ग्वालियर जिले के भितरवार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को आयोजित मासिक समीक्षा बैठक के दौरान एएनएम नीता अहिरवार की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बैठक में जिले से आए अधिकारियों और प्रभारी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सामने ही उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ, हाथ-पैरों में जकड़न महसूस हुई और वे अचेत होकर वहीं गिर पड़ीं। मौजूद स्टाफ ने उन्हें तत्काल अस्पताल की ओपीडी में भर्ती कराया, जहाँ उपचार मिलने के बाद उन्हें राहत मिली। नीता अहिरवार के अनुसार, उन पर काम का निरंतर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि यह उन्हें दूसरी बार हार्ट अटैक का दौरा पड़ा है। इससे पहले 9 जून को भी उन्हें हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद कार्डियोलॉजिस्ट ने उन्हें तनाव और वर्कलोड कम करने की सलाह दी थी। नीता अहिरवार का आरोप है कि उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य प्रबंधन को अपनी बीमारी की गंभीरता से अवगत कराते हुए फील्ड वर्क कम करने की मांग की थी, लेकिन प्रबंधन ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। काम के अत्यधिक दबाव और टारगेट पूरे करने के लगातार निर्देशों से उत्पन्न शारीरिक एवं मानसिक तनाव उनके और उनके परिवार के लिए घातक साबित हो रहा है।
ग्वालियर जिले के भितरवार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को आयोजित मासिक समीक्षा बैठक के दौरान एएनएम नीता अहिरवार की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बैठक में जिले से आए अधिकारियों और प्रभारी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सामने ही उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ, हाथ-पैरों में जकड़न महसूस हुई और वे अचेत होकर वहीं गिर पड़ीं। मौजूद स्टाफ ने उन्हें तत्काल अस्पताल की ओपीडी में भर्ती कराया, जहाँ उपचार मिलने के बाद उन्हें राहत मिली। नीता अहिरवार के अनुसार, उन पर काम का निरंतर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि यह उन्हें दूसरी बार हार्ट अटैक का दौरा पड़ा है। इससे पहले 9 जून को भी उन्हें हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद कार्डियोलॉजिस्ट ने उन्हें तनाव और वर्कलोड कम करने की सलाह दी थी। नीता अहिरवार का आरोप है कि उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य प्रबंधन को अपनी बीमारी की गंभीरता से अवगत कराते हुए फील्ड वर्क कम करने की मांग की थी, लेकिन प्रबंधन ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। काम के अत्यधिक दबाव और टारगेट पूरे करने के लगातार निर्देशों से उत्पन्न शारीरिक एवं मानसिक तनाव उनके और उनके परिवार के लिए घातक साबित हो रहा है।
- ग्वालियर के गिर्द में व्हाइट हाउस के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पारस जैन का जगह-जगह जोरदार स्वागत किया जा रहा है। समर्थकों द्वारा ढोल-ताशों की थाप और मालाएं पहनाकर उनका सत्कार किया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस पार्टी द्वारा कुंवर घनश्याम सिंह का टिकट फाइनल कर दिया गया है।1
- ग्वालियर जिले के डबरा में सिमरिया टेकरी स्थित सेंट पीटर्स स्कूल में एक बार फिर बड़ा हंगामा देखने को मिला है। यहां पेरेंट्स मीटिंग में महज 10 मिनट की देरी से पहुंचे लगभग दो दर्जन अभिभावकों और उनके बच्चों को स्कूल प्रबंधन ने गेट बंद कर अंदर आने से रोक दिया। सुबह करीब 10:30 बजे हुई इस घटना के दौरान आक्रोशित छात्र और उनके परिजन चिलचिलाती धूप में बाहर खड़े रहने को मजबूर हुए। गेट पर मौजूद चौकीदार ने उन्हें साफ कह दिया कि अब कोई मीटिंग नहीं होगी और वे अगली मीटिंग में आएं। इस अड़ियल रवैये के बाद आक्रोशित परिजनों ने गेट के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर जब मीडियाकर्मी वहां पहुंचे, तब जाकर स्कूल प्रबंधन ने गेट खोला। शुरुआत में स्कूल की बागडोर संभालने वाले फादर मीटिंग के लिए तैयार नहीं थे और वहां से चले गए। बाद में जब हंगामा ज्यादा बढ़ा, तो प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल में हमारा नियम चलेगा, हालांकि स्थिति बिगड़ने पर अंततः मीटिंग कराई गई। सेंट पीटर्स स्कूल का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व में इस स्कूल पर धर्मांतरण के आरोप लग चुके हैं और महिला शोषण के मामले का सामना कर रहे एक फादर को प्रिंसिपल बनाए जाने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भारी हंगामा कर उसे हटवाया था। अभिभावकों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन के पास मानवीय संवेदनाओं की कोई जगह नहीं है। कुछ दिन पहले जब स्कूल की बस देरी से पहुंची थी, तब भी प्रबंधन ने बच्चों को आधे घंटे तक बाहर खड़ा रखा था, जिस पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले पर बीआरसी विवेक चौकोटिया ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही करार देते हुए मामले की जांच करने, प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।4
- दतिया रेलवे स्टेशन पहुंचने पर भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के समर्पित कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने गर्मजोशी और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया। कार्यकर्ताओं का यह स्नेह, विश्वास और जोश संघर्ष को और अधिक मजबूती प्रदान करने वाला है। स्टेशन से प्रस्थान करने के बाद अब किला चौक पर आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रत्याशी भाई दामोदर यादव जी के समर्थन में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया जाएगा। दतिया की जनता से परिवर्तन और सामाजिक न्याय के पक्ष में अपना आशीर्वाद देकर भाई दामोदर यादव जी को ऐतिहासिक विजय दिलाने का पूर्ण विश्वास जताया गया है। जय भीम, जय संविधान और जय भारत के उद्घोष के साथ इस संघर्ष को आगे बढ़ाया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश में उपचुनाव के लिए टिकट बदलने की सभी संभावनाओं को भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने सिरे से नकार दिया है।1
- दतिया में साल 2026 के उपचुनाव को लेकर लोगों में भारी उत्साह और जूनून का माहौल देखने को मिल रहा है। यहाँ नेता और आम नागरिक एक साथ मिलकर भविष्य की राह तय करने के लिए चर्चाओं में जुटे हुए हैं। अपनी प्रगति और भविष्य को आकार देने के लिए स्थानीय समुदाय का इस तरह गहराई से सक्रिय होना बेहद प्रेरणादायक है। ज़मीन पर लोगों की ऊर्जा साफ तौर पर दिखाई दे रही है और यहाँ हर एक आवाज़ बेहद महत्वपूर्ण है। उम्मीद की जा रही है कि यह चुनाव दतिया की जनता की वास्तविक आकांक्षाओं को सही ढंग से प्रदर्शित करेगा।1
- शिवपुरी जिले की करैरा पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन 315 बोर के देशी कट्टे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशाल पुत्र रामजीलाल यादव, रोहित पुत्र जसवंत सिंह यादव और रोशन पुत्र झुक्कू सिंह यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1