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मथुरा वृन्दावन के इस्कॉन मंदिर के पीछे एक व्यक्ति की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट अदालत ने मुख्य दोषी महिला और उसके भाड़े के दो हत्यारों को आजीवन कारावास तथा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला न्यायालय द्वारा बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की तमाम दलीलों को सुनने के बाद सुनाया गया, जिस पर कल सजा का निर्णय सुरक्षित रख लिया गया था। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता मुकेश गोस्वामी ने बताया कि यह घटना 25 अक्टूबर 2023 की रात करीब 1:30 बजे हुई थी, जब गंगानहर, राजस्थान के पवन गर्ग के पुत्र विकास कुमार गर्ग की इस्कॉन मंदिर के पीछे स्थित राधाकृष्ण भवन में निर्मम हत्या कर दी गई थी। उनका चेहरा कुचल दिया गया था। इस मामले में 26 अक्टूबर को उनके भाई नितिन गर्ग द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पूजा जोग (पत्नी राजकुमार, पूर्व पार्षद, गंगानगर), जगमीत सिंह और अमन को दोषी पाया गया। हत्या में, श्रीगंगानगर निवासी महिला पूजा जोग ने रणमीत सिंह उर्फ राजन और अमन पुंशी को बुलाकर लोहे की रॉड व अन्य हथियारों से हमला कर विकास गर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। विकास गर्ग वृंदावन में पूजा जोग के साथ रहकर चाय की कैंटीन चलाते थे। कारोबार को लेकर हुए विवाद के बाद महिला ने भाड़े के हत्यारों से उनकी हत्या करवा दी थी। आज, अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट के विद्वान न्यायाधीश राजेश पाराशर ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

11 hrs ago
user_Jitendra
Jitendra
Local News Reporter गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

मथुरा वृन्दावन के इस्कॉन मंदिर के पीछे एक व्यक्ति की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट अदालत ने मुख्य दोषी महिला और उसके भाड़े के दो हत्यारों को आजीवन कारावास तथा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला न्यायालय द्वारा बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की तमाम दलीलों को सुनने के बाद सुनाया गया, जिस पर कल सजा का निर्णय सुरक्षित रख लिया गया था। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता मुकेश गोस्वामी ने बताया कि यह घटना 25 अक्टूबर 2023 की रात करीब 1:30 बजे हुई थी, जब गंगानहर, राजस्थान के पवन गर्ग के पुत्र विकास कुमार गर्ग की इस्कॉन मंदिर के पीछे स्थित राधाकृष्ण भवन में निर्मम हत्या कर दी गई थी। उनका चेहरा कुचल दिया गया था। इस मामले में 26 अक्टूबर को उनके भाई नितिन गर्ग द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पूजा जोग (पत्नी राजकुमार, पूर्व पार्षद, गंगानगर), जगमीत सिंह और अमन को दोषी पाया गया। हत्या में, श्रीगंगानगर निवासी महिला पूजा जोग ने रणमीत सिंह उर्फ राजन और अमन पुंशी को बुलाकर लोहे की रॉड व अन्य हथियारों से हमला कर विकास गर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। विकास गर्ग वृंदावन में पूजा जोग के साथ रहकर चाय की कैंटीन चलाते थे। कारोबार को लेकर हुए विवाद के बाद महिला ने भाड़े के हत्यारों से उनकी हत्या करवा दी थी। आज, अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट के विद्वान न्यायाधीश राजेश पाराशर ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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  • अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 18 जून, गुरुवार को डीग में शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। किशन लाल जोशी विद्यालय, डीग के बाहर एकत्र होकर शिक्षकों ने एक रैली निकाली, जो जिला कलेक्ट्रेट डीग पहुंची। यहां, जिलाध्यक्ष अनिल सीही और जिला मंत्री देवेंद्र यादव के संयुक्त नेतृत्व में प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर विधायी हस्तक्षेप की मांग की गई। जिलाध्यक्ष अनिल सीही ने बताया कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा जारी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संबंधी अधिसूचना और उसके संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 29 मई 2026 को दिए गए निर्णय से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण राजस्थान के लाखों शिक्षकों में गहरी चिंता, पीड़ा और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। इस निर्णय से 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा हितों और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान लंबे समय से शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहा है, और राजस्थान का सबसे बड़ा शिक्षक संघ होने के नाते पूरे राज्य में प्रभावित शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात के कारण यह आक्रोश प्रदर्शन देश भर के जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया गया है। पूरा मामला यह है कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने टीईटी को न्यूनतम अर्हता के रूप में अधिसूचित किया था। इससे पहले, देश के विभिन्न राज्यों में लाखों शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू नियमों, योग्यता मानदंडों और चयन प्रक्रियाओं के अनुसार विधिवत रूप से हो चुकी थीं। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने 29 मई 2026 को पुनर्विचार याचिकाओं का निस्तारण करते हुए 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए देश भर में टीईटी की अनिवार्यता लागू कर दी। अब, 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सेवा में बने रहने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें राजकीय सेवा से बाहर कर दिया जाएगा। संगठन की प्रमुख मांगें हैं कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए। ऐसे शिक्षकों की सेवा वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान की जाए। साथ ही, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस और असुरक्षा की स्थिति का तत्काल निराकरण किया जाए। जिला मंत्री देवेंद्र यादव ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि प्रदेश के समस्त शिक्षकों के परिवार के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय विधिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था का यह स्थापित सिद्धांत है कि कोई भी नियम, अधिसूचना अथवा नीति सामान्यतः उसके प्रवर्तन की तिथि से प्रभावित होती है। पूर्व में विधिवत संपन्न नियुक्तियों तथा अर्जित सेवा अधिकारों पर बाद में निर्मित पात्रता मानदंडों को लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता तथा विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना जाता है। इस प्रदर्शन में डीग जिले के सभी छह खंडों से सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया, जिसमें अनिल सीही, देवेंद्र यादव, पदम सिंह, सौरभ शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, नरेश यादव, बंशीलाल, जग वीर सिंह, जयसिंह कुंतल, होशियार सिंह, भगत सिंह, संतोष कश्यप, प्रीति खंडेलवाल, सुनीता, रेखा अग्रवाल और सीमा गुप्ता सहित कई पदाधिकारी व शिक्षक उपस्थित रहे।
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    अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 18 जून, गुरुवार को डीग में शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। किशन लाल जोशी विद्यालय, डीग के बाहर एकत्र होकर शिक्षकों ने एक रैली निकाली, जो जिला कलेक्ट्रेट डीग पहुंची। यहां, जिलाध्यक्ष अनिल सीही और जिला मंत्री देवेंद्र यादव के संयुक्त नेतृत्व में प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर विधायी हस्तक्षेप की मांग की गई।

जिलाध्यक्ष अनिल सीही ने बताया कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा जारी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संबंधी अधिसूचना और उसके संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 29 मई 2026 को दिए गए निर्णय से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण राजस्थान के लाखों शिक्षकों में गहरी चिंता, पीड़ा और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। इस निर्णय से 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा हितों और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान लंबे समय से शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहा है, और राजस्थान का सबसे बड़ा शिक्षक संघ होने के नाते पूरे राज्य में प्रभावित शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात के कारण यह आक्रोश प्रदर्शन देश भर के जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया गया है।

पूरा मामला यह है कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने टीईटी को न्यूनतम अर्हता के रूप में अधिसूचित किया था। इससे पहले, देश के विभिन्न राज्यों में लाखों शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू नियमों, योग्यता मानदंडों और चयन प्रक्रियाओं के अनुसार विधिवत रूप से हो चुकी थीं। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने 29 मई 2026 को पुनर्विचार याचिकाओं का निस्तारण करते हुए 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए देश भर में टीईटी की अनिवार्यता लागू कर दी। अब, 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सेवा में बने रहने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें राजकीय सेवा से बाहर कर दिया जाएगा।

संगठन की प्रमुख मांगें हैं कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए। ऐसे शिक्षकों की सेवा वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान की जाए। साथ ही, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस और असुरक्षा की स्थिति का तत्काल निराकरण किया जाए।

जिला मंत्री देवेंद्र यादव ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि प्रदेश के समस्त शिक्षकों के परिवार के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय विधिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था का यह स्थापित सिद्धांत है कि कोई भी नियम, अधिसूचना अथवा नीति सामान्यतः उसके प्रवर्तन की तिथि से प्रभावित होती है। पूर्व में विधिवत संपन्न नियुक्तियों तथा अर्जित सेवा अधिकारों पर बाद में निर्मित पात्रता मानदंडों को लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता तथा विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना जाता है। इस प्रदर्शन में डीग जिले के सभी छह खंडों से सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया, जिसमें अनिल सीही, देवेंद्र यादव, पदम सिंह, सौरभ शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, नरेश यादव, बंशीलाल, जग वीर सिंह, जयसिंह कुंतल, होशियार सिंह, भगत सिंह, संतोष कश्यप, प्रीति खंडेलवाल, सुनीता, रेखा अग्रवाल और सीमा गुप्ता सहित कई पदाधिकारी व शिक्षक उपस्थित रहे।
    user_Amardeep sain ripoter
    Amardeep sain ripoter
    Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • भरतपुर जिले के सीकरी क्षेत्र के बुडली गांव से तोड़फोड़ का एक मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी रिपोर्टर राजेश चौधरी ने दी है।
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    भरतपुर जिले के सीकरी क्षेत्र के बुडली गांव से तोड़फोड़ का एक मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी रिपोर्टर राजेश चौधरी ने दी है।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    कुम्हेर, भरतपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • ग्राम पंचायत अयेरा में एक पोखर की दीवाल का निर्माण किया गया है। इस कार्य को लेकर गोपाल प्रधान ने स्वागत व्यक्त किया।
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    ग्राम पंचायत अयेरा में एक पोखर की दीवाल का निर्माण किया गया है। इस कार्य को लेकर गोपाल प्रधान ने स्वागत व्यक्त किया।
    user_I love shuru
    I love shuru
    Security Guard मांट, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दान की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं। फलाहारी महाराज ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से जाँच कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से दान-पात्र खोलने की प्रक्रिया पर चिंता जताई है और पिछले 15 वर्षों के दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। अपने पत्र में, फलाहारी महाराज ने मंदिर के दान से प्राप्त धनराशि का उपयोग गरीबों के लिए एक अस्पताल बनाने का भी सुझाव दिया है। उनकी मुख्य मांग मंदिर में दान संबंधी सभी गतिविधियों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
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    उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दान की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं। फलाहारी महाराज ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से जाँच कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से दान-पात्र खोलने की प्रक्रिया पर चिंता जताई है और पिछले 15 वर्षों के दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।

अपने पत्र में, फलाहारी महाराज ने मंदिर के दान से प्राप्त धनराशि का उपयोग गरीबों के लिए एक अस्पताल बनाने का भी सुझाव दिया है। उनकी मुख्य मांग मंदिर में दान संबंधी सभी गतिविधियों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
    user_Pandit Rahul brijwasi
    Pandit Rahul brijwasi
    Mathura, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • मथुरा की राधे श्याम कॉलोनी से गौरव राजपूत ने तपन शर्मा नामक व्यक्ति के खिलाफ एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। गौरव का आरोप है कि तपन सरकारी स्ट्रीट लाइट बंद करके अवैध गतिविधियों को अंजाम देता है, महिलाओं से छेड़खानी करता है, और हाल ही में उनके छोटे भाई पर हमला भी किया। गौरव और उनके परिवार ने तपन से अपनी जान का खतरा बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, गौरव के घर के सामने मेन तिराहे पर लगी सरकारी स्ट्रीट लाइट को तपन शर्मा हर एक-दो दिन बाद बंद कर देता है। अंधेरे का फायदा उठाकर वह अपने दोस्तों के साथ गांजा व शराब का सेवन करता है और गांजे की बिक्री भी करता है। नशे की हालत में वह नग्न होकर पेशाब करता है और तिराहे पर रहने वाले लोगों की माँ-बहनों से छेड़खानी व गाली-गलौज करता है, जिससे कॉलोनी के सभी लोग बेहद परेशान हैं, लेकिन वह किसी की बात नहीं मानता। दिनांक 16/06/2026 को भी तपन ने स्ट्रीट लाइट बंद कर दी थी। जब गौरव उसे रोकने गए, तो तपन ने उनसे भी गाली-गलौज की। इसके बाद गौरव अपने घर चले गए, लेकिन तपन गौरव के छोटे भाई की कैंटीन में घुस गया और उससे पैटीज मांगने लगा। मना करने पर तपन ने गौरव के छोटे भाई को कई थप्पड़ मारे और वहां से चला गया। इसके बाद गौरव और उनका परिवार तपन के पीछे भागे, जिसके परिणामस्वरूप हाथापाई हुई, जिसमें तपन शर्मा के सिर में चोट आई। गौरव राजपूत का दावा है कि उनके परिवार में से किसी ने तपन के सिर पर वार नहीं किया; उनका मानना है कि चोट जमीन पर गिरने या तपन द्वारा खुद अपना सिर कहीं दीवार से टकराने से लगी होगी, जिसका उनके पास सबूत भी है। गौरव राजपूत ने बताया कि इन घटनाओं के बाद अब तपन शर्मा अपने दोस्तों के साथ मिलकर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की साजिश रच रहा है। चूंकि गौरव और उनके बड़े भाई काम पर जाते हैं, घर पर केवल महिलाएं और छोटा भाई ही रह जाते हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। गौरव ने अधिकारियों से तपन शर्मा की बदतमीज़ी रोकने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्ट्रीट लाइट बंद करने, जबरन पैटीज लेने और अन्य बदतमीज़ियों के सबूत होने का दावा भी किया है।
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    मथुरा की राधे श्याम कॉलोनी से गौरव राजपूत ने तपन शर्मा नामक व्यक्ति के खिलाफ एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। गौरव का आरोप है कि तपन सरकारी स्ट्रीट लाइट बंद करके अवैध गतिविधियों को अंजाम देता है, महिलाओं से छेड़खानी करता है, और हाल ही में उनके छोटे भाई पर हमला भी किया। गौरव और उनके परिवार ने तपन से अपनी जान का खतरा बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, गौरव के घर के सामने मेन तिराहे पर लगी सरकारी स्ट्रीट लाइट को तपन शर्मा हर एक-दो दिन बाद बंद कर देता है। अंधेरे का फायदा उठाकर वह अपने दोस्तों के साथ गांजा व शराब का सेवन करता है और गांजे की बिक्री भी करता है। नशे की हालत में वह नग्न होकर पेशाब करता है और तिराहे पर रहने वाले लोगों की माँ-बहनों से छेड़खानी व गाली-गलौज करता है, जिससे कॉलोनी के सभी लोग बेहद परेशान हैं, लेकिन वह किसी की बात नहीं मानता।

दिनांक 16/06/2026 को भी तपन ने स्ट्रीट लाइट बंद कर दी थी। जब गौरव उसे रोकने गए, तो तपन ने उनसे भी गाली-गलौज की। इसके बाद गौरव अपने घर चले गए, लेकिन तपन गौरव के छोटे भाई की कैंटीन में घुस गया और उससे पैटीज मांगने लगा। मना करने पर तपन ने गौरव के छोटे भाई को कई थप्पड़ मारे और वहां से चला गया। इसके बाद गौरव और उनका परिवार तपन के पीछे भागे, जिसके परिणामस्वरूप हाथापाई हुई, जिसमें तपन शर्मा के सिर में चोट आई। गौरव राजपूत का दावा है कि उनके परिवार में से किसी ने तपन के सिर पर वार नहीं किया; उनका मानना है कि चोट जमीन पर गिरने या तपन द्वारा खुद अपना सिर कहीं दीवार से टकराने से लगी होगी, जिसका उनके पास सबूत भी है।

गौरव राजपूत ने बताया कि इन घटनाओं के बाद अब तपन शर्मा अपने दोस्तों के साथ मिलकर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की साजिश रच रहा है। चूंकि गौरव और उनके बड़े भाई काम पर जाते हैं, घर पर केवल महिलाएं और छोटा भाई ही रह जाते हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। गौरव ने अधिकारियों से तपन शर्मा की बदतमीज़ी रोकने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्ट्रीट लाइट बंद करने, जबरन पैटीज लेने और अन्य बदतमीज़ियों के सबूत होने का दावा भी किया है।
    user_GOURAV RAJPUT
    GOURAV RAJPUT
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मथुरा जनपद के कोसीकलां स्थित राठौर नगर में दो पक्षों के बीच हुई आपसी कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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    मथुरा जनपद के कोसीकलां स्थित राठौर नगर में दो पक्षों के बीच हुई आपसी कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंच गई।
    user_Lokesh Garg
    Lokesh Garg
    छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • एक टिप्पणी में इस बात पर जोर दिया गया है कि मोदी को 'गजब' तरीके से इंप्रेस किया जा रहा है। यह स्थिति इतनी तीखी है कि इसे सुनकर बहुत से लोगों के कान से खून निकल जाएगा, जो इस विषय पर एक अत्यंत तीव्र प्रतिक्रिया या नाराजगी को दर्शा रहा है।
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    एक टिप्पणी में इस बात पर जोर दिया गया है कि मोदी को 'गजब' तरीके से इंप्रेस किया जा रहा है। यह स्थिति इतनी तीखी है कि इसे सुनकर बहुत से लोगों के कान से खून निकल जाएगा, जो इस विषय पर एक अत्यंत तीव्र प्रतिक्रिया या नाराजगी को दर्शा रहा है।
    user_Rajesh Verma
    Rajesh Verma
    Farmer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • भरतपुर जिले की सीकरी तहसील के बुडली गांव से तोड़फोड़ का एक मामला सामने आया है। रिपोर्टर राजेश चौधरी ने इसकी जानकारी दी है।
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    भरतपुर जिले की सीकरी तहसील के बुडली गांव से तोड़फोड़ का एक मामला सामने आया है। रिपोर्टर राजेश चौधरी ने इसकी जानकारी दी है।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    कुम्हेर, भरतपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • मथुरा जनपद के कोसीकला क्षेत्र में नगर पालिका और पुलिस की कथित अनदेखी के कारण शहर में क्षमता से अधिक भार वाले वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं। आरोप है कि इस गंभीर समस्या पर शासन-प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। पुलिस की उपेक्षा के चलते, ओवरलोड डंपर बेरोकटोक शहर में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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    मथुरा जनपद के कोसीकला क्षेत्र में नगर पालिका और पुलिस की कथित अनदेखी के कारण शहर में क्षमता से अधिक भार वाले वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं। आरोप है कि इस गंभीर समस्या पर शासन-प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। पुलिस की उपेक्षा के चलते, ओवरलोड डंपर बेरोकटोक शहर में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
    user_Lokesh Garg
    Lokesh Garg
    छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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