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सुसनेर के हरीनगर क्षेत्र में उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब दो आवारा सांड अचानक आपस में भिड़ गए। इन सांडों की इस लड़ाई के दौरान कई गाड़ियां बाल-बाल बच गईं, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
राकेश बिकुन्दीया
सुसनेर के हरीनगर क्षेत्र में उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब दो आवारा सांड अचानक आपस में भिड़ गए। इन सांडों की इस लड़ाई के दौरान कई गाड़ियां बाल-बाल बच गईं, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
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- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में पर्यावरण दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया, जहाँ यह संदेश दिया गया कि प्रकृतिपति परमात्मा से शक्ति लेकर प्रकृति और पूरे विश्व को शुद्ध वाइब्रेशन देने से ही सही अर्थों में पर्यावरण दिवस मनाना सार्थक सिद्ध होगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री राम मानस समिति पिपलिया कुलमी के अध्यक्ष भ्राता गोवर्धन जी पाटीदार, भ्राता गंगाराम जी पाटीदार तथा माचलपुर से राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी उपस्थित रहीं, साथ ही संस्थान में प्रतिदिन आध्यात्मिक ज्ञान सुनने वाली माताएं और बहनें भी शामिल हुईं। ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी ने सबको शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए हर वर्ष 5 जून को मनाए जाने वाले इस दिवस के इतिहास का उल्लेख किया, जिसकी शुरुआत 1972 में केन्या के नीरोबी शहर से हुई थी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आधुनिकता की दौड़ में इंसान प्रकृति से दूर होता जा रहा है, जबकि हमें इससे जुड़ना चाहिए। दीदी ने बताया कि मानव शरीर प्रकृति के पांच तत्वों से बना है और किसी भी तत्व की कमी बीमारी का कारण बनती है, जैसे आत्मा के बिना जीवन असंभव है। इसी तरह, बगैर ऑक्सीजन के जीना असंभव है, और पेड़ों के अभाव में ग्लोबल वार्मिंग तेजी से बढ़ रही है। इसलिए, उन्होंने सभी को जागरूक होकर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। दीदी ने आगे कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ के कारण आज वह असंतुलित हो चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक गर्मी, ठंड और बेमौसम बरसात होती है। इसका मुख्य कारण वृक्षों की अंधाधुंध कटाई और पर्यावरण प्रदूषण है। उन्होंने यह भी समझाया कि इस संसार को चलाने के लिए तीन चीजें अनिवार्य हैं: पहली प्रकृति, दूसरी पुरुष (आत्मा), और तीसरा परमात्मा, जिन्हें प्रकृतिपति भी कहा जाता है। प्रकृति को पावन बनाने, उसका समन्वय करने और उसकी सेवा करने से ही प्रकृतिपति परमात्मा प्रसन्न होते हैं, जिससे अंत में प्रकृति ही आत्मा की सेवा करती है और आत्मा प्रकृतिजित बन जाती है। इसके विपरीत, प्रकृति इस संसार का विनाश भी कर सकती है, जैसे भूकंप, बाढ़ और सुनामी के माध्यम से। इस पर्यावरण दिवस के अवसर पर, सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया गया कि वे केवल एक दिन नहीं, बल्कि प्रतिदिन वृक्षों और जीव-जंतुओं के प्रति सकारात्मक विचार रखें। सकारात्मक रहकर सभी के प्रति भला सोचने, प्लास्टिक-पॉलिथीन का उपयोग न करने, ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाने और प्रकृतिपति परमात्मा से शक्ति लेकर पूरे विश्व को शुद्ध वाइब्रेशन देने का संदेश दिया गया, जिससे संसार सुखमय बन सके। कार्यक्रम के अंत में, संस्था से जुड़े सभी सदस्यों ने वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।1
- दतिया जिले के इंदरगढ़ मंडी के पीछे स्थित लगभग 1 करोड़ रुपये की शासकीय भूमि को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के तहत अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। इस कार्रवाई में अवैध कब्जे को हटाया गया, जिससे भूमि समतल हो गई। दतिया कलेक्टर स्वाप्रिनल वानखेडे और एसपी मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया। मौके पर एसडीएम अशोक अवस्थी और एसडीओपी अजय चानना जेसीबी के साथ पहुंचे और कार्रवाई का नेतृत्व किया। इस दौरान तहसीलदार दीपक यादव, कार्यपालक मजिस्ट्रेट आनंद भदोरिया, नायब तहसीलदार मनोज दिवाकर, थाना प्रभारी गौरव शर्मा, लाँच थाना प्रभारी शत्रुघन मिश्रा, मंडी सचिव विक्रम जाटव, पटवारी, आरआई, नगर परिषद और मंडी कर्मचारी सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।1
- शाजापुर जिले के काले पीपल थाना क्षेत्र के एक गांव में अवैध खनन को रोकने गई खनिज विभाग की टीम पर खनन माफिया ने पथराव कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब टीम क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों को रोकने के लिए पहुंची थी।1
- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) द्वारा शुक्रवार 5 जून को मध्य प्रदेश के शाजापुर में एक “चाय पर चर्चा” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की और उपस्थित कार्यकर्ताओं तथा आमजन को संबोधित किया। अपने संबोधन में मोहसिन अली खान ने AIMIM को समाज के सभी वर्गों की आवाज बुलंद करने वाली पार्टी बताया, जो संविधान के दायरे में रहकर लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है और प्रदेश में संगठन को और अधिक मजबूत किया जाएगा। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से AIMIM से जुड़कर संगठन को सशक्त बनाने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि AIMIM इस विषय पर अपनी लोकतांत्रिक और संवैधानिक लड़ाई जारी रखेगी और समाज के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी। यह कार्यक्रम नव नियुक्त शाजापुर प्रभारी अफसर अली की सदारत में संपन्न हुआ। इसमें राजगढ़ प्रभारी डॉ. फारुख खान, खरगोन कला प्रभारी शहजाद कुरैशी और सीहोर प्रभारी आबिद खान सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में आमीन पठान, राशिद खान, जावेद अंसारी, अरशद वारसी, वाजिद अली और अन्य युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और आगामी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया, जिससे उनमें उत्साह देखने को मिला। इस दौरान संगठन विस्तार और जनसंपर्क को लेकर भी कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। यह जानकारी AIMIM शाजापुर प्रभारी सैय्यद अफसर अली ने मीडिया को दी।7
- राजगढ़ जिले के ग्राम रनारा में स्थित बालाजी मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय सांगितमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन, शनिवार दोपहर 2 बजे, कथा व्यास सुश्री पूजा जी बैरागी ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को भक्ति के सरल मार्ग पर ले जाता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। बैरागी ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति रुक्मिणी के अद्भुत प्रेम और अटूट समर्पण को भक्ति की सर्वोत्तम परिभाषा बताया, साथ ही इस प्रसंग के माध्यम से भक्ति, श्रद्धा और प्रेम के महत्व को समझाया। कथा व्यास ने रुक्मिणी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को भेजे गए प्रेम-संदेश, श्रीकृष्ण का रथ लेकर कुंडिनपुर पहुंचना और रुक्मिणी हरण की घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिसे सुनकर सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।1
- लटूरी गेहलोत में आगामी 7 जून को एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य 'रक्तदान महादान, जीवनदान सबसे महान' के संदेश को बढ़ावा देना है।1
- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, माचलपुर में पर्यावरण दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम में श्री राम मानस समिति पिपलिया कुलमी के अध्यक्ष भ्राता गोवर्धन जी पाटीदार, भ्राता गंगाराम जी पाटीदार, माचलपुर से राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी तथा संस्थान से जुड़ी माताएं और बहनें मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर, ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी ने शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए प्रति वर्ष 5 जून को मनाया जाने वाला पर्यावरण दिवस, जिसकी शुरुआत 1972 में केन्या के नीरोबी शहर से हुई थी, तभी सार्थक सिद्ध होगा जब हम प्रकृतिपति परमात्मा से शक्ति लेकर प्रकृति और समस्त विश्व को शुद्ध वाइब्रेशन देंगे। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि इंसान आधुनिकता की दौड़ में प्रकृति से दूर होता जा रहा है, जबकि हमारा शरीर प्रकृति के पाँच तत्वों से मिलकर बना है और किसी भी एक तत्व की कमी से शरीर बीमार हो सकता है, ठीक वैसे ही जैसे आत्मा के बिना जीवन संभव नहीं। दीदी ने आगे कहा कि वृक्षों के अभाव में ग्लोबल वार्मिंग तेज़ी से बढ़ रही है और प्रकृति से छेड़छाड़ के कारण आज वह असंतुलित हो चुकी है, जिससे अत्यधिक गर्मी, ठंड और बेमौसम बरसात होती है। उन्होंने इसका मुख्य कारण वृक्षों की अंधाधुंध कटाई और पर्यावरण प्रदूषण बताया। उन्होंने समझाया कि इस संसार को चलाने के लिए प्रकृति, पुरुष (आत्मा) और प्रकृतिपति परमात्मा — ये तीन चीजें अनिवार्य हैं। प्रकृति को पावन बनाने, उसका समन्वय और सेवा करने से ही प्रकृतिपति परमात्मा प्रसन्न होते हैं, और इसके विपरीत होने पर प्रकृति इस संसार का विनाश (भूकंप, बाढ़, सुनामी) भी कर सकती है। इस पर्यावरण दिवस पर सभी को यह संकल्प लेने का आह्वान किया गया कि वे केवल एक दिन ही नहीं, बल्कि प्रतिदिन वृक्षों और जीव-जंतुओं के प्रति सकारात्मक विचार रखें, सकारात्मक रहें, सभी का भला सोचें, प्लास्टिक पॉलिथीन का उपयोग न करें, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएँ, और प्रकृतिपति परमात्मा से शक्ति लेकर पूरे विश्व को शुद्ध वाइब्रेशन दें, जिससे संसार सुखमय बन सके। कार्यक्रम के समापन पर, संस्था से जुड़े सभी सदस्यों ने वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा जिला मंदसौर म प्र1
- मंदसौर जिले के शामगढ़ से रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने अपनी खास रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसमें मध्य प्रदेश से संबंधित जानकारी शामिल है।1