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जयपुर सिरोली गांव में 75 वर्षीय रिटायर्ड घासीराम की 28 वर्षीय सुनीता मीणा, ऐंचैडी के साथ हुई दूसरी शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इस विवाह को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, और गांव में इसकी सच्चाई जानने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की प्रमाणिकता पर चिंता व्यक्त करते हुए यह पूछा जा रहा है कि यदि यह शादी सच है, तो लड़की के माता-पिता इतने निर्दयी और कठोर हृदय के कैसे हो सकते हैं।
Amrit Rajpurohit
जयपुर सिरोली गांव में 75 वर्षीय रिटायर्ड घासीराम की 28 वर्षीय सुनीता मीणा, ऐंचैडी के साथ हुई दूसरी शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इस विवाह को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, और गांव में इसकी सच्चाई जानने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की प्रमाणिकता पर चिंता व्यक्त करते हुए यह पूछा जा रहा है कि यदि यह शादी सच है, तो लड़की के माता-पिता इतने निर्दयी और कठोर हृदय के कैसे हो सकते हैं।
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- NEET परीक्षा के दौरान योगी की पुलिस ने एक सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार, एक छात्रा गलती से किसी और परीक्षा केंद्र पर पहुँच गई थी। इस स्थिति में, पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे अपनी कार में बिठाकर सही परीक्षा केंद्र तक पहुँचाया। इतना ही नहीं, छात्रा को देरी होने के बावजूद परीक्षा में बैठने दिया गया और उसने अपना एग्जाम सफलतापूर्वक दिया।1
- आज, 22 जून 2026 को चित्तौड़गढ़ स्थित श्रीसांवलिया सेठ के लाइव श्रंगार दर्शन उपलब्ध हैं, जिसके लिए 'जय हो!' का उद्घोष किया गया है। इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ताओं को सूचित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन्हें साझा करके कमाई करने हेतु शुरू ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।1
- महेश नवमी के अवसर पर निकलने वाली भव्य शोभायात्रा की तैयारियों में मातृशक्ति पूरे उत्साह के साथ जुटी हुई है। इस शोभायात्रा के लिए मातृशक्ति ने ढोल-नगाड़ों के साथ परेड अभ्यास किया, जिसमें उत्सव का माहौल स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।1
- एक टूर्नामेंट में नए प्लेयर बैजेस को लेकर खूब चर्चा हो रही है। ये बैजेस इस समय टूर्नामेंट से संबंधित बातचीत का मुख्य विषय बन गए हैं।1
- अफीम किसान संघ राजस्थान–मध्यप्रदेश के तत्वावधान में 21 जून 2026, रविवार को डूंगला तहसील क्षेत्र के अफीम किसान मुखियाओं की बैठक एलवा माता मंदिर, डूंगला में आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में अफीम किसानों ने डोडा चूरा नष्टीकरण आदेश, पिछले वर्षों के डोडा चूरा की मांग और पट्टे रोकने की धमकियों का कड़ा विरोध जताया। किसानों ने सरकार से उनके हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की, जबकि कपासन से आए प्रतिनिधिमंडल का किसानों ने उपरणा पहनाकर स्वागत किया। अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने किसानों को संबोधित करते हुए आगामी आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि अफीम किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 23 जून 2026 को सुबह 10 बजे डूंगला से एक विशाल अफीम किसान जागृति रैली निकाली जाएगी। यह रैली डूंगला से शुरू होकर बड़ी सादड़ी, कानोड़, बिल्डर, वल्लभनगर, मावली, भोपाल सागर, कपासन, राशमी, भदेसर, निम्बाहेड़ा, बेगूं, गंगरार और भीलवाड़ा जैसे विभिन्न स्थानों से होते हुए 26 जून की सुबह चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचेगी। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर किसान अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद वहीं पर महापड़ाव शुरू किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह महापड़ाव तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी 10 सूत्रीय मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती। अफीम किसान संघ ने रैली और महापड़ाव में अधिक से अधिक किसानों, जनप्रतिनिधियों, विधायकों, सांसदों, व्यापारियों और आमजन से सहयोग एवं समर्थन की अपील की है। संघ के अनुसार, रैली के दौरान विभिन्न स्थानों पर किसानों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा और महापड़ाव में अलग-अलग तहसीलों के किसान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शामिल होकर आंदोलन को मजबूत करेंगे।1
- दहेज मृत्यु के एक मामले को झूठा पाए जाने के बाद एक नया और गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ है। मामले की जाँच के दौरान जब्त किए गए करोड़ों रुपये के जेवर आखिर कहाँ गए? इस सवाल के जवाब में अधिकारियों द्वारा “बंदर ले गए” कहने से जनता में भारी रोष और अविश्वास का माहौल है। इस हैरान कर देने वाले जवाब के बाद अब जनता पूछ रही है कि आखिर इतना शातिर कौन निकला—बंदर, या कोई और? करोड़ों की कीमत के जेवरों के गायब होने और ऐसा बेतुका जवाब मिलने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आम लोग मांग कर रहे हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। यह भी रेखांकित किया गया है कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।1
- भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में चयनित होने के बाद अपना प्रशिक्षण पूर्ण कर पहली बार अपने पैतृक गांव गेणोली लौटे अग्निवीर जवान दिनेश माली का ग्रामीणों ने बड़े उत्साह और गौरव के साथ भव्य स्वागत किया। भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ स्थित उनके गांव गेणोली में जवान के सम्मान में पूरे क्षेत्र में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनका अभिवादन किया गया। गेणोली निवासी किसान कालूलाल माली के बेटे दिनेश माली का मांडलगढ़ चौराहे पर पहुंचते ही ग्रामीणों ने 'भारत माता के जयकारों' के साथ अभिनंदन किया। इसके उपरांत गांव में ढोल नगाड़े और डीजे पर एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें फूल मालाएं पहनाकर और साफ़ बांधकर उनका सम्मान किया गया, जिससे पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। ग्रामीणों ने इस अवसर पर कहा कि दिनेश माली की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं को सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित करेगी। इस भव्य स्वागत समारोह में युवाओं से लेकर बड़े बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जवान के उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता किशन माली, दुर्गा माली, भूरालाल माली, देव माली, गणपत माली, नाथू माली, लादू माली, जगदीश माली सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।4
- विदिशा से सामने आई एक हृदय विदारक घटना ने कई लोगों को भावुक कर दिया है, जहाँ री-नीट परीक्षा देने आईं तीन छात्राएँ परीक्षा में शामिल नहीं हो पाईं। इन छात्राओं को बायोमेट्रिक संबंधी दिक्कतों और उनके प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) में हुई गलतियों के कारण परीक्षा से वंचित रहना पड़ा। इस घटना से जुड़ीं हर छात्रा के पीछे उनके माता-पिता भी मौजूद थे, जिनकी बरसों की उम्मीदें, त्याग और सपने इन परीक्षाओं से जुड़े थे। जिसने भी यह दुखद पल देखा, वह भावुक हो गया। इस पूरे वाकये को देखते हुए, “सिस्टम” की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, और यह पूछा गया है कि आखिर इसे जनता के हित में कब बनाया जाएगा।1