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प्रवासी मज़दूरों, छात्रों और जिनके पास पते का प्रमाण नहीं है उन लोगों के लिए इण्डेन छोटू (5 किलो LPG सिलेंडर) एक सुविधाजनक विकल्प है। सिर्फ एक वैध पहचान पत्र दिखा कर आप इसे अपने नज़दीकी इण्डेन डिस्ट्रीब्यूटर से खरीद सकते हैं।
S.alam D.A.T/M.D.E news
प्रवासी मज़दूरों, छात्रों और जिनके पास पते का प्रमाण नहीं है उन लोगों के लिए इण्डेन छोटू (5 किलो LPG सिलेंडर) एक सुविधाजनक विकल्प है। सिर्फ एक वैध पहचान पत्र दिखा कर आप इसे अपने नज़दीकी इण्डेन डिस्ट्रीब्यूटर से खरीद सकते हैं।
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- Post by Araria News1
- Post by Shatrughn Singh1
- नौहट्टा महिषी विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. गौतम कृष्णा ने आज नौहट्टा का दौरा कर राजद के कार्यकारी प्रखंड अध्यक्ष मो. मकसूद खान के आवास पर पहुंचे। विधायक ने मो. मकसूद खान के पूज्य पिताजी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। भावपूर्ण श्रद्धांजलि: विधायक ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और कहा कि पिता का साया उठना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।शोक संतप्त परिवार के बीच बैठकर विधायक ने काफी समय बिताया और इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की हिम्मत दी। विधायक डॉ. गौतम कृष्णा ने कहा, "कार्यकर्ता और उनके परिवार का दुःख मेरा अपना दुःख है। मो. मकसूद खान जी के परिवार के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।" इस मौके पर विधायक के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और राजद के कई सक्रिय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- Post by PP News Koshi1
- Post by सौर बाजार समाचार।1
- के०नगर : - ई-किसान भवन में बीज वितरण के दौरान किसानों ने किया हंगामा, कृषि कर्मियों पर कालाबाजारी का आरोप।#hairstyleideas #northindianfood #Diabetes #fltnesschallenge #ambaniwedding #GlamorousModel #famousfood #yogàwithwàll #glowingskin #StyleStatement #kitchenaccessories #marketnews #homestyling #rakhihampers #TravelTips #exercisemotivation #INDvsSL #menssalon #yuvrajsingh #indiansharemarket #CookingHacks #springrolls1
- Post by Araria News1
- नौहट्टा सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक तरफ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं ज़मीनी हकीकत इसके ठीक उलट है।नौहट्टा में मरीजों की जान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। डॉक्टर नदारद, तड़प रहे मरीज अस्पताल परिसर से वायरल हुए एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ओपीडी और वार्डों से डॉक्टर गायब हैं। अस्पताल में भारी संख्या में मरीज अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं, जिनमें बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं। घंटों इंतज़ार करने के बाद भी जब कोई डॉक्टर नहीं पहुँचा, तो मरीजों और उनके परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। गार्ड की बदतमीजी ने बढ़ाया गुस्सा हैरानी की बात यह है कि जब एक जागरूक नागरिक ने इस अव्यवस्था पर सवाल उठाया और वीडियो बनाना शुरू किया, तो ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड (J.S.I.S. Security) ने अपनी गलती मानने के बजाय बदतमीजी शुरू कर दी। वीडियो में गार्ड को फ़ोन पर किसी को बुलाने की धमकी देते और रौब झाड़ते देखा जा सकता है। गार्ड का यह रवैया साफ़ दर्शाता है कि उसे प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड खुद मरीजों के लिए सिरदर्द बन गया है। मुख्य बिंदु:डॉक्टरों की अनुपस्थिति: ड्यूटी के समय भी डॉक्टर अपनी कुर्सियों से गायब। मरीजों की बेबसी: दूर-दराज से आए मरीज बिना इलाज के घंटों बैठने को मजबूर। सुरक्षाकर्मी का दुर्व्यवहार: जे.एस.आई.एस. (J.S.I.S.) सिक्योरिटी के गार्ड द्वारा मरीजों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग। प्रशासनिक ढुलमुल रवैया: अस्पताल में कोई भी ज़िम्मेदार अधिकारी शिकायतों को सुनने के लिए मौजूद नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इस अस्पताल की रोज़ की कहानी है। यहाँ आने वाले मरीजों को इलाज मिले न मिले, लेकिन कर्मचारियों की बदतमीजी ज़रूर झेलनी पड़ती है। क्या अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस गुंडागर्दी और लापरवाही पर कोई ठोस कदम उठाएगा? या फिर इसी तरह गरीब मरीज व्यवस्था के आगे दम तोड़ते रहेंगे?1
- सहरसा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भूमिहीन परिवारों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिले के सत्तर कटैया अंचल अंतर्गत बिजलपुर पंचायत में सैकड़ों भूमिहीन परिवार आज भी रहने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि इन परिवारों ने कई बार अंचल कार्यालय और जिला प्रशासन को आवेदन देकर रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वहीं दूसरी ओर, बिहार सरकार द्वारा अतिक्रमण मुक्त अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। ऐसे में जो गरीब परिवार वर्षों से सरकारी जमीन पर रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं, उन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब भूमिहीन परिवारों को वैकल्पिक जमीन उपलब्ध ही नहीं कराई गई है, तो आखिर उन्हें हटाया कैसे जाएगा? इस मुद्दे को लेकर बिजलपुर पंचायत के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। सैकड़ों परिवार जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं और जल्द से जल्द रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उन्हें जल्द जमीन नहीं दी गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1