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हरदोई के शाहाबाद में एसडीएम एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं, जहां उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक महिला लेखपाल ने शाहाबाद एसडीएम पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता महिला लेखपाल के अनुसार, एसडीएम ने उनके साथ अभद्रता की और उनके खिलाफ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। इन आरोपों के चलते एसडीएम के खिलाफ हंगामा शुरू हो गया है, और अधिवक्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया है।
Ramveer
हरदोई के शाहाबाद में एसडीएम एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं, जहां उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक महिला लेखपाल ने शाहाबाद एसडीएम पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता महिला लेखपाल के अनुसार, एसडीएम ने उनके साथ अभद्रता की और उनके खिलाफ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। इन आरोपों के चलते एसडीएम के खिलाफ हंगामा शुरू हो गया है, और अधिवक्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया है।
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- बरेली में थाना बारादरी क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस विभाग के एक उपनिरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने शिकायत में कहा है कि उपनिरीक्षक ने उसे शादी और नौकरी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया, उसका गर्भपात कराया, उसके साथ मारपीट की और धोखाधड़ी भी की। इस संबंध में महिला ने एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अधिकारियों ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि उन्हें शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।1
- हरदोई के शाहाबाद सर्किल में आईपीएस आलोक राज नारायण ने अवैध वसूली करने वाले तत्वों के खिलाफ एक बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने सादी वर्दी में मौके पर पहुँचकर अवैध वसूली में कथित तौर पर संलिप्त तीन आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा और गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुन्ना, फुरकान और सज्जन के रूप में की गई है। पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है और उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए मुकदमा भी दर्ज किया जा रहा है। इस सख्त कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में अवैध वसूली करने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनसामान्य को परेशान करने वाले और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, और ऐसे लोगों के खिलाफ आगे भी कठोर अभियान जारी रहेगा।1
- थाना भुता, #bareillypolice ने एक हत्या के अभियोग का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस की विवेचना में यह सामने आया कि मामले का मुकदमा वादी ही हत्या का अभियुक्त था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी फरीदपुर, बरेली, श्री संदीप सिंह की बाइट के माध्यम से दी गई है।1
- बरेली के थाना मीरगंज क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां मीरगंज के जोनर इलाके में एक 4 साल के मासूम बच्चे की गड्ढे में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक दरोगा पर शादी का झांसा देकर एक महिला से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पीड़िता का आरोप है कि दरोगा ने उससे शादी का वादा किया और फिर उसका शारीरिक शोषण किया। इसके बाद जब महिला गर्भवती हो गई, तो दरोगा ने उस पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव डाला और कथित तौर पर जबरन गर्भपात करवा दिया। यह पूरा मामला अब डीआईजी स्तर तक पहुँच गया है, जहाँ इस पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।1
- मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, वैशाली ने बरेली के श्री जी बरेली गोल्डन हॉस्पिटल में हेड एंड नेक कैंसर विशेषज्ञ ओपीडी सेवाओं की शुरुआत की है। इस पहल के तहत, हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. सौरभ कुमार अरोड़ा और कंसल्टेंट डॉ. भव्या मिश्रा प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को मरीजों को परामर्श और फॉलो-अप सेवाएं प्रदान करेंगे। डॉ. सौरभ कुमार अरोड़ा ने इस दौरान बताया कि मुंह में लंबे समय तक रहने वाले घावों, निगलने में परेशानी, आवाज का बैठ जाना या गर्दन में गांठ जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय पर जांच से कैंसर का सफल इलाज संभव है और आधुनिक तकनीकों से बेहतर परिणाम मिलते हैं। डॉ. भव्या मिश्रा ने आगे स्पष्ट किया कि इस नई ओपीडी से बरेली और आसपास के मरीजों को अपने शहर के पास ही विशेषज्ञ सलाह, सेकेंड ओपिनियन, उपचार योजना और फॉलो-अप की सुविधा मिल पाएगी, जिससे कैंसर की शुरुआती पहचान और समय पर इलाज में मदद मिलेगी।1
- हरदोई के शाहाबाद में एसडीएम एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं, जहां उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक महिला लेखपाल ने शाहाबाद एसडीएम पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता महिला लेखपाल के अनुसार, एसडीएम ने उनके साथ अभद्रता की और उनके खिलाफ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। इन आरोपों के चलते एसडीएम के खिलाफ हंगामा शुरू हो गया है, और अधिवक्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया है।1
- बरेली कचहरी परिसर में स्थित चैंबर नंबर-26 को लेकर दो अधिवक्ताओं, मेराज अहमद और मोहम्मद अशरफ अली खान, के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। एक पक्ष ने ब्लेड से हमला करने, मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरे पक्ष ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए शिकायतकर्ता पर खुद को ब्लेड मारकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों ने थाना कोतवाली में अलग-अलग तहरीर दी है, और इस घटना में घायल अधिवक्ता का मेडिकल भी कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अधिवक्ता मेराज अहमद का कहना है कि वे वर्ष 1994 से पंजीकृत अधिवक्ता हैं और उन्होंने यह चैंबर वर्ष 2005 में अधिवक्ता आशीष पाराशरी से लिया था, जिसके दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। मेराज अहमद ने आरोप लगाया कि मोहम्मद अशरफ अली खान पहले उनके जूनियर के रूप में विधिक कार्य सीखते थे। मेराज अहमद के अनुसार, जब वे हज यात्रा पर गए थे, तब उन्होंने चैंबर और मुकदमों की फाइलों की देखभाल की जिम्मेदारी अशरफ को सौंपी थी। इसी दौरान, उनके नाम का बोर्ड हटा दिया गया, फाइलें और अन्य सामान गायब कर दिया गया और चैंबर पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। मेराज अहमद ने आरोप लगाया कि सोमवार को जब उन्होंने इस संबंध में विरोध किया तो अशरफ अली खान ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और पेपर कटर ब्लेड से कई वार किए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उनके पास रखी नकदी और डायरी छीन ली गई, मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया, तथा कुछ अन्य लोगों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके विपरीत, अधिवक्ता मोहम्मद अशरफ अली खान ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे वर्ष 2010 से उक्त चैंबर में नियमित रूप से बैठकर वकालत कर रहे हैं। अशरफ अली खान के अनुसार, मेराज अहमद सरकारी शिक्षक बनने के बाद चैंबर छोड़ चुके थे और वर्ष 2010 में उन्होंने 50 हजार रुपये लेकर चैंबर का कब्जा उन्हें दे दिया था, जिसका लिखित प्रमाण उनके पास मौजूद है। अशरफ अली खान ने आरोप लगाया कि सोमवार को मेराज अहमद उनके चैंबर में आए, गाली-गलौज की और वहां रखी फाइलें फेंकने लगे। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय कई अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे। उनके अनुसार, मेराज अहमद ने स्वयं अपनी जेब से ब्लेड निकालकर खुद को चोट पहुंचाई और झूठा मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। अशरफ अली खान ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया है कि दोनों शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है, और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।1