मधेपुरा में सड़क किनारे वाहन खड़ा करना पड़ेगा महंगा, टोइंग वैन से उठाकर सीधे डंपिंग यार्ड भेजे जा रहे वाहन मधेपुरा शहर के समाहरणालय, व्यवहार न्यायालय, निबंधन कार्यालय और नगर परिषद जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम और बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। यातायात विभाग ने इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ी बाइक और अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नगर परिषद द्वारा इन इलाकों में न्यूनतम शुल्क पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है, इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे न सिर्फ जाम की समस्या बढ़ती है, बल्कि बाइक चोरी की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा ने बताया कि पहले ऐसे मामलों में केवल चालान काटा जा रहा था, लेकिन अब सख्ती बढ़ा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्किंग व्यवस्था होने के बावजूद सड़क किनारे वाहन खड़ा करने वालों के वाहनों को अब टोइंग वैन के जरिए सीधे डंपिंग यार्ड ले जाया जाएगा और उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। जिला प्रशासन ने शहर के सभी वाहन चालकों से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। सड़क किनारे वाहन खड़ा करने से जाम और चोरी जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। जिम्मेदार नागरिक बनें, नियमों का पालन करें और प्रशासन के अभियान में सहयोग करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बाइट - चेतनानंद झा, ट्रैफिक डीएसपी, मधेपुरा
मधेपुरा में सड़क किनारे वाहन खड़ा करना पड़ेगा महंगा, टोइंग वैन से उठाकर सीधे डंपिंग यार्ड भेजे जा रहे वाहन मधेपुरा शहर के समाहरणालय, व्यवहार न्यायालय, निबंधन कार्यालय और नगर परिषद जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम और बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। यातायात विभाग ने इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए सड़क किनारे अवैध रूप
से खड़ी बाइक और अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नगर परिषद द्वारा इन इलाकों में न्यूनतम शुल्क पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है, इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे न सिर्फ जाम की समस्या बढ़ती है, बल्कि बाइक चोरी की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। ट्रैफिक
डीएसपी चेतनानंद झा ने बताया कि पहले ऐसे मामलों में केवल चालान काटा जा रहा था, लेकिन अब सख्ती बढ़ा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्किंग व्यवस्था होने के बावजूद सड़क किनारे वाहन खड़ा करने वालों के वाहनों को अब टोइंग वैन के जरिए सीधे डंपिंग यार्ड ले जाया जाएगा और उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। जिला प्रशासन ने शहर के सभी
वाहन चालकों से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। सड़क किनारे वाहन खड़ा करने से जाम और चोरी जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। जिम्मेदार नागरिक बनें, नियमों का पालन करें और प्रशासन के अभियान में सहयोग करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बाइट - चेतनानंद झा, ट्रैफिक डीएसपी, मधेपुरा
- मधेपुरा शहर के समाहरणालय, व्यवहार न्यायालय, निबंधन कार्यालय और नगर परिषद जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम और बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। यातायात विभाग ने इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ी बाइक और अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नगर परिषद द्वारा इन इलाकों में न्यूनतम शुल्क पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है, इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे न सिर्फ जाम की समस्या बढ़ती है, बल्कि बाइक चोरी की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा ने बताया कि पहले ऐसे मामलों में केवल चालान काटा जा रहा था, लेकिन अब सख्ती बढ़ा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्किंग व्यवस्था होने के बावजूद सड़क किनारे वाहन खड़ा करने वालों के वाहनों को अब टोइंग वैन के जरिए सीधे डंपिंग यार्ड ले जाया जाएगा और उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। जिला प्रशासन ने शहर के सभी वाहन चालकों से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। सड़क किनारे वाहन खड़ा करने से जाम और चोरी जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। जिम्मेदार नागरिक बनें, नियमों का पालन करें और प्रशासन के अभियान में सहयोग करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बाइट - चेतनानंद झा, ट्रैफिक डीएसपी, मधेपुरा4
- Post by Avinash Kumar1
- Post by सौर बाजार समाचार।1
- Post by मिथिलेश कुमार1
- सहरसा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भूमिहीन परिवारों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिले के सत्तर कटैया अंचल अंतर्गत बिजलपुर पंचायत में सैकड़ों भूमिहीन परिवार आज भी रहने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि इन परिवारों ने कई बार अंचल कार्यालय और जिला प्रशासन को आवेदन देकर रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वहीं दूसरी ओर, बिहार सरकार द्वारा अतिक्रमण मुक्त अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। ऐसे में जो गरीब परिवार वर्षों से सरकारी जमीन पर रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं, उन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब भूमिहीन परिवारों को वैकल्पिक जमीन उपलब्ध ही नहीं कराई गई है, तो आखिर उन्हें हटाया कैसे जाएगा? इस मुद्दे को लेकर बिजलपुर पंचायत के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। सैकड़ों परिवार जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं और जल्द से जल्द रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उन्हें जल्द जमीन नहीं दी गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- Lock Mood News Saharsaमें दर्दनाक हादसा! Bank of India के सामने ट्रक से कुचलकर मौत please Like comment Share And Follow1
- नौहट्टा सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक तरफ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं ज़मीनी हकीकत इसके ठीक उलट है।नौहट्टा में मरीजों की जान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। डॉक्टर नदारद, तड़प रहे मरीज अस्पताल परिसर से वायरल हुए एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ओपीडी और वार्डों से डॉक्टर गायब हैं। अस्पताल में भारी संख्या में मरीज अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं, जिनमें बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं। घंटों इंतज़ार करने के बाद भी जब कोई डॉक्टर नहीं पहुँचा, तो मरीजों और उनके परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। गार्ड की बदतमीजी ने बढ़ाया गुस्सा हैरानी की बात यह है कि जब एक जागरूक नागरिक ने इस अव्यवस्था पर सवाल उठाया और वीडियो बनाना शुरू किया, तो ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड (J.S.I.S. Security) ने अपनी गलती मानने के बजाय बदतमीजी शुरू कर दी। वीडियो में गार्ड को फ़ोन पर किसी को बुलाने की धमकी देते और रौब झाड़ते देखा जा सकता है। गार्ड का यह रवैया साफ़ दर्शाता है कि उसे प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड खुद मरीजों के लिए सिरदर्द बन गया है। मुख्य बिंदु:डॉक्टरों की अनुपस्थिति: ड्यूटी के समय भी डॉक्टर अपनी कुर्सियों से गायब। मरीजों की बेबसी: दूर-दराज से आए मरीज बिना इलाज के घंटों बैठने को मजबूर। सुरक्षाकर्मी का दुर्व्यवहार: जे.एस.आई.एस. (J.S.I.S.) सिक्योरिटी के गार्ड द्वारा मरीजों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग। प्रशासनिक ढुलमुल रवैया: अस्पताल में कोई भी ज़िम्मेदार अधिकारी शिकायतों को सुनने के लिए मौजूद नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इस अस्पताल की रोज़ की कहानी है। यहाँ आने वाले मरीजों को इलाज मिले न मिले, लेकिन कर्मचारियों की बदतमीजी ज़रूर झेलनी पड़ती है। क्या अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस गुंडागर्दी और लापरवाही पर कोई ठोस कदम उठाएगा? या फिर इसी तरह गरीब मरीज व्यवस्था के आगे दम तोड़ते रहेंगे?1
- Post by PP News Koshi1