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राजगढ़ जिले के ग्राम रनारा में स्थित बालाजी मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय सांगितमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन, शनिवार दोपहर 2 बजे, कथा व्यास सुश्री पूजा जी बैरागी ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को भक्ति के सरल मार्ग पर ले जाता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। बैरागी ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति रुक्मिणी के अद्भुत प्रेम और अटूट समर्पण को भक्ति की सर्वोत्तम परिभाषा बताया, साथ ही इस प्रसंग के माध्यम से भक्ति, श्रद्धा और प्रेम के महत्व को समझाया। कथा व्यास ने रुक्मिणी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को भेजे गए प्रेम-संदेश, श्रीकृष्ण का रथ लेकर कुंडिनपुर पहुंचना और रुक्मिणी हरण की घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिसे सुनकर सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

16 hrs ago
user_Rambabu Chouhan
Rambabu Chouhan
पत्रकार खिलचीपुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
16 hrs ago

राजगढ़ जिले के ग्राम रनारा में स्थित बालाजी मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय सांगितमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन, शनिवार दोपहर 2 बजे, कथा व्यास सुश्री पूजा जी बैरागी ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को भक्ति के सरल मार्ग पर ले जाता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। बैरागी ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति रुक्मिणी के अद्भुत प्रेम और अटूट समर्पण को भक्ति की सर्वोत्तम परिभाषा बताया, साथ ही इस प्रसंग के माध्यम से भक्ति, श्रद्धा और प्रेम के महत्व को समझाया। कथा व्यास ने रुक्मिणी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को भेजे गए प्रेम-संदेश, श्रीकृष्ण का रथ लेकर कुंडिनपुर पहुंचना और रुक्मिणी हरण की घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिसे सुनकर सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

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  • राजगढ़ जिले के ग्राम रनारा में स्थित बालाजी मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय सांगितमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन, शनिवार दोपहर 2 बजे, कथा व्यास सुश्री पूजा जी बैरागी ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को भक्ति के सरल मार्ग पर ले जाता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। बैरागी ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति रुक्मिणी के अद्भुत प्रेम और अटूट समर्पण को भक्ति की सर्वोत्तम परिभाषा बताया, साथ ही इस प्रसंग के माध्यम से भक्ति, श्रद्धा और प्रेम के महत्व को समझाया। कथा व्यास ने रुक्मिणी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को भेजे गए प्रेम-संदेश, श्रीकृष्ण का रथ लेकर कुंडिनपुर पहुंचना और रुक्मिणी हरण की घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिसे सुनकर सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
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    राजगढ़ जिले के ग्राम रनारा में स्थित बालाजी मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय सांगितमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन, शनिवार दोपहर 2 बजे, कथा व्यास सुश्री पूजा जी बैरागी ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को भक्ति के सरल मार्ग पर ले जाता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। बैरागी ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति रुक्मिणी के अद्भुत प्रेम और अटूट समर्पण को भक्ति की सर्वोत्तम परिभाषा बताया, साथ ही इस प्रसंग के माध्यम से भक्ति, श्रद्धा और प्रेम के महत्व को समझाया। कथा व्यास ने रुक्मिणी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को भेजे गए प्रेम-संदेश, श्रीकृष्ण का रथ लेकर कुंडिनपुर पहुंचना और रुक्मिणी हरण की घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिसे सुनकर सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
    user_Rambabu Chouhan
    Rambabu Chouhan
    पत्रकार खिलचीपुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • राजगढ़ जिले के कई क्षेत्रों में आज अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली, जिसका किसानों ने भी स्वागत किया। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी जिले के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
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    राजगढ़ जिले के कई क्षेत्रों में आज अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली, जिसका किसानों ने भी स्वागत किया।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी जिले के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
    user_Aap ki baat sab tak
    Aap ki baat sab tak
    Newspaper advertising department राजगढ़, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मामा जी ने एक बहुत महत्वपूर्ण बात कही है, जिसमें उन्होंने लोगों को बीमारी की स्थिति में किसी भी तरह का संकोच न करने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में तुरंत जांच करवानी चाहिए।
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    मामा जी ने एक बहुत महत्वपूर्ण बात कही है, जिसमें उन्होंने लोगों को बीमारी की स्थिति में किसी भी तरह का संकोच न करने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में तुरंत जांच करवानी चाहिए।
    user_Rambabu dangi
    Rambabu dangi
    जीरापुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रजापिता ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय माचलपुर द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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    प्रजापिता ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय माचलपुर द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
    user_BS Mandloi The News Today
    BS Mandloi The News Today
    जीरापुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • राजगढ़ के नरसिंहगढ़ क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले फेमस कॉमेडियन इनफ्लुएंसर धर्मेंद्र बिलौतिया का लगभग 12 मिलियन फॉलोअर्स वाला इंस्टाग्राम सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना से इनफ्लुएंसर समुदाय और सोशल मीडिया के अन्य इनफ्लुएंसरों में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया कंपनियों ने यह कार्रवाई बीते दिनों धर्मेंद्र द्वारा बनाई गई कॉमेडी रीलों के बाद की है, जिनमें उन्होंने दुबई की सड़कों की तुलना मध्य प्रदेश की सड़कों से की थी। इसके साथ ही, उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक घोटाले और 'काकरोच जनता पार्टी' को लेकर भी कॉमेडी सामग्री साझा की थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।
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    राजगढ़ के नरसिंहगढ़ क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले फेमस कॉमेडियन इनफ्लुएंसर धर्मेंद्र बिलौतिया का लगभग 12 मिलियन फॉलोअर्स वाला इंस्टाग्राम सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना से इनफ्लुएंसर समुदाय और सोशल मीडिया के अन्य इनफ्लुएंसरों में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया कंपनियों ने यह कार्रवाई बीते दिनों धर्मेंद्र द्वारा बनाई गई कॉमेडी रीलों के बाद की है, जिनमें उन्होंने दुबई की सड़कों की तुलना मध्य प्रदेश की सड़कों से की थी। इसके साथ ही, उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक घोटाले और 'काकरोच जनता पार्टी' को लेकर भी कॉमेडी सामग्री साझा की थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।
    user_Jagdish nagar
    Jagdish nagar
    पत्रकारिता,सोशल मीडिया पचोर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • नगर तलेन के यादव मोहल्ले में स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर यादव धर्मशाला प्रांगण में शुक्रवार रात को श्री बंजरग कीर्तन मंडली मंडलोईपुरा के तत्वावधान में 'झंडा कीर्तन मंडली बुलाने का कार्यक्रम' सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भव्य कार्यक्रम में नगर के आसपास सहित दूरदराज के 64 गांवों की कीर्तन मंडलियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इनमें आसारेटा, आबाडा, गुज़ारी, कांसरोद, गिंदोली, लाहरखेड़ा, बनी, अब्दापुर, जबरदी, सुखा बमोरा, नाहली, धुआं खेड़ी, बरूखेड़ी, आमलवती और बावड़ी खेड़ा जैसे गांव शामिल थे। इन मंडलियों ने मंच पर मनमोहक और सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी, जिन पर भजन प्रेमी जमकर नाचे। कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी कीर्तन मंडलियों को श्रीफल और भेंट देकर सम्मानित भी किया गया। भजन कीर्तन का यह कार्यक्रम देर रात तक उत्साहपूर्वक चलता रहा, जिसका संचालन गोपाल कृष्ण यादव ने किया। इस अवसर पर काफी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने इन सुमधुर भजनों का आनंद लिया और भंडारे में भोजन प्रसादी भी ग्रहण की।
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    नगर तलेन के यादव मोहल्ले में स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर यादव धर्मशाला प्रांगण में शुक्रवार रात को श्री बंजरग कीर्तन मंडली मंडलोईपुरा के तत्वावधान में 'झंडा कीर्तन मंडली बुलाने का कार्यक्रम' सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस भव्य कार्यक्रम में नगर के आसपास सहित दूरदराज के 64 गांवों की कीर्तन मंडलियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इनमें आसारेटा, आबाडा, गुज़ारी, कांसरोद, गिंदोली, लाहरखेड़ा, बनी, अब्दापुर, जबरदी, सुखा बमोरा, नाहली, धुआं खेड़ी, बरूखेड़ी, आमलवती और बावड़ी खेड़ा जैसे गांव शामिल थे। इन मंडलियों ने मंच पर मनमोहक और सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी, जिन पर भजन प्रेमी जमकर नाचे। कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी कीर्तन मंडलियों को श्रीफल और भेंट देकर सम्मानित भी किया गया।

भजन कीर्तन का यह कार्यक्रम देर रात तक उत्साहपूर्वक चलता रहा, जिसका संचालन गोपाल कृष्ण यादव ने किया। इस अवसर पर काफी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने इन सुमधुर भजनों का आनंद लिया और भंडारे में भोजन प्रसादी भी ग्रहण की।
    user_Raja Yadav
    Raja Yadav
    पचोर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • एक कच्चे मकान को लेकर यह सवाल उठाया गया है कि वह कब तक कच्चा रहेगा, और उसे पक्का कब बनवाया जाएगा।
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    एक कच्चे मकान को लेकर यह सवाल उठाया गया है कि वह कब तक कच्चा रहेगा, और उसे पक्का कब बनवाया जाएगा।
    user_Girraj bhill
    Girraj bhill
    अकलेरा, झालावाड़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में पर्यावरण दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया, जहाँ यह संदेश दिया गया कि प्रकृतिपति परमात्मा से शक्ति लेकर प्रकृति और पूरे विश्व को शुद्ध वाइब्रेशन देने से ही सही अर्थों में पर्यावरण दिवस मनाना सार्थक सिद्ध होगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री राम मानस समिति पिपलिया कुलमी के अध्यक्ष भ्राता गोवर्धन जी पाटीदार, भ्राता गंगाराम जी पाटीदार तथा माचलपुर से राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी उपस्थित रहीं, साथ ही संस्थान में प्रतिदिन आध्यात्मिक ज्ञान सुनने वाली माताएं और बहनें भी शामिल हुईं। ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी ने सबको शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए हर वर्ष 5 जून को मनाए जाने वाले इस दिवस के इतिहास का उल्लेख किया, जिसकी शुरुआत 1972 में केन्या के नीरोबी शहर से हुई थी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आधुनिकता की दौड़ में इंसान प्रकृति से दूर होता जा रहा है, जबकि हमें इससे जुड़ना चाहिए। दीदी ने बताया कि मानव शरीर प्रकृति के पांच तत्वों से बना है और किसी भी तत्व की कमी बीमारी का कारण बनती है, जैसे आत्मा के बिना जीवन असंभव है। इसी तरह, बगैर ऑक्सीजन के जीना असंभव है, और पेड़ों के अभाव में ग्लोबल वार्मिंग तेजी से बढ़ रही है। इसलिए, उन्होंने सभी को जागरूक होकर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। दीदी ने आगे कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ के कारण आज वह असंतुलित हो चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक गर्मी, ठंड और बेमौसम बरसात होती है। इसका मुख्य कारण वृक्षों की अंधाधुंध कटाई और पर्यावरण प्रदूषण है। उन्होंने यह भी समझाया कि इस संसार को चलाने के लिए तीन चीजें अनिवार्य हैं: पहली प्रकृति, दूसरी पुरुष (आत्मा), और तीसरा परमात्मा, जिन्हें प्रकृतिपति भी कहा जाता है। प्रकृति को पावन बनाने, उसका समन्वय करने और उसकी सेवा करने से ही प्रकृतिपति परमात्मा प्रसन्न होते हैं, जिससे अंत में प्रकृति ही आत्मा की सेवा करती है और आत्मा प्रकृतिजित बन जाती है। इसके विपरीत, प्रकृति इस संसार का विनाश भी कर सकती है, जैसे भूकंप, बाढ़ और सुनामी के माध्यम से। इस पर्यावरण दिवस के अवसर पर, सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया गया कि वे केवल एक दिन नहीं, बल्कि प्रतिदिन वृक्षों और जीव-जंतुओं के प्रति सकारात्मक विचार रखें। सकारात्मक रहकर सभी के प्रति भला सोचने, प्लास्टिक-पॉलिथीन का उपयोग न करने, ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाने और प्रकृतिपति परमात्मा से शक्ति लेकर पूरे विश्व को शुद्ध वाइब्रेशन देने का संदेश दिया गया, जिससे संसार सुखमय बन सके। कार्यक्रम के अंत में, संस्था से जुड़े सभी सदस्यों ने वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
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    प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में पर्यावरण दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया, जहाँ यह संदेश दिया गया कि प्रकृतिपति परमात्मा से शक्ति लेकर प्रकृति और पूरे विश्व को शुद्ध वाइब्रेशन देने से ही सही अर्थों में पर्यावरण दिवस मनाना सार्थक सिद्ध होगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री राम मानस समिति पिपलिया कुलमी के अध्यक्ष भ्राता गोवर्धन जी पाटीदार, भ्राता गंगाराम जी पाटीदार तथा माचलपुर से राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी उपस्थित रहीं, साथ ही संस्थान में प्रतिदिन आध्यात्मिक ज्ञान सुनने वाली माताएं और बहनें भी शामिल हुईं।

ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी ने सबको शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए हर वर्ष 5 जून को मनाए जाने वाले इस दिवस के इतिहास का उल्लेख किया, जिसकी शुरुआत 1972 में केन्या के नीरोबी शहर से हुई थी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आधुनिकता की दौड़ में इंसान प्रकृति से दूर होता जा रहा है, जबकि हमें इससे जुड़ना चाहिए। दीदी ने बताया कि मानव शरीर प्रकृति के पांच तत्वों से बना है और किसी भी तत्व की कमी बीमारी का कारण बनती है, जैसे आत्मा के बिना जीवन असंभव है। इसी तरह, बगैर ऑक्सीजन के जीना असंभव है, और पेड़ों के अभाव में ग्लोबल वार्मिंग तेजी से बढ़ रही है। इसलिए, उन्होंने सभी को जागरूक होकर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

दीदी ने आगे कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ के कारण आज वह असंतुलित हो चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक गर्मी, ठंड और बेमौसम बरसात होती है। इसका मुख्य कारण वृक्षों की अंधाधुंध कटाई और पर्यावरण प्रदूषण है। उन्होंने यह भी समझाया कि इस संसार को चलाने के लिए तीन चीजें अनिवार्य हैं: पहली प्रकृति, दूसरी पुरुष (आत्मा), और तीसरा परमात्मा, जिन्हें प्रकृतिपति भी कहा जाता है। प्रकृति को पावन बनाने, उसका समन्वय करने और उसकी सेवा करने से ही प्रकृतिपति परमात्मा प्रसन्न होते हैं, जिससे अंत में प्रकृति ही आत्मा की सेवा करती है और आत्मा प्रकृतिजित बन जाती है। इसके विपरीत, प्रकृति इस संसार का विनाश भी कर सकती है, जैसे भूकंप, बाढ़ और सुनामी के माध्यम से।

इस पर्यावरण दिवस के अवसर पर, सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया गया कि वे केवल एक दिन नहीं, बल्कि प्रतिदिन वृक्षों और जीव-जंतुओं के प्रति सकारात्मक विचार रखें। सकारात्मक रहकर सभी के प्रति भला सोचने, प्लास्टिक-पॉलिथीन का उपयोग न करने, ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाने और प्रकृतिपति परमात्मा से शक्ति लेकर पूरे विश्व को शुद्ध वाइब्रेशन देने का संदेश दिया गया, जिससे संसार सुखमय बन सके। कार्यक्रम के अंत में, संस्था से जुड़े सभी सदस्यों ने वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
    user_BS Mandloi The News Today
    BS Mandloi The News Today
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    14 hrs ago
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