जालौन जिले के कुठोंद और माधोगढ़ क्षेत्र में अचानक हुई तेज बारिश और करीब आधे घंटे तक हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। ओलों की मार से गेहूं, चना और सरसों की खड़ी फसलें बुरी तरह बर्बाद हो गईं। कई खेतों में फसलें पूरी तरह जमीन पर गिर गईं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि उस समय क्षेत्र में गेहूं, चना और सरसों की फसलों की कटाई चल रही थी। अचानक हुई तेज बारिश और ओलों की मार से खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें भी खराब हो गईं। किसानों का कहना है कि करीब आधे घंटे तक लगातार ओले गिरते रहे, जिससे खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह तबाह हो गई और किसानों के सपने भी चकनाचूर हो गए। किसानों ने कहा कि पराली जलाने पर तुरंत जुर्माना लगाया जाता है और मुकदमा भी दर्ज हो जाता है, लेकिन जब प्राकृतिक आपदा से फसलें बर्बाद हो जाती हैं तो मुआवजा मिलने में काफी देरी होती है। किसानों ने सवाल उठाया कि क्या इस बार उन्हें उतनी ही जल्दी मुआवजा मिल पाएगा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले अक्टूबर महीने में हुई बारिश से मटर की फसल भी खराब हो गई थी, लेकिन उसका मुआवजा अब तक नहीं मिल सका है। ऐसे में किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराया जाए और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्राकृतिक आपदा है और शासन-प्रशासन को तुरंत राहत पहुंचानी चाहिए, अन्यथा किसानों की आर्थिक स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
जालौन जिले के कुठोंद और माधोगढ़ क्षेत्र में अचानक हुई तेज बारिश और करीब आधे घंटे तक हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। ओलों की मार से गेहूं, चना और सरसों की खड़ी फसलें बुरी तरह बर्बाद हो गईं। कई खेतों में फसलें पूरी तरह जमीन पर गिर गईं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि उस समय क्षेत्र में गेहूं, चना और सरसों की फसलों की कटाई चल रही थी। अचानक हुई तेज बारिश और ओलों की मार से खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें भी खराब हो गईं। किसानों का कहना है कि करीब आधे घंटे तक लगातार ओले गिरते रहे, जिससे खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह तबाह हो गई और किसानों के सपने भी चकनाचूर हो गए। किसानों ने कहा कि पराली जलाने पर तुरंत जुर्माना लगाया जाता है और मुकदमा भी दर्ज हो जाता है, लेकिन जब प्राकृतिक आपदा से फसलें बर्बाद हो जाती हैं तो मुआवजा मिलने में काफी देरी होती है। किसानों ने सवाल उठाया कि क्या इस बार उन्हें उतनी ही जल्दी मुआवजा मिल पाएगा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले अक्टूबर महीने में हुई बारिश से मटर की फसल भी खराब हो गई थी, लेकिन उसका मुआवजा अब तक नहीं मिल सका है। ऐसे में किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराया जाए और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्राकृतिक आपदा है और शासन-प्रशासन को तुरंत राहत पहुंचानी चाहिए, अन्यथा किसानों की आर्थिक स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
- जालौन जिले में अचानक बदले मौसम ने जनपद में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि के साथ कहर बरपाया, जिससे जालौन, माधौगढ़, कुठौंद, कोंच और नदीगांव क्षेत्र के करीब 30 गांवों में खड़ी एवं कटी फसलें प्रभावित हो गईं। गेहूं और चना की तैयार फसलें सबसे अधिक नुकसान की चपेट में आईं, जहां कई खेतों में फसलें जमीन पर बिछ गईं तो कहीं कटी फसल भीगकर खराब हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तत्काल प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया। अपर जिलाधिकारी संजय कुमार, एसडीएम हेमंत पटेल और एसडीएम वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता के साथ स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधानात्मक निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने मौके पर ही राजस्व निरीक्षक, लेखपालों और कृषि विभाग की टीमों को निर्देशित करते हुए कहा कि फसल क्षति का सर्वे शनिवार शाम 6 बजे से ही प्रारंभ कर दिया गया है और इसे पूर्ण पारदर्शिता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने फसल बीमा कंपनियों को भी निर्देशित किया कि वे त्वरित रूप से नुकसान का आकलन कर किसानों को लाभ दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।कुठौंद और माधौगढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान सामने आया है, जबकि जालौन और कोंच तहसीलों में आंशिक क्षति दर्ज की गई है। मदनेपुर, गोरा राठौर, सलैया, चटसारी, दावर और ऊंचा गांव सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी किसान को नुकसान के आकलन में उपेक्षित नहीं किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बटाई व बलकट पर खेती करने वाले किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए कि लेखपाल खेत मालिकों से सहमति पत्र प्राप्त कर ऐसे किसानों को भी मुआवजा दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक प्रभावित किसान की फसल का शत-प्रतिशत आकलन कर शासन स्तर से शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी भी प्रकार की जनहानि या पशु हानि की सूचना मिलती है तो 24 घंटे के भीतर सहायता राशि प्रदान की जाए। जिला प्रशासन की त्वरित सक्रियता और मौके पर पहुंचकर किए जा रहे सर्वे कार्य से किसानों में राहत की उम्मीद जगी है, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस आपदा में किसी भी प्रभावित किसान को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।4
- जालौन। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष देवसिंह पटेल के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम हेमंत पटेल को ज्ञापन सौंपा है। जिसके माध्यम से उन्होंने बताया कि किसानों को निजी नलकूपों के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। बमुश्किल 10-11 घंटे बिजली मिल रही है। जिससे मूंग की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है और फसल सूखने की कगार पर हैं। उन्होंने निजी नलकूपों को पर्याप्त बिजली देने की मांग की है। पीपरी अठगइयां से गुपलापुर होकर हथना खुर्द के लिए निकली बिजली की हाईटेंशन लाइन को ऊंचा कराने की मांग की है। कुठौंद सहकारी समिति पर सरकारी गेंहू क्रय केंद्र खोले जाने की मांग की गई। जालौन के मनकापुर मौजा में ओला वृष्टि से नष्ट हुई फसल का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई। किसानों ने उनकी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की है। इस मौके पर पर कृपाल सिंह, विजय सिंह, मूल सिंह, धर्मेंद्र, राजकुमार, विनोद निरंजन, धर्मवीर सिंह, धीरेंद्र सिंह, कमलाकांत, जगदीश अशोक आदि मौजूद रहे।2
- झींझक मे सपा की पीडीए बैठक आयोजित पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया बोले जनता बदलाव के लियए तैयार झींझक में रविवार दोपहर करीब 2 बजे समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने के उद्देश्य से समाजवादी पार्टी की पीडीए बैठक एक गेस्ट हाउस में आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवकुमार बेरिया पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण और प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बैठक का आयोजन दीपू यादव के संयोजन में हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवकुमार बेरिया ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश भर में पीडीए बैठकें आयोजित कर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क अभियान चलाकर जनता को जागरूक करने और पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने वर्तमान भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और आवारा मवेशियों की समस्या से आम जनता त्रस्त है। नोटबंदी और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों को लंबी कतारों में खड़ा करने के अलावा कोई राहत नहीं दी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बदलाव की लहर है और जनता नई सरकार बनाने का मन बना चुकी है। कार्यक्रम का संचालन रविंद्र पालीवाल ने किया। बैठक में जिलाध्यक्ष बबलू यादव, पूर्व विधायक प्रमोद गुप्ता, फैजान खान, पवन कटियार, निर्देश यादव, सर्वेश सिंह नीरु सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- औरैया। रविवार को महाराजा निषाद राज गुह्य की जयंती के अवसर पर निषाद समाज के लोगों द्वारा शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस आयोजन में सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और पूरे उत्साह व श्रद्धा के साथ जयंती मनाई। शोभायात्रा का शुभारंभ शहर के प्रमुख स्थल से किया गया जो विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः अपने निर्धारित स्थान पर समाप्त हुई। यात्रा के दौरान महाराजा निषाद राज की आकर्षक झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। झांकी को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। शोभायात्रा में शामिल लोग ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते हुए आगे बढ़ रहे थे। साथ ही समाज के युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और महाराजा निषाद राज के जयकारे लगाए। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे। उन्होंने महाराजा निषाद राज के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्श समाज के लिए प्रेरणादायक हैं और उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज को आगे बढ़ाना चाहिए। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आयोजन के अंत में समाज के लोगों ने एकजुटता और सामाजिक उत्थान का संकल्प लिया।1
- मंगलपुर थाना क्षेत्र के सुरासी गांव में स्थित काली माता मंदिर को कुछ अराजक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्रीय ग्रामीणों ने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोगों को सूचना दी। सूचना मिलते ही बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मंदिर स्थल पर पहुंचे और हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया और मंदिर को ठीक कराया। साथ ही, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोग थाने पहुंचे और तहरीर दी। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और इस सिलसिले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- औरैया। रविवार को महाराजा निषाद राज गुह्य की जयंती के अवसर पर निषाद समाज के लोगों द्वारा शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस आयोजन में सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और पूरे उत्साह व श्रद्धा के साथ जयंती मनाई। शोभायात्रा का शुभारंभ शहर के प्रमुख स्थल से किया गया, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः अपने निर्धारित स्थान पर समाप्त हुई। यात्रा के दौरान महाराजा निषाद राज की आकर्षक झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। झांकी को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। शोभायात्रा में शामिल लोग ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते हुए आगे बढ़ रहे थे। साथ ही, समाज के युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और महाराजा निषाद राज के जयकारे लगाए। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे। उन्होंने महाराजा निषाद राज के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्श समाज के लिए प्रेरणादायक हैं और उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज को आगे बढ़ाना चाहिए। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आयोजन के अंत में समाज के लोगों ने एकजुटता और सामाजिक उत्थान का संकल्प लिया।4
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- जालौन जनपद के कालपी नगर में आज National Highways Authority of India (NHAI) द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। सर्विस रोड किनारे बने नाले से लगभग 5 मीटर तक किए गए अवैध कब्जों को बुलडोजर चलाकर हटाया गया। इस दौरान प्रशासनिक अमला और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी। बताया गया कि लंबे समय से सर्विस रोड और नाले के आसपास लोगों द्वारा अवैध निर्माण कर लिया गया था, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा था बल्कि जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद NHAI ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कई दुकानों, टीनशेड और अस्थायी निर्माणों को हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और हाईवे व सर्विस रोड को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।1
- कोतवाली क्षेत्र के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना शनिवार देर रात की है, जब एक्सप्रेसवे पर खड़े हार्वेस्टर में पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी। अजीतमल क्षेत्र के अंतर्गत बीते शनिवार की रात करीब 11 बजे ग्राम मीरपुर रतनपुर, थाना दियोरिया कला, जनपद पीलीभीत निवासी सतनाम सिंह अपने भाई सम्पूर्ण सिंह, कारज सिंह व हरप्रीत सिंह के साथ हार्वेस्टर कंबाइन (संख्या UP 26 Z 4151) से महोबा के कुलपहाड़ से वापस लौट रहे थे। जैसे ही वे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर पहुंचे तभी हार्वेस्टर के इंजन में खराबी आ गई। जिस पर वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया। इसी दौरान ट्रक चालक ने तेज गति व लापरवाही से खड़े हार्वेस्टर में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में सतनाम सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में सम्पूर्ण सिंह, कारज सिंह, हरप्रीत सिंह सहित अन्य शामिल हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल औरैया व चिचौली स्थित 100 शैय्या अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई थी, जिसके बाद एम्बुलेंस की सहायता से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में हार्वेस्टर कंबाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। मृतक की पत्नी श्रीमती नन्ही की तहरीर पर कोतवाली अजीतमल पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। कोतवाल ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और दोषी चालक के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1