सहरसा सत्तर कटैया में“अतिक्रमण हटाने से पहले बसाने की मांग प्रशासन पर उठे सवाल आवेदन के बाद भी निरास सहरसा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भूमिहीन परिवारों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिले के सत्तर कटैया अंचल अंतर्गत बिजलपुर पंचायत में सैकड़ों भूमिहीन परिवार आज भी रहने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि इन परिवारों ने कई बार अंचल कार्यालय और जिला प्रशासन को आवेदन देकर रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वहीं दूसरी ओर, बिहार सरकार द्वारा अतिक्रमण मुक्त अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। ऐसे में जो गरीब परिवार वर्षों से सरकारी जमीन पर रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं, उन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब भूमिहीन परिवारों को वैकल्पिक जमीन उपलब्ध ही नहीं कराई गई है, तो आखिर उन्हें हटाया कैसे जाएगा? इस मुद्दे को लेकर बिजलपुर पंचायत के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। सैकड़ों परिवार जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं और जल्द से जल्द रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उन्हें जल्द जमीन नहीं दी गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
सहरसा सत्तर कटैया में“अतिक्रमण हटाने से पहले बसाने की मांग प्रशासन पर उठे सवाल आवेदन के बाद भी निरास सहरसा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भूमिहीन परिवारों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिले के सत्तर कटैया अंचल अंतर्गत बिजलपुर पंचायत में सैकड़ों भूमिहीन परिवार आज भी रहने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि इन परिवारों ने कई बार अंचल कार्यालय और जिला प्रशासन को आवेदन देकर रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वहीं दूसरी ओर, बिहार सरकार द्वारा अतिक्रमण मुक्त अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। ऐसे में जो गरीब परिवार वर्षों से सरकारी जमीन पर रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं, उन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब भूमिहीन परिवारों को वैकल्पिक जमीन उपलब्ध ही नहीं कराई गई है, तो आखिर उन्हें हटाया कैसे जाएगा? इस मुद्दे को लेकर बिजलपुर पंचायत के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। सैकड़ों परिवार जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं और जल्द से जल्द रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उन्हें जल्द जमीन नहीं दी गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- सहरसा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भूमिहीन परिवारों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिले के सत्तर कटैया अंचल अंतर्गत बिजलपुर पंचायत में सैकड़ों भूमिहीन परिवार आज भी रहने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि इन परिवारों ने कई बार अंचल कार्यालय और जिला प्रशासन को आवेदन देकर रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वहीं दूसरी ओर, बिहार सरकार द्वारा अतिक्रमण मुक्त अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। ऐसे में जो गरीब परिवार वर्षों से सरकारी जमीन पर रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं, उन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब भूमिहीन परिवारों को वैकल्पिक जमीन उपलब्ध ही नहीं कराई गई है, तो आखिर उन्हें हटाया कैसे जाएगा? इस मुद्दे को लेकर बिजलपुर पंचायत के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। सैकड़ों परिवार जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं और जल्द से जल्द रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उन्हें जल्द जमीन नहीं दी गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- नौहट्टा महिषी विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. गौतम कृष्णा ने आज नौहट्टा का दौरा कर राजद के कार्यकारी प्रखंड अध्यक्ष मो. मकसूद खान के आवास पर पहुंचे। विधायक ने मो. मकसूद खान के पूज्य पिताजी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। भावपूर्ण श्रद्धांजलि: विधायक ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और कहा कि पिता का साया उठना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।शोक संतप्त परिवार के बीच बैठकर विधायक ने काफी समय बिताया और इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की हिम्मत दी। विधायक डॉ. गौतम कृष्णा ने कहा, "कार्यकर्ता और उनके परिवार का दुःख मेरा अपना दुःख है। मो. मकसूद खान जी के परिवार के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।" इस मौके पर विधायक के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और राजद के कई सक्रिय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- Post by सौर बाजार समाचार।1
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- Post by मिथिलेश कुमार1
- मधेपुरा शहर के समाहरणालय, व्यवहार न्यायालय, निबंधन कार्यालय और नगर परिषद जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम और बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। यातायात विभाग ने इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ी बाइक और अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नगर परिषद द्वारा इन इलाकों में न्यूनतम शुल्क पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है, इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे न सिर्फ जाम की समस्या बढ़ती है, बल्कि बाइक चोरी की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा ने बताया कि पहले ऐसे मामलों में केवल चालान काटा जा रहा था, लेकिन अब सख्ती बढ़ा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्किंग व्यवस्था होने के बावजूद सड़क किनारे वाहन खड़ा करने वालों के वाहनों को अब टोइंग वैन के जरिए सीधे डंपिंग यार्ड ले जाया जाएगा और उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। जिला प्रशासन ने शहर के सभी वाहन चालकों से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। सड़क किनारे वाहन खड़ा करने से जाम और चोरी जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। जिम्मेदार नागरिक बनें, नियमों का पालन करें और प्रशासन के अभियान में सहयोग करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बाइट - चेतनानंद झा, ट्रैफिक डीएसपी, मधेपुरा4
- Post by Avinash Kumar1
- Post by PP News Koshi1