बरेली में 07 जून 2026 को थाना बारादरी पुलिस और एसओजी टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई में फर्जी कंपनी के माध्यम से हवाला कारोबार संचालित कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से ₹35 लाख नकद, चार मोबाइल फोन और दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहन धावड़ी क्षेत्र से जगदीश चोटिया पुत्र उमराव, निवासी माधोवाड़ी, थाना बारादरी (मूल निवासी राजस्थान) और जमीर अहमद पुत्र रफीक अहमद, निवासी हजियापुर चुंगी, थाना बारादरी के रूप में हुई है। पुलिस को यह सफलता मुखबिर की सूचना पर मिली। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बंद पड़ी "केजीएन" कंपनी के नाम पर बैंक खाते संचालित करते थे, जिसके जरिए विभिन्न स्थानों से धनराशि मंगाई जाती थी। यह रकम फिर हवाला नेटवर्क के माध्यम से टोकन प्रणाली द्वारा संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह धनराशि संदिग्ध गतिविधियों में उपयोग की जा रही थी। जमीर अहमद ने बताया कि उसने व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में आए जीशान अली के कहने पर मोईन अली के नाम से फर्जी कंपनी और बैंक खाता खुलवाया था। वहीं, जगदीश चोटिया ने स्वीकार किया कि वह पिछले चार वर्षों से इस हवाला कारोबार से जुड़ा है और कमीशन लेकर राजस्थान तथा बरेली के बीच धन का लेनदेन कराता था। इस मामले की जांच में जीशान अली, मोईन अली, लालचन्द और धमाराम की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनकी भूमिका की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। थाना बारादरी में इस संबंध में मु0अ0सं0 752/2026 के तहत धारा 61(2), 111, 318(4), 336(3), 338 एवं 340(2) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विजेन्द्र सिंह, एसओजी निरीक्षक देवेन्द्र सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिवेन्द्र सिंह भदौरिया, उपनिरीक्षक कुशलपाल सिंह सहित कुल आठ पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और अन्य संबंधित व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।
बरेली में 07 जून 2026 को थाना बारादरी पुलिस और एसओजी टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई में फर्जी कंपनी के माध्यम से हवाला कारोबार संचालित कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से ₹35 लाख नकद, चार मोबाइल फोन और दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहन धावड़ी क्षेत्र से जगदीश चोटिया पुत्र उमराव, निवासी माधोवाड़ी, थाना बारादरी (मूल निवासी राजस्थान) और जमीर अहमद पुत्र रफीक अहमद, निवासी हजियापुर चुंगी,
थाना बारादरी के रूप में हुई है। पुलिस को यह सफलता मुखबिर की सूचना पर मिली। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बंद पड़ी "केजीएन" कंपनी के नाम पर बैंक खाते संचालित करते थे, जिसके जरिए विभिन्न स्थानों से धनराशि मंगाई जाती थी। यह रकम फिर हवाला नेटवर्क के माध्यम से टोकन प्रणाली द्वारा संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह धनराशि संदिग्ध गतिविधियों में उपयोग की जा रही थी। जमीर
अहमद ने बताया कि उसने व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में आए जीशान अली के कहने पर मोईन अली के नाम से फर्जी कंपनी और बैंक खाता खुलवाया था। वहीं, जगदीश चोटिया ने स्वीकार किया कि वह पिछले चार वर्षों से इस हवाला कारोबार से जुड़ा है और कमीशन लेकर राजस्थान तथा बरेली के बीच धन का लेनदेन कराता था। इस मामले की जांच में जीशान अली, मोईन अली, लालचन्द और धमाराम की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनकी भूमिका की पुलिस
द्वारा जांच की जा रही है। थाना बारादरी में इस संबंध में मु0अ0सं0 752/2026 के तहत धारा 61(2), 111, 318(4), 336(3), 338 एवं 340(2) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विजेन्द्र सिंह, एसओजी निरीक्षक देवेन्द्र सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिवेन्द्र सिंह भदौरिया, उपनिरीक्षक कुशलपाल सिंह सहित कुल आठ पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और अन्य संबंधित व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।
- बरेली में 07 जून 2026 को थाना बारादरी पुलिस और एसओजी टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई में फर्जी कंपनी के माध्यम से हवाला कारोबार संचालित कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से ₹35 लाख नकद, चार मोबाइल फोन और दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहन धावड़ी क्षेत्र से जगदीश चोटिया पुत्र उमराव, निवासी माधोवाड़ी, थाना बारादरी (मूल निवासी राजस्थान) और जमीर अहमद पुत्र रफीक अहमद, निवासी हजियापुर चुंगी, थाना बारादरी के रूप में हुई है। पुलिस को यह सफलता मुखबिर की सूचना पर मिली। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बंद पड़ी "केजीएन" कंपनी के नाम पर बैंक खाते संचालित करते थे, जिसके जरिए विभिन्न स्थानों से धनराशि मंगाई जाती थी। यह रकम फिर हवाला नेटवर्क के माध्यम से टोकन प्रणाली द्वारा संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह धनराशि संदिग्ध गतिविधियों में उपयोग की जा रही थी। जमीर अहमद ने बताया कि उसने व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में आए जीशान अली के कहने पर मोईन अली के नाम से फर्जी कंपनी और बैंक खाता खुलवाया था। वहीं, जगदीश चोटिया ने स्वीकार किया कि वह पिछले चार वर्षों से इस हवाला कारोबार से जुड़ा है और कमीशन लेकर राजस्थान तथा बरेली के बीच धन का लेनदेन कराता था। इस मामले की जांच में जीशान अली, मोईन अली, लालचन्द और धमाराम की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनकी भूमिका की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। थाना बारादरी में इस संबंध में मु0अ0सं0 752/2026 के तहत धारा 61(2), 111, 318(4), 336(3), 338 एवं 340(2) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विजेन्द्र सिंह, एसओजी निरीक्षक देवेन्द्र सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिवेन्द्र सिंह भदौरिया, उपनिरीक्षक कुशलपाल सिंह सहित कुल आठ पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और अन्य संबंधित व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।4
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में रिछोला से गजरौला मार्ग पर बनी सड़क मात्र एक साल के भीतर ही पूरी तरह से जर्जर हो गई है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई इस सड़क की इतनी जल्दी खराब हालत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, खासकर यह देखते हुए कि इसके निर्माण में कथित तौर पर उच्च तकनीक का उपयोग किया गया था। यह स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संभावित भ्रष्टाचार को लेकर प्रश्नचिह्न लगाती है। लोगों से इस संबंध में राय मांगी जा रही है कि सड़क के जल्द खराब होने के लिए निर्माण की गुणवत्ता जिम्मेदार है या फिर यह भ्रष्टाचार का परिणाम है।1
- पीलीभीत जिले के अमरिया थाना क्षेत्र के हरहरपुर धुरा गांव में एक युवक का शव गन्ने के खेत से बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, युवक पिछले छह दिनों से लापता था। परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए आरोप लगाया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया थाना क्षेत्र के हरपुर हसन गांव में एक युवक का शव गन्ने के खेत से बरामद किया गया है। यह युवक पिछले चार दिनों से लापता बताया जा रहा था। शव मिलने के बाद परिजनों ने उसकी हत्या का आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलने पर अमरिया पुलिस और अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे, जिन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- सहारनपुर जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस ने पशु चोरों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। थाना नांगल पुलिस द्वारा की गई एक मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके साथी को कांबिंग के दौरान दबोच लिया गया। पुलिस ने इन पशु चोरों के कब्जे से चोरी की गई एक भैंस और अवैध हथियार बरामद किया है। यह घटना तब हुई जब नांगल पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति एक भैंस को लेकर दिल्ली-हरिद्वार निर्माणाधीन हाईवे के पास जंगल क्षेत्र से गुजर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी की। खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि दूसरे बदमाश को भागते समय गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान नासिर पुत्र कय्यूम कुरैशी और नदीम पुत्र महताब तेली के रूप में हुई है, जो ग्राम पाण्डौली, थाना नांगल के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद की गई भैंस कुछ दिन पहले रसूलपुर खेड़ी गांव से चोरी की गई थी। नांगल पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक .315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और चोरी की गई जिंदा भैंस बरामद की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।2
- बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में एक पति-पत्नी के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पत्नी ने थाने में जमकर हंगामा किया, वहीं पति ने भी कुछ ऐसा 'करिश्मा' दिखाया जिसे देखकर मौके पर मौजूद सभी लोग सोचने पर मजबूर हो गए।1
- बरेली के थाना भोजीपुरा पुलिस ने अवैध खनन पर रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 06 जून 2026 को बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस टीम ने अवैध खनन में लिप्त सात ट्रैक्टरों को सीज कर दिया। पुलिस टीम द्वारा वाहनों की चेकिंग के दौरान, अवैध खनन में प्रयुक्त किए जा रहे कई ट्रैक्टरों के मालिक पुलिस को देखकर अपने वाहनों को मौके पर ही छोड़कर भाग गए। पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत मौके पर मिले सभी सात ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया, जिनमें UP25CD8101, UP25CW2886, UP25CQ2467, UP25DV2550, UP25AQ2458, UP50AB5488, और UP25DU7517 नंबर के वाहन शामिल हैं। सीज किए गए इन ट्रैक्टरों को निजी चालकों के माध्यम से थाने लाया गया और रोजनामचा आम में दर्ज करने के बाद थाना परिसर में खड़ा किया गया। यह पूरी कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक श्री कुंवर बहादुर सिंह और उप-निरीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।4
- पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ छह दिन से लापता एक युवक का सड़ा-गला शव गन्ने के खेत से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हरहरपुर धुरा गांव का रहने वाला 20 वर्षीय शिवकुमार 1 जून की सुबह अपने घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा और परिजनों ने उसी दिन उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। रविवार सुबह, खेत मालिक को गन्ने के खेत से तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने तलाश की तो शिवकुमार का शव खेत के अंदर मिला। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों ने पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए गांव के ही एक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले पोल्ट्री फार्म में आग लगने के मामले को लेकर विवाद चल रहा था और 1 जून को ही दोनों पक्षों के बीच समझौते की बातचीत भी होनी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और क्षेत्राधिकारी नताशा गोयल मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।1