तीन एकड़ में अवैध अफीम की खेती पकड़ी, कीमत एक करोड़ से अधिक दमोह। दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलिया चौकी के सुहेला पौड़ी गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब ढाई से तीन एकड़ में फैली अवैध अफीम की फसल बरामद की है। सामान्य कृषि फसलों के बीच बेहद सुनियोजित तरीके से उगाई गई इस अफीम की लहलहाती फसल को देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। प्रारंभिक आकलन के अनुसार जब्त फसल का बाजार मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिलने के बाद तेजगढ़ पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर दबिश दी। खेत की घेराबंदी कर जांच की गई तो बीच-बीच में अफीम के पौधे पाए गए, जिन्हें छिपाने के उद्देश्य से अन्य फसलें बोई गई थीं। पुलिस ने तत्काल पंचनामा कार्रवाई कर पूरी फसल जब्त कर ली। इसके बाद राजस्व एवं संबंधित विभागों की उपस्थिति में अवैध फसल को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। मामले में खेत मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में बिना वैध लाइसेंस अफीम की खेती किए जाने की पुष्टि हुई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
तीन एकड़ में अवैध अफीम की खेती पकड़ी, कीमत एक करोड़ से अधिक दमोह। दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलिया चौकी के सुहेला पौड़ी गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब ढाई से तीन एकड़ में फैली अवैध अफीम की फसल बरामद की है। सामान्य कृषि फसलों के बीच बेहद सुनियोजित तरीके से उगाई गई इस अफीम की लहलहाती फसल को देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। प्रारंभिक आकलन के अनुसार जब्त फसल का बाजार मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिलने के बाद तेजगढ़ पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर दबिश दी। खेत की घेराबंदी कर जांच की गई तो बीच-बीच में अफीम के पौधे पाए गए, जिन्हें छिपाने के उद्देश्य से अन्य फसलें बोई गई थीं। पुलिस ने तत्काल पंचनामा कार्रवाई कर पूरी फसल जब्त कर ली। इसके बाद राजस्व एवं संबंधित विभागों की उपस्थिति में अवैध फसल को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। मामले में खेत मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में बिना वैध लाइसेंस अफीम की खेती किए जाने की पुष्टि हुई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
- रीवा में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: पॉश कॉलोनी से 13 युवक गिरफ्तार, ओटीपी–APK से करते थे 7 लाख की ठगी मध्यप्रदेश के रीवा जिले में साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। सूरत (गुजरात) में दर्ज साइबर फ्रॉड मामले की जांच के सिलसिले में पहुंची गुजरात पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 13 युवकों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी रीवा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र की एक पॉश कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेंद्र नाथ शर्मा ने बताया कि सूरत में दर्ज एक मामले में सेवानिवृत्त बुजुर्ग के खाते से करीब 7 लाख रुपये की ठगी की गई थी। आरोपियों ने ओटीपी और एपीके फाइल के माध्यम से पीड़ित के मोबाइल और बैंक खाते की जानकारी हासिल कर रकम आहरित कर ली थी। गुजरात पुलिस पहले से तकनीकी साक्ष्य जुटा चुकी थी। करीब एक सप्ताह तक गुजरात पुलिस की टीम ने थाना समान और विश्वविद्यालय थाना पुलिस के साथ मिलकर तकनीकी आधार पर जांच की। संयुक्त कार्रवाई के दौरान किराए के मकान में दबिश देकर 13 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपियों की उम्र लगभग 25 से 30 वर्ष के बीच है और अधिकांश युवक उत्तराखंड क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मौके से भारी संख्या में लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग साइबर ठगी में किया जा रहा था। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। 01 बाइट हितेंद्र नाथ शर्मा थाना प्रभारी विश्वविद्यालय1
- आप सभी को रंगों के पावन त्यौहार होली महापर्व की अनंत बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं 🎉🎉1
- mp ki sabse badi surang .... travel vlogs vindhya Pradesh India mp1
- रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय नागपुर से चलकर रीवा, सीधी, प्रयागराज, बनारस, सिंगरौली, मड़वास होते हुए यूपी-बिहार तक जाने वाली शुक्ला ट्रैवल्स की बस में यात्रियों से ओवर किराया वसूले जाने का मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार जहाँ किराया ₹1000 निर्धारित था, वहाँ यात्रियों से ₹1500 तक वसूला गया। इतना ही नहीं, नागपुर में कुछ यात्रियों को बस से उतारकर जबरन अतिरिक्त पैसे भी लिए गए। इससे परेशान यात्रियों ने आदरणीय पूर्व विधायक श्री सुखेन्द्र सिंह बन्ना जी को फोन कर अपनी समस्या बताई। मामले की जानकारी मिलते ही बन्ना जी तुरंत रीवा के सिविल लाइन पहुँचे, जहाँ बस को रुकवाया गया। उन्होंने यात्रियों से चर्चा कर उन्हें आश्वासन दिया तथा अपनी पहल पर प्रत्येक यात्री को ₹500 किराया वापस करवाया। साथ ही सभी यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना कराया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी एवं संबंधित टीम भी मौके पर उपस्थित रही। यात्रियों ने राहत मिलने पर आभार व्यक्त किया।2
- Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा1
- Post by Bablu Namdev1
- मऊगंज में होली से पहले मातम1
- रीवा में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: पॉश कॉलोनी से 13 युवक गिरफ्तार, ओटीपी–APK से करते थे 7 लाख की ठगी मध्यप्रदेश के रीवा जिले में साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। सूरत (गुजरात) में दर्ज साइबर फ्रॉड मामले की जांच के सिलसिले में पहुंची गुजरात पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 13 युवकों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी रीवा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र की एक पॉश कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेंद्र नाथ शर्मा ने बताया कि सूरत में दर्ज एक मामले में सेवानिवृत्त बुजुर्ग के खाते से करीब 7 लाख रुपये की ठगी की गई थी। आरोपियों ने ओटीपी और एपीके फाइल के माध्यम से पीड़ित के मोबाइल और बैंक खाते की जानकारी हासिल कर रकम आहरित कर ली थी। गुजरात पुलिस पहले से तकनीकी साक्ष्य जुटा चुकी थी। करीब एक सप्ताह तक गुजरात पुलिस की टीम ने थाना समान और विश्वविद्यालय थाना पुलिस के साथ मिलकर तकनीकी आधार पर जांच की। संयुक्त कार्रवाई के दौरान किराए के मकान में दबिश देकर 13 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपियों की उम्र लगभग 25 से 30 वर्ष के बीच है और अधिकांश युवक उत्तराखंड क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मौके से भारी संख्या में लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग साइबर ठगी में किया जा रहा था। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। 01 बाइट हितेंद्र नाथ शर्मा थाना प्रभारी विश्वविद्यालय1