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हजारीबाग जुलु पार्क में भीषण आग, फर्नीचर दुकान जलकर खाक....
News Xpose ( Jishan Raj)
हजारीबाग जुलु पार्क में भीषण आग, फर्नीचर दुकान जलकर खाक....
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- हजारीबाग जुलु पार्क में भीषण आग, फर्नीचर दुकान जलकर खाक....1
- -- दहेज समाज की सबसे बड़ी कुरीति, मिलकर खत्म करें: राष्ट्रीय अध्यक्ष दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज बुलंद करें: संस्थापक बेटियों को बोझ समझने की मानसिकता भी इसी कुरीति की देन है: संरक्षक जागरूकता ही बदलाव का रास्ता: जय प्रकाश वर्मा दहेज मुक्त झारखंड सेवा संघ दहेज मुक्त समाज बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है: प्रदेश अध्यक्ष दहेज प्रथा के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है: किशोरी राणा हजारीबाग। दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन को लेकर रविवार को हजारीबाग शहर स्थित जन सेवा केंद्र में दहेज मुक्त झारखंड सेवा संघ के तत्वावधान में “दहेज मुक्त जागरूकता सह सम्मान समारोह” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम मैं बतौर मुख्य अतिथि संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोतीलाल एस पंडित विशिष्ट अतिथि के तौर पर संस्थापक जितेंद्र बी यादव, संरक्षक प्रणव वर्मा, गाण्डे के पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा शरीक हुए। मुख्य अतिथि संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोतीलाल एस पंडित ने अपने संबोधन में कहा कि दहेज प्रथा समाज के लिए अभिशाप बन चुकी है। यह न केवल बेटियों के सम्मान को ठेस पहुंचाती है, बल्कि परिवारों को आर्थिक और मानसिक रूप से भी तोड़ देती है। उन्होंने सभी लोगों से दहेज मुक्त विवाह को अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान करते हुए कहा कि दहेज समाज की सबसे बड़ी कुरीति है आइए हम सब मिलकर इसे खत्म करें। वहीं, संस्थापक ने कहा कि दहेज का बहिष्कार जरूरी है। क्योंकि दहेज हटेगा तभी बेटी बचेगी उन्होंने दहेज जैसी कुरीति का बहिष्कार करने की अपील करते हुए कहा कि हम हम सब मिल कर दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज बुलंद करें और यह आवाज हमें अपने घरों से उठानी होगी। पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा ने लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि वे न तो दहेज लेंगे और न ही देंगे। दहेज प्रथा खत्म करने के लिए जागरूकता ही बदलाव का रास्ता है। संरक्षक प्रणव वर्मा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि दहेज के कारण समाज में असमानता और अपराध बढ़ रहे हैं। कई परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं, वहीं बेटियों को बोझ समझने की मानसिकता भी इसी कुरीति की देन है। उन्होंने इसे जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। दहेज मुक्त झारखंड सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमरदीप कुमार ने कहा कि संगठन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है और समाज के हर वर्ग को जोड़कर दहेज मुक्त समाज बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। नव झारखंड फाउंडेशन के संस्थापक किशोरी राणा ने दहेज मुक्त समाज बनाने की अपील करते हुए कहा कि दहेज प्रथा के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। जब तक समाज के हर वर्ग में चेतना नहीं आएगी, तब तक इस कुरीति का समूल नाश संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आगे आकर इस मुहिम का नेतृत्व करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान दहेज मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दहेज प्रथा के खिलाफ एकजुट होकर इसे समाप्त करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त दहेज जैसी कुरीतियों के प्रति जागरूकता फैलाना और एक स्वस्थ, समान एवं सम्मानजनक समाज की स्थापना करना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में संगठन मंत्री राजेश कुमार वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश कुमार यादव, प्रदेश सचिव मिथिलेश कुमार, झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता, मेहता विकास मंच के संस्थापक जय नारायण मेहता, हजारीबाग जिला अध्यक्ष रामस्वरूप मिस्त्री, धनबाद जिला अध्यक्ष जमरूद्दीन, धनबाद जिला सचिव शाहिद आलम, बोकारो जिला अध्यक्ष कमलेश उरांव, गाण्डे जिला अध्यक्ष राकेश कुमार, कोडरमा जिला अध्यक्ष सुधीर कुमार शामिल थे। इस मौके पर विष्णुगढ़ प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार, सदर प्रखंड अध्यक्ष नीरज कुमार, बगोदर प्रखंड अध्यक्ष नारायण प्रसाद, उदय कुमार, सीताराम, वर्षा कुमारी, सीडी गोप, सुनीता देवी, विजय पासवान, राजेश कुशवाहा, उमेश कुमार वर्मा, मिथिलेश कुमार, दीपक कुमार, संजीव कुमार, मोहम्मद इम्तियाज उर्फ बाबर, मोहम्मद रब्बानी, मनीष, पवन विश्वकर्मा, अनिल कुमार, मनोज प्रसाद, राजेंद्र कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।1
- दनुआ घाटी में फिर ‘रफ्तार का कहर’ अनियंत्रित कार के उड़े परखचे, 4 की मौत (3 की आधिकारिक पुष्टि)1
- हजारीबाग के दारू अंचल क्षेत्र स्थित झुमरा तिलैया के पास पेड़ में लगी आग दो दिन बाद भी नहीं बुझी है। इससे इलाके में खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।1
- हज़ारीबाग़ जिले के चौपारण थाना अंतर्गत दनुवा घाटी में हो रहे दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी हजारीबाग एवं NHAI के officer के साथ दनुआ घाटी का निरीक्षण किया l उपस्थित पदाधिकारी को निम्न निर्देश दिये गये है:- 1. सभी illegal कट को बंद करना 2. एडवांस साइन बोर्ड लगाना 3. स्पीड लिमिट बोर्ड लगाना 4. सभी लीगल कट में लाइन man प्रतिनियुक्त करना 5. Bottle neck को दुरुस्त करना 6. जरूरत जगह पर स्पीड ब्रेकर लगाना 7. कंस्ट्रक्शन एरिया में दिन में दो बार पानी का छिड़काव करना 8. NHAI का एम्बुलेंस का ड्राइवर को सक्रिय रहना साथ ही ब्लैक स्पॉट की जांच कर सुरक्षा सुधार के निर्देश दिए l1
- चन्द्रपुरा थाना क्षेत्र के तरंगा पंचायत अंतर्गत चिरूवाद गांव के पास जमुनिया नदी में प्लास्टिक बोरे में बंद मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले में पुलिस ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। 23 अप्रैल 2026 को सामने आए इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी, जिसे अब पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बेरमो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच में खुलासा हुआ कि मृतिका की पहचान चास थाना क्षेत्र से 20 अप्रैल को लापता हुई महिला बेबी देवी के रूप में हुई। दामोदर वैली कॉरपोरेशन के डीवीसी अस्पताल, चन्द्रपुरा में रखे शव की पहचान परिजनों ने की। तफ्तीश में जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया। पुलिस के अनुसार, बेबी देवी की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत सुपारी देकर करवाई गई थी। मुख्य आरोपी गुड्डू वर्णवाल उर्फ मुकेश कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मात्र 40 हजार रुपये में इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद शव को प्लास्टिक बोरे में बंद कर पहचान मिटाने के उद्देश्य से जमुनिया नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों में गुड्डू वर्णवाल उर्फ मुकेश, शौकत रजा उर्फ गुड्डू अंसारी, जलेश्वर महतो, विवेक कुमार और अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार (JH09BG6008) सहित कई अहम साक्ष्य बरामद किए गए हैं। कार के भीतर से बाल और खून के निशान भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मृतिका और मुख्य आरोपी के बीच पहले से परिचय था। आपसी विवाद ने इस खौफनाक साजिश को जन्म दिया, जिसने एक निर्दोष महिला की जान ले ली। इस सफल कार्रवाई के बाद पुलिस ने एक जघन्य हत्या का पर्दाफाश कर दिया है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर यह भी दिखाया है कि छोटे से विवाद किस तरह भयावह अपराध में बदल सकते हैं। बोकारो से विजय आनंद की रिपोर्ट1
- हजारीबाग के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र में 355 प्रशिक्षु गृह रक्षकों का 63 दिवसीय प्रशिक्षण पूर्ण होने पर 24 अप्रैल को पारण परेड आयोजित हुई। मुख्य अतिथि उपायुक्त श्री हेमंत सती ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को वर्दी का मूल बताया तथा प्रशिक्षुओं से हर कार्य में शत-प्रतिशत योगदान देने का आह्वान किया। समारोह में नगर आयुक्त, एसडीओ सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में जैप-7 और जिला बल के हवलदारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में उपायुक्त ने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।4
- दनुआ घाटी सड़क दुर्घटना की उच्चस्तरीय संयुक्त जांच संपन्न: सुरक्षा मानकों को सख्त करने का निर्देश हजारीबाग: जिला अंतर्गत दनुआ घाटी में बीते 25 अप्रैल 2026 को हुई भीषण सड़क दुर्घटना, जिसमें 5 लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई थी, के कारणों की समीक्षा हेतु आज जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा दुर्घटना स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया गया। यह जांच अभियान हजारीबाग पुलिस अधीक्षक अमन कुमार एवं जिला परिवहन पदाधिकारी के संयुक्त नेतृत्व में चलाया गया। जांच दल का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के तकनीकी कारणों का पता लगाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना था। जांच टीम में शामिल मुख्य अधिकारी स्थल निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे: अमन कुमार, पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग। बैद्यनाथ कामती, जिला परिवहन पदाधिकारी। विजय गौतम, मोटर यान निरीक्षक (MVI)। बिरसू सिंह, मोटर यान निरीक्षक हजारीबाग । राहुल कुमार, डिप्टी मैनेजर, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)। मुकेश कुमार, इंजीनियर, NHAI। । सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य। जांच के मुख्य बिंदु और निष्कर्ष संयुक्त टीम द्वारा दुर्घटना स्थल के सूक्ष्म अवलोकन के बाद निम्नलिखित तथ्य सामने आए: तेज रफ्तार और लापरवाही: शुरुआती जांच के अनुसार, दुर्घटना का प्राथमिक कारण वाहन की अत्यधिक गति और चालक की लापरवाही प्रतीत होती है। एक लेन (One Lane) का पालन: सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय ने NHAI को सख्त निर्देश दिए कि उक्त क्षेत्र में 'सिंगल लेन' व्यवस्था को कड़ाई से लागू कराया जाए। साइन बोर्ड और चेतावनी: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में यात्रियों की सतर्कता हेतु अधिक से अधिक संख्या में साइन बोर्ड (Signage) और चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है। पुलिस अधीक्षक का वक्तव्य मौके पर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने कहा: "जान-माल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। दनुआ घाटी के खतरनाक मोड़ों पर तकनीकी सुधार के साथ-साथ प्रवर्तन (Enforcement) को सख्त किया जाएगा। NHAI को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सड़क सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए।" जिला प्रशासन आम नागरिकों से भी अपील करता है कि घाटी क्षेत्र में वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करें और सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक रहें। 2