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मथुरा जनपद के कोसीकलां स्थित राठौर नगर में दो पक्षों के बीच हुई आपसी कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंच गई।
Lokesh Garg
मथुरा जनपद के कोसीकलां स्थित राठौर नगर में दो पक्षों के बीच हुई आपसी कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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- उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दान की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं। फलाहारी महाराज ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से जाँच कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से दान-पात्र खोलने की प्रक्रिया पर चिंता जताई है और पिछले 15 वर्षों के दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। अपने पत्र में, फलाहारी महाराज ने मंदिर के दान से प्राप्त धनराशि का उपयोग गरीबों के लिए एक अस्पताल बनाने का भी सुझाव दिया है। उनकी मुख्य मांग मंदिर में दान संबंधी सभी गतिविधियों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।1
- राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से सीधे अपील करते हुए मांग की है कि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए। इस मांग के पीछे हजारों शिक्षकों में गहरा असमंजस और अनिश्चितता है, खासकर उन शिक्षकों में जो सालों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पहले हुई सभी शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय के नियमों और तय मानकों के अनुसार ही की गई थीं। ऐसे में, दशकों की सेवा के बाद अब नए मानदंडों को पूर्व प्रभाव से लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के पूरी तरह खिलाफ है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की मथुरा इकाई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है, विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए जो 2010 से पहले और उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे। महासंघ का तर्क है कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) द्वारा जारी अधिसूचना और उसके बाद आए अदालती फैसलों ने लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के बीच असुरक्षा और असमंजस का माहौल पैदा कर दिया है। संगठन ने जोर देकर कहा है कि यदि सरकार इस संबंध में सकारात्मक और स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करती है, तो इससे न केवल हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी स्थिरता आएगी। यह महत्वपूर्ण मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री तक पहुँचा दी गई है। अब देखना होगा कि शिक्षा मंत्रालय इस गंभीर मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है, क्योंकि यह देश और राज्य के भविष्य को संवारने वाले हजारों शिक्षकों के करियर पर मंडरा रहे कथित संकट से जुड़ा है।3
- मथुरा जनपद के व्यस्त मंडी चौराहे पर नगर निगम द्वारा जनता की सुविधा के लिए लाखों की लागत से बनाए गए एक सार्वजनिक शौचालय के ध्वस्तीकरण ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ ही वर्षों पहले निर्मित इस सुविधा को अचानक ढहा दिया गया है, जिससे स्थानीय लोग अचंभित हैं और पूरे मामले पर सवाल उठा रहे हैं। जनता का कहना है कि यदि यह निर्माण गलत था तो इसे शुरू में बनाया ही क्यों गया था, और यदि यह सही था तो फिर इसे तोड़ा क्यों गया? लोग इसे सरकारी धन की खुली बर्बादी बता रहे हैं, क्योंकि उनके टैक्स का पैसा इस तरह बर्बाद हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी के चलते आम जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में, जनता अब पुरजोर ढंग से मांग कर रही है कि इस ध्वस्तीकरण के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाए। मंडी चौराहे पर बने इस सार्वजनिक शौचालय को किन वजहों से ढहाया गया, इसका स्पष्टीकरण स्थानीय लोग नगर निगम से जानना चाहते हैं।1
- बूड़ली प्रकरण को लेकर सीकरी और डीग में चल रहा धरना-प्रदर्शन पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्रवाई के आश्वासन के बाद अस्थायी रूप से समाप्त हो गया है। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। हालांकि, पूर्व विधायक वाजिब अली और पूर्व मंत्री जाहिदा खान ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अगले दो दिन के भीतर दोषियों के खिलाफ कोई ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र में एक बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना समाप्त होने के दौरान, पूर्व विधायक वाजिब अली ने दोहराया कि पुलिस अधिकारियों के आश्वासन को देखते हुए प्रशासन को दो दिन का समय दिया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होती है, तो पूरे क्षेत्र के लोगों को साथ लेकर एक व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शनकारियों ने भी अपनी चेतावनी दोहराई कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता।1
- अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकाबंदी के बाद ईरान का $1.05 बिलियन डॉलर का कच्चा तेल वापस भेज दिया गया है।1
- पुलिस प्रशासन के खिलाफ फूटा पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढा का गुस्सा1
- मथुरा में वर्तमान स्थितियों को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया है। पोस्ट के माध्यम से यह जानना चाहा गया है कि क्या ये घटनाक्रम ‘अच्छे दिनों’ की शुरुआत को दर्शाते हैं, या इसके विपरीत, ये जनता के धन की बर्बादी हैं। इस गंभीर विषय पर लोगों से उनकी राय माँगी गई है।1
- लगातार अराजकता फैलाने वाले पाकिस्तान को लेकर एक बड़ी बात कही गई है। इसके अनुसार, पाकिस्तान को अब जल्द ही जम्मू PoK से हाथ धोना पड़ सकता है।1
- डीग जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, डीग पुलिस के थाना कैथवाडा ने संयुक्त रूप से गिरोह बनाकर वाहन चोरी करने और चोरी के वाहनों को अपने कब्जे में रखने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में चोरी की चार मोटरसाइकिलों के साथ तीन मोटरसाइकिल चोरों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शरीफ पुत्र कमरू (उम्र 36 साल), लियाकत अली पुत्र अलीमौहम्मद (उम्र 44 साल) और माजिद पुत्र फैयाज (उम्र 20 साल) शामिल हैं। ये तीनों आरोपी थाना कैथवाडा क्षेत्र के ही निवासी हैं। शरीफ मांची का रहने वाला है, लियाकत अली नीमला का और माजिद धर्मशाला का निवासी है।1