झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की नगरी पंचायत में स्थित मध्य विद्यालय नगरी के पास की जलमीनार पिछले कई महीनों से खराब पड़ी है। जहाँ सरकार हर घर तक जल पहुँचाने का दावा कर रही है, वहीं इस जलमीनार के खराब होने के कारण नगरी पंचायत के हजारों ग्रामीण, राहगीर और स्कूली बच्चे पेयजल के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह जलमीनार नगरी-बाराडीह, नगरी-बलथरिया, नगरी-फुचोनगरी, नगरी-भेंडरा और नगरी-सहरिया जैसे प्रमुख मार्गों पर स्थित है। प्रतिदिन हजारों राहगीर इन मार्गों से गुजरते हैं और मध्य विद्यालय नगरी के सैकड़ों बच्चे भी इसी जलमीनार से पानी पीते थे। जलमीनार के बंद होने से बच्चों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भीषण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर पेयजल समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण अब प्रखंड प्रशासन और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से इस जलमीनार की अविलंब मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि भीषण गर्मी में हजारों लोगों की प्यास बुझाई जा सके और उन्हें राहत मिल सके।
झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की नगरी पंचायत में स्थित मध्य विद्यालय नगरी के पास की जलमीनार पिछले कई महीनों से खराब पड़ी है। जहाँ सरकार हर घर तक जल पहुँचाने का दावा कर रही है, वहीं इस जलमीनार के खराब होने के कारण नगरी
पंचायत के हजारों ग्रामीण, राहगीर और स्कूली बच्चे पेयजल के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह जलमीनार नगरी-बाराडीह, नगरी-बलथरिया, नगरी-फुचोनगरी, नगरी-भेंडरा और नगरी-सहरिया जैसे प्रमुख मार्गों पर स्थित है। प्रतिदिन हजारों राहगीर इन मार्गों से गुजरते हैं और मध्य विद्यालय नगरी के सैकड़ों बच्चे भी इसी
जलमीनार से पानी पीते थे। जलमीनार के बंद होने से बच्चों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भीषण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर पेयजल समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं
हुई है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण अब प्रखंड प्रशासन और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से इस जलमीनार की अविलंब मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि भीषण गर्मी में हजारों लोगों की प्यास बुझाई जा सके और उन्हें राहत मिल सके।
- झारखंड के डुमरी स्थित केबी हाई स्कूल मैदान में आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा आयोजित दो दिवसीय सेमिनार रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य उद्देश्य आगामी जनगणना में आदिवासी कुड़मी समाज की पहचान, अधिकार, सामाजिक एकता, शिक्षा, संस्कृति और सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करना था। सेमिनार के दौरान समाज की ऐतिहासिक विरासत, भाषा-संस्कृति के संरक्षण, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और मौजूदा सामाजिक चुनौतियों का सामना करने जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि समाज के सभी सदस्य आगामी जनगणना में अपनी जनजाति के रूप में 'कुड़मी' और मातृभाषा के रूप में 'कुड़माली' दर्ज कराने के लिए एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाएंगे। वक्ताओं ने समाज के लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और पहचान व संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इस अवसर पर समाज के अधिकारों, शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए संगठित रूप से कार्य करने का संकल्प भी लिया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने समाज के उत्थान हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मूल मानता मूलखूंटी मानगर अजीत प्रसाद महतो थे। केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो, प्रदेश अध्यक्ष बैजनाथ महतो उर्फ छोटू दीपक पुनरियार, डॉ. निरीश महतो, युवा नेता पिंटू कुमार सहित समाज के कई बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। इसके अतिरिक्त, पूर्व मुखिया फलजीत महतो, मेघलाल महतो, जितेन्द्र प्रसाद महतो, तालेश्वर महतो, लखी महतो, साई मनी महतो, युवा नेत्री माला महतो, टिंकू महतो, शंकर पटेल, बासुदेव महतो और सुमित महतो झब्बू समेत दर्जनों अन्य महिला-पुरुषों ने भी इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अंत में, आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया, साथ ही भविष्य में भी समाजहित में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया।3
- बड़ा नारायणपुर के खैरताड़ में स्थानीय नौजवानों द्वारा एक शानदार क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। इस टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में पूर्व वार्ड पार्षद शबाना परवीन, कांग्रेस नेता श्याम, माउंटेन इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के मोहम्मद आलम और बड़ा नारायणपुर पंचायत के पंचायत अध्यक्ष सद्दाम मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। इस क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 16 टीमों ने हिस्सा लिया है। टूर्नामेंट का पहला मैच आमाटीला और खैरताड़ के बीच खेला गया। टॉस जीतकर आमा टीला की टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और निर्धारित आठ ओवरों में बिना कोई विकेट खोए 70 रनों का लक्ष्य खड़ा किया। जवाब में खैरताड़ की टीम 7 विकेट खोकर केवल 48 रन ही बना सकी, जिसके परिणामस्वरूप आमाटीला की टीम ने टूर्नामेंट का यह पहला मैच जीत लिया। इस आयोजन में इज़हार, शेरू, शोएब, जमील और हैदर जैसे आयोजक मौजूद थे।1
- यह ग्राउंड रिपोर्ट सड़क सुरक्षा के साथ हो रहे खिलवाड़ पर गंभीर सवाल उठाती है। इसमें सीधे तौर पर यह प्रश्न उठाया गया है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े इस खिलवाड़ का आखिर जिम्मेदार कौन है।1
- धनबाद के महुदा थाना क्षेत्र के भुरूंगिया में हलीम शेख की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इस हत्या की वजह पारिवारिक जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है। इस मामले में मृतक के बेटे समेत कुल तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगा है, जिनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- झारखंड के धनबाद जिले में एक कलयुगी बेटे ने अपने पिता को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के महज 12 घंटे के भीतर ही एसआईटी टीम और महुदा पुलिस ने मामले का सफलतापूर्वक उद्भेदन कर दिया। बाघमारा के एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने महुदा थाना में आयोजित एक प्रेस वार्ता में इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी।1
- झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की नगरी पंचायत में स्थित मध्य विद्यालय नगरी के पास की जलमीनार पिछले कई महीनों से खराब पड़ी है। जहाँ सरकार हर घर तक जल पहुँचाने का दावा कर रही है, वहीं इस जलमीनार के खराब होने के कारण नगरी पंचायत के हजारों ग्रामीण, राहगीर और स्कूली बच्चे पेयजल के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह जलमीनार नगरी-बाराडीह, नगरी-बलथरिया, नगरी-फुचोनगरी, नगरी-भेंडरा और नगरी-सहरिया जैसे प्रमुख मार्गों पर स्थित है। प्रतिदिन हजारों राहगीर इन मार्गों से गुजरते हैं और मध्य विद्यालय नगरी के सैकड़ों बच्चे भी इसी जलमीनार से पानी पीते थे। जलमीनार के बंद होने से बच्चों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भीषण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर पेयजल समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण अब प्रखंड प्रशासन और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से इस जलमीनार की अविलंब मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि भीषण गर्मी में हजारों लोगों की प्यास बुझाई जा सके और उन्हें राहत मिल सके।4
- झारखंड के गोमो ग्रुप में एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। यह आग गोमो मैदान के पास से उठी, जहाँ सूखी घास से निकली लपटों ने तेजी से घना धुआँ उत्पन्न करना शुरू कर दिया।1