चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायती राज भवन में लगभग एक साल बाद आयोजित पंचायत समिति की सामान्य बैठक पूरी तरह से हंगामेदार रही, जहाँ जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस बैठक के दौरान स्वास्थ्य, बिजली, मनरेगा सहित कई विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए। बैठक में पिछली बैठक की पुष्टि, मनरेगा की समीक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचईडी और जन वितरण प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन यह जल्द ही आरोप-प्रत्यारोप और तीखे सवालों में बदल गई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से सीधा जवाब मांगा और कई मामलों में घोर लापरवाही का आरोप लगाया। पूर्व प्रमुख ललन प्रसाद सिंह ने स्वास्थ्य विभाग पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह ने बिजली विभाग के कनीय अभियंता पर नाराजगी जताते हुए बलिहारी और मनैनी गाँव में जर्जर तार बदलने की माँग की; उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभियंता फोन तक नहीं उठाते, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। मुखिया लाल मुक्ति पासवान ने बैठक में यह गंभीर आरोप लगाया कि जानबूझकर एक साल तक पंचायत समिति की बैठक नहीं कराई गई, ताकि विकास कार्यों को रोका जा सके और चुपके से फंड की निकासी की जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए यह भी कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के स्तर पर अवैध वसूली हो रही है और ड्यूटी में भारी लापरवाही बरती जा रही है, यहाँ तक कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों से कराया जा रहा है, जिसे उन्होंने बेहद गंभीर मामला बताया। बैठक में उठे इन गंभीर मुद्दों ने स्पष्ट कर दिया है कि चरपोखरी में कई विभागों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है और यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि चरपोखरी में 'सिस्टम फेल' हो चुका है। इस हंगामेदार बैठक के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी मोनिका कुमारी, प्रखंड प्रमुख रामचंद्र सिंह यादव, उप प्रमुख दीपक चौधरी, अभिषेक यादव, रीना देवी, मुखिया पप्पू कुमार साह, प्रवीण कुमार राजू, पूजा देवी, दशरथ यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायती राज भवन में लगभग एक साल बाद आयोजित पंचायत समिति की सामान्य बैठक पूरी तरह से हंगामेदार रही, जहाँ जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस बैठक के दौरान स्वास्थ्य, बिजली, मनरेगा सहित कई विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए। बैठक में पिछली बैठक की पुष्टि, मनरेगा की समीक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचईडी और जन वितरण प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन यह जल्द ही आरोप-प्रत्यारोप और तीखे सवालों में बदल गई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से सीधा जवाब मांगा और कई मामलों में घोर लापरवाही का आरोप लगाया। पूर्व प्रमुख ललन प्रसाद सिंह ने स्वास्थ्य विभाग पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह ने बिजली विभाग के कनीय अभियंता पर नाराजगी जताते हुए बलिहारी और मनैनी गाँव में जर्जर तार बदलने की माँग की; उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभियंता फोन तक नहीं उठाते, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। मुखिया लाल मुक्ति पासवान ने बैठक में यह गंभीर आरोप लगाया कि जानबूझकर एक साल तक पंचायत समिति की बैठक नहीं कराई गई, ताकि विकास कार्यों को रोका जा सके और चुपके से फंड की निकासी की जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए यह भी कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के स्तर पर अवैध वसूली हो रही है और ड्यूटी में भारी लापरवाही बरती जा रही है, यहाँ तक कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों से कराया जा रहा है, जिसे उन्होंने बेहद गंभीर मामला बताया। बैठक में उठे इन गंभीर मुद्दों ने स्पष्ट कर दिया है कि चरपोखरी में कई विभागों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है और यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि चरपोखरी में 'सिस्टम फेल' हो चुका है। इस हंगामेदार बैठक के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी मोनिका कुमारी, प्रखंड प्रमुख रामचंद्र सिंह यादव, उप प्रमुख दीपक चौधरी, अभिषेक यादव, रीना देवी, मुखिया पप्पू कुमार साह, प्रवीण कुमार राजू, पूजा देवी, दशरथ यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
- चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायती राज भवन में लगभग एक साल बाद आयोजित पंचायत समिति की सामान्य बैठक पूरी तरह से हंगामेदार रही, जहाँ जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस बैठक के दौरान स्वास्थ्य, बिजली, मनरेगा सहित कई विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए। बैठक में पिछली बैठक की पुष्टि, मनरेगा की समीक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचईडी और जन वितरण प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन यह जल्द ही आरोप-प्रत्यारोप और तीखे सवालों में बदल गई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से सीधा जवाब मांगा और कई मामलों में घोर लापरवाही का आरोप लगाया। पूर्व प्रमुख ललन प्रसाद सिंह ने स्वास्थ्य विभाग पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह ने बिजली विभाग के कनीय अभियंता पर नाराजगी जताते हुए बलिहारी और मनैनी गाँव में जर्जर तार बदलने की माँग की; उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभियंता फोन तक नहीं उठाते, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। मुखिया लाल मुक्ति पासवान ने बैठक में यह गंभीर आरोप लगाया कि जानबूझकर एक साल तक पंचायत समिति की बैठक नहीं कराई गई, ताकि विकास कार्यों को रोका जा सके और चुपके से फंड की निकासी की जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए यह भी कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के स्तर पर अवैध वसूली हो रही है और ड्यूटी में भारी लापरवाही बरती जा रही है, यहाँ तक कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों से कराया जा रहा है, जिसे उन्होंने बेहद गंभीर मामला बताया। बैठक में उठे इन गंभीर मुद्दों ने स्पष्ट कर दिया है कि चरपोखरी में कई विभागों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है और यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि चरपोखरी में 'सिस्टम फेल' हो चुका है। इस हंगामेदार बैठक के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी मोनिका कुमारी, प्रखंड प्रमुख रामचंद्र सिंह यादव, उप प्रमुख दीपक चौधरी, अभिषेक यादव, रीना देवी, मुखिया पप्पू कुमार साह, प्रवीण कुमार राजू, पूजा देवी, दशरथ यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- बिहार राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद, यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है कि क्या इससे वास्तव में महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है।1
- भोजपुर जिले के आरा प्रखंड की भकुरा पंचायत स्थित बारा बसंतपुर गांव में भगवान भास्कर प्राण-प्रतिष्ठा महायज्ञ के तहत बुधवार, 1 जुलाई 2026 को भव्य गंगा महाआरती का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। हरिद्वार-ऋषिकेश से पधारे आचार्य मुरारी तिवारी के निर्देशन में आयोजित इस महाआरती में हजारों श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों ने पारंपरिक वेशभूषा में हिस्सा लिया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, दीपों की दिव्य छटा और भजन-कीर्तन से पूरा यज्ञ परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था से सराबोर हो उठा।3
- Post by Bimlesh patel1
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- आज सुबह सहार पुल से थोड़ी ही दूरी पर बालू से लदा एक ट्रक पलट गया। घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से ट्रक के ड्राइवर और खलासी को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया है कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है और वे स्वस्थ हैं।1