भोजपुर जिला आज शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहाँ इसकी उपलब्धियाँ और विकास परियोजनाएँ एक नई पहचान बन रही हैं। जिले में बिहार का पहला मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल, राज्य का दूसरा कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज, राज्य का पहला मॉडल सदर अस्पताल और राज्य का दूसरा सबसे बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ संचालित हैं। इसके अतिरिक्त, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज और लगभग हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज जैसी शिक्षा संबंधी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी भोजपुर में कई बड़े कार्य हो रहे हैं। इनमें आरा रेलवे स्टेशन, कुल्हड़िया, उदवंतनगर और जगजीवन राम रेलवे स्टेशन का विस्तार शामिल है। सड़क परियोजनाओं में आरा रिंग रोड का निर्माण, बक्सर-आरा-पटना फोरलेन, पटना-आरा-सासाराम फोरलेन, गंगा नदी के किनारे मनेर-आरा-बक्सर फोरलेन सड़क परियोजना और आरा-छपरा सिक्स लेन सड़क परियोजना प्रमुख हैं। सोन नदी के किनारे बाढ़ नियंत्रण बांध के साथ सड़क निर्माण और पीपा पुल के स्थान पर स्थायी पक्के पुल का निर्माण भी प्रगति पर है। कोईलवर रेल पुल के समानांतर एक और रेल पुल का निर्माण भी हो रहा है। औद्योगिक विकास के लिए बहियां, तरारी और गीधा औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। इन सभी के अलावा, अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएँ प्रस्तावित और निर्माणाधीन हैं, जो आने वाले समय में भोजपुर की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम करेंगी। 'विकसित भोजपुर, समृद्ध भोजपुर' के संकल्प के साथ यह जिला धीरे-धीरे समृद्धि और विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।
भोजपुर जिला आज शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहाँ इसकी उपलब्धियाँ और विकास परियोजनाएँ एक नई पहचान बन रही हैं। जिले में बिहार का पहला मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल, राज्य का दूसरा कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज, राज्य का पहला मॉडल सदर अस्पताल और राज्य का दूसरा सबसे बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ संचालित हैं। इसके अतिरिक्त, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज और लगभग हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज जैसी शिक्षा संबंधी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी भोजपुर में कई बड़े कार्य हो रहे हैं। इनमें आरा रेलवे स्टेशन, कुल्हड़िया, उदवंतनगर और जगजीवन राम रेलवे स्टेशन का विस्तार शामिल है। सड़क परियोजनाओं में आरा रिंग रोड का निर्माण, बक्सर-आरा-पटना फोरलेन, पटना-आरा-सासाराम फोरलेन, गंगा नदी के किनारे मनेर-आरा-बक्सर फोरलेन सड़क परियोजना और आरा-छपरा सिक्स लेन सड़क परियोजना प्रमुख हैं। सोन नदी के किनारे बाढ़ नियंत्रण बांध के साथ सड़क निर्माण और पीपा पुल के स्थान पर स्थायी पक्के पुल का निर्माण भी प्रगति पर है। कोईलवर रेल पुल के समानांतर एक और रेल पुल का निर्माण भी हो रहा है। औद्योगिक विकास के लिए बहियां, तरारी और गीधा औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। इन सभी के अलावा, अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएँ प्रस्तावित और निर्माणाधीन हैं, जो आने वाले समय में भोजपुर की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम करेंगी। 'विकसित भोजपुर, समृद्ध भोजपुर' के संकल्प के साथ यह जिला धीरे-धीरे समृद्धि और विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।
- आरा में माननीय उच्च न्यायालय, पटना और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भोजपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 21 जून 2026 के उपलक्ष्य में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार भोजपुर, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 के साथ अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, जिला बार एसोसिएशन के सचिव, न्यायालय कर्मी तथा अधिवक्तागण ने भी इस आयोजन में भाग लिया। योग प्रशिक्षक गजानन गुनजन और कार्तिक कुंदन के कुशल मार्गदर्शन में सभी उपस्थित लोगों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, प्राणायाम एवं ध्यान सहित विभिन्न योगाभ्यास किए। योग शिक्षकों ने प्रतिभागियों को योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में बताया और दैनिक जीवन में इसे अपनाने पर जोर दिया। अपने संबोधन में, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि योग तनाव मुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य एवं कार्य दक्षता के लिए अत्यंत आवश्यक है, और न्यायिक कार्यों की व्यस्तता के बावजूद सभी को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम के समापन पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव द्वारा योग प्रशिक्षकों गजानन गुनजन और कार्तिक कुंदन को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।4
- भरत तिवारी की मृत्यु के उपरांत, उनकी बड़ी बहन ने बेलोटी घर में हुई बातचीत के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके इस बयान को लेकर अब व्यापक चर्चा हो रही है।1
- केन्द्रीय विद्यालय सीआरपीएफ झपहाँ, मुजफ्फरपुर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे योग के प्रति उनकी गहरी जागरूकता और समर्पण स्पष्ट हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मंजू देवी सिंह ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। अपने संबोधन में उन्होंने योग को स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आत्मिक विकास का एक सशक्त माध्यम बताया, और सभी को इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया। योग दिवस के उपलक्ष्य में, विद्यालय में योग आधारित निबंध प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता, कविता पाठ और चित्रकला प्रतियोगिता जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का भी सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन श्री संजीत कुमार ने किया, जिन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली, योग के महत्व, सकारात्मक सोच और अच्छे संस्कारों को अपनाने पर विस्तार से जानकारी दी। विद्यालय के खेल शिक्षक श्री अरविंद कुमार ने विद्यार्थियों को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया और नियमित योगाभ्यास से शरीर के स्वस्थ रहने, मन के एकाग्र होने और जीवन के संतुलित रहने जैसे उनके शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस प्रेरणादायक आयोजन के अंत में, सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नियमित रूप से योग करने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण श्री बी.के. सिंह, श्री बीरेन्द्र प्रसाद, श्रीमती अर्चना राय, श्री प्रकाश गुप्ता, श्रीमती अंजना शर्मा, श्रीमती ज्योति रानी, श्री अरविंद मधुकर, श्री ओम प्रकाश, श्री कमोद पाठक एवं श्री गुलशन कुमार भी उपस्थित थे।4
- आरा में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। इस घटना पर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि सरकार असली अपराधियों का कुछ नहीं बिगाड़ पा रही है, लेकिन जो लोग सरकार की गलतियों को उजागर करते हैं, उन्हें फर्जी एनकाउंटर के ज़रिए खत्म कर देगी। इस पूरे मामले में बिहार पुलिस और बिहार सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं, और विशेष रूप से 'सातवीं फेल मुख्यमंत्री' तथा सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा गया है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर रविवार को छपरा शहर के खेल भवन में एक जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय विधायक, छपरा श्रीमती छोटी कुमारी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सारण श्री पुनीत कुमार गर्ग, जिलाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव और उप विकास आयुक्त श्री लक्ष्मण तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान योग के महत्व पर प्रकाश डाला गया; इसे स्वस्थ जीवन शैली का अभिन्न अंग बताते हुए कहा गया कि यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन एवं आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, जिससे व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन व्यतीत कर सकता है। प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया, जिसमें उन्होंने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है और यह स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योग करने एवं अपने परिवार तथा समाज को भी योग के प्रति जागरूक करने की अपील की। इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न जिला स्तरीय पदाधिकारी, खेल विभाग के अधिकारी, स्थानीय खिलाड़ी, युवा, छात्र-छात्राएं तथा आम नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए नियमित योग करने के संकल्प के साथ हुआ।4
- पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के संबंध में बिलौटी पहुंचे, जहाँ उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने भरत तिवारी की मां से दुखद घटना के बारे में विशेष जानकारियां लीं। चौबे ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि देश को ऐसे देशभक्तों की जरूरत है।1
- भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की मौत के मामले ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। इस घटना पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सवाल उठाया है कि यदि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, तो उसे गोली क्यों मारी गई? चौबे ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अश्विनी चौबे ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक युवक की मौत का मामला नहीं है, बल्कि कानून के राज और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरेंडर के बाद किसी को गोली मारना लोकतंत्र और कानून, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चौबे ने यह भी मांग की कि यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने और सच्चाई सामने लाने का अल्टीमेटम भी दिया है। उनके इस बयान के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है, क्योंकि सत्ता पक्ष के भीतर से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल, भरत तिवारी की मौत के मामले में परिजनों, ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय की मांग की जा रही है।2
- बिलौटी गांव से की गई ग्राउंड जीरो रिपोर्टिंग में भरत तिवारी की मौत से संबंधित कई तथ्य सामने आए हैं। भरत तिवारी के निधन के बाद से उनके घर पर राजनेताओं का लगातार आना-जाना लगा हुआ है। संजय श्रीवास्तव द्वारा बिलौटी गांव स्थित घटना स्थल से यह रिपोर्ट दी गई है।1
- सारण क्षेत्र के छपरा में प्रशिक्षु सिपाहियों का दीक्षांत परेड समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह समारोह पुलिस उप महानिरीक्षक, सारण क्षेत्र, छपरा और वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण की उपस्थिति में आयोजित किया गया।1