इतिहास, शौर्य और संस्कृति की धरती चित्तौड़गढ़ से जुड़ी किरण भारती (किरण गोस्वामी), जो इंदौर की बेटी भी हैं, ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित सोनी टीवी के लोकप्रिय रियलिटी शो "तुम हो न घर की सुपरस्टार" में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। इस उपलब्धि से उन्होंने न केवल चित्तौड़गढ़, बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है, और अब वे जिले तथा प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का विषय बन गई हैं। किरण भारती की यह सफलता पाँच वर्षों की निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास, धैर्य और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार रचनात्मक कार्य करते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और अंततः राष्ट्रीय टेलीविजन के मंच तक पहुँचने का अपना सपना साकार किया। उनकी यात्रा यह प्रमाणित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हों और प्रयास निरंतर किए जाएँ, तो एक साधारण परिवार से निकलकर भी असाधारण उपलब्धियाँ प्राप्त की जा सकती हैं। इसमें उनके पति धर्मेश भारती के विश्वास, सहयोग और प्रोत्साहन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो यह दर्शाता है कि परिवार का साथ किसी भी महिला की सफलता की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। रियलिटी शो के दौरान, किरण भारती ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं के सोलह श्रृंगार का महत्व है, लेकिन आज के समय में महिलाओं का "सत्रहवाँ श्रृंगार आज़ादी" है। उनके इस विचार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं को अपने सपनों को देखने, उन्हें पूरा करने और अपनी अलग पहचान बनाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनकी सफलता की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आधुनिक डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बनाते हुए भी उन्होंने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को नहीं छोड़ा। संयुक्त परिवार में रहकर, सास-ससुर का सम्मान करते हुए, राजस्थानी रीति-रिवाजों, पारिवारिक मर्यादाओं और पारंपरिक जीवनशैली का पालन करते हुए, उन्होंने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में राष्ट्रीय पहचान बनाई। उन्होंने साबित किया कि आधुनिकता का अर्थ अपनी संस्कृति और संस्कारों से दूरी बनाना नहीं है, बल्कि सकारात्मक सोच और परिवार के सहयोग से परंपराओं के साथ भी ऊँचाइयों तक पहुँचा जा सकता है। सोशल मीडिया पर उनकी मेहनत और राजस्थानी संस्कृति आधारित प्रस्तुतियों, जैसे "बिंदणी घूमर", "द लेगेसी" और "जोड़ी", ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई और राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया। सोनी टीवी के रियलिटी शो में सफल प्रस्तुति के बाद, जब किरण भारती चित्तौड़गढ़ लौटीं, तो सामाजिक संगठनों, परिजनों, मित्रों, शुभचिंतकों और आमजन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सोशल मीडिया पर भी उन्हें हजारों शुभकामनाएँ और बधाइयाँ प्राप्त हो रही हैं, और लोगों ने उनकी उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बताया। उनकी यह यात्रा उन महिलाओं के लिए विशेष प्रेरणा है, जो मानती हैं कि पारिवारिक जिम्मेदारियाँ और व्यक्तिगत सपने साथ-साथ पूरे नहीं किए जा सकते। यह उपलब्धि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है और यह सिद्ध करती है कि महिलाएँ अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं, और सफलता के लिए सांस्कृतिक मूल्यों का त्याग आवश्यक नहीं है। उनका संदेश—"महिलाओं का सत्रहवाँ श्रृंगार आज़ादी है"—आज आत्मविश्वास, समान अवसर, संस्कार और महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त घोष बन चुका है।
इतिहास, शौर्य और संस्कृति की धरती चित्तौड़गढ़ से जुड़ी किरण भारती (किरण गोस्वामी), जो इंदौर की बेटी भी हैं, ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित सोनी टीवी के लोकप्रिय रियलिटी शो "तुम हो न घर की सुपरस्टार" में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। इस उपलब्धि से उन्होंने न केवल चित्तौड़गढ़, बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है, और अब वे जिले तथा प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का विषय बन गई हैं। किरण भारती की यह सफलता पाँच वर्षों की निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास, धैर्य और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार रचनात्मक कार्य करते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और अंततः राष्ट्रीय टेलीविजन के मंच तक पहुँचने का अपना सपना साकार किया। उनकी यात्रा यह प्रमाणित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हों और प्रयास निरंतर किए जाएँ, तो एक साधारण परिवार से निकलकर भी असाधारण उपलब्धियाँ प्राप्त की जा सकती हैं। इसमें उनके पति धर्मेश भारती के विश्वास, सहयोग और प्रोत्साहन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो यह दर्शाता है कि परिवार का साथ किसी भी महिला की सफलता की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। रियलिटी शो के दौरान, किरण भारती ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं के सोलह श्रृंगार का महत्व है, लेकिन आज के समय में महिलाओं का "सत्रहवाँ श्रृंगार आज़ादी" है। उनके इस विचार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं को अपने सपनों को देखने, उन्हें पूरा करने और अपनी अलग पहचान बनाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनकी सफलता की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आधुनिक डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बनाते हुए भी उन्होंने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को नहीं छोड़ा। संयुक्त परिवार में रहकर, सास-ससुर का सम्मान करते हुए, राजस्थानी रीति-रिवाजों, पारिवारिक मर्यादाओं और पारंपरिक जीवनशैली का पालन करते हुए, उन्होंने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में राष्ट्रीय पहचान बनाई। उन्होंने साबित किया कि आधुनिकता का अर्थ अपनी संस्कृति और संस्कारों से दूरी बनाना नहीं है, बल्कि सकारात्मक सोच और परिवार के सहयोग से परंपराओं के साथ भी ऊँचाइयों तक पहुँचा जा सकता है। सोशल मीडिया पर उनकी मेहनत और राजस्थानी संस्कृति आधारित प्रस्तुतियों, जैसे "बिंदणी घूमर", "द लेगेसी" और "जोड़ी", ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई और राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया। सोनी टीवी के रियलिटी शो में सफल प्रस्तुति के बाद, जब किरण भारती चित्तौड़गढ़ लौटीं, तो सामाजिक संगठनों, परिजनों, मित्रों, शुभचिंतकों और आमजन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सोशल मीडिया पर भी उन्हें हजारों शुभकामनाएँ और बधाइयाँ प्राप्त हो रही हैं, और लोगों ने उनकी उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बताया। उनकी यह यात्रा उन महिलाओं के लिए विशेष प्रेरणा है, जो मानती हैं कि पारिवारिक जिम्मेदारियाँ और व्यक्तिगत सपने साथ-साथ पूरे नहीं किए जा सकते। यह उपलब्धि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है और यह सिद्ध करती है कि महिलाएँ अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं, और सफलता के लिए सांस्कृतिक मूल्यों का त्याग आवश्यक नहीं है। उनका संदेश—"महिलाओं का सत्रहवाँ श्रृंगार आज़ादी है"—आज आत्मविश्वास, समान अवसर, संस्कार और महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त घोष बन चुका है।
- बड़ीसादड़ी में 'जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' के संरक्षक और मास्टर सर्जन डॉ. विमल नागौरी ने क्षेत्रवासियों को हिन्दुस्तान जिंक के औद्योगिक अपशिष्ट 'जेरोफिक्स' के संभावित दुष्प्रभावों, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और इससे जुड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि औद्योगिक अपशिष्टों के प्रभावों को लेकर पूरे क्षेत्र में गंभीर चिंता का माहौल बना हुआ है, जिसके समाधान के लिए समयबद्ध स्वास्थ्य जांच, पर्याप्त उपचार सुविधाओं की उपलब्धता और पर्यावरणीय समाधान हेतु ठोस प्रयास आवश्यक हैं। डॉ. नागौरी ने हिन्दुस्तान जिंक प्रबंधन से आग्रह किया कि जेरोफिक्स के कारण क्षेत्रवासियों को होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई की जाए। उन्होंने कंपनी से आमजन और गरीब परिवारों के लिए तुरंत चिकित्सकीय तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके साथ ही, डॉ. नागौरी ने जेरोफिक्स हटाने की प्रक्रिया को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरा करने और प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी 'एरिया ट्रीटमेंट' के उपाय करने की भी पुरजोर वकालत की। उन्होंने उद्योग और क्षेत्र के लोगों के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य और पर्यावरण से संबंधित मुद्दों पर पूरी पारदर्शिता, प्रभावी निगरानी और मजबूत कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. नागौरी ने प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान खोजने पर भी जोर दिया।1
- रेलमगरा क्षेत्र के धनेरिया गढ़ में 3 जुलाई को मानसून की पहली बारिश ने दस्तक दी। शाम करीब 7:40 बजे अचानक तेज आंधी के साथ काले बादल छा गए। इसके बाद लगभग 20-25 मिनट तक अच्छी बारिश हुई, जो बिजली की चमक और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ आई। मानसुन की इस पहली बारिश ने काले बादलों और बिजली की गड़गड़ाहट के साथ धनेरिया गढ़ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- डूंगला में जिला विशेष टीम (डीएसटी) और मंगलवाड़ थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 2800 लीटर चोरी का अवैध केमिकल जब्त किया है, जिसके संबंध में चार आरोपियों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई जिला रसद विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में की गई, जिसके बाद आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के निर्देशन तथा वृताधिकारी बड़ीसादड़ी हरिश्चन्द्र सिंह के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। डीएसटी प्रभारी एएसआई सुरज कुमार से मिली सूचना के आधार पर थानाधिकारी मंगलवाड़ भगवानलाल ने अपने जाप्ते के साथ छापरी सरहद में दबिश दी। इस दौरान एक बाड़े से कुल 28 ड्रमों में लगभग 2800 लीटर चोरी का अवैध केमिकल बरामद किया गया। इनमें से 7 ड्रमों में करीब 1400 लीटर तथा शेष 21 ड्रमों में औसतन 50 से 80 लीटर केमिकल भरा हुआ था। जिला रसद कार्यालय के अधिकारी हिमांशु जोशी की उपस्थिति में इस केमिकल को जब्त किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह चोरी का अवैध केमिकल चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे स्थित राजहंस होटल के पीछे ट्रकों से उतारा जा रहा था। मामले में चार आरोपियों के विरुद्ध नामजद प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में मंगलवाड़ थाना पुलिस टीम से थानाधिकारी भगवानलाल, एसआई गोकुललाल, एएसआई भैरूलाल तथा कांस्टेबल टंवर सिंह, श्रीभान सिंह, गजेन्द्र सिंह एवं भैरूलाल शामिल रहे। वहीं, डीएसटी टीम में एएसआई सुरज कुमार के साथ कांस्टेबल वीरेंद्र, देवेंद्र, रामकेश, सुरेश सुंडा, जगदीश, अरविंद, अशोक एवं कृष्णकांत ने भाग लिया। जिला रसद कार्यालय, चित्तौड़गढ़ से हिमांशु जोशी एवं विजय थालोड़ भी इस कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे।4
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़ तहसील में महुआ से धामनिया को जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। यह मार्ग इस्तेमाल के लायक नहीं है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- चित्तौड़गढ़ जिला कांग्रेस कमेटी की नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया है, जिसमें चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र के सक्रिय और समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। इन नियुक्तियों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत का आभार और धन्यवाद व्यक्त किया है। नवगठित कार्यकारिणी में गौरीलाल गुर्जर को जिला उपाध्यक्ष, शैलेंद्र सिंह शक्तावत और गोविंद चौधरी को जिला महासचिव, जबकि दिनेश भोई और महेंद्र मीणा को जिला सचिव मनोनीत किया गया है। कार्यकर्ताओं ने इन मनोनयन पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया है। उनका मानना है कि इससे संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और कांग्रेस और अधिक सशक्त होगी। इस अवसर पर सभी नवमनोनीत पदाधिकारियों का साफा एवं उपरना पहनाकर अभिनंदन भी किया गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत के नेतृत्व और संगठन को मजबूत करने के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका विशेष आभार भी जताया। इस दौरान प्रदेश सचिव रणजीत लोट, पर्यावरण प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष कमल गुर्जर, ओबीसी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष गेहरूगिरी गोस्वामी, शहर महामंत्री शंभुलाल प्रजापत, सरपंच प्रतिनिधि रतनलाल मीणा, शंभूलाल शर्मा, देवीलाल गुर्जर, रतन भोई, भेरूलाल पुरबिया, सुनील चौधरी, तेजपाल भोई, सुरेश ईनाणी, यश प्रताप सिंह, गौरव मेडतवाल, कमलेश ईनाणी, देवीलाल अहीर, हर्षित मुरोलिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- चित्तौड़गढ़ नगर माहेश्वरी सभा में हाल ही में शांतिपूर्ण एवं निर्विरोध चुनाव संपन्न हुए, जिसके परिणामस्वरूप भरत माहेश्वरी को संगठन का अध्यक्ष चुना गया। इस चुनाव के बाद, सभा की नई कार्यकारिणी ने समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने, संगठन को सशक्त करने और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण संकल्प लिए।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के लड़की गांव में एक जमीन विवाद ने गहरा रूप ले लिया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर पक्षपात करने और थाने में मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाते हुए शुक्रवार शाम करीब 4 बजे पुलिस अधीक्षक सागर राणा को एक ज्ञापन सौंपा है। परिवार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। राजपूत समाज के प्रतिनिधियों के साथ पहुंचे परिवार ने रायपुर थाने में तैनात कांस्टेबल गोरखाराम के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे निलंबित करने की भी मांग की है। पीड़ित राजू सिंह ने बताया कि लड़की गांव में उनके पड़ोसी भैरू रावल से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। राजू सिंह के अनुसार, 30 जून को भैरू रावल उनके बाड़े में घुस आया और पपीते तथा अमरूद के पेड़ काट दिए। जब इसका विरोध किया गया, तो भैरू रावल ने राजू सिंह की माता के साथ अभद्रता की और कुल्हाड़ी दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इस घटना की शिकायत रायपुर थाने में दर्ज कराने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे कांस्टेबल गोरखाराम ने कार्रवाई करने के बजाय पहले कथित आरोपी पक्ष से बातचीत की। इसके बाद दोनों पक्षों की महिलाओं के बीच कहासुनी हुई, जिसका कांस्टेबल वीडियो बनाता रहा, लेकिन उसने विवाद रोकने या उचित कार्रवाई करने का कोई प्रयास नहीं किया। पीड़ित परिवार के अनुसार, 1 जुलाई की रात कांस्टेबल गोरखाराम और अन्य पुलिसकर्मी राजू सिंह के भाई गोटू सिंह को बयान लेने के बहाने रायपुर थाने ले गए, जहां रातभर उसके साथ मारपीट की गई और उसे बिना किसी अपराध के थाने में ही बैठाए रखा गया। अगले दिन जमानत पर रिहा होने के बाद गोटू सिंह की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे पहले रायपुर अस्पताल और फिर महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी पक्ष को संरक्षण दे रही है और भैरू रावल उनके बाड़े के पास स्थित गली पर कब्जा करना चाहता है। ज्ञापन में कांस्टेबल गोरखाराम और इस मामले से संबंधित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कराने की पुरजोर मांग की गई है।1
- खोर-घटियावाली मार्ग पर गंभीरी नदी की पुलिया पर पानी की आवक बढ़ गई है। इस वजह से पुलिया का निर्माण कार्य बीच में ही रोकना पड़ा है, जिससे आने-जाने वाले यातायात के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।1