प्रयागराज जनपद के विकास खंड शंकरगढ़ के बंधवा ग्राम में सरकार के ग्रामीण विकास और गड्ढामुक्त सड़कों के दावों के विपरीत, प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाले एकमात्र जर्जर और कच्चे मार्ग तथा सरकारी चकमार्ग पर अवैध अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और ग्राम संगठन के नेतृत्व में अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे चुका है, जिन्होंने प्रशासन की वादाखिलाफी से तंग आकर 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने इस जर्जर मार्ग को पक्का बनवाने के लिए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) शंकरगढ़ के कई चक्कर काटे, लेकिन उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन मिले। इसके बाद ब्लॉक अध्यक्ष के नेतृत्व में 13 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक गांव में धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस आंदोलन को शांत कराने के लिए 27 फरवरी 2026 को माननीय विधायक (बारा) और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बारा स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे थे और उन्होंने जनसमुदाय के सामने 'एक महीने के भीतर' सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का भरोसा दिलाया था। हालांकि, महीनों बीत जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका, जिसे ग्रामीणों ने प्रशासन का एक 'भद्दा मजाक' बताया है। इसके अतिरिक्त, गांव में सरकारी चकमार्ग आराजी संख्या 489, जो संतोष सिंह के फार्म हाउस से बांध तक जाता है, उस पर भू-माफियाओं और रसूखदारों ने अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखा है। तहसील प्रशासन को इसकी पूरी जानकारी होने के बावजूद आज तक इस चकमार्ग को पैमाइश कराकर खाली नहीं कराया गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। प्रशासन की घोर लापरवाही और वादाखिलाफी से आहत होकर गांव के एक बुजुर्ग ने अपनी मांगें पूरी न होने पर धरना स्थल पर ही आत्मदाह की चेतावनी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर प्राथमिक विद्यालय तक पक्की सड़क का निर्माण कार्य शुरू करने और चकमार्ग संख्या 489 से तत्काल अवैध अतिक्रमण हटाने का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ, तो 13 जून 2026 से ग्राम बंधवा में पुनः अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ती है या किसी ग्रामीण/बुजुर्ग को कोई हानि होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी तहसील और ब्लॉक प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया बारा तहसील प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करता है या समय रहते जागकर ग्रामीणों को उनका हक दिलाता है।
प्रयागराज जनपद के विकास खंड शंकरगढ़ के बंधवा ग्राम में सरकार के ग्रामीण विकास और गड्ढामुक्त सड़कों के दावों के विपरीत, प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाले एकमात्र जर्जर और कच्चे मार्ग तथा सरकारी चकमार्ग पर अवैध अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और ग्राम संगठन के नेतृत्व में अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे चुका है, जिन्होंने प्रशासन की वादाखिलाफी से तंग आकर 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने इस जर्जर मार्ग को पक्का बनवाने के लिए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) शंकरगढ़ के कई चक्कर काटे, लेकिन उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन मिले। इसके बाद ब्लॉक अध्यक्ष के नेतृत्व में 13 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक गांव में धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस आंदोलन को शांत कराने के लिए 27 फरवरी 2026 को माननीय विधायक (बारा) और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बारा स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे थे और उन्होंने जनसमुदाय के सामने 'एक महीने के भीतर' सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का भरोसा दिलाया था। हालांकि, महीनों बीत जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका, जिसे ग्रामीणों ने प्रशासन का एक 'भद्दा मजाक' बताया है। इसके अतिरिक्त, गांव में सरकारी चकमार्ग आराजी संख्या 489, जो संतोष सिंह के फार्म हाउस से बांध तक जाता है, उस पर भू-माफियाओं और रसूखदारों ने अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखा है। तहसील प्रशासन को इसकी पूरी जानकारी होने के बावजूद आज तक इस चकमार्ग को पैमाइश कराकर खाली नहीं कराया गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। प्रशासन की घोर लापरवाही और वादाखिलाफी से आहत होकर गांव के एक बुजुर्ग ने अपनी मांगें पूरी न होने पर धरना स्थल पर ही आत्मदाह की चेतावनी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर प्राथमिक विद्यालय तक पक्की सड़क का निर्माण कार्य शुरू करने और चकमार्ग संख्या 489 से तत्काल अवैध अतिक्रमण हटाने का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ, तो 13 जून 2026 से ग्राम बंधवा में पुनः अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ती है या किसी ग्रामीण/बुजुर्ग को कोई हानि होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी तहसील और ब्लॉक प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया बारा तहसील प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करता है या समय रहते जागकर ग्रामीणों को उनका हक दिलाता है।
- प्रयागराज जिले के कस्बा फूलपुर में तीसरी मोहर्रम की रात लगभग 9 बजे मुल्लाना से अलम का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस कोहना मोहल्ला होते हुए कैथाना पहुंचा, जहां नौहाख्वानी और मातम किया गया। मातम के बाद जुलूस नई बस्ती पहुंचा, जहां से मिट्टी ली गई। इसके उपरांत, सभी मोहल्लों के परचम अपने-अपने स्थानों पर वापस पहुंचे और मिट्टी को इमाम चौक के बीच में रखकर फातेहा पढ़ी गई। मोहर्रमुल हराम इस्लामी इतिहास के उस दौर की याद दिलाता है जब कर्बला की धरती में इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों पर मुश्किलों का दौर अधिक सख्त होना शुरू हो गया था। यज़ीदी फौज ने इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके परिवार व साथियों को चारों ओर से घेर लिया था, जिससे कर्बला में हक़ और बातिल के बीच जंग की भूमिका तैयार हो रही थी। विशेषकर 3 मोहर्रम के दिन से ही कर्बला के मुसाफिरों की तकलीफें बढ़ने लगी थीं, लेकिन उन्होंने सत्य और न्याय के मार्ग से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। मोहर्रम का यह महीना हमें इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी, सब्र, इंसाफ और इंसानियत की रक्षा के लिए दी गई महान शहादत का स्मरण कराता है। यह दिन संदेश देता है कि अत्याचार और अन्याय के सामने झुकने के बजाय सत्य का साथ देना चाहिए, और कर्बला की यह महान घटना आज भी पूरी मानवता के लिए सब्र, त्याग और इंसाफ की मिसाल बनी हुई है। जुलूस के दौरान, एसीपी विवेक कुमार यादव और सौरभ पांडेय अपनी पूरी फोर्स के साथ शांतिपूर्वक जुलूस को इमामचौक तक पहुंचाने के लिए मौजूद रहे। इस जुलूस में जलालत हुसैन उर्फ शेखू, बदरुल हसन जैदी, नज़म, अब्दुल्ला मेंहदी, सभासद प्रतिनिधि मो. अरशद दानिश, जमी, खुर्शीद अकबर, मुमताज अहमद, चन्द्रू, असीम, काशिफ, नवाज़, साहिल, शारिक, आमिर महफूज़, आसिफ, मो. फुरकान, अली, अजमी, आदिल, मुजम्मिल, शारिब, गुलरेज, आकिल, सलमान, सेबू, जैद, बिलाल, अख्तर, मुस्तकीम सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कस्बे में हवेली मुल्लाना में प्रतिदिन इमाम हुसैन की शहादत की याद में मजलिसों का आयोजन किया जा रहा है।1
- प्रयागराज में प्रशासन की वादाखिलाफी को लेकर ग्रामीणों में गहरा गुस्सा देखा जा रहा है, जिसके चलते भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने 'करो या मरो' का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने उनसे किए गए वादों को पूरा नहीं किया है। यह गुस्सा बारा विधायक और एसडीएम द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद सड़क न बनने के कारण फूटा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक सरकारी चकमार्ग पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है, जिसके कारण उन्हें परेशानी हो रही है। अपनी मांगें पूरी न होने की सूरत में, एक बुजुर्ग ग्रामीण ने आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी है, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है।1
- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बांदा पुलिस लाइन में एक भव्य और वृहद योग शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन सुक्षी मेविस टॉक सहित जनपद के कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ योगाभ्यास किया। शिविर के दौरान, योगाचार्यों ने पुलिस कर्मियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान क्रियाओं का अभ्यास कराया। साथ ही, उन्हें योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस कर्मियों ने सामूहिक रूप से तनावमुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और कार्यक्षमता में वृद्धि के उद्देश्य से योगाभ्यास किया। प्रतिसार निरीक्षक बेलास यादव समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इसी क्रम में, जनपद के सभी थानों में भी योग शिविरों का आयोजन किया गया, जहाँ पुलिस कर्मियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को सफलतापूर्वक मनाया।1
- लखनऊ में NEET-UG की पुनर्परीक्षा (री-एग्जाम) का आयोजन 75 केंद्रों पर किया जा रहा है, जिसमें 35,594 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इस दौरान परीक्षा की शुचिता और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के अंदर और बाहर पुलिस बल के साथ एक त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात किया गया है। इसके साथ ही, केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है और 50 मीटर तक पार्किंग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।1
- महाराष्ट्र के यशवाड़ी देवस्थान में हनुमान मंदिर के हॉल की निर्माणाधीन छत गिरने से एक भीषण हादसा हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर के ठीक सामने एक सभा मंडप का निर्माण कार्य चल रहा था। यह हादसा दोपहर के समय हुआ, जब लोग प्रसाद ले रहे थे और अचानक मंदिर की छत का ढाँचा और पत्थर भरभराकर गिर पड़े। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- प्रयागराज जिले में 23,000 विद्यार्थियों के लिए नीट की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण परीक्षा कुल 47 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न होगी।1
- प्रयागराज में एक ओर जहाँ नगर निगम शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए लगातार सफाई अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर झूंसी स्थित आवास विकास कॉलोनी योजना संख्या-3, सेक्टर-6 के बीच स्थित एक पार्क में कुछ लोगों की लापरवाही से गंदगी फैलाई जा रही है। यह स्थिति नगर निगम के प्रयासों पर पानी फेरती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पार्क बच्चों के खेलने और महिलाओं के शाम को टहलने व बैठने का स्थान है, लेकिन कुछ असामाजिक और गैर-जिम्मेदार व्यक्तियों ने इसे कूड़ा फेंकने और गंदगी फैलाने की जगह बना दिया है। इस लापरवाही से पार्क की सुंदरता तो खराब हो ही रही है, साथ ही वहाँ आने वाले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि पार्क में फैली गंदगी के कारण दुर्गंध, मच्छरों और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से कड़ी कार्रवाई करने और पार्क में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि कॉलोनी के निवासियों को एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से यह भी अपील की है कि सार्वजनिक स्थलों को गंदा करने वालों पर सख्ती बरती जाए, जिससे स्वच्छता अभियान अपने उद्देश्य में सफल हो और पार्क बच्चों व महिलाओं के लिए पुनः सुरक्षित और स्वच्छ बनाया जा सके।3
- उत्तर प्रदेश में राजनेताओं का 'चुनावी बुखार' अभी से सातवें आसमान पर पहुँच गया है, भले ही मौसम विभाग ने अपना अलर्ट जारी किया हो। राज्य की राजनीति में 'दल-बदल' से लेकर 'चरण-वंदना' तक का पूरा 'सियासी सर्कस' शुरू हो चुका है। 'आज की तिरछी कटारी' में यूपी की मौजूदा सियासत का हाल दिखाते हुए यह सवाल पूछा गया है कि क्या इस बार भी जनता इस 'तिलिस्म' में फँसेगी।1