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आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक फिजियोथेरेपी के माध्यम से मरीजों को चरणबद्ध उपचार प्रदान किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बेहतर और स्थाई इलाज मिल रहा है। 'डॉ दिव्य प्रकाश थेरेपी' इस बात पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है कि उपचार केवल दर्द कम करने तक सीमित न रहे, बल्कि मरीजों की पूरी रिकवरी पर भी केंद्रित हो। इस पद्धति के तहत, आधुनिक फिजियोथेरेपी का उपयोग करके दर्द में राहत के साथ-साथ सही रिकवरी भी संभव हो पाती है। यह थेरेपी हर मरीज के लिए एक अलग योजना और चरणबद्ध इलाज पर आधारित एक विशिष्ट पद्धति का पालन करती है।
अजय कुमार
आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक फिजियोथेरेपी के माध्यम से मरीजों को चरणबद्ध उपचार प्रदान किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बेहतर और स्थाई इलाज मिल रहा है। 'डॉ दिव्य प्रकाश थेरेपी' इस बात पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है कि उपचार केवल दर्द कम करने तक सीमित न रहे, बल्कि मरीजों की पूरी रिकवरी पर भी केंद्रित हो। इस पद्धति के तहत, आधुनिक फिजियोथेरेपी का उपयोग करके दर्द में राहत के साथ-साथ सही रिकवरी भी संभव हो पाती है। यह थेरेपी हर मरीज के लिए एक अलग योजना और चरणबद्ध इलाज पर आधारित एक विशिष्ट पद्धति का पालन करती है।
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- छपरा में दिनदहाड़े गोलीबारी, हत्या और लूट जैसी लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने आम लोगों के मन में गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं के चलते जनता यह सोचने पर मजबूर है कि क्या अपराधियों में कानून का भय समाप्त हो गया है, क्या पुलिस की कार्रवाई वाकई पर्याप्त है, और इन परिस्थितियों का आखिर जिम्मेदार कौन है। इन्हीं कड़े और जनता से जुड़े सवालों को लेकर सोशल एक्टिविस्ट एवं पत्रकार आनंद वर्मा ने पत्रकार दिवाकर मिश्रा के साथ एक विशेष और बेबाक बातचीत की। इस सीधी चर्चा में, बिना किसी लाग-लपेट के, छपरा में व्याप्त अपराध की स्थिति, प्रशासन की भूमिका और आम जनता की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर विचार-विमर्श किया गया। इस विशेष चर्चा को देखकर अपनी राय रखने और इस गंभीर मुद्दे पर अपनी आवाज़ बुलंद करने का आग्रह किया गया है। लोगों से यह भी पूछा गया है कि छपरा में बढ़ते अपराध को रोकने के लिए उनके अनुसार सबसे जरूरी कदम क्या होना चाहिए, और उन्हें अपनी राय कमेंट में साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।1
- भोजपुर जिले के जगदीशपुर में एक पिता-पुत्री की जोड़ी ने मेडल जीतकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के बाद पूरे जगदीशपुर में खुशी का माहौल है।1
- चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायती राज भवन में लगभग एक साल बाद आयोजित पंचायत समिति की सामान्य बैठक पूरी तरह से हंगामेदार रही, जहाँ जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस बैठक के दौरान स्वास्थ्य, बिजली, मनरेगा सहित कई विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए। बैठक में पिछली बैठक की पुष्टि, मनरेगा की समीक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचईडी और जन वितरण प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन यह जल्द ही आरोप-प्रत्यारोप और तीखे सवालों में बदल गई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से सीधा जवाब मांगा और कई मामलों में घोर लापरवाही का आरोप लगाया। पूर्व प्रमुख ललन प्रसाद सिंह ने स्वास्थ्य विभाग पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह ने बिजली विभाग के कनीय अभियंता पर नाराजगी जताते हुए बलिहारी और मनैनी गाँव में जर्जर तार बदलने की माँग की; उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभियंता फोन तक नहीं उठाते, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। मुखिया लाल मुक्ति पासवान ने बैठक में यह गंभीर आरोप लगाया कि जानबूझकर एक साल तक पंचायत समिति की बैठक नहीं कराई गई, ताकि विकास कार्यों को रोका जा सके और चुपके से फंड की निकासी की जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए यह भी कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के स्तर पर अवैध वसूली हो रही है और ड्यूटी में भारी लापरवाही बरती जा रही है, यहाँ तक कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों से कराया जा रहा है, जिसे उन्होंने बेहद गंभीर मामला बताया। बैठक में उठे इन गंभीर मुद्दों ने स्पष्ट कर दिया है कि चरपोखरी में कई विभागों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है और यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि चरपोखरी में 'सिस्टम फेल' हो चुका है। इस हंगामेदार बैठक के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी मोनिका कुमारी, प्रखंड प्रमुख रामचंद्र सिंह यादव, उप प्रमुख दीपक चौधरी, अभिषेक यादव, रीना देवी, मुखिया पप्पू कुमार साह, प्रवीण कुमार राजू, पूजा देवी, दशरथ यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।1
- बिहार एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के कुख्यात अपराधियों की सूची में शामिल पांडव गिरोह के सरगना संजय सिंह को पटना जंक्शन से गिरफ्तार कर लिया है। वह दिल्ली से अपनी पत्नी और बच्चों के साथ विक्रमशिला एक्सप्रेस से लौट रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ ने जीआरपी के सहयोग से उसे हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, संजय सिंह के खिलाफ बिहार और झारखंड राज्यों में हत्या, रंगदारी, अपहरण, लूट, अवैध हथियार और भू-माफिया गतिविधियों सहित दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वह बिहटा थाना के एके-47 बरामदगी मामले में भी फरार चल रहा था। तकनीकी अनुसंधान के आधार पर एसटीएफ और बिहटा पुलिस की एक संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद, एसटीएफ उससे पूछताछ कर उसके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े मामलों की जांच में जुटी है। इस बीच, उसकी पत्नी पुष्पा कुमारी ने एक वीडियो जारी कर पुलिस से कानून के अनुसार कार्रवाई करने और अपने पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- बिहार राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद, यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है कि क्या इससे वास्तव में महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है।1
- भोजपुर के हसन बाजार थाना की पुलिस ने शादी की नीयत से घर से भागे एक प्रेमी युगल को बरामद कर लिया है। लड़की के परिजनों ने 22 फरवरी को हसन बाजार थाना कांड संख्या 18/26 के तहत शादी की नीयत से अपहरण का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद से ही पुलिस दोनों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में, गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रेमी युगल को दूसरे राज्य से बरामद किया। इस संबंध में बुधवार की शाम करीब 6:00 बजे एक प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी गई। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है।1
- सारण जिले के लहलादपुर प्रखंड में जन-सुराज पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष अश्रफ़ रज़ा ख़ान ने एक प्रेसवार्ता की है।1