बड़ीसादड़ी में 'जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' के संरक्षक और मास्टर सर्जन डॉ. विमल नागौरी ने क्षेत्रवासियों को हिन्दुस्तान जिंक के औद्योगिक अपशिष्ट 'जेरोफिक्स' के संभावित दुष्प्रभावों, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और इससे जुड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि औद्योगिक अपशिष्टों के प्रभावों को लेकर पूरे क्षेत्र में गंभीर चिंता का माहौल बना हुआ है, जिसके समाधान के लिए समयबद्ध स्वास्थ्य जांच, पर्याप्त उपचार सुविधाओं की उपलब्धता और पर्यावरणीय समाधान हेतु ठोस प्रयास आवश्यक हैं। डॉ. नागौरी ने हिन्दुस्तान जिंक प्रबंधन से आग्रह किया कि जेरोफिक्स के कारण क्षेत्रवासियों को होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई की जाए। उन्होंने कंपनी से आमजन और गरीब परिवारों के लिए तुरंत चिकित्सकीय तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके साथ ही, डॉ. नागौरी ने जेरोफिक्स हटाने की प्रक्रिया को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरा करने और प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी 'एरिया ट्रीटमेंट' के उपाय करने की भी पुरजोर वकालत की। उन्होंने उद्योग और क्षेत्र के लोगों के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य और पर्यावरण से संबंधित मुद्दों पर पूरी पारदर्शिता, प्रभावी निगरानी और मजबूत कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. नागौरी ने प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान खोजने पर भी जोर दिया।
बड़ीसादड़ी में 'जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' के संरक्षक और मास्टर सर्जन डॉ. विमल नागौरी ने क्षेत्रवासियों को हिन्दुस्तान जिंक के औद्योगिक अपशिष्ट 'जेरोफिक्स' के संभावित दुष्प्रभावों, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और इससे जुड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि औद्योगिक अपशिष्टों के प्रभावों को लेकर पूरे क्षेत्र में गंभीर चिंता का माहौल बना हुआ है, जिसके समाधान के लिए समयबद्ध स्वास्थ्य जांच, पर्याप्त उपचार सुविधाओं की उपलब्धता और पर्यावरणीय समाधान हेतु ठोस प्रयास आवश्यक हैं। डॉ. नागौरी ने हिन्दुस्तान जिंक प्रबंधन से आग्रह किया कि जेरोफिक्स के कारण क्षेत्रवासियों को होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई की जाए। उन्होंने कंपनी से आमजन और गरीब परिवारों के लिए तुरंत चिकित्सकीय तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके साथ ही, डॉ. नागौरी ने जेरोफिक्स हटाने की प्रक्रिया को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरा करने और प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी 'एरिया ट्रीटमेंट' के उपाय करने की भी पुरजोर वकालत की। उन्होंने उद्योग और क्षेत्र के लोगों के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य और पर्यावरण से संबंधित मुद्दों पर पूरी पारदर्शिता, प्रभावी निगरानी और मजबूत कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. नागौरी ने प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान खोजने पर भी जोर दिया।
- इतिहास, शौर्य और संस्कृति की धरती चित्तौड़गढ़ ने देश को अनेक प्रेरक व्यक्तित्व दिए हैं। इसी कड़ी में चित्तौड़गढ़ की बहू और इंदौर की बेटी किरण भारती (किरण गोस्वामी) ने सोनी टीवी के लोकप्रिय रियलिटी शो "तुम हो न घर की सुपरस्टार" में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराकर चित्तौड़गढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि आज जिले और पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का विषय बन गई है। किरण भारती की यह सफलता पाँच वर्षों की निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास, धैर्य और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार रचनात्मक कार्य करते हुए अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई और अंततः राष्ट्रीय टेलीविजन के मंच तक पहुँचने का अपना सपना साकार किया। उनकी यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हों और प्रयास निरंतर जारी रहें, तो एक साधारण परिवार से निकलकर भी असाधारण उपलब्धियाँ प्राप्त की जा सकती हैं। रियलिटी शो के दौरान किरण भारती ने महिला सशक्तिकरण पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं के सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व है, लेकिन आज के समय में महिलाओं का "सत्रहवाँ श्रृंगार आज़ादी" है। उनके इस विचार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। किरण ने स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं को अपने सपनों को देखने, उन्हें पूरा करने और अपनी एक अलग पहचान बनाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि आज वे जिस मुकाम पर पहुँची हैं, उसमें उनके पति धर्मेश भारती के विश्वास, सहयोग और प्रोत्साहन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवार का साथ किसी भी महिला की सफलता की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है, जो संस्कारों के साथ सफलता की उड़ान भरने में सहायक होता है।1
- निकुंभ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पर गंभीर आरोप लगे हैं, जहाँ बच्चों से विद्यालय परिसर की सफाई और गाजर घास उखड़वाने का काम करवाया जा रहा है। इन आरोपों के अनुसार, जब एक अभिभावक ने इस मामले की शिकायत की, तो उन्हें अपने बच्चे की टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) काटने की धमकी दी गई। इस पूरे प्रकरण को लेकर अब कलेक्टर से निष्पक्ष जाँच कराने की माँग की गई है।1
- आजकल पुरुष का मर्डर जैसे एक आम खबर बनता जा रहा है, पर हर हत्या एक परिवार की नहीं, बल्कि तीन परिवारों की पूरी दुनिया उजाड़ देती है। इस संदर्भ में एक मंगेतर को 'कितना बड़ा मूर्ख' बताया गया है, जिसने अपनी होने वाली पत्नी के कथित बहकावे में आकर हत्या जैसा गंभीर अपराध किया। इस कृत्य से उसने न केवल एक व्यक्ति की जान ली, बल्कि अपना भविष्य भी पूरी तरह से बर्बाद कर लिया। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि क्या उस मंगेतर के दिमाग में 'गोबर भरा था', क्योंकि जो महिला अपने प्रेमी की जान लेने के लिए बहका सकती है, वह इस 'मूर्खराज' को कैसे अपना मान सकती थी? यह भी कहा गया है कि यदि उसने थोड़ी सी भी समझदारी दिखाई होती, तो अपराध करने के बजाय मंगनी तोड़ने का एक बेहतर और अच्छा विकल्प उसके पास मौजूद था, जिसका उसने उपयोग नहीं किया। एक दुखद पहलू यह भी है कि कई लोगों को लगता है कि भारतीय कानून के कारण ऐसे मामलों में महिलाएँ आसानी से बच निकलती हैं, जबकि पूरी जिम्मेदारी पुरुष पर आ जाती है। यदि कानून के लागू होने में कहीं भी असमानता है, तो उसकी निष्पक्ष समीक्षा और सुधार किया जाना चाहिए। अंत में यह याद दिलाया गया है कि किसी के बहकावे में आकर किया गया अपराध भी एक अपराध ही होता है। इस पर जोर दिया गया है कि दोषी चाहे पुरुष हो या महिला, न्याय और कानून सबके लिए समान होने चाहिए।1
- चित्तौड़गढ़, 03 जुलाई 2026 को जिला विशेष टीम (डीएसटी) और बड़ीसादड़ी थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए अचलपुरा स्थित एक किराने की दुकान पर दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने दुकान से 71 पव्वे अवैध अंग्रेजी और देशी शराब के साथ-साथ 05 बीयर जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एएसपी मुकुल शर्मा और डीएसपी बड़ीसादड़ी हरिश्चंद्र सिंह के सुपरविजन में की गई। थानाधिकारी बड़ीसादड़ी प्रेमसिंह के नेतृत्व में गठित टीम, जिसमें एएसआई प्रकाशचंद्र और डीएसटी टीम के एएसआई सूरज कुमार भी शामिल थे, ने अचलपुरा में रोड किनारे रमेशचंद्र पिता मांगीलाल, उम्र 40 साल, निवासी अचलपुरा द्वारा संचालित किराने की दुकान पर दबिश दी। दुकान से 38 पव्वे काउंटी क्लब 180 एमएल, 22 पव्वे लॉयल देशी सादा मदिरा 180 एमएल, 11 पव्वे देशी मदिरा गुलाब 180 एमएल और 05 किंगफिशर बीयर 650 एमएल बरामद हुए। अवैध अंग्रेजी शराब बेचने के संबंध में जब आरोपी रमेशचंद्र मोग्या से अनुज्ञापत्र के बारे में पूछा गया, तो वह कोई वैध अनुज्ञापत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर पुलिस ने मौके से अवैध शराब जब्त कर आरोपी रमेशचंद्र मोग्या को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। मामले में अनुसंधान जारी है। इस कार्रवाई में थाना बड़ीसादड़ी से पुलिस निरीक्षक प्रेमसिंह, एएसआई प्रकाशचंद्र, कांस्टेबल श्रवण जीतराम, नानूराम, जगदीश और डीएसटी से एएसआई सूरज कुमार, रामकेश, देवेंद्र, वीरेंद्र, सुरेश, जगदीश सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।1
- इतिहास, शौर्य और संस्कृति की धरती चित्तौड़गढ़ से जुड़ी किरण भारती (किरण गोस्वामी), जो इंदौर की बेटी भी हैं, ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित सोनी टीवी के लोकप्रिय रियलिटी शो "तुम हो न घर की सुपरस्टार" में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। इस उपलब्धि से उन्होंने न केवल चित्तौड़गढ़, बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है, और अब वे जिले तथा प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का विषय बन गई हैं। किरण भारती की यह सफलता पाँच वर्षों की निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास, धैर्य और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार रचनात्मक कार्य करते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और अंततः राष्ट्रीय टेलीविजन के मंच तक पहुँचने का अपना सपना साकार किया। उनकी यात्रा यह प्रमाणित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हों और प्रयास निरंतर किए जाएँ, तो एक साधारण परिवार से निकलकर भी असाधारण उपलब्धियाँ प्राप्त की जा सकती हैं। इसमें उनके पति धर्मेश भारती के विश्वास, सहयोग और प्रोत्साहन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो यह दर्शाता है कि परिवार का साथ किसी भी महिला की सफलता की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। रियलिटी शो के दौरान, किरण भारती ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं के सोलह श्रृंगार का महत्व है, लेकिन आज के समय में महिलाओं का "सत्रहवाँ श्रृंगार आज़ादी" है। उनके इस विचार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं को अपने सपनों को देखने, उन्हें पूरा करने और अपनी अलग पहचान बनाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनकी सफलता की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आधुनिक डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बनाते हुए भी उन्होंने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को नहीं छोड़ा। संयुक्त परिवार में रहकर, सास-ससुर का सम्मान करते हुए, राजस्थानी रीति-रिवाजों, पारिवारिक मर्यादाओं और पारंपरिक जीवनशैली का पालन करते हुए, उन्होंने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में राष्ट्रीय पहचान बनाई। उन्होंने साबित किया कि आधुनिकता का अर्थ अपनी संस्कृति और संस्कारों से दूरी बनाना नहीं है, बल्कि सकारात्मक सोच और परिवार के सहयोग से परंपराओं के साथ भी ऊँचाइयों तक पहुँचा जा सकता है। सोशल मीडिया पर उनकी मेहनत और राजस्थानी संस्कृति आधारित प्रस्तुतियों, जैसे "बिंदणी घूमर", "द लेगेसी" और "जोड़ी", ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई और राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया। सोनी टीवी के रियलिटी शो में सफल प्रस्तुति के बाद, जब किरण भारती चित्तौड़गढ़ लौटीं, तो सामाजिक संगठनों, परिजनों, मित्रों, शुभचिंतकों और आमजन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सोशल मीडिया पर भी उन्हें हजारों शुभकामनाएँ और बधाइयाँ प्राप्त हो रही हैं, और लोगों ने उनकी उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बताया। उनकी यह यात्रा उन महिलाओं के लिए विशेष प्रेरणा है, जो मानती हैं कि पारिवारिक जिम्मेदारियाँ और व्यक्तिगत सपने साथ-साथ पूरे नहीं किए जा सकते। यह उपलब्धि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है और यह सिद्ध करती है कि महिलाएँ अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं, और सफलता के लिए सांस्कृतिक मूल्यों का त्याग आवश्यक नहीं है। उनका संदेश—"महिलाओं का सत्रहवाँ श्रृंगार आज़ादी है"—आज आत्मविश्वास, समान अवसर, संस्कार और महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त घोष बन चुका है।1
- भूपालसागर कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर है, जहाँ हिंसक हो चुके ये कुत्ते अब पालतू मवेशियों, विशेषकर उनके बछड़ों को अपना शिकार बना रहे हैं। इन लगातार हो रहे हमलों से स्थानीय पशुपालक बेहद परेशान हैं और उनमें प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि भूपालसागर क्षेत्र में कुत्तों की संख्या में अचानक भारी वृद्धि हुई है, क्योंकि समीपवर्ती कस्बों और नगरपालिका क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को पकड़कर भूपालसागर की सीमा में छोड़ दिया जाता है। इस कारण कुत्तों के झुंड सड़कों पर घूमते नजर आते हैं, जिससे लोगों का बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही, कस्बे के आबादी क्षेत्र और हाईवे किनारे संचालित मांस की दुकानों के संचालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मांस के टुकड़े और अपशिष्ट खुले में फेंक देते हैं, जिसे खाकर ये आवारा कुत्ते पूरी तरह मांसाहारी और हिंसक हो चुके हैं। जब इन कुत्तों को दुकानों के पास मांस नहीं मिलता, तो वे भूख के कारण मवेशियों के बाड़ों का रुख करते हैं। ये कुत्ते इतने निडर हो चुके हैं कि वे 8 से 10 फीट ऊंची दीवारों को भी लांघकर अंदर घुस जाते हैं और वहाँ बंधे मासूम बछड़ों को अपना शिकार बना लेते हैं। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए पत्र के अनुसार, इन हिंसक कुत्तों ने अब तक लगभग 100 से 150 बछड़ों को मारकर भारी नुकसान पहुँचाया है। गौशाला अध्यक्ष छोगालाल तेली ने प्रशासन का ध्यान इस गंभीर खतरे की ओर खींचते हुए कहा है कि जब आबादी क्षेत्र में सुरक्षित घरों के भीतर मवेशी सुरक्षित नहीं हैं, तो गौशाला, जहाँ अभी तक बाउंड्री वॉल भी नहीं बनी है, वहाँ गायें और बछड़े कितने सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए और बेजुबान मवेशियों की सुरक्षा तथा आमजन की राहत के लिए आवारा कुत्तों की समस्या का जल्द से जल्द पुख्ता निस्तारण किया जाए, अन्यथा गौशाला में कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है। मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी महेश गगोरिया को लिखित शिकायत सौंपी। उपखण्ड अधिकारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए फारेस्ट विभाग के कर्मचारियों को भूपालसागर में घूम रहे आवारा कुत्तों को पकड़कर जंगल में छोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को मांस की दुकान संचालकों को गंदगी खुले में न फेंकने के लिए पाबंद करने का भी आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने मांग की है कि खुले में मांस का कचरा फेंकने वाले दुकानदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी या स्थानांतरण अभियान चलाया जाए और पीड़ित पशुपालकों को उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस दौरान गौशाला अध्यक्ष छोगालाल तेली, सीता जाट, सतीश, सुशील, अजय धोबी, लक्ष्मी रावत, हिम्मत लाल डांगी, जगदीश, प्रेमी, दीपक विजयवर्गीय, उदयलाल, लालूराम, सुरेश गर्ग, नरेश, रतन लाल बैरवा, योगेश टांक, रमेश लौहार, रतन लाल नायक, मोहनलाल, अरुण, रामेश्वर लाल धोबी, राजकुमार लौहार, राजू सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।3
- यूट्यूब चैनल 'PrimeMusicSadas' पर भगवान शिव का एक विशेष भजन जारी किया गया है, जो इस सावन माह में पूरे भारत में तेजी से वायरल हो रहा है। दर्शकों और श्रोताओं से इस लोकप्रिय भजन को सुनने के लिए 'PrimeMusicSadas' यूट्यूब चैनल पर जाने का आग्रह किया गया है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में जिला विशेष टीम (डीएसटी) और बड़ीसादड़ी थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई को अंजाम देते हुए अचलपुरा स्थित एक किराना दुकान पर दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान दुकान से 71 पव्वे अवैध अंग्रेजी व देशी शराब तथा 5 बीयर जब्त की गईं और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के अनुसार, अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। एएसपी मुकुल शर्मा और डीएसपी बड़ीसादड़ी हरिशचन्द्र सिंह के सुपरविजन में तथा थानाधिकारी बड़ीसादड़ी प्रेमसिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने, एएसआई प्रकाशचन्द्र के जाप्ते और डीएसटी टीम के एएसआई सूरज कुमार के जाप्ते के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, सरहद अचलपुरा में रोड के किनारे स्थित रमेशचन्द्र (40 साल, पिता मांगीलाल, जाति मोग्या, निवासी अचलपुरा) की किराने की दुकान पर छापेमारी की। सूचना मिली थी कि रमेशचन्द्र की दुकान से अवैध अंग्रेजी शराब बेची जा रही है। दुकान की तलाशी के दौरान, पुलिस को 38 पव्वे काउण्टी क्लब (180 एमएल), 22 पव्वे लोयल देशी सादा मदिरा (180 एमएल), 11 पव्वे देशी मदिरा गुलाब (180 एमएल) और 5 किंगफिशर बीयर (650 एमएल) मिलीं, जिनकी कुल संख्या 71 पव्वे और 5 बीयर थी। अवैध शराब बेचने के संबंध में रमेशचन्द्र मोग्या से अनुज्ञा पत्र के बारे में पूछे जाने पर, उसने कोई अनुज्ञा पत्र नहीं होने की बात कही। इसके बाद, मौके से अवैध शराब जब्त कर आरोपी रमेशचन्द्र मोग्या को गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज किया गया है। इस मामले में अनुसंधान अभी भी जारी है।1