अनूपपुर जिले में सीटू से संबद्ध यूनियनों द्वारा सीटू का 56वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। कोयला श्रमिक संघ जमुना कोतमा क्षेत्र और हसदेव क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण किया और जुलूस निकालकर सीटू के 56 वर्षों के गौरवशाली संघर्षों के इतिहास को आम जन तक पहुँचाने का कार्य किया। वहीं, संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन सीटू ने भी ध्वजारोहण कर गगनभेदी नारों के साथ शहीदों के अरमानों को मंजिल तक पहुँचाने का संकल्प लिया। सभा को संबोधित करते हुए सीटू नेता कामरेड जुगुल किशोर राठौर ने बताया कि सीटू की स्थापना 30 मई 1970 को 'एकता और संघर्ष' के नारे के साथ हुई थी। उन्होंने सीटू के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला, जिसमें मजदूरों की वर्गीय एकता कायम कर शोषणकारी और दमनकारी कार्रवाइयों का मुकाबला करते हुए आर्थिक-सामाजिक असमानता और रोजमर्रा के सवालों को हल करने का संघर्ष शामिल है, जिसका लक्ष्य शोषण विहीन सामाजिक व्यवस्था का निर्माण करना है। कामरेड राठौर ने जोर दिया कि आज वैश्विक से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पूँजी की तानाशाही और श्रम के निर्मम लूट का तांडव जारी है। कॉर्पोरेट्स अपनी मुनाफे की हवस को पूरा करने के लिए धर्म, जाति, क्षेत्र, भाषा और खान-पान जैसे विघटनकारी शस्त्रों का प्रयोग कर जंगल राज कायम कर रहे हैं, जिसके खिलाफ सीटू पूरी ताकत के साथ जंग के मैदान में डटी हुई है। जमुना कोतमा क्षेत्र में वर्तमान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हमारी जिम्मेदारी पर हुई परिचर्चा में, सीटू जिला समिति अनूपपुर के महासचिव कामरेड इंद्रपती सिंह ने सभी मेहनतकश मजदूरों, कर्मचारियों और संगठन के कार्यकर्ताओं को सीटू स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने मजदूरों की एकता मजबूत करने, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर रोजगार सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियों के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कामरेड सिंह ने कहा कि कोयला उद्योग और कोल इंडिया के सभी श्रमिक साथियों की मेहनत ही देश की ऊर्जा शक्ति का आधार है और हमारी एकता, जागरूकता तथा संघर्ष ही श्रमिक हितों की सबसे बड़ी ताकत है। परिचर्चा में कामरेड अनिल शर्मा, कामरेड आर एस यादव, कामरेड शारदा सिंह, कामरेड उत्तम तिवारी और कामरेड यासीन ने भी भाग लेकर मजदूरों की वर्गीय एकता कायम कर शोषणकारी और दमनात्मक कार्रवाइयों का मुकाबला करने की बात कही। हसदेव क्षेत्र में यह कार्यक्रम सीटू जिला अध्यक्ष कामरेड रामू यादव, केएसएस अध्यक्ष कामरेड देवेंद्र कुमार निराला और कामरेड रामायण पटेल के नेतृत्व में संपन्न हुआ। सीटू कार्यालय जैतहरी में महासचिव कामरेड सहसराम चौधरी, कामरेड राजकुमार राठौर और मध्यप्रदेश किसान सभा के नेता कामरेड ओमप्रकाश राठौर सहित अन्य साथियों ने माँ नर्मदा ट्रांसपोर्ट यूनियन जैतहरी द्वारा उठाई गई माँगों को जायज और लोकहित में बताया, जिसका संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन सीटू समर्थन करती है। इस अवसर पर 'मजदूर एकता अमर रहे, सीटू जिंदाबाद', 'संघर्ष हमारा - विजय हमारी', और 'दुनिया के मेहनतकशों एक हो' जैसे जोश खरोश से नारे लगाए गए।
अनूपपुर जिले में सीटू से संबद्ध यूनियनों द्वारा सीटू का 56वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। कोयला श्रमिक संघ जमुना कोतमा क्षेत्र और हसदेव क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण किया और जुलूस निकालकर सीटू के 56 वर्षों के गौरवशाली संघर्षों के इतिहास को आम जन तक पहुँचाने का कार्य किया। वहीं, संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन सीटू ने भी ध्वजारोहण कर गगनभेदी नारों के साथ शहीदों के अरमानों को मंजिल तक पहुँचाने का संकल्प लिया। सभा को संबोधित करते हुए सीटू नेता कामरेड जुगुल किशोर राठौर ने बताया कि सीटू की स्थापना 30 मई 1970 को 'एकता और संघर्ष' के नारे के साथ हुई थी। उन्होंने सीटू के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला, जिसमें मजदूरों की वर्गीय एकता कायम कर शोषणकारी और दमनकारी कार्रवाइयों का मुकाबला करते हुए आर्थिक-सामाजिक असमानता और रोजमर्रा के सवालों को हल करने का संघर्ष शामिल है, जिसका लक्ष्य शोषण विहीन सामाजिक व्यवस्था का निर्माण करना है। कामरेड राठौर ने जोर दिया कि आज वैश्विक से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पूँजी की तानाशाही और श्रम के निर्मम लूट का तांडव जारी है। कॉर्पोरेट्स अपनी मुनाफे की हवस को पूरा करने के लिए धर्म, जाति, क्षेत्र, भाषा और खान-पान जैसे विघटनकारी शस्त्रों का प्रयोग कर जंगल राज कायम कर रहे हैं, जिसके खिलाफ सीटू पूरी ताकत के साथ जंग के मैदान में डटी हुई है। जमुना कोतमा क्षेत्र में वर्तमान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हमारी जिम्मेदारी पर हुई परिचर्चा में, सीटू जिला समिति अनूपपुर के महासचिव कामरेड इंद्रपती सिंह ने सभी मेहनतकश मजदूरों, कर्मचारियों और संगठन के कार्यकर्ताओं को सीटू स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने मजदूरों की एकता मजबूत करने, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर रोजगार सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियों के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कामरेड सिंह ने कहा कि कोयला उद्योग और कोल इंडिया के सभी श्रमिक साथियों की मेहनत ही देश की ऊर्जा शक्ति का आधार है और हमारी एकता, जागरूकता तथा संघर्ष ही श्रमिक हितों की सबसे बड़ी ताकत है। परिचर्चा में कामरेड अनिल शर्मा, कामरेड आर एस यादव, कामरेड शारदा सिंह, कामरेड उत्तम तिवारी और कामरेड यासीन ने भी भाग लेकर मजदूरों की वर्गीय एकता कायम कर शोषणकारी और दमनात्मक कार्रवाइयों का मुकाबला करने की बात कही। हसदेव क्षेत्र में यह कार्यक्रम सीटू जिला अध्यक्ष कामरेड रामू यादव, केएसएस अध्यक्ष कामरेड देवेंद्र कुमार निराला और कामरेड रामायण पटेल के नेतृत्व में संपन्न हुआ। सीटू कार्यालय जैतहरी में महासचिव कामरेड सहसराम चौधरी, कामरेड राजकुमार राठौर और मध्यप्रदेश किसान सभा के नेता कामरेड ओमप्रकाश राठौर सहित अन्य साथियों ने माँ नर्मदा ट्रांसपोर्ट यूनियन जैतहरी द्वारा उठाई गई माँगों को जायज और लोकहित में बताया, जिसका संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन सीटू समर्थन करती है। इस अवसर पर 'मजदूर एकता अमर रहे, सीटू जिंदाबाद', 'संघर्ष हमारा - विजय हमारी', और 'दुनिया के मेहनतकशों एक हो' जैसे जोश खरोश से नारे लगाए गए।
- आज पेंड्रा रोड पर मौसम में भारी बदलाव देखा गया। क्षेत्र में तेज आंधी, तूफान और गरज के साथ जोरदार बारिश हो रही है।1
- मनेंद्रगढ़ जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध अमृतधारा जलप्रपात में एक युवक ने कूदकर आत्महत्या कर ली, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मृतक की पहचान ग्राम पंचायत लाई निवासी 35 वर्षीय रघुवर सिंह पिता रुद्र सिंह के रूप में की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक मानसिक रूप से बीमार था। घटना की सूचना मिलते ही नागपुर चौकी पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की और मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जाँच प्रारंभ कर दी है। घटना के कारणों की गहनता से जाँच की जा रही है। इस दौरान अमृतधारा जलप्रपात क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।1
- डिंडोरी के नर्मदा डैम घाट पर आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में बच्चों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम ने आपदा प्रबंधन और तैराकी का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया। टीम लीडर सब इंस्पेक्टर शिवराज पेंद्रो के नेतृत्व में, बच्चों को लाइफ जैकेट पहनने का सही तरीका सिखाया गया और नदी में सुरक्षित तैराकी का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान, प्रतिभागियों को बाढ़ और जल दुर्घटनाओं के समय बचाव के उपाय, डूबते हुए व्यक्ति की मदद करने के तरीके, और रस्सी की सहायता से लोगों को सुरक्षित निकालने की विभिन्न तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। खेल प्रशिक्षक चेतराम अहिरवार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह का प्रशिक्षण बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाता है और उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करता है। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एसडीआरएफ और खेल विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।1
- डिंडोरी जिले में नगरीय प्रशासन पुलिस के सहयोग से जिला मुख्यालय रानी अवंतीबाई चौराहा राज्य परिवहन बस स्टैंड प्रांगण और मुख्य मार्ग के किनारे अवैध रूप से लगाई गई दुकानों को हटाने की कार्रवाई कर रहा है। नगर परिषद डिंडोरी ने प्रतिबंधित क्षेत्र मुख्य मार्ग पर दुकान चलाने वाले अतिक्रमणकारियों को तत्काल दुकानें हटाने के निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन, पुलिस विभाग के साथ मिलकर मुख्य मार्ग के दोनों ओर तथा राज्य परिवहन बस स्टैंड प्रांगण और रानी अवंतीबाई स्मारक स्थल को अतिक्रमण मुक्त रखने का प्रयास कर रहे हैं। इन स्थानों पर बिना अनुमति दुकानें संचालित करने वाले छोटे व्यापारियों को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्य मार्ग के किनारे चलने वाली इन दुकानों से यातायात बाधित होता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और आवागमन में राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के निवारण के लिए नगर परिषद डिंडोरी ने मुख्य मार्ग से दुकान संचालन की एक निश्चित दूरी तय की है। यदि संबंधित दुकानदार इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो नगरीय प्रशासन द्वारा उनकी संपत्ति और सामग्री ज़ब्त करने की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- डिंडौरी जिले की कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने ग्राम पंचायत घुसिया माल के ढीमरटोला में पेयजल की लंबी समस्या का त्वरित समाधान कर प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कार्रवाई तब हुई जब कुछ दिन पूर्व ढीमरटोला के ग्रामीण पेयजल संकट को लेकर जनसुनवाई में कलेक्टर के पास पहुँचे थे। समस्या की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दो दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे और इन्हीं निर्देशों के क्रियान्वयन का जायजा लेने वे स्वयं गांव पहुँचीं। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की कमी के कारण उन्हें कुओं में उतरकर पानी भरना पड़ रहा था। स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करने के बाद, कलेक्टर ने खराब पड़े बोरवेल में अपने समक्ष एक नया पंप लगवाकर उसे चालू कराया और घर-घर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी करवाईं। उन्होंने स्वयं बोरवेल का पानी पीकर उसकी गुणवत्ता जाँची और बच्चों को भी पानी पिलाया। ग्रामीणों की सुविधा के लिए दो-दो हजार लीटर क्षमता की दो पानी टंकियां भी स्थापित की गईं और कम वोल्टेज की समस्या सामने आने पर तत्काल स्टेबलाइजर लगाने के निर्देश देकर व्यवस्था को सुचारु बनाया गया। इस दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों का निरीक्षण भी किया। कलेक्टर की इस मौजूदगी और त्वरित निर्णयों से गांव में उत्साह का माहौल बन गया, जहाँ ग्रामीणों ने पहली बार किसी वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर खड़े होकर समस्या का समाधान करते देखा। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए, कलेक्टर ने गर्मी के मौसम में पानी के सदुपयोग की अपील की और मोटर संचालन की जिम्मेदारी किसी जिम्मेदार व्यक्ति को सौंपने का सुझाव दिया ताकि पूरे गांव को समय पर पर्याप्त पानी मिल सके। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने जल संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने ग्रामीणों को सोखता टैंक निर्माण की जानकारी दी और उन्हें घरों में ऐसे टैंक बनाने के लिए प्रेरित किया, यह समझाते हुए कि इससे भूजल स्तर संरक्षित रहेगा और वर्षा जल संचयन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर रामबाबू देवांगन, सुंदरलाल यादव, चेतराम अहिरवार, प्रमोद उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कलेक्टर की इस पहल ने न केवल पेयजल संकट का समाधान किया, बल्कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास की एक नई मिसाल भी कायम की है।2
- आज पेंड्रा रोड में दोपहर से मौसम में अचानक बदलाव देखा गया है। करीब दो बजे से शुरू हुई यह मौसमी उथल-पुथल शाम होते-होते और अधिक बिगड़ गई। तेज हवाओं के साथ पानी की बौछारें भी देखी गईं, जिससे इलाके में आंधी-तूफान आने की संभावना बनी हुई है।1
- भरतपुर की ग्राम पंचायत बड़गांवखुर्द में आयोजित जिला स्तरीय सुशासन तिहार 2026 शिविर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस से पूर्व ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत एक विशेष शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों तथा जिला व ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। समाज कल्याण विभाग की अगुवाई में सभी उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने विशेष रूप से तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करने तथा दूसरों को भी नशे के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। इस अवसर पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशा स्वास्थ्य, परिवार और समाज, तीनों के लिए घातक है। कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रखने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु सामूहिक प्रयासों को बल देने पर विशेष जोर दिया गया।1
- जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 350 किलोग्राम गांजा और दो वाहन जब्त करने का दावा किया है, जिसके साथ एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हुई है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में जब्त गांजे की वास्तविक मात्रा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कुछ स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि बरामदगी की मात्रा पुलिस द्वारा बताई गई 350 किलोग्राम से अधिक थी, जिससे यह बहस तेज हो गई है कि जब्त गांजा वास्तव में 350 किलो था या 5 क्विंटल। सार्वजनिक मंचों पर यह भी चर्चा हो रही है कि इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच किस स्तर तक पहुंची है और क्या पुलिस पूरे नेटवर्क का खुलासा कर पाएगी। लोगों के बीच यह प्रमुख सवाल भी उठ रहे हैं कि जब्त गांजे की वास्तविक मात्रा क्या है, क्या पूरे गिरोह की पहचान हो चुकी है, अन्य आरोपियों की तलाश जारी है या नहीं, और जब्त वाहन किसके नाम पर पंजीकृत हैं। क्षेत्र की जनता यह मांग कर रही है कि यदि जब्ती इतनी बड़ी है, तो मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। इन चर्चाओं के बीच, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चल रही इन चर्चाओं एवं आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और मामले से संबंधित तथ्य केवल जांच तथा पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर ही प्रमाणित माने जाएंगे।1