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फखरपुर थाने के गजाधरपुर के पास तेज रफ्तार बाइक ने आगे जा रही स्कूटी में भीषण टक्कर मार दी। जिसके चलते स्कूटी पर सवार कैसरगंज थाने के निमदीपुर निवासनी आसिना (57) व उनके पति सज्जन (60) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल दम्पत्ति को एंबुलेंस से फखरपुर सीएचसी लाए जाने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज शुरू किया। इसी दौरान आसिना की मौत हो गई। जबकि उनके पति सज्जन को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया। उनके दोनों हाथों में चोटे आई है। पुलिस ने मंगलवार दोपहर मे शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
Mohd Aamir
फखरपुर थाने के गजाधरपुर के पास तेज रफ्तार बाइक ने आगे जा रही स्कूटी में भीषण टक्कर मार दी। जिसके चलते स्कूटी पर सवार कैसरगंज थाने के निमदीपुर निवासनी आसिना (57) व उनके पति सज्जन (60) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल दम्पत्ति को एंबुलेंस से फखरपुर सीएचसी लाए जाने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज शुरू किया। इसी दौरान आसिना की मौत हो गई। जबकि उनके पति सज्जन को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया। उनके दोनों हाथों में चोटे आई है। पुलिस ने मंगलवार दोपहर मे शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
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- फखरपुर थाने के गजाधरपुर के पास तेज रफ्तार बाइक ने आगे जा रही स्कूटी में भीषण टक्कर मार दी। जिसके चलते स्कूटी पर सवार कैसरगंज थाने के निमदीपुर निवासनी आसिना (57) व उनके पति सज्जन (60) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल दम्पत्ति को एंबुलेंस से फखरपुर सीएचसी लाए जाने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज शुरू किया। इसी दौरान आसिना की मौत हो गई। जबकि उनके पति सज्जन को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया। उनके दोनों हाथों में चोटे आई है। पुलिस ने मंगलवार दोपहर मे शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।1
- खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर ऊपर घाघरा बाबा नारायण दास समाधि स्थल पर खतरा बरकार सूरतगंज (बाराबंकी)। खतरे के निशान से सरयू घाघरा नदी 71 सेंटीमीटर ऊपर तेज बहाव के बीच नदी खेतों और आशियानों को निगलने के बाद अब धार्मिक स्थलों और सरकारी भवनों सहित अन्य मकानों को भी बहा ले जाने की जिद में। ऐसे में सोमवार देर रात करीब दस बजे श्री श्री 108 जय बाबा नारायण दास जी महराज मंदिर परिसर के सामने स्थित बाबा गुरु नारायण, महंत उदित नारायण व उनकी पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्यों की समाधियां भी नदी की तेज धारा में समा गईं। तो दूसरी ओर सुंदरनगर, बेलहरी, बलईपुर, बाबापुरवा, ललपुरवा, सकतापुर, कोड़री और सरसंडा समेत दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। कई घरों में पानी घुस चुका है। ग्रामीण लगातार बढ़ते खतरे के बीच अपने घरों और सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। हेतमापुर में कटान का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक हजारों बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है, जबकि करीब 50 घर कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। कई परिवारों ने अपने आशियाने खुद तोड़ना शुरू कर दिया है, ताकि ईंट, दरवाजे, टीन सेट , अनाज, चारपाई और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके। ऐसे में आंखों के सामने घर उजड़ते देख ग्रामीणों की बेबसी साफ दिखाई दे रही है। किसी परिवार को अपने मकान के अगले पल नदी में समा जाने का डर है तो कोई बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित स्थान की तलाश में है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की धार जिस तेजी से जमीन काट रही है, उससे हर घंटे स्थिति बदल रही है। हेतमापुर में सरयू-घाघरा का कटान अब केवल जमीन और मकानों का नुकसान नहीं रह गया है। नदी की तेज धार ने ग्रामीणों की धार्मिक आस्था और वर्षों पुरानी स्मृतियों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। बाबा गुरु नारायण, महंत उदित नारायण और उनकी पत्नी समेत परिवार के सदस्यों की समाधियों का नदी में समा जाना ग्रामीणों के लिए भावनात्मक क्षति है। जिस स्थान पर लोग वर्षों से श्रद्धा के साथ पहुंचते थे, वह अब नदी की तेज धारा में दिखाई नहीं दे रहा है। नदी की धार मंदिर के उत्तर साइट से नीचे नीचे काटते हुए मन्दिर के नींव में में हिलोरें मार रही है ऐसे में कटान यदि इसी गति से जारी रहा तो मंदिर परिसर भी गंभीर खतरे की जद में आ सकता है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की नजर अब लगातार नदी तेज रफ्तार की धाराओं पर टिकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर वर्षों से पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियां होती रही हैं, आज वही स्थान नदी के मुहाने पर खड़ा है। खेत और घर गंवाने के बाद अब लोगों को अपनी धार्मिक विरासत के भी नदी में समा जाने की चिंता सताने लगी है। नदी की तेज धार अब पशु चिकित्सालय के बेहद करीब पहुंच गई है। लगातार कटान जारी रहने से सरकारी भवन के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। यदि भवन प्रभावित होता है तो क्षेत्र के पशुपालकों के सामने पशुओं के उपचार की समस्या खड़ी हो सकती है। सरयू-घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ और कटान का खतरा और गंभीर हो गया है। नदी खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी की धार में भी तेजी दिखाई दे रही है। सुंदरनगर, बेलहरी, बाबापुरवा, ललपुरवा, कोड़री, सरसंडा समेत कई गांव पहले से ही बाढ़ की मार झेल रहे हैं। कई स्थानों पर खेत जलमग्न हैं तो आबादी वाले क्षेत्रों में भी पानी पहुंच चुका है। ऐसे में जलस्तर में और वृद्धि ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनी हुई है। कटान की गंभीर स्थिति को देखते हुए बाढ़ खंड और तहसील प्रशासन की ओर से बचाव कार्य किए जा रहे हैं। नदी के किनारे को सुरक्षित करने और कटान प्रभावित हिस्सों को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि तेज बहाव और लगातार बदलती नदी की धारा के सामने बचाव कार्यों को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित बोले ऐसे में केवल तत्काल बचाव कार्य ही नहीं, बल्कि कटान प्रभावित क्षेत्र के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की भी जरूरत है। कटान प्रभावित गांवों में इस समय सबसे बड़ी चिंता अपने परिवार और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने की है। कई परिवार घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ मकान टूटने का संकट नहीं है। घर के साथ खेत, रोजी-रोटी, पशु, वर्षों की मेहनत और पुरानी यादें भी नदी में समा रही हैं। हेतमापुर में प्रशासन के सामने एक साथ दो बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। एक तरफ लगातार बढ़ता जलस्तर बाढ़ का दायरा बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर तेज कटान आबादी, खेतों और महत्वपूर्ण भवनों के लिए खतरा बन गया है।प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने, जरूरी सामान निकालने में मदद देने और संवेदनशील स्थानों पर तत्काल बचाव कार्य। ग्रामीणों की नजर अब नदी के जलस्तर और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर ऊपर बह रही सरयू-घाघरा की धार आखिर कहां जाकर थमेगी और तब तक हेतमापुर में कितना और नुकसान होगा। बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करने भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन व भाजपा जिला उपाध्यक्ष शेखर हयारण, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुशील कुमार वर्मा, डॉ विमलेश कुमार पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना।4
- करनैलगंज की ऐतिहासिक रामलीला यूपी की टॉप फाइव मे शुमार जिसका आज से ध्वजा रोहण कलश पूजन गाजे बाजे के साथ बजा डंका करनैलगंज की ऐतिहासिक रामलीला यूपी की टॉप फाइव मे शुमार जिसका आज से ध्वजा रोहण कलश पूजन गाजे बाजे के साथ बजा डंका करनैलगंजगोण्डा उत्तर प्रदेश की टॉप फाइव रामलीलाओं में शुमार गोंडा जिले के करनैलगंज की ऐतिहासिक रामलीला का भव्य आगाज हो गया है। भूमि पूजन और ध्वजारोहण के साथ एक माह तक चलने वाली रामलीला का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे नगर को राममय कर दिया। वहीं रामलीला मैदान में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके साथ ही करीब एक महीने तक चलने वाली रामलीला का औपचारिक शुभारंभ हो गया। इस दौरान करनैलगंज क्षेत्र में भगवान श्रीराम के जयकारों की गूंज सुनाई देगी। खास बात यह है कि बनारस के बाद गोंडा के करनैलगंज में रामलीला का एक माह तक मंचन होता है। यहां तीन अलग-अलग स्थानों पर स्थानीय व बाहरी कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जाता है। दशहरा में देश के कई प्रदेशों से बैंड, झांकियां और दिव्य रथ भी बुलाए जाते हैं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहते हैं। दशहरा पर्व पर अयोध्या के दीपोत्सव की तर्ज पर भव्य आतिशबाजी का भी आयोजन किया जाता है। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष मोहित पांडे के मुताबिक इस बार की रामलीला को और भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां की गई हैं। दशहरा पर्व पर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है।4
- ग्राम सलारपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर का प्रार्थना पत्र श्रीमान जिलाधिकारी महोदय को दिया गया था जिसका कार्य प्रारंभ हो चुका है जिलाधिकारी महोदय का आभार व्यक्त करता हूं जय सियाराम ग्राम सभा प्रमुख मूलचंद पाल विकासखंड चित्तौड़ा ग्राम सलारपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर का प्रार्थना पत्र श्रीमान जिलाधिकारी महोदय को दिया गया था जिसका कार्य प्रारंभ हो चुका है जिलाधिकारी महोदय का आभार व्यक्त करता हूं जय सियाराम ग्राम सभा प्रमुख मूलचंद पाल विकासखंड चित्तौड़ा1
- बदोसरांय कोटवाधाम टिकैत नगर मार्ग पर सीतादेवी लाॅ कालेज के सामने ट्रेलर ट्रक पलटा सिरौलीगौसपुर बाराबंकी।। बदोसरांय से कोटवाधाम टिकैत नगर मार्ग पर सीतादेवी लाॅ कालेज के ठीक सामने बडा ट्रक यू पी 42 ए टी 7166ट्रेलर पलट कर पे़डों के सहारे रुका।ड्राइवर क्लीनर को मामूली चोटे आई है। प्रायवेट चिकित्सक के पास उपचार कराया। बताते चलें बदोसरांय से कोटवा धाम टिकैत नगर मार्ग पर नोमानी व्रिक फील्ड के आगे सीतादेवी लाॅ कालेज के ठीक सामने गत दिवस हुई बरसात में बडा दबक हो गया था।तेज रफ्तार में आ रहा ट्रेलर ट्रक पलट कर पे़डों के सहारे रुका ड्राइवर व खलासी को मामूली चोटें आयीं है।4
- पितृ पक्ष में पितरों को तर्पण देना एक नेक काम माना जाता है ऐसी मान्यता है कि इस पक्ष में भारत ही नहीं वरन कई देशों में पितृपक्ष में तर्पण देना एक परंपरा रही है ऐसी मान्यता है कि इस माह में तर्पण देने से उनके पुरखों को उनके बच्चों के द्वारा कुछ ना कुछ मिलता है बदले में आशीर्वाद देते हैं उन्हें हम तर्पण देकर मूर्खों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं1
- जनपद बहराइच के नानपारा नवजीवन हॉस्पिटल में नाक कान गले के डॉक्टर बैठते हैं रिपोर्टर राजू खान पत्रकार जिला संवाददाता बहराइच1
- बहराइच। जनपद में आंधी-बारिश से हुई फसल क्षति को लेकर प्रभारी मंत्री ने तहसील कैसरगंज सभागार में समीक्षा बैठक के बाद मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जनता बहराइच सहित यूपी के कई जनपदों में किसानों को भारी हानि हुई है। बहराइच में केले की खेती पूरी तरह ध्वस्त हो गई है, धान और गन्ने की फसल को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी प्रभारी मंत्री अपने-अपने जनपदों में जाकर क्षति की समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का निर्देश है कि कोई भी प्रभावित किसान क्षतिपूर्ति से वंचित न रहे। पहले मुआवजा मिलने में सालों लग जाते थे, कोर्ट तक जाना पड़ता था, लेकिन अब संवेदनशील सरकार दो दिन के भीतर राहत राशि किसानों तक पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि बहराइच के हर किसान का आकलन कराया जा रहा है, लगातार अनुश्रवण और निगरानी हो रही है। लेखपाल नहीं पहुंचने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि दो दिन के भीतर आकलन हो और यथाशीघ्र राहत राशि दी जाए। जहां लेखपाल नहीं पहुंचे हैं, वहां भी जल्द पहुंचेंगे, सरकार हर किसान तक पहुंच रही है, बहराइच वासियों को भरोसा रखना चाहिए।1