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माननीय अध्यक्ष महोदय जनता विकास की राह देख रही और विकास कहानी दूर तक नजर नहीं आ रहा है “अध्यक्ष महोदय… नरैनी क्षेत्र की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। सरकार से निवेदन है कि विकास कार्य तेजी से कराए जाएं।”
Dilip Kumar Bharti
माननीय अध्यक्ष महोदय जनता विकास की राह देख रही और विकास कहानी दूर तक नजर नहीं आ रहा है “अध्यक्ष महोदय… नरैनी क्षेत्र की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। सरकार से निवेदन है कि विकास कार्य तेजी से कराए जाएं।”
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- एक दुकानदार ने लोक निर्माण विभाग एक के बगल से ओवर ब्रिज के नीचे बैग का दुकान रखे थे जिसमें अज्ञात लोगों ने लगाई आग लगने पर काम से कम कर मशीन दो लाख का बाग सामान भी पड़ा था बेसहारा हो गए1
- बांदा : बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए एस नोमानी ने जनता की गंभीर समस्याओं को लेकर अपने सर पर खाली गैस सिलेंडर रखकर एक अनोखा प्रदर्शन कर सरकार को जगाने का कार्य किया है, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष ए एस नोमानी ने कहा कि एलपीजी गैस की आसमान छूती कीमतों और आपूर्ति में कमी के खिलाफ यह एक विरोध प्रदर्शन का प्रारूप है। रसोई गैस (LPG) के दाम कम करने और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया गया है। ताकि सरकार जाग सकें, आज पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों और सिलेंडरों की कमी के कारण उत्पन्न गंभीर संकट को लेकर अपने सर पर खाली गैस सिलेंडर रखकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया हैं।1
- सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर वैश्य समाज ने बनाई रणनीति बांदा। अखिल भारतीय सर्व वैश्य समाज एकता परिषद, जनपद बांदा के तत्वावधान में वैश्य समाज के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज द्वारा प्रस्तावित सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए इसके सफल आयोजन के लिए रणनीति बनाई गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष सत्येंद्र गुप्ता ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन समाज की एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को काफी सहूलियत मिलती है और समाज में आपसी सहयोग व एकता की भावना मजबूत होती है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। जिला उपाध्यक्ष दीपक गुप्ता ने कहा कि ऐसे आयोजनों से जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलती है और समाज सेवा की परंपरा को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज हमेशा से सामाजिक सरोकारों के कार्यों में आगे रहा है और आगे भी इसी तरह समाजहित में कार्य करता रहेगा। बैठक में जिला कोषाध्यक्ष अनुराग गोयल ‘मनु’ और जिला महामंत्री डॉ. मनीष कुमार ने भी सम्मेलन की रूपरेखा, तैयारियों और समाज के सहयोग को लेकर अपने विचार रखे। इस मौके पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष संजय गुप्ता, नीरज गुप्ता, देवा, अशोक गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि पुरुषोत्तम गुप्ता, सजल कुमार रेंडर सहित वैश्य समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।3
- Post by आशीष शुक्ला1
- #Apkiawajdigital [खास रिपोर्ट], 14 मार्च 2026 बाँदा/बुंदेलखंड: आज बुंदेलखंड की धरती पर विरोध का एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने शासन से लेकर प्रशासन तक की नींद उड़ा दी। एलपीजी गैस की आसमान छूती कीमतों और आपूर्ति में भारी किल्लत के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने अपने सिर पर खाली गैस सिलेंडर रखकर प्रदर्शन किया। यह केवल एक विरोध नहीं, बल्कि उस आम आदमी की व्यथा का प्रतीक था, जिसकी कमर कमरतोड़ महंगाई ने तोड़ दी है। ग्लोबल क्राइसिस और स्थानीय मार: मध्यम वर्ग पस्त दुनिया भर में ऊर्जा संकट और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आ रही बाधाओं का असर अब सीधे भारतीय रसोई तक पहुँच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारत में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गए हैं। जिला स्तर पर हालात और भी बदतर हैं, जहाँ एजेंसियां स्टॉक की कमी का हवाला देकर कालाबाजारी को बढ़ावा दे रही हैं। प्रदर्शन के दौरान ए. एस. नोमानी ने दहाड़ते हुए कहा: "आज गैस सिलेंडर का वजन हाथ से नहीं, बल्कि जेब से मापा जा रहा है। सरकारें डेटा पेश करने में मशगूल हैं, जबकि हकीकत यह है कि गरीब की रसोई से धुंआ निकलना बंद हो गया है। सिलेंडर की कीमतों में तत्काल कटौती और आपूर्ति में पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता है।" सोया हुआ विपक्ष और 'इफ्तार' की राजनीति नोमानी ने केवल सत्ता पक्ष पर ही नहीं, बल्कि सुस्त पड़े विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज देश और प्रदेश का विपक्ष पूरी तरह सरेंडर कर चुका है। "विपक्ष को जनता के आंसुओं से कोई सरोकार नहीं है। वे केवल इफ्तार पार्टियों और बिरयानी खिलाने-खाने में व्यस्त हैं। जनता जब गैस के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है, तब विपक्ष भाजपा सरकार के डर से दुबक कर बैठा है।" इंसाफ सेना की मुख्य मांगें: मूल्य वृद्धि पर तत्काल रोलबैक: बढ़ी हुई कीमतों को फौरन वापस लिया जाए। कालाबाजारी पर नकेल: आपूर्ति में देरी करने वाली एजेंसियों का लाइसेंस रद्द हो। आम आदमी की पहुंच: गैस की कीमतें न्यूनतम स्तर पर स्थिर की जाएं। प्रशासन को अल्टीमेटम बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई और कीमतें कम नहीं की गईं, तो यह आंदोलन केवल प्रतीकात्मक नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर शासन और प्रशासन की होगी। निष्कर्ष: आज का यह प्रदर्शन उस गहरी खाई को दर्शाता है जो सरकार के दावों और धरातल की सच्चाई के बीच पैदा हो गई है। जब विपक्ष मौन हो, तब ए. एस. नोमानी जैसे जन-नेताओं का सड़क पर उतरना लोकतंत्र के लिए एक नई उम्मीद जगाता है।1
- पन्ना पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या से पर्यटकों को वन्यजीवों के रोमांचक नजारे लगातार देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला टाइगर रिजर्व के कोर जोन स्थित पीपरटोला क्षेत्र से सामने आया है।जहां एक बाघ ने पल झपकते ही हिरण के बच्चे का शिकार कर लिया।यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद पर्यटकों ने कैमरे में कैद कर लिया और शोसल मीडिया में वायरल कर दिया।जो तेजी से वायरल हो रहा है।दरअसल पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की सक्रियता और प्राकृतिक जीवन का यह दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।वन्यजीव प्रेमी भी इस दुर्लभ नजारे को देखकर रोमांचित हो रहे हैं1
- प्रजापति समाज ने अखिल भारतीय श्रीपाल का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया1
- #Apkiawajdigital राहुल गांधी इन दिनों भारतीय राजनीति में एक बड़े वैचारिक बदलाव (Paradigm Shift) की वकालत कर रहे हैं। उनका पूरा ध्यान अब केवल चुनावी जीत-हार पर नहीं, बल्कि भारत के सामाजिक और राजनीतिक ढांचे को पूरी तरह से बदलने पर केंद्रित है। खबर के मुख्य स्तंभ (Key Highlights): सबकी हिस्सेदारी (The Census Push): राहुल गांधी का सबसे बड़ा नारा 'जितनी आबादी, उतना हक' बन चुका है। वह जाति जनगणना (Caste Census) को देश का 'एक्स-रे' बताते हैं, जिससे यह साफ हो सके कि किस वर्ग की कितनी भागीदारी है। बहुजन अधिकार: राजनीति में पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को निर्णय लेने वाली जगहों (Decision-making roles) पर बैठाना उनकी प्राथमिकता है। संविधान की रक्षा: राहुल गांधी अक्सर रैलियों में संविधान की प्रति हाथ में लिए नजर आते हैं। उनका तर्क है कि भारत का संविधान ही वह ढाल है जो गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा करता है। सत्यता की जाँच (Fact Check & Context) कथन: "भारत के संविधान की दिखाई राजनीति" तथ्य: 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद से राहुल गांधी ने 'संविधान बचाओ' को एक बड़ा जन-आंदोलन बनाया है। संसद के सत्रों के दौरान भी उन्होंने और विपक्ष ने संविधान की कॉपियां लहराकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। कथन: "सबकी हिस्सेदारी" तथ्य: कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र (न्याय पत्र) में 50% आरक्षण की सीमा को खत्म करने और राष्ट्रीय स्तर पर जाति जनगणना कराने का वादा किया है। संदर्भ: राहुल गांधी का यह विज़न 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान उभरे मुद्दों का विस्तार है, जिसे अब वह 'हिस्सेदारी न्याय' के नाम से आगे बढ़ा रहे हैं। आकर्षक शीर्षक विकल्प (Catchy Headlines) यदि आप इस खबर को सोशल मीडिया या लेख के रूप में साझा करना चाहते हैं, तो यहाँ कुछ बेहतरीन शीर्षक हैं: "संविधान को ढाल बना, हिस्सेदारी की हुंकार: क्या राहुल गांधी बदल पाएंगे भारत की सियासी दिशा?" "एक्स-रे से न्याय तक: बहुजन अधिकारों पर राहुल गांधी का मास्टरप्लान।" "सत्ता नहीं, व्यवस्था परिवर्तन: राहुल गांधी की 'हिस्सेदारी राजनीति' का नया अध्याय।" विशेष नोट: राहुल गांधी के अनुसार, यह लड़ाई केवल सत्ता की नहीं, बल्कि उस 'सिस्टम' को बदलने की है जहाँ दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की संस्थागत भागीदारी नगण्य है।1
- बाँदा - पुलिस परीक्षा को लेकर जनपद में दिखाई पड़ी चुस्त दुरुस्त व्यवस्था, जनपद में बनाये गए दस परीक्षा क्रेंद 3840अभ्यार्थी होंगे शामिल, पुलिस भर्ती परीक्षा दो पालियों में कराई जाएगी सम्पन्न 10बजे से 12बजे तक और 3से 5बजे तक होगी परीक्षा, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जनपद को पांच जोनों में बांटा गया, मामला पुलिस भर्ती परीक्षा से जुड़ा है।3