अयोध्या के सोहावल स्थित ढेमुआ घाट से गोंडा के नवाबगंज को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग का एप्रोच मार्ग करीब छह-सात साल पहले सरयू नदी के कटान में बह गया था। इस घटना के कारण दोनों जिलों के बीच आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया था और लोगों को नदी पार करने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ता था। इस लंबे समय की परेशानी ने क्षेत्र की देशभर में किरकिरी भी कराई थी। बाद में कैसरगंज के सांसद करण भूषण सिंह के प्रयासों से यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचा, जिनकी स्वीकृति के बाद ढेमुआ घाट पर पीपा पुल का निर्माण कराया गया। इससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली और आवागमन फिर से शुरू हो सका। हालांकि, पीपा पुल बनने के बावजूद यात्रियों की समस्याएँ पूरी तरह से खत्म नहीं हुई हैं। पुल पर स्पष्ट रूप से बड़े वाहनों का प्रवेश निषेध लिखा है, जिससे ट्रक जैसे भारी वाहन इस रास्ते से नहीं गुजर सकते। मोटरसाइकिल, कार और छोटे वाहन किसी तरह आवागमन कर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता पुल से जुड़े एप्रोच मार्ग की है, जहाँ जगह-जगह बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ता हादसों का न्योता दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपा पुल की सुविधा के बावजूद एप्रोच मार्ग की बदहाली ने राहत को अधूरा छोड़ दिया है। जो लोग सोहावल से गोंडा या गोंडा से सोहावल होते हुए अयोध्या, बाराबंकी अथवा सुल्तानपुर की ओर यात्रा कर रहे हैं, उन्हें ढेमुआ घाट मार्ग पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि थोड़ी-सी भी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। क्षेत्रीय लोगों की अब यह मांग है कि केवल पीपा पुल से काम नहीं चलेगा, बल्कि ढेमुआ घाट के एप्रोच मार्ग का भी शीघ्र और स्थायी निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
अयोध्या के सोहावल स्थित ढेमुआ घाट से गोंडा के नवाबगंज को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग का एप्रोच मार्ग करीब छह-सात साल पहले सरयू नदी के कटान में बह गया था। इस घटना के कारण दोनों जिलों के बीच आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया था और लोगों को नदी पार करने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ता था। इस लंबे समय की परेशानी ने क्षेत्र की देशभर में किरकिरी भी कराई थी। बाद में कैसरगंज के सांसद करण भूषण सिंह के प्रयासों से यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचा, जिनकी स्वीकृति के बाद ढेमुआ घाट पर पीपा पुल का निर्माण कराया गया। इससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली और आवागमन फिर से शुरू हो सका। हालांकि, पीपा पुल बनने के बावजूद यात्रियों की समस्याएँ पूरी तरह से खत्म नहीं हुई हैं। पुल पर स्पष्ट रूप से बड़े वाहनों का प्रवेश निषेध लिखा है, जिससे ट्रक जैसे भारी वाहन इस रास्ते से नहीं गुजर सकते। मोटरसाइकिल, कार और छोटे वाहन किसी तरह आवागमन कर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता पुल से जुड़े एप्रोच मार्ग की है, जहाँ जगह-जगह बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ता हादसों का न्योता दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपा पुल की सुविधा के बावजूद एप्रोच मार्ग की बदहाली ने राहत को अधूरा छोड़ दिया है। जो लोग सोहावल से गोंडा या गोंडा से सोहावल होते हुए अयोध्या, बाराबंकी अथवा सुल्तानपुर की ओर यात्रा कर रहे हैं, उन्हें ढेमुआ घाट मार्ग पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि थोड़ी-सी भी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। क्षेत्रीय लोगों की अब यह मांग है कि केवल पीपा पुल से काम नहीं चलेगा, बल्कि ढेमुआ घाट के एप्रोच मार्ग का भी शीघ्र और स्थायी निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
- ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील स्थित हैरिंग्टनगंज विकासखंड के आनंद नगर भिटारी में एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हैरिंग्टनगंज के ब्लॉक प्रमुख अंकुर सेन के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने पहुँचकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह सुंदरकांड पाठ और विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ हुई। इसके बाद शाम चार बजे से विशाल भंडारे का शुभारंभ किया गया, जहाँ श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप पूड़ी, सब्जी और नुकती वितरित की गई। देर शाम तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती रही और लोगों ने भगवान हनुमान के जयकारों के बीच श्रद्धाभाव से प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव, जिला पंचायत सदस्य इंदू सेन यादव, अमर सेन यादव, शंकर यादव, गया दत्त यादव, विद्या भूषण पासी, बलराम यादव, सत्यदेव यादव, माता प्रसाद यादव, उदय राज यादव, परमेश्वर चौहान, सुरेश इंसान, दुर्गा यादव और दूधनाथ यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि बड़े मंगलवार के अवसर पर प्रत्येक वर्ष ऐसे धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें आसपास के गाँवों और क्षेत्र के हजारों लोग सहभागिता करते हैं। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, आस्था और सामाजिक सौहार्द का वातावरण बना रहा।1
- आज सुबह टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरे भारतवर्ष की जनता से विशेष अपील की गई है कि वे तेज गति से चल रही गर्मी और लू के मद्देनजर अपनी सेहत का खास ख्याल रखें। इस अपील में गर्मी के मौसम में सावधानी और सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया गया है। यह रिपोर्ट लाल चंद सोनी द्वारा प्रस्तुत की गई है, जिसमें बाराबंकी जिले का भी जिक्र है।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान के कथित घोटाले के मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश युवा उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने यह शिकायत राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन के एसएचओ को दी है, जिसमें राम मंदिर से दान की रकम चोरी होने का आरोप लगाया गया है। उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने कहा कि उन्होंने राम जन्मभूमि से दान की रकम की कथित चोरी के संबंध में लिखित शिकायत दी है और इस मामले में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।2
- अयोध्या में करणी सेना उत्तर प्रदेश ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान राशि और बहुमूल्य वस्तुओं से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं एवं चोरी के आरोपों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव सिंह ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अयोध्या, डीआईजी तथा डीजीपी उत्तर प्रदेश को एक ज्ञापन भेजा है, जिसमें मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि विभिन्न माध्यमों में प्रकाशित समाचारों और चर्चाओं के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान राशि एवं बहुमूल्य वस्तुओं के संबंध में लगभग ₹200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोप सामने आए हैं। करणी सेना का कहना है कि यदि इन आरोपों में सत्यता पाई जाती है तो यह न केवल एक गंभीर आर्थिक अपराध होगा, बल्कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था और विश्वास के साथ भी बड़ा विश्वासघात माना जाएगा। संगठन ने अपने ज्ञापन में यह भी बताया है कि इस प्रकरण में कुछ व्यक्तियों एवं ट्रस्ट से जुड़े लोगों के नाम भी विभिन्न माध्यमों से सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। करणी सेना के अनुसार, इस तरह की खबरों से हिंदू समाज में व्यापक रोष व्याप्त है तथा श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदेश अध्यक्ष अभिनव सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा उच्चस्तरीय समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए, तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मामले की पारदर्शी जांच से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था तथा न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।4
- अयोध्या में सामने आए घटनाक्रम के बाद, अब मथुरा में भी एक बड़ा खेल देखने को मिला है। यहाँ फलाहारी बाबा ने मंदिर प्रबंधन पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इस मामले ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।1
- अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील क्षेत्र के मुमारिचनगर में रविवार शाम को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा एक जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का उद्देश्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी जन योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना और जनता की समस्याओं का निराकरण करना था। कार्यक्रम में पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी 'खब्बू' की उपस्थिति में सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया गया, जिसमें योजनाओं से वंचित लोगों को चयन सूची में शामिल करने की कार्रवाई भी की गई। जन चौपाल की अध्यक्षता प्रधान शशिकांत मिश्रा ने की, जबकि संचालन एडीओ बद्रीनाथ पांडेय ने किया। विकासखंड की ओर से सहायक विकास अधिकारी पंचायत अवधेश सिंह और समाज कल्याण उषा शर्मा ने अपने-अपने विभागों तथा लाभार्थियों की सूची जनता के बीच पढ़कर सुनाई। इस दौरान पूर्व विधायक इन्द्र प्रताप तिवारी 'खब्बू' ने जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और लोगों को शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया। उन्होंने लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों और संतृप्त होने वाले कार्यों के बारे में जानकारी ली, साथ ही बिंदुवार योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद भी किया। ग्राम प्रधान शशिकांत मिश्रा ने राशन कार्ड की समस्या को प्रमुखता से उठाया, जिस पर पूर्व विधायक ने उपस्थित सहायक पूर्ति निरीक्षक को एक सप्ताह के अंदर समस्या का निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वह स्वयं जिलाधिकारी से वार्ता करेंगे और पत्र भी लिखेंगे। पूर्व विधायक ने ग्राम प्रधान के विकास कार्यों की प्रशंसा भी की। ब्लॉक प्रमुख दिनेश वर्मा ने भी भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। पूर्व विधायक खब्बू तिवारी द्वारा अधिकारियों से पूछताछ करने पर, अधिकारियों ने जन चौपाल में ही समस्याओं का जल्द निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इस ग्राम चौपाल में नायब तहसीलदार प्रतीक श्रीनेत, एडिओ पंचायत अवधेश सिंह, सीएचसी बीकापुर के अधीक्षक डॉक्टर अंशुमान यादव, कोतवाल देवेन्द्र पाण्डेय के अलावा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष सुनील मिश्र, दिनेश मिश्रा, राजेंद्र तिवारी, मौरावां के ग्राम प्रधान धर्मेंद्र मिश्रा, खुशी यादव, सभापति पांडेय, भानु प्रकाश चौहान, पूर्व प्रधान स्वदेश तिवारी, युवा भाजपा नेता मोहित पांडेय, सच्चिदानंद तिवारी, अजय पांडेय सहित तमाम भाजपा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- अयोध्या के सोहावल स्थित ढेमुआ घाट से गोंडा के नवाबगंज को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग का एप्रोच मार्ग करीब छह-सात साल पहले सरयू नदी के कटान में बह गया था। इस घटना के कारण दोनों जिलों के बीच आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया था और लोगों को नदी पार करने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ता था। इस लंबे समय की परेशानी ने क्षेत्र की देशभर में किरकिरी भी कराई थी। बाद में कैसरगंज के सांसद करण भूषण सिंह के प्रयासों से यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचा, जिनकी स्वीकृति के बाद ढेमुआ घाट पर पीपा पुल का निर्माण कराया गया। इससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली और आवागमन फिर से शुरू हो सका। हालांकि, पीपा पुल बनने के बावजूद यात्रियों की समस्याएँ पूरी तरह से खत्म नहीं हुई हैं। पुल पर स्पष्ट रूप से बड़े वाहनों का प्रवेश निषेध लिखा है, जिससे ट्रक जैसे भारी वाहन इस रास्ते से नहीं गुजर सकते। मोटरसाइकिल, कार और छोटे वाहन किसी तरह आवागमन कर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता पुल से जुड़े एप्रोच मार्ग की है, जहाँ जगह-जगह बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ता हादसों का न्योता दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपा पुल की सुविधा के बावजूद एप्रोच मार्ग की बदहाली ने राहत को अधूरा छोड़ दिया है। जो लोग सोहावल से गोंडा या गोंडा से सोहावल होते हुए अयोध्या, बाराबंकी अथवा सुल्तानपुर की ओर यात्रा कर रहे हैं, उन्हें ढेमुआ घाट मार्ग पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि थोड़ी-सी भी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। क्षेत्रीय लोगों की अब यह मांग है कि केवल पीपा पुल से काम नहीं चलेगा, बल्कि ढेमुआ घाट के एप्रोच मार्ग का भी शीघ्र और स्थायी निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- अयोध्या में राम मंदिर से दान की रकम कथित तौर पर चोरी होने के मामले को लेकर हिंदू धर्म सेना के प्रमुख और पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने यह शिकायत राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन के एसएचओ को दी है, जिसमें राम मंदिर दान घोटाले का जिक्र किया गया है। संतोष दुबे ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने राम जन्मभूमि से दान की रकम की कथित चोरी के संबंध में लिखित शिकायत दी है और पुलिस से नामजद एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।2
- संजय सिंह के एक बयान ने नजूल की जमीन से जुड़े एक "बड़ा खेल" का खुलासा किया है। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तीव्र खलबली मची हुई है।1