राष्ट्रीय कवि जगदीश सोलंकी ने सरस्वती कॉलोनी स्थित अपने आवास पर डॉ. प्रभात कुमार सिंघल द्वारा लिखित बाल पुस्तक 'आओ बच्चों घूमें अलबेला राजस्थान' का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक साहित्य की अत्यंत आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें कविता और कहानियों के साथ-साथ आधुनिक विषयों को भी शामिल किया गया हो। सोलंकी ने इस पुस्तक को एक सार्थक और लीक से हटकर किया गया प्रयास बताया, साथ ही कहा कि पर्यावरण, विज्ञान, सूचना क्रांति और तकनीकी जैसे विषयों पर बाल साहित्य लेखन वर्तमान समय की मांग है। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने भी इस प्रकार के साहित्य को बच्चों के लिए नए ज्ञान के द्वार खोलने वाला करार दिया। पुस्तक के लेखक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल ने बताया कि यह कृति राजस्थान की कला, संस्कृति और पर्यटन को केंद्र में रखकर 24 अध्यायों में तैयार की गई है। प्रत्येक अध्याय के साथ दिए गए आकर्षक रेखाचित्र बच्चों में पढ़ने के प्रति उत्सुकता बढ़ाते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किशोर आयु वर्ग के लिए लिखी गई यह पुस्तक घर बैठे राजस्थान को जानने और समझने के लिए एक उपयोगी पर्यटन गाइड के रूप में भी कार्य करेगी। कार्यक्रम में पत्रकार के.डी. अब्बासी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय कवि जगदीश सोलंकी ने सरस्वती कॉलोनी स्थित अपने आवास पर डॉ. प्रभात कुमार सिंघल द्वारा लिखित बाल पुस्तक 'आओ बच्चों घूमें अलबेला राजस्थान' का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक साहित्य की अत्यंत आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें कविता और कहानियों के साथ-साथ आधुनिक विषयों को भी शामिल किया गया हो। सोलंकी ने इस पुस्तक को एक सार्थक और लीक से हटकर किया गया प्रयास बताया, साथ ही कहा कि पर्यावरण, विज्ञान, सूचना क्रांति और तकनीकी जैसे विषयों पर बाल साहित्य लेखन वर्तमान समय की मांग है। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने भी इस प्रकार के साहित्य को बच्चों के लिए नए ज्ञान के द्वार खोलने वाला करार दिया। पुस्तक के लेखक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल ने बताया कि यह कृति राजस्थान की कला, संस्कृति और पर्यटन को केंद्र में रखकर 24 अध्यायों में तैयार की गई है। प्रत्येक अध्याय के साथ दिए गए आकर्षक रेखाचित्र बच्चों में पढ़ने के प्रति उत्सुकता बढ़ाते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किशोर आयु वर्ग के लिए लिखी गई यह पुस्तक घर बैठे राजस्थान को जानने और समझने के लिए एक उपयोगी पर्यटन गाइड के रूप में भी कार्य करेगी। कार्यक्रम में पत्रकार के.डी. अब्बासी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
- कोटा के जेडीबी परीक्षा केंद्र पर नीट-यूजी की री-एग्जाम में शामिल होने से पहले छात्रों को कड़ी जांच से गुजरना पड़ रहा है, जिसे एक 'बड़ी परीक्षा' के रूप में वर्णित किया गया है। प्रवेश के दौरान, एक छात्रा अपनी कान की बाली नहीं निकाल पाई, जिसके बाद सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी को उसे कैंची से काटना पड़ा। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं कि क्या इस तरह की अत्यधिक सख्ती से नकल या पेपर लीक की समस्या वास्तव में रुक जाएगी। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि नकल और पेपर लीक के पीछे कौन लोग हैं, यह सबको पता है, लेकिन उन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं होती, जिसे एक मुश्किल सवाल बताया गया है।1
- कोटा के संजय नगर इलाके में हुसैनी लंगर कमेटी द्वारा हुसैनी लंगर का आयोजन किया गया। कमेटी के सदर आवेश खान के नेतृत्व में आयोजित इस 'खिदमत-ए-खल्क' (जनसेवा) कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और लंगर ग्रहण किया। इस दौरान कमेटी के जिम्मेदारान और कार्यकर्ताओं ने मिलकर लोगों में लंगर वितरित किया। आवेश खान ने बताया कि इस हुसैनी लंगर का मुख्य उद्देश्य इंसानियत, भाईचारे के साथ-साथ आपसी मोहब्बत और सौहार्द को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में इलाके के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस नेक पहल की जमकर सराहना की।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मेरठ (उत्तर प्रदेश) स्थित कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब मुफ्त योगा मैट पाने के लिए लोगों में होड़ लग गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कई लोग योगा मैट लेने के लिए एक-दूसरे से खींचतान करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस स्थिति के कारण कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए अव्यवस्था उत्पन्न हो गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। बताया गया है कि इस कार्यक्रम में कई वीआईपी अतिथि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे, हालांकि घटना में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।1
- एसीबी कोटा ने पुलिस लाइन कोटा शहर के कांस्टेबल (चालक) हरि ओम को ₹7000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी को एक झूठे प्रकरण में समझौता कराने के एवज में रिश्वत की यह राशि लेते पकड़ा गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार, यह कार्रवाई जयपुर एसीबी मुख्यालय के निर्देशों पर कोटा एसीबी यूनिट द्वारा की गई।1
- राजस्थान के कोटा स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में NEET 2026 के पेपर की समीक्षा की गई है।1
- रविवार को कोटा शहर में आई तेज आंधी और बारिश ने कई स्थानों पर भारी नुकसान पहुँचाया। अचानक बदले मौसम के चलते शहर के विभिन्न इलाकों में कई पेड़ धराशायी हो गए, वहीं तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर टिनशेड भी उड़ते नजर आए। आंधी और बारिश के चलते कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचकर सड़कों से गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने के काम में जुटी रहीं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवा और बारिश होने की संभावना जताई है।4
- यह जानकारी दी गई है कि राय सागर झील द्वारकाधीश मंदिर के बिलकुल निकट स्थित है। यह वही राय सागर झील है जो द्वारकाधीश जी के मंदिर के पास है।1
- मध्य प्रदेश के विदिशा से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने नकल रोकने के नाम पर छात्रों को 'टॉर्चर' किए जाने और परीक्षा नियमों की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पोस्ट के अनुसार, परीक्षा से ठीक पहले बच्चों को इतना टॉर्चर किया जाता है कि वे तनाव में आ जाते हैं, और केवल 2 मिनट की देरी होने पर भी उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाता। वीडियो में एक मजबूर पिता को दिखाया गया है जो री-नीट-यूजी परीक्षा के लिए अपने बच्चे को समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचा सके, क्योंकि रास्ते में उनकी बाइक पंक्चर हो गई थी। इस कारण उनके बच्चे को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं मिला। यह घटना केवल एक परीक्षा छूटने का मामला नहीं है, बल्कि ऐसे सैकड़ों बच्चों की कहानी है जो एक या दो मिनट की देरी से अपनी परीक्षा नहीं दे पाते। पोस्ट में इसे उस 'मिडिल क्लास' व्यक्ति के सपनों के मर जाने का मामला बताया गया है, जिसे मौजूदा सरकार की नीतियों ने पहले ही कहीं का नहीं छोड़ा है। सिस्टम से ऐसे मामलों में थोड़ी संवेदनशीलता दिखाने की मांग की गई है, क्योंकि नियमों और कायदों के उद्देश्य पर भी सवाल उठाया गया है।1