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आरा में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। इस घटना पर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि सरकार असली अपराधियों का कुछ नहीं बिगाड़ पा रही है, लेकिन जो लोग सरकार की गलतियों को उजागर करते हैं, उन्हें फर्जी एनकाउंटर के ज़रिए खत्म कर देगी। इस पूरे मामले में बिहार पुलिस और बिहार सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं, और विशेष रूप से 'सातवीं फेल मुख्यमंत्री' तथा सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा गया है।
Saroj kumar (pk)
आरा में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। इस घटना पर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि सरकार असली अपराधियों का कुछ नहीं बिगाड़ पा रही है, लेकिन जो लोग सरकार की गलतियों को उजागर करते हैं, उन्हें फर्जी एनकाउंटर के ज़रिए खत्म कर देगी। इस पूरे मामले में बिहार पुलिस और बिहार सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं, और विशेष रूप से 'सातवीं फेल मुख्यमंत्री' तथा सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा गया है।
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- आरा में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। इस घटना पर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि सरकार असली अपराधियों का कुछ नहीं बिगाड़ पा रही है, लेकिन जो लोग सरकार की गलतियों को उजागर करते हैं, उन्हें फर्जी एनकाउंटर के ज़रिए खत्म कर देगी। इस पूरे मामले में बिहार पुलिस और बिहार सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं, और विशेष रूप से 'सातवीं फेल मुख्यमंत्री' तथा सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा गया है।1
- जगदीशपुर के नया टोला मोड़, जगदीशपुर-बिहिया रोड पर मौर्या इंटरप्राइजेज नामक एक नया प्रतिष्ठान खुल गया है। इस नए प्रतिष्ठान में आशीर्वाद के कई प्रकार के उत्पाद उपलब्ध होंगे।1
- भोजपुर के आरा में आयोजित गरीब चौपाल कार्यक्रम में पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, और यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गलती सामने आती है, तो दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखने की भी अपील की। इस गरीब चौपाल कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है।1
- आरा, 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, शुभ नारायण नगर, मझौवों, आरा स्थित 'शान्ति स्मृति' सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय में एक समारोहपूर्वक 'सामूहिक योग अभ्यास शिविर' का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रबंध निर्देशक डॉ० कुमार द्विजेन्द्र और प्राचार्या डॉ० अर्चना सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर योग दिवस समारोह का उद्घाटन किया। समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा अभिभावकों को संबोधित करते हुए, प्राचार्या डॉ० अर्चना सिंह ने बताया कि योग शरीर और मन को मजबूत व स्वस्थ बनाता है, तथा बुद्धि को प्रखर करता है। उन्होंने जोर दिया कि 'योग' न केवल शरीर, मन और बुद्धि को जोड़ता है, बल्कि मानवता को भी एक सूत्र में पिरोता है, हिंसा, क्रूरता, कट्टरता एवं विनाशकारी सोच को सात्विक, सकारात्मक एवं प्रकृति के अनुकूल विचारों में बदलता है। डॉ० सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि आधुनिक विज्ञान ने भी योग को शरीर और मन को स्वस्थ व संतुलित बनाने, रोगों को ठीक करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में सहायक माना है, और विश्व की अनेक गंभीर समस्याओं का समाधान योग विज्ञान में निहित है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रबंध निर्देशक डॉ० कुमार द्विजेन्द्र ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में योग के महत्व और विशेषताओं को विस्तार से समझाया गया है, जहां योग के विभिन्न आयामों को मंत्रों के माध्यम से सहज रूप से प्रस्तुत किया गया है, जैसे पतंजलि ऋषि के अष्टांग सूत्र (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि) और "योगः अथ अनुशासनम्", "योगश्चितवृतिः निरोधः", "योगः कर्मशु कौशलम्" जैसे सूत्र। इस अवसर पर योगाभ्यास कराते हुए विद्यालय के योग शिक्षक श्री शशीभूषण सिंह ने कहा कि योग हमें जीने, स्वस्थ रहने, सकारात्मक सोचने, प्रेम से रहने तथा शरीर, मन को आनंदित कर आत्मा को परमात्मा से मिलाने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि यह प्राचीन भारतीय पद्धति आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर खरी उतरकर विश्व पटल पर छा गई है, जिसका एक छोटा सा प्रमाण विश्व योग दिवस के रूप में प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर मनाया जाना है, जिसमें आगे प्रगति की प्रबल संभावना है। योग प्रशिक्षक श्री शशीभूषण सिंह के दिशानिर्देश में, विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने समान्य योग अभ्यासक्रम (प्रोटोकॉल) के अनुसार विभिन्न योगाभ्यास किए। चालन क्रिया के तहत ग्रीवा चालन, स्कंध संचालन, कटि चालन और घुटना संचालन का अभ्यास किया गया। योगासन में खड़े होकर किए जाने वाले आसनों में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्द्धचक्रासन, त्रिकोणासन शामिल थे; बैठकर किए जाने वाले आसनों में भद्रासन, वज्रासन, अर्द्धउष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, उतानमंडूकासन और वक्रासन सम्मिलित थे। उदर के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में मकरासन, भुजंगासन और शलभासन का अभ्यास हुआ, जबकि पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्द्धहलासन, पवनमुक्तासन और शवासन किए गए। इसके अतिरिक्त कपालभाति (प्राणायाम), अनुलोम-विलोम प्राणायाम (नाडीशोचन), शीतली प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान संकल्प का भी अभ्यास किया गया। समारोह का समापन शांति पाठ "ॐ सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वेसंतु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यंतु मा कश्विद-दुःख भाग्भवेत। ॐ शांतिः, शांतिः शांतिः।" के साथ हुआ। कार्यक्रम के अंत में सनातनी गंगा फाऊंडेशन भोजपुर इकाई द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को फ्रूट जूस का वितरण किया गया। मंच संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक श्री अरविंद ओझा ने किया, तथा धन्यबाद ज्ञापन विद्यालय के उप-प्राचार्य श्री ऋषिकेश ओझा ने किया। इस समारोह को सफल बनाने में योग शिक्षक श्री शशी भूषण सिंह के साथ-साथ कला शिक्षक श्री संजीव सिन्हा, श्री विष्णु शंकर, श्री ब्रजेश कुमार तिवारी, श्री राजेश रमण, श्री जय शंकर सिंह तथा संगीत शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार व अमितेश रंजन का अहम योगदान रहा।4
- पूर्व सांसद आरके सिंह ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने इस मामले में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- Post by Lalbabu Singh1
- भरत तिवारी की मृत्यु के उपरांत, उनकी बड़ी बहन ने बेलोटी घर में हुई बातचीत के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके इस बयान को लेकर अब व्यापक चर्चा हो रही है।1
- भरत की मौत के बाद गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पुलिस को परेशान करने का नतीजा है या इसके पीछे कोई और वजह है। यह बात विशेष रूप से उठाई जा रही है कि भरत ने अपनी गतिविधियां 'लाइव' की थीं, जिसके बावजूद पुलिस की भूमिका और उसकी कार्रवाई पर अब गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।1