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लगातार अराजकता फैलाने वाले पाकिस्तान को लेकर एक बड़ी बात कही गई है। इसके अनुसार, पाकिस्तान को अब जल्द ही जम्मू PoK से हाथ धोना पड़ सकता है।
Rajesh Verma
लगातार अराजकता फैलाने वाले पाकिस्तान को लेकर एक बड़ी बात कही गई है। इसके अनुसार, पाकिस्तान को अब जल्द ही जम्मू PoK से हाथ धोना पड़ सकता है।
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- अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 18 जून, गुरुवार को डीग में शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। किशन लाल जोशी विद्यालय, डीग के बाहर एकत्र होकर शिक्षकों ने एक रैली निकाली, जो जिला कलेक्ट्रेट डीग पहुंची। यहां, जिलाध्यक्ष अनिल सीही और जिला मंत्री देवेंद्र यादव के संयुक्त नेतृत्व में प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर विधायी हस्तक्षेप की मांग की गई। जिलाध्यक्ष अनिल सीही ने बताया कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा जारी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संबंधी अधिसूचना और उसके संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 29 मई 2026 को दिए गए निर्णय से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण राजस्थान के लाखों शिक्षकों में गहरी चिंता, पीड़ा और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। इस निर्णय से 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा हितों और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान लंबे समय से शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहा है, और राजस्थान का सबसे बड़ा शिक्षक संघ होने के नाते पूरे राज्य में प्रभावित शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात के कारण यह आक्रोश प्रदर्शन देश भर के जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया गया है। पूरा मामला यह है कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने टीईटी को न्यूनतम अर्हता के रूप में अधिसूचित किया था। इससे पहले, देश के विभिन्न राज्यों में लाखों शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू नियमों, योग्यता मानदंडों और चयन प्रक्रियाओं के अनुसार विधिवत रूप से हो चुकी थीं। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने 29 मई 2026 को पुनर्विचार याचिकाओं का निस्तारण करते हुए 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए देश भर में टीईटी की अनिवार्यता लागू कर दी। अब, 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सेवा में बने रहने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें राजकीय सेवा से बाहर कर दिया जाएगा। संगठन की प्रमुख मांगें हैं कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए। ऐसे शिक्षकों की सेवा वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान की जाए। साथ ही, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस और असुरक्षा की स्थिति का तत्काल निराकरण किया जाए। जिला मंत्री देवेंद्र यादव ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि प्रदेश के समस्त शिक्षकों के परिवार के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय विधिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था का यह स्थापित सिद्धांत है कि कोई भी नियम, अधिसूचना अथवा नीति सामान्यतः उसके प्रवर्तन की तिथि से प्रभावित होती है। पूर्व में विधिवत संपन्न नियुक्तियों तथा अर्जित सेवा अधिकारों पर बाद में निर्मित पात्रता मानदंडों को लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता तथा विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना जाता है। इस प्रदर्शन में डीग जिले के सभी छह खंडों से सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया, जिसमें अनिल सीही, देवेंद्र यादव, पदम सिंह, सौरभ शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, नरेश यादव, बंशीलाल, जग वीर सिंह, जयसिंह कुंतल, होशियार सिंह, भगत सिंह, संतोष कश्यप, प्रीति खंडेलवाल, सुनीता, रेखा अग्रवाल और सीमा गुप्ता सहित कई पदाधिकारी व शिक्षक उपस्थित रहे।3
- भरतपुर जिले के सीकरी क्षेत्र के बुडली गांव से तोड़फोड़ का एक मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी रिपोर्टर राजेश चौधरी ने दी है।1
- मथुरा में महिला ने लगाया दुष्कर्म का गंभीर आरोप तमंचे के बल पर दुष्कर्म का आरोप, पुलिस जांच में जुटी पीड़िता ने न्याय और कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग मथुरा में महिला ने लगाया दुष्कर्म का गंभीर आरोप तमंचे के बल पर दुष्कर्म का आरोप, पुलिस जांच में जुटी पीड़िता ने न्याय और कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग1
- सीकरी क्षेत्र में रात्रि के समय नालों की सफाई का कार्य किया गया, मगर कई स्थानों पर, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार नालों के ऊपर पट्टियाँ डालकर अवैध कब्जे किए गए हैं, वहाँ सफाई नहीं हो सकी। इस स्थिति ने स्थानीय निवासियों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब सफाई अभियान चलाया गया तो इन अतिक्रमित हिस्सों को क्यों छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन जगहों पर नालों के ऊपर निर्माण या पट्टियाँ बनी हुई हैं, वहाँ से इन्हें हटाए बिना पूरी तरह से सफाई संभव ही नहीं है। क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा गर्म है कि सफाई में हुई इस अनदेखी के पीछे कोई प्रशासनिक कारण था या तकनीकी बाधा, जिसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। नागरिकों ने संबंधित विभाग से इस स्थिति को स्पष्ट करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि जहाँ भी नियमों के विपरीत अतिक्रमण हुआ है, वहाँ नियमानुसार कार्रवाई करके नालों की समुचित सफाई कराई जाए। ऐसा इसलिए आवश्यक है ताकि आगामी बरसात के मौसम में क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर रूप न ले।2
- मथुरा की राधे श्याम कॉलोनी से गौरव राजपूत ने तपन शर्मा नामक व्यक्ति के खिलाफ एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। गौरव का आरोप है कि तपन सरकारी स्ट्रीट लाइट बंद करके अवैध गतिविधियों को अंजाम देता है, महिलाओं से छेड़खानी करता है, और हाल ही में उनके छोटे भाई पर हमला भी किया। गौरव और उनके परिवार ने तपन से अपनी जान का खतरा बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, गौरव के घर के सामने मेन तिराहे पर लगी सरकारी स्ट्रीट लाइट को तपन शर्मा हर एक-दो दिन बाद बंद कर देता है। अंधेरे का फायदा उठाकर वह अपने दोस्तों के साथ गांजा व शराब का सेवन करता है और गांजे की बिक्री भी करता है। नशे की हालत में वह नग्न होकर पेशाब करता है और तिराहे पर रहने वाले लोगों की माँ-बहनों से छेड़खानी व गाली-गलौज करता है, जिससे कॉलोनी के सभी लोग बेहद परेशान हैं, लेकिन वह किसी की बात नहीं मानता। दिनांक 16/06/2026 को भी तपन ने स्ट्रीट लाइट बंद कर दी थी। जब गौरव उसे रोकने गए, तो तपन ने उनसे भी गाली-गलौज की। इसके बाद गौरव अपने घर चले गए, लेकिन तपन गौरव के छोटे भाई की कैंटीन में घुस गया और उससे पैटीज मांगने लगा। मना करने पर तपन ने गौरव के छोटे भाई को कई थप्पड़ मारे और वहां से चला गया। इसके बाद गौरव और उनका परिवार तपन के पीछे भागे, जिसके परिणामस्वरूप हाथापाई हुई, जिसमें तपन शर्मा के सिर में चोट आई। गौरव राजपूत का दावा है कि उनके परिवार में से किसी ने तपन के सिर पर वार नहीं किया; उनका मानना है कि चोट जमीन पर गिरने या तपन द्वारा खुद अपना सिर कहीं दीवार से टकराने से लगी होगी, जिसका उनके पास सबूत भी है। गौरव राजपूत ने बताया कि इन घटनाओं के बाद अब तपन शर्मा अपने दोस्तों के साथ मिलकर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की साजिश रच रहा है। चूंकि गौरव और उनके बड़े भाई काम पर जाते हैं, घर पर केवल महिलाएं और छोटा भाई ही रह जाते हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। गौरव ने अधिकारियों से तपन शर्मा की बदतमीज़ी रोकने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्ट्रीट लाइट बंद करने, जबरन पैटीज लेने और अन्य बदतमीज़ियों के सबूत होने का दावा भी किया है।1
- मथुरा जनपद के कोसीकलां स्थित राठौर नगर में दो पक्षों के बीच हुई आपसी कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंच गई।1
- एक टिप्पणी में इस बात पर जोर दिया गया है कि मोदी को 'गजब' तरीके से इंप्रेस किया जा रहा है। यह स्थिति इतनी तीखी है कि इसे सुनकर बहुत से लोगों के कान से खून निकल जाएगा, जो इस विषय पर एक अत्यंत तीव्र प्रतिक्रिया या नाराजगी को दर्शा रहा है।1
- भरतपुर जिले की सीकरी तहसील के बुडली गांव से तोड़फोड़ का एक मामला सामने आया है। रिपोर्टर राजेश चौधरी ने इसकी जानकारी दी है।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दान की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं। फलाहारी महाराज ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से जाँच कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से दान-पात्र खोलने की प्रक्रिया पर चिंता जताई है और पिछले 15 वर्षों के दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। अपने पत्र में, फलाहारी महाराज ने मंदिर के दान से प्राप्त धनराशि का उपयोग गरीबों के लिए एक अस्पताल बनाने का भी सुझाव दिया है। उनकी मुख्य मांग मंदिर में दान संबंधी सभी गतिविधियों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।1