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बलौदा बाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में स्थित सिद्ध बाबा झरना अपनी अनुपम खूबसूरती के कारण पर्यटकों को बड़ी संख्या में आकर्षित कर रहा है। कसडोल की पहचान, जिसे 'तपोभूमि' और 'लव कुश की नगरी' के रूप में भी जाना जाता है, इस झरने की वजह से और निखर रही है। पहली बारिश होते ही झरने का मनोरम दृश्य और उसकी 'झर झर' की आवाज़ मन को मोह लेती है, जो इसे पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक विशेष स्थान बनाती है। पर्यावरण प्रेमी और कुकरीकोना वन प्रबंधन समिति के सदस्य सरोज कुमार ध्रुव ने इस प्राकृतिक सौंदर्य पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
गोविन्द राम
बलौदा बाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में स्थित सिद्ध बाबा झरना अपनी अनुपम खूबसूरती के कारण पर्यटकों को बड़ी संख्या में आकर्षित कर रहा है। कसडोल की पहचान, जिसे 'तपोभूमि' और 'लव कुश की नगरी' के रूप में भी जाना जाता है, इस झरने की वजह से और निखर रही है। पहली बारिश होते ही झरने का मनोरम दृश्य और उसकी 'झर झर' की आवाज़ मन को मोह लेती है, जो इसे पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक विशेष स्थान बनाती है। पर्यावरण प्रेमी और कुकरीकोना वन प्रबंधन समिति के सदस्य सरोज कुमार ध्रुव ने इस प्राकृतिक सौंदर्य पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
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- बलौदा बाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में स्थित सिद्ध बाबा झरना अपनी अनुपम खूबसूरती के कारण पर्यटकों को बड़ी संख्या में आकर्षित कर रहा है। कसडोल की पहचान, जिसे 'तपोभूमि' और 'लव कुश की नगरी' के रूप में भी जाना जाता है, इस झरने की वजह से और निखर रही है। पहली बारिश होते ही झरने का मनोरम दृश्य और उसकी 'झर झर' की आवाज़ मन को मोह लेती है, जो इसे पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक विशेष स्थान बनाती है। पर्यावरण प्रेमी और कुकरीकोना वन प्रबंधन समिति के सदस्य सरोज कुमार ध्रुव ने इस प्राकृतिक सौंदर्य पर प्रसन्नता व्यक्त की है।3
- सारंगढ़ बिलाईगढ़ पुलिस ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया है, जिसके तहत 8 प्रकरण दर्ज किए गए और कुल 111 लीटर अवैध शराब जब्त की गई। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने शराब बनाने के उपकरण भी जब्त किए और भारी मात्रा में लहान को मौके पर ही नष्ट कर दिया। अभियान में गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, और जिले में नशे के अवैध कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी है।1
- 3 जुलाई 2026 को तिल्दा-नेवरा के राजिम सदन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना की मासिक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की जनसमस्याओं, संगठनात्मक गतिविधियों तथा आगामी रणनीति पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में नकटी गांव में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर संगठन ने गहरी चिंता और कड़ा विरोध व्यक्त किया, जिसके तहत कई ग्रामीणों के मकान तोड़े गए और अनेक परिवार बेघर हो गए। संगठन का कहना है कि गरीब और मेहनतकश परिवारों को बिना समुचित पुनर्वास के बेघर करना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों का तत्काल सर्वे कर उन्हें उचित मुआवजा, वैकल्पिक आवास, राशन, पेयजल, बिजली सहित सभी आवश्यक सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन इस विषय में शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करता है, तो वे प्रभावित ग्रामीणों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसके अतिरिक्त, बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों का नाम सूची में शामिल नहीं होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इस संबंध में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष योगेश साहू के नेतृत्व में संगठन द्वारा कुल 85 आवेदन संबंधित विभाग को प्रस्तुत किए जाने की जानकारी दी गई। संगठन ने मांग की है कि सभी पात्र गरीब और जरूरतमंद परिवारों के आवेदनों का निष्पक्ष परीक्षण कर उन्हें शीघ्र योजना का लाभ दिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही या भेदभाव समाप्त किया जाए। बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, किसानों की समस्याएं, मजदूरों के अधिकार, युवाओं के रोजगार और महिलाओं के सम्मान सहित आम जनता से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन, किसान, मजदूर, युवा, महिला एवं आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे और हर जनहित के मुद्दे पर जनता की मजबूत आवाज बनेंगे। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि जनहित से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगा तथा लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करते हुए जनता के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेगा। इस अवसर पर 'जात-पात के करव बिदाई, छत्तीसगढ़िया भाई-भाई' का नारा भी दिया गया।4
- बिलासपुर शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के अभियान के तहत तोरवा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान, धारदार चाकू लेकर आम लोगों में दहशत फैलाने वाले चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, तोरवा थाना क्षेत्र में अड्डेबाजों, आदतन बदमाशों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ एक विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत, 3 जुलाई 2026 को थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम लालखदान क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही थी और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। पेट्रोलिंग के दौरान, पुलिस टीम को अलग-अलग स्थानों पर चार युवक धारदार चाकू लेकर घूमते और आम लोगों में भय का माहौल बनाते हुए मिले। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया। उनकी तलाशी लेने पर उनके कब्जे से चार धारदार लोहे के चाकू बरामद हुए, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुशल पासी (19), सुमीत पाल (18), प्रथम चौहान (20) और शिवम चौहान (22) के रूप में हुई है, जो सभी परियापारा, लालखदान, थाना तोरवा क्षेत्र के निवासी हैं। तोरवा पुलिस ने इन आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।1
- बिलासपुर में चौकसे कॉलेज परिसर से कॉपर वायर और ट्रांसफार्मर ऑयल चोरी करने के मामले में तोरवा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से करीब 60 हजार रुपये मूल्य का चोरी हुआ कॉपर वायर का बंडल बरामद किया है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 25 अप्रैल 2026 को तब सामने आया, जब चौकसे कॉलेज के स्टाफ सदस्य विकास चंद्रा ने तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया था कि कॉलेज परिसर में आपातकालीन विद्युत आपूर्ति के लिए रखे ट्रांसफार्मर ऑयल और कॉपर वायर को अज्ञात चोर चुरा ले गए हैं। इस शिकायत के आधार पर तोरवा थाने में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के निर्देश पर तोरवा पुलिस और एसीसीयू की एक संयुक्त टीम बनाई गई, जिसने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की। जांच के दौरान, मस्तुरी क्षेत्र के तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरुण मनहर उर्फ राजा (36), लाला उर्फ भगत केंवट (28), और यशवंत धीरज उर्फ राजा (26) के रूप में हुई है, ये तीनों मस्तुरी थाना क्षेत्र के रिस्दा और पेंडरी के निवासी हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को 3 जुलाई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक पुलिस आरक्षक पर शादी का झांसा देकर एक युवती से तीन साल तक दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी की पहचान युवती से हुई थी। आरोप के अनुसार, आरक्षक ने खुद को अविवाहित बताकर युवती से विवाह का वादा किया, जबकि वह पहले से विवाहित था और दो बच्चों का पिता भी है। इस शिकायत की जांच करने के बाद, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत मामला दर्ज करते हुए आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।1
- रायपुर जिले की ग्राम पंचायत केवतरा के युवा सरपंच गोविंद, जो सरपंच संघ के उपाध्यक्ष भी हैं, ने गिरोधपुरी धाम में मांस बिक्री का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने शासन-प्रशासन से यह अपील की है कि तपोभूमि धाम होने के कारण इस पवित्र स्थल पर मांस और मछली का विक्रय पूरी तरह से बंद किया जाए। यह पहल उनके एक सुंदर विचार को दर्शाती है।1
- बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र के ग्राम सेवती में एक महिला को गलत मैसेज भेजने के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्षों ने बिल्हा थाने में एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने काउंटर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहला मामला अनिल कुमार यादव (24 वर्ष, निवासी सेवती, पेशे से टेलर) ने गुरुवार, 2 जुलाई 2026 की रात 10:54 बजे दर्ज कराया। अनिल के अनुसार, वह शाम करीब 7:30 बजे गांव के रामायण गुड़ी के पास बैठा था, तभी गांव के गोपाल वर्मा, सुमित वर्मा, अमित वर्मा, प्रदीप वर्मा और करन वर्मा उसके पास आए। गोपाल वर्मा ने अनिल पर अपनी पत्नी को मोबाइल पर मैसेज भेजने का आरोप लगाते हुए अश्लील गालियां दीं। जब अनिल ने मना किया, तो गोपाल वर्मा ने जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। अनिल ने फोन करके अपने चाचा ललित यादव और मां मीना यादव को बुलाया, जिन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इस दौरान अमित वर्मा ने ललित यादव को डंडे से मारा, जबकि प्रदीप वर्मा और करन वर्मा ने मीना यादव को डंडे और हाथ-मुक्कों से पीटा। अनिल को अपनी बाईं आंख के नीचे, दाएं पैर के टखने के पास, गले, पीठ और दाएं हाथ में चोटें आईं, और उसके चाचा व मां को भी चोटें लगीं। घटना को अनिल के पिता ओमप्रकाश यादव और प्रदीप यादव ने देखा व बीच-बचाव किया था। वहीं, दूसरे पक्ष से गोपाल वर्मा (26 वर्ष, निवासी सेवती) ने भी गुरुवार, 2 जुलाई 2026 की रात 11:21 बजे थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। गोपाल वर्मा के अनुसार, वह शाम करीब 7:00 बजे गांव के रामायण गुड़ी के पास घूमने गया था, जहां अनिल यादव बैठा हुआ था। गोपाल ने अनिल को बताया कि उसने दो दिन पहले उसकी पत्नी को मोबाइल से गलत मैसेज किया था। इस बात पर अनिल ने गोपाल को गालियां देनी शुरू कर दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए उसका गला पकड़ लिया। अनिल की मां मीना यादव ने गोपाल को डंडे से मारा। जब गोपाल का भतीजा अमित वर्मा बीच-बचाव करने आया, तो अनिल यादव के चाचा ललित यादव ने उसे डंडे से पीटा। इस मारपीट में गोपाल को गले, दोनों पैरों की जांघों, बाएं हाथ की कोहनी और दोनों हाथों में चोटें आईं। उसके भतीजे अमित को भी पीठ और दाएं हाथ की हथेली में चोट लगी। घटना को सुशील मानिकपुरी और तीजराम वर्मा ने देखा था। दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर, बिल्हा पुलिस ने काउंटर रिपोर्ट दर्ज करते हुए अपराध धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है।1