शुक्रवार, 19 जून 2026 को पटना जिले के बख्तियारपुर थाना में खुशी का माहौल रहा, जब वहां पदस्थापित दारोगा कृष्णा कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर डीएसपी पद के लिए चयन होकर जिले का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस महकमे में खासा उत्साह देखा गया। सफलता की खबर मिलते ही थाना परिसर में सहकर्मियों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा और एसडीपीओ-1 आयुष श्रीवास्तव ने भी कृष्णा कुमारी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। मूल रूप से मधुबनी जिले के एक साधारण किसान परिवार से आने वाली कृष्णा कुमारी अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दरभंगा जिले में पूरी की और वर्ष 2018 में स्नातक की पढ़ाई संपन्न की। इसके बाद, 2019 में उन्होंने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की दारोगा भर्ती परीक्षा का फॉर्म भरा और वर्ष 2022 में चयनित होकर धनरूआ थाना में पहली नियुक्ति पाई। करीब दो वर्षों तक धनरूआ थाना में सेवा देने के उपरांत, वह पिछले एक वर्ष से बख्तियारपुर थाना में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। नौकरी के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए, कृष्णा कुमारी ने जनवरी 2026 में आयोजित 70वीं बीपीएससी परीक्षा में भी शानदार सफलता हासिल की। इस तरह, उन्होंने महज चार वर्षों में दारोगा से डीएसपी तक का सफर तय कर लिया। कृष्णा कुमारी ने अपनी इस सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।
शुक्रवार, 19 जून 2026 को पटना जिले के बख्तियारपुर थाना में खुशी का माहौल रहा, जब वहां पदस्थापित दारोगा कृष्णा कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर डीएसपी पद के लिए चयन होकर जिले का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस महकमे में खासा उत्साह देखा गया। सफलता की खबर मिलते ही थाना परिसर में सहकर्मियों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा और एसडीपीओ-1 आयुष श्रीवास्तव ने भी कृष्णा कुमारी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। मूल रूप से मधुबनी जिले के एक साधारण किसान परिवार से आने वाली कृष्णा कुमारी अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दरभंगा जिले में पूरी की और वर्ष 2018 में स्नातक की पढ़ाई संपन्न की। इसके बाद, 2019 में उन्होंने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की दारोगा भर्ती परीक्षा का फॉर्म भरा और वर्ष 2022 में चयनित होकर धनरूआ थाना में पहली नियुक्ति पाई। करीब दो वर्षों तक धनरूआ थाना में सेवा देने के उपरांत, वह पिछले एक वर्ष से बख्तियारपुर थाना में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। नौकरी के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए, कृष्णा कुमारी ने जनवरी 2026 में आयोजित 70वीं बीपीएससी परीक्षा में भी शानदार सफलता हासिल की। इस तरह, उन्होंने महज चार वर्षों में दारोगा से डीएसपी तक का सफर तय कर लिया। कृष्णा कुमारी ने अपनी इस सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।
- शुक्रवार, 19 जून 2026 को पटना जिले के बख्तियारपुर थाना में खुशी का माहौल रहा, जब वहां पदस्थापित दारोगा कृष्णा कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर डीएसपी पद के लिए चयन होकर जिले का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस महकमे में खासा उत्साह देखा गया। सफलता की खबर मिलते ही थाना परिसर में सहकर्मियों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा और एसडीपीओ-1 आयुष श्रीवास्तव ने भी कृष्णा कुमारी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। मूल रूप से मधुबनी जिले के एक साधारण किसान परिवार से आने वाली कृष्णा कुमारी अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दरभंगा जिले में पूरी की और वर्ष 2018 में स्नातक की पढ़ाई संपन्न की। इसके बाद, 2019 में उन्होंने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की दारोगा भर्ती परीक्षा का फॉर्म भरा और वर्ष 2022 में चयनित होकर धनरूआ थाना में पहली नियुक्ति पाई। करीब दो वर्षों तक धनरूआ थाना में सेवा देने के उपरांत, वह पिछले एक वर्ष से बख्तियारपुर थाना में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। नौकरी के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए, कृष्णा कुमारी ने जनवरी 2026 में आयोजित 70वीं बीपीएससी परीक्षा में भी शानदार सफलता हासिल की। इस तरह, उन्होंने महज चार वर्षों में दारोगा से डीएसपी तक का सफर तय कर लिया। कृष्णा कुमारी ने अपनी इस सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर स्थित डूबाहा पंचायत के डूबाहा मस्जिद रोड पर हमेशा पानी भरा रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि कोई भी नेता इस सड़क की मरम्मत पर ध्यान नहीं देना चाहता। इस स्थिति के पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि यह कमी खुद डूबाहा के मोहल्ले में है, जिसके चलते जनप्रतिनिधि इसकी उपेक्षा कर रहे हैं।1
- बाढ़ अनुमंडल के एनटीपीसी थाना क्षेत्र में बिजली के कटे हुए तार की चपेट में आने से एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान धनामा गांव निवासी तथा वर्तमान में गौरक्षणी में रह रहे विभु राम के रूप में हुई है। वह ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर अपने चार बच्चों का भरण-पोषण करते थे। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को कुछ देर के लिए जाम कर दिया। बताया गया कि विभु राम अपने मवेशियों के लिए घास काटने एनटीपीसी के समीप गए थे, तभी वह बिजली के कटे हुए तार की चपेट में आ गए और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए NH-31 पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर बाढ़-1 के एसडीपीओ रामकृष्ण, एनटीपीसी थाना के सब-इंस्पेक्टर दुर्गा सिन्हा, एसआई ज्ञान प्रकाश तथा विनीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मुआवजे का आश्वासन मिलने के बाद जाम हटवाया। इसके उपरांत, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- जन सुराज पार्टी के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कुमार विभूति ने बिहारशरीफ, नालंदा में बातचीत के दौरान राज्य के पारंपरिक व्यापारियों द्वारा ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार से स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए एक ठोस और संतुलित व्यापार नीति बनाने की पुरजोर मांग की है। विभूति ने व्यापार नीति के अतिरिक्त, बिहार से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। इनमें रोजगार के अवसर पैदा करने, पलायन की समस्या को रोकने, राज्य में शराबबंदी के प्रभाव, फुटपाथ वेंडरों की दैनिक चुनौतियाँ और बिहार में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने की आवश्यकता जैसे विषय शामिल थे। उनका स्पष्ट मानना है कि बिहार को आर्थिक रूप से तभी सशक्त बनाया जा सकता है, जब व्यापार और उद्योग के लिए एक अनुकूल और सहायक माहौल तैयार किया जाए।1
- दरभंगा पुस्तक मेले के अंतर्गत एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें साहित्य प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा सहित कई प्रसिद्ध कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। समय इंडिया ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विषयों पर अपनी प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने खूब तालियां बटोरीं। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं ने इन काव्य प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने बताया कि पुस्तक मेले का मुख्य उद्देश्य लोगों में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना और साहित्य तथा कला के प्रति रुचि विकसित करना है।1
- पुस्तक मेला के अंतर्गत एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें साहित्य प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।1
- नालंदा ब्लड बैंक द्वारा बिहार शरीफ के टाउन हॉल में एक रक्तदान वीर सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कॉंग्रेस नेता इंजीनियर टीपू ने शिरकत की।1
- बख्तियारपुर में शुक्रवार शाम 'लेट्स इंस्पायर बिहार' के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें सामूहिक प्रयासों और जन-जागरूकता की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने समाज के विभिन्न वर्गों तक जागरूकता पहुंचाने और युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के महत्व पर जोर दिया। इस दौरान, 'लेट्स इंस्पायर बिहार' संगठन के उद्देश्यों और उसके आगामी कार्यक्रमों के बारे में भी विस्तृत जानकारी साझा की गई। इस बैठक के सकारात्मक प्रभाव के चलते, कई लोगों ने संगठन से जुड़ने की इच्छा जताई और तुरंत सदस्यता ग्रहण की। वक्ताओं ने इस बात को रेखांकित किया कि समाज में वास्तविक और स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सभी के सामूहिक प्रयास और निरंतर जनजागरूकता बेहद आवश्यक है। उपस्थित लोगों ने संगठन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से जारी रखने की आवश्यकता व्यक्त की।1