, यह सुनिश्चित करते हुए कि उनके सभी कार्य कानूनी, पर्यावरणीय और सामाजिक मानकों के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं तथा भविष्य में भी यही प्रतिबद्धता बनी रहेगी। कंपनी ने स्थानीय समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी दोहराया, कहा कि विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन स्थापित करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा तथा सभी गतिविधियां निर्धारित वैधानिक दायरे में ही संचालित होती रहेंगी।
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत धनगवां के पटपरिहा टोला में रविवार सुबह भालू के हमले में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। ये महिलाएं सुबह दिशा मैदान के लिए घर से कुछ दूर खेत की ओर गई थीं, तभी जंगल से आए एक भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले में 35 वर्षीय गुड्डी पति गोरेलाल कोल की कमर में चोट आई है, जबकि 65 वर्षीय वृद्धा त्तिजिया पति रामबदन कोल के चेहरे, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद ग्रामीणों के इकट्ठा होकर शोर मचाने पर भालू जंगल की ओर भाग गया। ग्राम पंचायत धनगवां के सरपंच संजय गोठिया ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों घायल महिलाओं को फुनगा अस्पताल पहुंचाया। इस घटना की जानकारी मिलने पर अनूपपुर जिला मुख्यालय के वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल ने फुनगा के सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र प्रताप सिंह और उमेश अग्रवाल से मदद का आग्रह किया। दोनों समाजसेवियों ने फुनगा अस्पताल पहुंचकर घायल महिलाओं की स्थिति देखी और उनके परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। श्री अग्रवाल ने उपवन मंडल अधिकारी अनूपपुर प्रकाश मनोहर राव पखाले और वन परिक्षेत्र अधिकारी कोतमा हरीश कुमार तिवारी को घटना की सूचना देते हुए उचित कार्यवाही की अपेक्षा की है। फुनगा अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद, दोनों घायल महिलाओं को बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर कर दिया गया है।1
- शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- शहडोल जिले के कोतवाली थाने में मारपीट और गाली-गलौज का एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शनिवार को लगभग 1:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि वार्ड क्रमांक 35 के फरियादी आकाश खटीक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आकाश खटीक की शिकायत के अनुसार, आरोपी बहीद मुसलमान ने आपसी बात को लेकर उनसे गाली-गलौज की और मारपीट की। पुलिस ने फरियादी की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।1
- अनूपपुर जिले में सीटू से संबद्ध यूनियनों द्वारा सीटू का 56वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। कोयला श्रमिक संघ जमुना कोतमा क्षेत्र और हसदेव क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण किया और जुलूस निकालकर सीटू के 56 वर्षों के गौरवशाली संघर्षों के इतिहास को आम जन तक पहुँचाने का कार्य किया। वहीं, संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन सीटू ने भी ध्वजारोहण कर गगनभेदी नारों के साथ शहीदों के अरमानों को मंजिल तक पहुँचाने का संकल्प लिया। सभा को संबोधित करते हुए सीटू नेता कामरेड जुगुल किशोर राठौर ने बताया कि सीटू की स्थापना 30 मई 1970 को 'एकता और संघर्ष' के नारे के साथ हुई थी। उन्होंने सीटू के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला, जिसमें मजदूरों की वर्गीय एकता कायम कर शोषणकारी और दमनकारी कार्रवाइयों का मुकाबला करते हुए आर्थिक-सामाजिक असमानता और रोजमर्रा के सवालों को हल करने का संघर्ष शामिल है, जिसका लक्ष्य शोषण विहीन सामाजिक व्यवस्था का निर्माण करना है। कामरेड राठौर ने जोर दिया कि आज वैश्विक से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पूँजी की तानाशाही और श्रम के निर्मम लूट का तांडव जारी है। कॉर्पोरेट्स अपनी मुनाफे की हवस को पूरा करने के लिए धर्म, जाति, क्षेत्र, भाषा और खान-पान जैसे विघटनकारी शस्त्रों का प्रयोग कर जंगल राज कायम कर रहे हैं, जिसके खिलाफ सीटू पूरी ताकत के साथ जंग के मैदान में डटी हुई है। जमुना कोतमा क्षेत्र में वर्तमान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हमारी जिम्मेदारी पर हुई परिचर्चा में, सीटू जिला समिति अनूपपुर के महासचिव कामरेड इंद्रपती सिंह ने सभी मेहनतकश मजदूरों, कर्मचारियों और संगठन के कार्यकर्ताओं को सीटू स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने मजदूरों की एकता मजबूत करने, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर रोजगार सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियों के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कामरेड सिंह ने कहा कि कोयला उद्योग और कोल इंडिया के सभी श्रमिक साथियों की मेहनत ही देश की ऊर्जा शक्ति का आधार है और हमारी एकता, जागरूकता तथा संघर्ष ही श्रमिक हितों की सबसे बड़ी ताकत है। परिचर्चा में कामरेड अनिल शर्मा, कामरेड आर एस यादव, कामरेड शारदा सिंह, कामरेड उत्तम तिवारी और कामरेड यासीन ने भी भाग लेकर मजदूरों की वर्गीय एकता कायम कर शोषणकारी और दमनात्मक कार्रवाइयों का मुकाबला करने की बात कही। हसदेव क्षेत्र में यह कार्यक्रम सीटू जिला अध्यक्ष कामरेड रामू यादव, केएसएस अध्यक्ष कामरेड देवेंद्र कुमार निराला और कामरेड रामायण पटेल के नेतृत्व में संपन्न हुआ। सीटू कार्यालय जैतहरी में महासचिव कामरेड सहसराम चौधरी, कामरेड राजकुमार राठौर और मध्यप्रदेश किसान सभा के नेता कामरेड ओमप्रकाश राठौर सहित अन्य साथियों ने माँ नर्मदा ट्रांसपोर्ट यूनियन जैतहरी द्वारा उठाई गई माँगों को जायज और लोकहित में बताया, जिसका संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन सीटू समर्थन करती है। इस अवसर पर 'मजदूर एकता अमर रहे, सीटू जिंदाबाद', 'संघर्ष हमारा - विजय हमारी', और 'दुनिया के मेहनतकशों एक हो' जैसे जोश खरोश से नारे लगाए गए।1
- अनूपपुर पुलिस ने ग्राम करहीवाह में कृषक टीकम कोल के घर के सामने से चोरी हुए तीन बैल के मामले में तत्परता से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर सभी चोरी किए गए बैल बरामद कर लिए हैं। कृषक टीकम कोल (पिता मण्डल कोल, उम्र 56 वर्ष, निवासी ग्राम करहीवाह अनूपपुर) ने 30 मई 2026 को थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गत रात्रि में उसके घर के बाहर बंधे हुए तीन बैल, जिनकी कुल कीमत करीब 45,000 रुपये थी, कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गया। इस रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 307/26 धारा 303(2) बी.एन.एस. के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। अनूपपुर पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम जी के निर्देशन और एसडीओपी अनूपपुर श्री नवीन तिवारी जी के मार्गदर्शन में, टी.आई. कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक नितिन नामदेव, और आरक्षक संजय सिंह की टीम ने तत्काल कार्यवाही की। टीम ने रात्रि में ही पशु चोर की पतासाजी कर भारत सिंह गोंड (पिता जयहिन्द सिंह गोंड, उम्र करीब 25 साल, निवासी ग्राम ठेही थाना जैतहरी अनूपपुर) को गिरफ्तार कर उससे चोरी किए गए तीनों बैल बरामद कर लिए। पुलिस द्वारा गिरफ्तार पशु चोर भारत सिंह गोंड से अन्य पशुओं की चोरी के मामलों में भी पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि गिरफ्तार आरोपी भारत सिंह गोंड के विरुद्ध पूर्व से ही थाना राजेन्द्रग्राम में एक आपराधिक प्रकरण दर्ज है।3