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केंद्रीय विद्यालय संगठन ने 27 दिसंबर 2024 को जारी कार्यालय आदेश के माध्यम से भारत सरकार द्वारा 85 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी है। इन विद्यालयों की स्थापना नागरिक और रक्षा क्षेत्र के तहत की जा रही है, जिसके लिए संबंधित प्रायोजक प्राधिकरण को पहले चिन्हित और सीमांकित भूमि का हस्तांतरण करना होगा। साथ ही, नए विद्यालय के संचालन से पूर्व अस्थायी आवास का कब्जा केंद्रीय विद्यालय संगठन को सौंपना अनिवार्य है। इस निर्णय के तहत जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में भी एक नया केंद्रीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति दी गई है, जो जम्मू संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। दिसंबर 2024 में मंजूर किए गए कुल 85 नए केंद्रीय विद्यालयों की सूची में रियासी का नाम भी शामिल है।
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केंद्रीय विद्यालय संगठन ने 27 दिसंबर 2024 को जारी कार्यालय आदेश के माध्यम से भारत सरकार द्वारा 85 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी है। इन विद्यालयों की स्थापना नागरिक और रक्षा क्षेत्र के तहत की जा रही है, जिसके लिए संबंधित प्रायोजक प्राधिकरण को पहले चिन्हित और सीमांकित भूमि का हस्तांतरण करना होगा। साथ ही, नए विद्यालय के संचालन से पूर्व अस्थायी आवास का कब्जा केंद्रीय विद्यालय संगठन को सौंपना अनिवार्य है। इस निर्णय के तहत जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में भी एक नया केंद्रीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति दी गई है, जो जम्मू संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। दिसंबर 2024 में मंजूर किए गए कुल 85 नए केंद्रीय विद्यालयों की सूची में रियासी का नाम भी शामिल है।
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- आज सुबह रियासी बस स्टैंड का नजारा काफी सुंदर दिखाई दे रहा है। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर नागरिकों से रेटिंग (स्टार) के बारे में पूछा जा रहा है।1
- कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर लगे हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोपों की जांच कराए जाने की मांग पर चर्चा की है। इसके साथ ही, उन्होंने जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने की भी मांग उठाई है।1
- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने स्पष्ट किया है कि केंद्रशासित प्रदेश के लोगों ने उन्हें धारा 370 और धारा 35A की बहाली के लिए वोट दिया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता का यह जनादेश केवल राज्य का दर्जा वापस पाने की मांग तक सीमित नहीं था। कुलगाम के शाहू इलाके में 25वें मुहर्रम के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रुहुल्लाह ने कहा कि मतदाताओं ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को इस उम्मीद के साथ समर्थन दिया था कि वह जम्मू-कश्मीर के विशेष संवैधानिक दर्जे को बहाल करने के लिए काम करेगी। आगा रुहुल्लाह ने 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस प्रदर्शन में हिस्सा जरूर लेंगे, लेकिन वह वहां सिर्फ राज्य के दर्जे की मांग नहीं करेंगे, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए धारा 370 और धारा 35A के मुद्दों को उठाएंगे। उन्होंने केवल राज्य के दर्जे पर ध्यान केंद्रित करने की आलोचना करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन को सिर्फ इस मांग तक सीमित रखना भाजपा के एजेंडे से मेल खाता हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने इस बात को बार-बार दोहराया कि लोगों का जनादेश विशेष दर्जे की बहाली के लिए था, न कि महज राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए। जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर उनकी खुद की स्थिति के बारे में सवाल पूछा गया, तो रुहुल्लाह ने बेबाकी से टिप्पणी करते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को उनकी जरूरत नहीं थी।1
- हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस को उनके चुनावी वादे की याद दिलाई है। मीरवाइज ने जोर देकर कहा कि लोगों ने अनुच्छेद 370 और 35A की पूर्ण बहाली की उम्मीद के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस को वोट दिया था। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनता का जनादेश केवल शासन के लिए नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए भी था। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व से आग्रह किया कि वे विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों पर अडिग रहें और संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक माध्यमों से अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली की मांग जारी रखें। मीरवाइज ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि लोगों ने पूर्ण बहाली के लिए वोट दिया है और चुनावी वादों को भुलाया नहीं जाना चाहिए। गौरतलब है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने 2024 के चुनावी घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए काम करने और पूर्ण राज्य का दर्जा वापस पाने का संकल्प लिया था। यह बयान उस राजनीतिक बहस के बीच आया है जो अगस्त 2019 में हुए संवैधानिक बदलावों के बाद से जारी है, जब अनुच्छेद 370 और 35A को हटाकर पूर्व राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित कर दिया गया था।1
- दुनिया का गम और दौलत का गम तुम्हारी जान ले लेगा, लेकिन शब्बीर के गम में रोकर तुम्हारा मन जी उठेगा और तुम जीवित रह सकोगे। इस संदेश में साफ तौर पर आगाह किया गया है कि दुनियावी और आर्थिक चिंताएं केवल विनाश की ओर ले जाती हैं, जबकि शब्बीर के गम में रोने से ही जीवन संभव है।1
- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री सकीना इतू ने श्रीनगर के एसकेआईसीसी में आयोजित एक कार्यक्रम में न्यू ड्रीम लैंड एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की छात्रा लोन जैनब-उल-निसा को सम्मानित किया है। लोन जैनब-उल-निसा गांदरबल के बीहामा स्थित न्यू ड्रीम लैंड एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की छात्रा हैं। इस सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री के साथ कई अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।1
- Post by NEELAMSINGH1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली में मंदिर ध्वस्तीकरण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां ध्वस्तीकरण के दौरान मंदिर का गुंबद सड़क की ओर गिर गया, जिससे एक PWD कर्मचारी की मौत हो गई। इस हादसे में कुछ अन्य लोगों के भी घायल होने की खबर है। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1