अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर स्थित नेशनल हाईवे पर ज्येष्ठ माह के पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धा, सेवा और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। समाजसेवी अविनाश जायसवाल द्वारा आयोजित इस भंडारे का शुभारंभ सुबह 9 बजे बालकांड पाठ के साथ हुआ और यह देर रात तक निरंतर चलता रहा। इसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, व्यापारियों और राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया, साथ ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर मिल्कीपुर के विधायक चंद्रभानु पासवान सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विधायक ने आयोजन में सहभागिता करते हुए अविनाश जायसवाल और उनके परिवार द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। आयोजकों के अनुसार, यह भंडारा पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार स्वर्गीय शिवप्रसाद जायसवाल की पुण्य स्मृति में प्रतिवर्ष संपन्न हो रहा है। अविनाश जायसवाल, हरिओम जायसवाल और सत्यम द्वारा भंडारे की संपूर्ण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की गई, जिसने अपनी श्रद्धा, सेवा और जनकल्याण की भावना के कारण पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनाए रखा।
अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर स्थित नेशनल हाईवे पर ज्येष्ठ माह के पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धा, सेवा और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। समाजसेवी अविनाश जायसवाल द्वारा आयोजित इस भंडारे का शुभारंभ सुबह 9 बजे बालकांड पाठ के साथ हुआ और यह देर रात तक निरंतर चलता रहा। इसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, व्यापारियों और राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया, साथ ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर मिल्कीपुर के विधायक चंद्रभानु
पासवान सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विधायक ने आयोजन में सहभागिता करते हुए अविनाश जायसवाल और उनके परिवार द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। आयोजकों के अनुसार, यह भंडारा पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार स्वर्गीय शिवप्रसाद जायसवाल की पुण्य स्मृति में प्रतिवर्ष संपन्न हो रहा है। अविनाश जायसवाल, हरिओम जायसवाल और सत्यम द्वारा भंडारे की संपूर्ण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की गई, जिसने अपनी श्रद्धा, सेवा और जनकल्याण की भावना के कारण पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनाए रखा।
- अयोध्या में राम मंदिर दान के कथित घोटाले के मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश युवा उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने यह शिकायत राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन के एसएचओ को दी है, जिसमें राम मंदिर से दान की रकम चोरी होने का आरोप लगाया गया है। उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने कहा कि उन्होंने राम जन्मभूमि से दान की रकम की कथित चोरी के संबंध में लिखित शिकायत दी है और इस मामले में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।2
- अयोध्या में करणी सेना उत्तर प्रदेश ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान राशि और बहुमूल्य वस्तुओं से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं एवं चोरी के आरोपों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव सिंह ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अयोध्या, डीआईजी तथा डीजीपी उत्तर प्रदेश को एक ज्ञापन भेजा है, जिसमें मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि विभिन्न माध्यमों में प्रकाशित समाचारों और चर्चाओं के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान राशि एवं बहुमूल्य वस्तुओं के संबंध में लगभग ₹200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोप सामने आए हैं। करणी सेना का कहना है कि यदि इन आरोपों में सत्यता पाई जाती है तो यह न केवल एक गंभीर आर्थिक अपराध होगा, बल्कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था और विश्वास के साथ भी बड़ा विश्वासघात माना जाएगा। संगठन ने अपने ज्ञापन में यह भी बताया है कि इस प्रकरण में कुछ व्यक्तियों एवं ट्रस्ट से जुड़े लोगों के नाम भी विभिन्न माध्यमों से सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। करणी सेना के अनुसार, इस तरह की खबरों से हिंदू समाज में व्यापक रोष व्याप्त है तथा श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदेश अध्यक्ष अभिनव सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा उच्चस्तरीय समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए, तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मामले की पारदर्शी जांच से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था तथा न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।4
- संजय सिंह के एक बयान ने नजूल की जमीन से जुड़े एक "बड़ा खेल" का खुलासा किया है। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तीव्र खलबली मची हुई है।1
- मंदिर में पैसे चोरी होने का एक मामला सामने आया है, जिसमें आरोप है कि इस घटना में सिक्योरिटी गार्ड और पुजारी दोनों आपस में मिले हुए थे। पोस्ट में एक वीडियो का उल्लेख किया गया है, जो दिखाता है कि मंदिर से कैसे पैसे चुराए जा रहे हैं और इसमें पुजारी के कारनामे भी स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।1
- करणी सेना ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर सरकार से कड़ी मांग की है कि अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे के हजारों करोड़ रुपये चुराने के लिए जिम्मेदार लगभग 50 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल जेल भेजा जाए। करणी सेना ने इस गंभीर मामले में जिम्मेदार व्यक्तियों पर शीघ्र कार्रवाई करने का आह्वान किया है।1
- पूर्वोत्तर रेलवे के कर्नलगंज रेलवे स्टेशन पर कैसरगंज के भाजपा सांसद करणभूषण सिंह की मांग पर आम्रपाली एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव स्वीकृत किया गया है। रेल अधिकारियों के निवेदन पर, भाजपा सांसद ने पार्टी नेताओं और समर्थकों के साथ ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ठहराव से कर्नलगंज के लोगों में काफी उत्साह है, जिन्होंने अपने सांसद को धन्यवाद दिया है। इसी अवसर पर, सांसद करणभूषण सिंह ने यह भी बयान दिया कि “पीएम मोदी और सीएम योगी जी विराजमान हैं, कोई घोटालेबाज बचेगा नहीं, इंतजार कीजिये।”1
- अयोध्या में राम मंदिर से दान की रकम कथित तौर पर चोरी होने के मामले को लेकर हिंदू धर्म सेना के प्रमुख और पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने यह शिकायत राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन के एसएचओ को दी है, जिसमें राम मंदिर दान घोटाले का जिक्र किया गया है। संतोष दुबे ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने राम जन्मभूमि से दान की रकम की कथित चोरी के संबंध में लिखित शिकायत दी है और पुलिस से नामजद एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।2
- अयोध्या के सोहावल स्थित ढेमुआ घाट से गोंडा के नवाबगंज को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग का एप्रोच मार्ग करीब छह-सात साल पहले सरयू नदी के कटान में बह गया था। इस घटना के कारण दोनों जिलों के बीच आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया था और लोगों को नदी पार करने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ता था। इस लंबे समय की परेशानी ने क्षेत्र की देशभर में किरकिरी भी कराई थी। बाद में कैसरगंज के सांसद करण भूषण सिंह के प्रयासों से यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचा, जिनकी स्वीकृति के बाद ढेमुआ घाट पर पीपा पुल का निर्माण कराया गया। इससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली और आवागमन फिर से शुरू हो सका। हालांकि, पीपा पुल बनने के बावजूद यात्रियों की समस्याएँ पूरी तरह से खत्म नहीं हुई हैं। पुल पर स्पष्ट रूप से बड़े वाहनों का प्रवेश निषेध लिखा है, जिससे ट्रक जैसे भारी वाहन इस रास्ते से नहीं गुजर सकते। मोटरसाइकिल, कार और छोटे वाहन किसी तरह आवागमन कर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता पुल से जुड़े एप्रोच मार्ग की है, जहाँ जगह-जगह बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ता हादसों का न्योता दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपा पुल की सुविधा के बावजूद एप्रोच मार्ग की बदहाली ने राहत को अधूरा छोड़ दिया है। जो लोग सोहावल से गोंडा या गोंडा से सोहावल होते हुए अयोध्या, बाराबंकी अथवा सुल्तानपुर की ओर यात्रा कर रहे हैं, उन्हें ढेमुआ घाट मार्ग पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि थोड़ी-सी भी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। क्षेत्रीय लोगों की अब यह मांग है कि केवल पीपा पुल से काम नहीं चलेगा, बल्कि ढेमुआ घाट के एप्रोच मार्ग का भी शीघ्र और स्थायी निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- गोण्डा जिले के कौड़िया थाना अंतर्गत दुबहा चौकी में दो युवकों की पिटाई करने के मामले में तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने गोण्डा पुलिस की छवि खराब करने वाले इन सिपाहियों के खिलाफ यह कार्रवाई की है। लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में अमन, अभिमन्यु और दिग्विजय शामिल हैं। एसपी विनीत जायसवाल ने इस घटना से संबंधित वायरल वीडियो की जांच का जिम्मा क्षेत्राधिकारी करनैलगंज अभिषेक देवाच्या को सौंपा है।2