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लापरवाही के गड्ढे' ने ली 27 साल के इंजीनियर की जान
Sagar K.
लापरवाही के गड्ढे' ने ली 27 साल के इंजीनियर की जान
- Sunil SJeypore, Koraput🙏6 hrs ago
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- जालौन में फर्नीचर के गोदाम में लगी भीषण आग, देखते ही देखते धू-धू कर जल उठा गोदाम, फर्नीचर गोदाम में आग की लपटें देख इलाके में मचा हड़कंप, आग बुझाने में जुटे इलाकाई लोग, दमकलकर्मियों को गयी सूचना, जालौन के एट कोतवाली क्षेत्र के पुरानी कोतवाली के पास का मामला।1
- प्रयागराज माघ मेला : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज कथित रूप से लापता, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल प्रयागराज। माघ मेला क्षेत्र में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। उनके राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने दावा किया है कि शंकराचार्य महाराज पिछले तीन घंटे से लापता हैं और पुलिस उन्हें किस स्थान पर लेकर गई है, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। शैलेन्द्र योगिराज के अनुसार, पुलिस शंकराचार्य को यह कहकर साथ ले गई थी कि उन्हें उनके शिविर में पहुंचाया जा रहा है, लेकिन तीन घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो वे शिविर पहुंचे हैं और न ही उनके ठिकाने की कोई आधिकारिक सूचना उपलब्ध कराई गई है। इससे पहले माघ मेला क्षेत्र में शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस द्वारा कई शिष्यों को दौड़ाकर हिरासत में लिया गया। आरोप है कि एक साधु के साथ पुलिस चौकी में मारपीट भी की गई। घटना के बाद शंकराचार्य महाराज अपने शिष्यों की रिहाई की मांग पर अड़ गए। अधिकारियों द्वारा समझाने के प्रयास किए गए, लेकिन लगभग दो घंटे तक गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। इसके पश्चात पुलिस ने शंकराचार्य समर्थकों को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने शंकराचार्य की पालकी को संगम क्षेत्र से लगभग एक किलोमीटर दूर खींचते हुए ले जाया, जिससे पालकी का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटनाक्रम के चलते शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद संगम स्नान नहीं कर सके। विवाद की शुरुआत तब हुई जब पुलिस ने भीड़ अधिक होने का हवाला देते हुए शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल जाने का अनुरोध किया। शिष्यों द्वारा आपत्ति जताने पर बहस शुरू हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई। इस पूरे घटनाक्रम पर शंकराचार्य महाराज ने आरोप लगाया कि संतों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और यह सब सरकार के इशारे पर हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ पर सरकार की आलोचना करने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। फिलहाल, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज की स्थिति और लोकेशन को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे समर्थकों और संत समाज में भारी चिंता और आक्रोश व्याप्त है।1
- Post by Sugirv Kushwha1
- ait me faneechar godam me lgee bheesad aag2
- Post by Rampal Singh2
- जालौन— एट कोतवाली क्षेत्र में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब पुरानी कोतवाली के पास स्थित एक फर्नीचर कारखाने में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते कारखाने में रखा नवनिर्मित फर्नीचर जलकर खाक हो गया और आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। घटना से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, एट कस्बा निवासी मौसम अली का पुरानी कोतवाली के पास फर्नीचर का कारखाना है। रविवार की शाम कारीगर हमेशा की तरह काम में जुटे थे, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। शुरुआती धुएं को नजरअंदाज करते हुए कारीगर काम में लगे रहे, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा कारखाना जलती लपटों से घिर गया। घटना की सूचना मिलते ही लोगों में दहशत फैल गई और आस-पास के घरों से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने लगे। दमकल विभाग को सूचना दे दी गई, लेकिन करीब एक घंटे देर से पहुंचीं फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान एहतियातन आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि न हो। दमकल कर्मियों ने काफी प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन कारखाने में रखा लाखों रुपये कीमत का तैयार फर्नीचर राख में तब्दील हो गया। आग लगने का कारण प्राथमिक रूप से शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। सूचना मिलते ही एट कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस व दमकल विभाग द्वारा आग के सटीक कारण और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यह हादसा एक बार फिर इलाके में सुरक्षा मानकों और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच की जरूरत की ओर इशारा करता है।1