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जिला गुना ग्राम पंचायत मानपुर
Ankesh yabav Yadav
जिला गुना ग्राम पंचायत मानपुर
- Ankesh yabav Yadavगुना नगर, गुना, मध्य प्रदेशजल्द karbai करो7 hrs ago
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- मध्य प्रदेश के गुना स्थित म्याना गांव में पिछले 24 घंटे के भीतर बंद कमरों से एक के बाद एक शव मिलने से पूरे गांव में दहशत फैल गई। गांववालों को आसपास के मकान से सड़ने की दुर्गंध आने पर शक हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस को सबसे पहले 21 जून को ओम प्रकाश शर्मा का शव उनके खेत पर बने कमरे से मिला। इस मामले की जांच पूरी होती, इससे पहले ही अगले दिन पुलिस ने एक और कमरे से दो अन्य शव बरामद किए, जिनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल थे। क्षत-विक्षत और 2-3 दिन पुरानी लाशें देखकर पुलिस भी हैरान रह गई, उनकी पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया था। इस ट्रिपल मर्डर केस की गंभीरता को देखते हुए, स्वयं पुलिस अधीक्षक हितीका वत्सल ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की और पुलिस टीम को जांच में लगाया। घटना के मात्र 7 घंटे के भीतर पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सीताराम जाटव ने अपनी मां बिंदा बाई के ओम प्रकाश शर्मा से अवैध संबंध और संपत्ति हड़पने के लालच में तीनों लोगों की हत्या कर दी।1
- माँ के अवैध संबंधों से बेहद नाराज़ एक बेटे ने एक खूनी साज़िश को अंजाम दिया। इस साज़िश के तहत, बेटे ने तीन लोगों का गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।1
- मध्य प्रदेश के गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड का गुना पुलिस ने मात्र 7 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि अवैध संबंधों से उपजा विवाद और संपत्ति हड़पने की लालच ही इस जघन्य वारदात का मुख्य कारण बनी। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। यह मामला तब सामने आया जब 21 जून 2026 को म्याना स्थित ओमप्रकाश शर्मा के खेत पर बने मकान से दुर्गंध आने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने एक बंद कमरे से करीब 3 से 4 दिन पुराना, सड़ी-गली अवस्था में एक पुरुष का शव बरामद किया, जिसकी पहचान 56 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा के रूप में हुई। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरू की। अगले ही दिन, 22 जून को, उसी मकान के दूसरे बंद कमरे से भी दुर्गंध आने पर ताला खुलवाने पर एक महिला और एक पुरुष के शव मिले। महिला की पहचान बदरवास (जिला शिवपुरी) निवासी बिंदाबाई जाटव के रूप में हुई, जबकि दूसरे शव की प्रारंभिक पहचान रामकृष्ण जाटव के तौर पर की गई। लगातार शवों के मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक हितिका वासल स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं और जांच की निगरानी की। पुलिस ने मृतकों के परिजनों से पूछताछ की, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल, साइबर सेल, फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ तथा डॉग स्क्वॉड की मदद ली। जांच के दौरान, 18 जून की एक सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसकी पहचान म्याना थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी सुरेंद्र जाटव के रूप में हुई, जो मृतका बिंदाबाई का भांजा था। पूछताछ के दौरान बिंदाबाई के पुत्र सीताराम जाटव और सुरेंद्र जाटव के बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर पुलिस का शक गहरा गया। कड़ी पूछताछ के बाद, दोनों आरोपियों ने हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने की बात कबूल कर ली। उन्होंने पुलिस को बताया कि बिंदाबाई के ओमप्रकाश शर्मा से अवैध संबंध थे, इसी बात से नाराज होकर और ओमप्रकाश शर्मा की संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से उन्होंने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर 18 जून की रात तीनों की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शवों को अलग-अलग कमरों में बंद करके ताले लगा दिए गए थे। पुलिस ने इस मामले में सीताराम जाटव (32 वर्ष) और सुरेंद्र जाटव (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में एक तीसरे आरोपी की संलिप्तता भी सामने आई है जिसकी पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गुना पुलिस ने इस त्वरित कार्रवाई को वैज्ञानिक जांच, तत्काल प्रतिक्रिया और संवेदनशील पुलिसिंग का परिणाम बताया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले के अन्य पहलुओं की गहन जांच जारी है और फरार आरोपी को भी जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।2
- गुना पुलिस ने अपनी त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से एक सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मात्र 07 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में, म्याना थाना क्षेत्र में घटित इस जघन्य वारदात की गुत्थी सुलझाने में गुना पुलिस की सूक्ष्म विवेचना और पेशेवर दक्षता एक बार फिर साबित हुई है। मामले का खुलासा तब हुआ जब 21 जून 2026 को म्याना स्थित ओमप्रकाश शर्मा के खेत पर बने मकान से दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। वहां एक बंद कमरे से लगभग 3-4 दिन पुराना सड़ा-गला शव मिला, जिसकी पहचान ओमप्रकाश शर्मा (56 वर्ष) के रूप में हुई। अगले ही दिन, 22 जून 2026 को, उसी मकान के दूसरे बंद कमरे से भी दुर्गंध आने पर ताला खुलवाने पर एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद हुए। महिला की पहचान बिन्दाबाई जाटव के रूप में हुई, जबकि दूसरे शव को शुरू में रामकृष्ण जाटव का माना गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और गहन जांच के निर्देश दिए, जिसकी वे लगातार मॉनीटरिंग कर रही थीं। पुलिस ने मृतकों के परिजनों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की तथा कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 18 जून 2026 के एक फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे पूछताछ के लिए पकड़ा गया। यह व्यक्ति मृतिका बिन्दाबाई की बहन का लड़का सुरेन्द्र जाटव निवासी ग्राम शाहपुर, थाना म्याना निकला। मृतिका बिन्दाबाई के पुत्र सीताराम जाटव और सुरेन्द्र जाटव के बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर, उनसे कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि बिन्दाबाई के ओमप्रकाश शर्मा से अवैध संबंध थे, जिससे वे नाराज थे। साथ ही, ओमप्रकाश शर्मा की संपत्ति हड़पने के लालच में, उन्होंने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर 18 जून 2026 की रात को तीनों की गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से, उन्होंने शवों को अलग-अलग कमरों में बंद कर ताले लगा दिए थे। पुलिस ने आरोपी सीताराम जाटव (32 वर्ष) और सुरेन्द्र जाटव (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में एक अन्य आरोपी की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। गुना पुलिस की यह सफलता अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया और वैज्ञानिक जांच प्रणाली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, और मामले के शेष पहलुओं की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।1
- अशोकनगर में उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर और बिजली दरों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, उन्होंने कलेक्ट्रेट तक एक रैली निकाली, जिसमें उन्होंने संबंधित नीति को वापस लेने की मांग की।1
- अमीरपुरखेड़ी छाबड़ा में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद क्षेत्र की ग्राम पंचायत बंजारी और अमलावदा आली में सोमवार को ग्रामीण सेवा शिविर 2026 का सफल आयोजन किया गया। सरकार की जनकल्याणकारी और फ्लैगशिप योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से हुए इस शिविर में अधिकारियों ने आमजन को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, मौके पर ही परिवेदनाओं का निस्तारण किया और लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाया। इस शिविर में राजस्व, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पंचायती राज, आयोजना, ग्रामीण विकास, पशुपालन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल, श्रम, कृषि, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति, जनजाति क्षेत्रीय विकास, शिक्षा, ऊर्जा, सार्वजनिक निर्माण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सहकारिता, सैनिक कल्याण, वन, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण तथा परिवहन विभाग सहित कुल 22 विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बंजारी पंचायत समिति छीपाबड़ौद में आयोजित शिविर के दौरान ग्राम गुराड़ी के कल्याण, डूंगरसिंह, महेंद्र और हैमराज सहित अन्य ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार राधेश्याम लवंशी को बताया कि उनके खेतों पर आने-जाने का रास्ता खसरा नंबर 49 से होकर गुजरता है, जिसे गाँव के कुछ लोगों ने 10-12 वर्षों से अतिक्रमण कर बंद कर रखा था। शिविर प्रभारी नायब तहसीलदार ने तत्काल कानूगो ललित शाक्यवाल और पटवारी शुभम क्षोत्रिय के नेतृत्व में एक राजस्व टीम मौके पर भेजी। राजस्व रिकॉर्ड और नक्शे के आधार पर खसरा 49 की पैमाइश की गई और रास्ते में की गई अवैध बाड़बंदी तथा कब्जों को जेसीबी की मदद से शांतिपूर्ण ढंग से हटवाया गया। इस कार्रवाई से अब किसानों को अपने खेतों तक आवागमन में सुविधा मिलेगी। वहीं, अमलावदा आली में हुए शिविर में ग्राम गुंदलाई निवासी शिवनाथ सिंह मीणा पुत्र रामचंद्र मीणा ने अपनी समस्या बताई। उन्होंने जानकारी दी कि ग्राम गुंदलाई और मौखमपुरा में उनके खाता संख्या 105, 9, 11, 6, 7, 8 में उनका नाम शिवनाथ सिंह के बजाय शिवनारायण सिंह, सोनाथ सिंह या श्योनाथ सिंह दर्ज हो गया था, जिसके कारण उन्हें बैंक, केसी और मुआवजे से संबंधित कार्यों में 20-22 साल से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिविर प्रभारी के निर्देश पर राजस्व टीम ने आवश्यक दस्तावेजों की जाँच कर मौके पर ही खाते में नाम का संशोधन कर दिया, जिस पर किसान ने शिविर की व्यवस्था और त्वरित समाधान पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। अमलावदा आली शिविर में तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर, कानूगो दीपक मीणा, हर्षप्रताप सिंह, प्रशासक दिलीप मीणा और ग्राम विकास अधिकारी दिलीप सिंह भाटी उपस्थित रहे। जबकि बंजारी शिविर में नायब तहसीलदार राधेश्याम लवंशी, अतिरिक्त कानूगो जगदीश नामदेव, ललित शाक्यवाल, पटवारी शुभम क्षोत्रिय, ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र गुर्जर, किशनदास स्वामी और कंप्यूटर सहायक राकेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। इन सफल आयोजनों के बाद, मंगलवार 23.06.2026 को कचनारीयां कलां और मौखमपुरा में भी ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे।4
- मोहर्रम के आयोजनों की तैयारियों के संबंध में शाढ़ौरा थाना प्रभारी की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ पत्रकार भी मौजूद रहे, जहाँ आगामी मोहर्रम पर्व को लेकर चर्चा की गई।1