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बड़ी खबर लोकसभा में बजा पूरा वंदे मातरम। वंदे मातरम का गान को पहली बार राष्ट्रगान जैसा पूर्ण सम्मान।* संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन यानी 13 अगस्त 2026 को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही 'वंदे मातरम' का पूर्ण गान सभी 6 अंतरे किया गया, जिसके तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।गृह मंत्रालय के नए दिशानिर्देशों के तहत अब विशेष और आधिकारिक अवसरों पर राष्ट्रीय गीत के सभी 6 अंतरे पूरे सम्मान के साथ गाए जाने अनिवार्य किए गए हैं, जो लगभग 3 मिनट 10 सेकंड तक चलता है।
खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
बड़ी खबर लोकसभा में बजा पूरा वंदे मातरम। वंदे मातरम का गान को पहली बार राष्ट्रगान जैसा पूर्ण सम्मान।* संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन यानी 13 अगस्त 2026 को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही 'वंदे मातरम' का पूर्ण गान सभी 6 अंतरे किया गया, जिसके तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।गृह मंत्रालय के नए दिशानिर्देशों के तहत अब विशेष और आधिकारिक अवसरों पर राष्ट्रीय गीत के सभी 6 अंतरे पूरे सम्मान के साथ गाए जाने अनिवार्य किए गए हैं, जो लगभग 3 मिनट 10 सेकंड तक चलता है।
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- बड़ी खबर लोकसभा में बजा पूरा वंदे मातरम। वंदे मातरम का गान को पहली बार राष्ट्रगान जैसा पूर्ण सम्मान।* संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन यानी 13 अगस्त 2026 को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही 'वंदे मातरम' का पूर्ण गान सभी 6 अंतरे किया गया, जिसके तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।गृह मंत्रालय के नए दिशानिर्देशों के तहत अब विशेष और आधिकारिक अवसरों पर राष्ट्रीय गीत के सभी 6 अंतरे पूरे सम्मान के साथ गाए जाने अनिवार्य किए गए हैं, जो लगभग 3 मिनट 10 सेकंड तक चलता है।1
- तिरंगा यात्रा ने उड़ाई यातायात नियमों की धज्जियां, जनप्रतिनिधि भी बिना हेलमेट नजर आए मैहर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निकाली गई तिरंगा यात्रा में देशभक्ति का जोश तो देखने को मिला, लेकिन इसी दौरान यातायात नियमों की जमकर अनदेखी भी सामने आई। यात्रा में शामिल सैकड़ों बाइक सवारों में बड़ी संख्या में युवा बिना हेलमेट के बाइक चलाते नजर आए। सबसे बड़ा सवाल उस समय खड़ा हुआ जब मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी भी बिना हेलमेट के यात्रा में शामिल दिखाई दिए। वहीं मैहर भाजपा मंडल अध्यक्ष विकास तिवारी सहित यात्रा में शामिल कई बाइक सवारों ने भी हेलमेट नहीं लगाया था। तिरंगा हाथ में लेकर निकली इस यात्रा में यातायात नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन कराने और बिना हेलमेट वाहन चलाने पर कार्रवाई करने वाला यातायात विभाग क्या जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक आयोजनों में शामिल लोगों के लिए भी वही नियम लागू करता है? अगर नियम सभी के लिए समान हैं तो फिर तिरंगा यात्रा के दौरान सैकड़ों बाइक सवारों को बिना हेलमेट सड़क पर चलने की अनुमति कैसे मिली? आम तौर पर गांवों और कस्बों से आने वाले गरीब और सामान्य नागरिकों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने तथा बिना हेलमेट वाहन चलाने पर चालानी कार्रवाई करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों से अब सवाल है कि क्या यातायात नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं? तिरंगा यात्रा देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, लेकिन देश के कानून और यातायात नियमों का सम्मान करना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। ऐसे में जिले के यातायात प्रभारी और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि तिरंगा यात्रा के दौरान बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों पर क्या कार्रवाई की जाएगी? सवाल सीधा है—जब जनप्रतिनिधि ही यातायात नियमों को ठेंगा दिखाएंगे, तो आम नागरिकों को नियमों का पाठ कौन और किस नैतिक अधिकार से पढ़ाएगा?1
- *सौरज पांडेय के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों के साथ शहर में निकाली गई मोटरसाइकिल तिरंगा यात्रा* *सौरज पांडेय के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों के साथ शहर में निकाली गई मोटरसाइकिल तिरंगा यात्रा* *तिरंगा यात्रा में गूंजे भारत माता की जय के नारे* मैहर - सौरज पांडेय के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों के साथ शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए तिरंगा यात्रा निकाली गई हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज दोपहर माई की रसोई से भव्य मोटरसाइकिल तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का नेतृत्व माई की रसोई के संचालक पंडित धीरज पांडे के पुत्र सौरज पांडे ने किया। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में युवा एवं देशभक्त नागरिक मोटरसाइकिलों के साथ शामिल हुए। तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे थे और पूरे मार्ग में भारत माता की जय तथा देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंजता रहा। यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रप्रेम देशभक्ति एवं राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना रहा। मोटरसाइकिल तिरंगा रैली माई की रसोई से होते हुए किला चौक, पुरानी बस्ती, शारदा टॉकीज, घंटाघर, रेलवे स्टेशन, स्टेट बैंक चौराहा, कटनी मोड़ एवं जेल तिराहा होते हुए पुनः माई की रसोई पहुंची, जहां यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हर घर तिरंगा अभियान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा के समापन पर सौरज पांडेय ने सभी साथियों का आभार व्यक्त किया।2
- देशभक्ति के रंग में रंगा मैहर शहर: 'हर घर तिरंगा' यात्रा में गूंजे 'भारत माता की जय' के गगनभेदी नारे मैहर। हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज दोपहर माता की रसोई से भव्य मोटरसाइकिल तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का नेतृत्व माता की रसोई के संचालक पंडित धीरज पांडे के पुत्र सौरज पांडे ने किया। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में युवा एवं देशभक्त नागरिक मोटरसाइकिलों के साथ शामिल हुए। तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे थे और पूरे मार्ग में भारत माता की जय तथा देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंजता रहा। यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना रहा। मोटरसाइकिल रैली किला चौक, पुरानी बस्ती, शारदा टॉकीज, घंटाघर, रेलवे स्टेशन, स्टेट बैंक चौराहा, कटनी मोड़ एवं जेल तिराहा होते हुए पुनः माता की रसोई पहुंची, जहां यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हर घर तिरंगा अभियान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।1
- अमरपाटन में रहवासियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 32 घंटे से जारी: मर्चुरी शिफ्टिंग और नाली निर्माण समेत कई मांगों को लेकर धरना मैहर (मध्य भारत न्यूज़): मैहर जिले के अमरपाटन नगर परिषद अंतर्गत वार्ड नंबर 5 के निवासियों का बेमियादी धरना लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। 32 घंटे से अधिक समय से चल रहे इस आंदोलन में स्थानीय नागरिकों का गुस्सा प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ लगातार बढ़ता जा रहा है। रहवासियों का आरोप है कि नगर परिषद को पूर्व में ज्ञापन सौंपकर निर्धारित समय-सीमा में समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई कदम न उठाए जाने के कारण मजबूरन उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठना पड़ा। मुख्य मांगें: मर्चुरी की शिफ्टिंग: वार्ड नंबर 5 में निर्माणाधीन मर्चुरी (शवगृह) को यहां से हटाकर सिविल अस्पताल परिसर में स्थापित किया जाए। जलभराव से मुक्ति: क्षेत्र में पानी भराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नाली निर्माण कराया जाए। सौंदर्यीकरण: वार्ड स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति का सौंदर्यीकरण किया जाए। 30 घंटे बाद भी नहीं पहुंचे जिम्मेदार अफसर धरने पर बैठे लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदर्शन शुरू हुए 30 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासन या नगर परिषद का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है। इस उपेक्षा से स्थानीय जनता में भारी असंतोष है। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित नागरिकों ने नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धर्मेंद्र बंसल और सिद्धार्थ नालंदा ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह अनिश्चितकालीन आंदोलन समाप्त नहीं होगा।1
- सुप्रभात, आपका दिन मंगलमय हो! 🌹 जगत जननी माँ "शारदा भवानी" जी के मैहर स्थित *श्री शारदा शक्तिपीठ* में आज दि. 13 अगस्त *प्रातः कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन।* जय माई की 🙏🏻 सुप्रभात, आपका दिन मंगलमय हो! 🌹 जगत जननी माँ "शारदा भवानी" जी के मैहर स्थित *श्री शारदा शक्तिपीठ* में आज दि. 13 अगस्त *प्रातः कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन।* जय माई की 🙏🏻1
- गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की फुल ड्रेस रिहर्सल उस्ताद अल्लाउद्दीन खां स्टेडियम में संपन्न। मैहर - उस्ताद अल्लाउद्दीन खां स्टेडियम में आगामी गणतंत्र दिवस समारोह की भव्य तैयारी के तहत फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों और स्कूलों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रिहर्सल के दौरान, सभी प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया, जिसमें देशभक्ति गीत, परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। यह आयोजन गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर होने वाले मुख्य समारोह की तैयारियों का हिस्सा था, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हों। उस्ताद अल्लाउद्दीन खां स्टेडियम, मैहर,गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह की सफलता सुनिश्चित करना ,विभिन्न स्कूलों और सरकारी विभागों की सक्रिय भागीदारी आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सुनिश्चित किया कि हर गतिविधि को समय पर और व्यवस्थित रूप से पूरा किया जाए। रिहर्सल की सफलता को देखते हुए, आयोजकों का मानना है कि गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह भी उतने ही भव्य और सफल तरीके से आयोजित होगा। इस शानदार आयोजन की तैयारी में शामिल सभी लोगों की सराहना की जाती है, जिन्होंने इसे सफल बनाने में अपना योगदान दिया।4