सीकरी क्षेत्र में रात्रि के समय नालों की सफाई का कार्य किया गया, मगर कई स्थानों पर, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार नालों के ऊपर पट्टियाँ डालकर अवैध कब्जे किए गए हैं, वहाँ सफाई नहीं हो सकी। इस स्थिति ने स्थानीय निवासियों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब सफाई अभियान चलाया गया तो इन अतिक्रमित हिस्सों को क्यों छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन जगहों पर नालों के ऊपर निर्माण या पट्टियाँ बनी हुई हैं, वहाँ से इन्हें हटाए बिना पूरी तरह से सफाई संभव ही नहीं है। क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा गर्म है कि सफाई में हुई इस अनदेखी के पीछे कोई प्रशासनिक कारण था या तकनीकी बाधा, जिसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। नागरिकों ने संबंधित विभाग से इस स्थिति को स्पष्ट करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि जहाँ भी नियमों के विपरीत अतिक्रमण हुआ है, वहाँ नियमानुसार कार्रवाई करके नालों की समुचित सफाई कराई जाए। ऐसा इसलिए आवश्यक है ताकि आगामी बरसात के मौसम में क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर रूप न ले।
सीकरी क्षेत्र में रात्रि के समय नालों की सफाई का कार्य किया गया, मगर कई स्थानों पर, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार नालों के ऊपर पट्टियाँ डालकर अवैध कब्जे किए गए हैं, वहाँ सफाई नहीं हो सकी। इस स्थिति ने स्थानीय निवासियों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब सफाई अभियान चलाया गया तो इन अतिक्रमित हिस्सों को क्यों छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन जगहों पर नालों के ऊपर निर्माण या पट्टियाँ बनी हुई हैं, वहाँ से इन्हें हटाए बिना पूरी तरह से सफाई
संभव ही नहीं है। क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा गर्म है कि सफाई में हुई इस अनदेखी के पीछे कोई प्रशासनिक कारण था या तकनीकी बाधा, जिसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। नागरिकों ने संबंधित विभाग से इस स्थिति को स्पष्ट करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि जहाँ भी नियमों के विपरीत अतिक्रमण हुआ है, वहाँ नियमानुसार कार्रवाई करके नालों की समुचित सफाई कराई जाए। ऐसा इसलिए आवश्यक है ताकि आगामी बरसात के मौसम में क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर रूप न ले।
- सीकरी क्षेत्र में रात्रि के समय नालों की सफाई का कार्य किया गया, मगर कई स्थानों पर, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार नालों के ऊपर पट्टियाँ डालकर अवैध कब्जे किए गए हैं, वहाँ सफाई नहीं हो सकी। इस स्थिति ने स्थानीय निवासियों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब सफाई अभियान चलाया गया तो इन अतिक्रमित हिस्सों को क्यों छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन जगहों पर नालों के ऊपर निर्माण या पट्टियाँ बनी हुई हैं, वहाँ से इन्हें हटाए बिना पूरी तरह से सफाई संभव ही नहीं है। क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा गर्म है कि सफाई में हुई इस अनदेखी के पीछे कोई प्रशासनिक कारण था या तकनीकी बाधा, जिसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। नागरिकों ने संबंधित विभाग से इस स्थिति को स्पष्ट करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि जहाँ भी नियमों के विपरीत अतिक्रमण हुआ है, वहाँ नियमानुसार कार्रवाई करके नालों की समुचित सफाई कराई जाए। ऐसा इसलिए आवश्यक है ताकि आगामी बरसात के मौसम में क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर रूप न ले।2
- खैरथल। शहर के फाटक नंबर 92 के समीप दादा पीपल वाले का वार्षिक आम भंडारे का आयोजन किया गया । कमेटी के सदस्य कैलाश चंद जांगिड़ ने बताया कि ख्याति प्राप्त दादा के स्थान पर हर वर्ष की भांति इस वक्त भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें रात्रि सत्संग का आयोजन किया गया। सुबह भोग के पश्चात आम भंडारा चालू किया गया । स्थान पर पहुंचे समाज के लोगों ने माथा टेक कर मन्नत मांगी। भंडारे में व्यवस्था महेंद्र जांगिड़, हजारीलाल, फूलसिंह जांगिड़, हरगोविंद, जस्सू राम, लक्की, सत्यनारायण, हितेश, हरिद्वारी, मोहन, महावीर, रोहतास, खेमचंद सैनी आदि ने सहयोग किया1
- बूड़ली प्रकरण को लेकर सीकरी और डीग में चल रहा धरना-प्रदर्शन पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्रवाई के आश्वासन के बाद अस्थायी रूप से समाप्त हो गया है। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। हालांकि, पूर्व विधायक वाजिब अली और पूर्व मंत्री जाहिदा खान ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अगले दो दिन के भीतर दोषियों के खिलाफ कोई ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र में एक बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना समाप्त होने के दौरान, पूर्व विधायक वाजिब अली ने दोहराया कि पुलिस अधिकारियों के आश्वासन को देखते हुए प्रशासन को दो दिन का समय दिया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होती है, तो पूरे क्षेत्र के लोगों को साथ लेकर एक व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शनकारियों ने भी अपनी चेतावनी दोहराई कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता।1
- अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकाबंदी के बाद ईरान का $1.05 बिलियन डॉलर का कच्चा तेल वापस भेज दिया गया है।1
- पुलिस प्रशासन के खिलाफ फूटा पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढा का गुस्सा1
- डीग जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, डीग पुलिस के थाना कैथवाडा ने संयुक्त रूप से गिरोह बनाकर वाहन चोरी करने और चोरी के वाहनों को अपने कब्जे में रखने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में चोरी की चार मोटरसाइकिलों के साथ तीन मोटरसाइकिल चोरों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शरीफ पुत्र कमरू (उम्र 36 साल), लियाकत अली पुत्र अलीमौहम्मद (उम्र 44 साल) और माजिद पुत्र फैयाज (उम्र 20 साल) शामिल हैं। ये तीनों आरोपी थाना कैथवाडा क्षेत्र के ही निवासी हैं। शरीफ मांची का रहने वाला है, लियाकत अली नीमला का और माजिद धर्मशाला का निवासी है।1
- यह बात कही गई है कि पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत को एक नई पहचान मिली है। इस अवधि को केवल विरासत के संरक्षण का काल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का स्वर्णिम काल बताया गया है। इस पूरे दौर को '#12YearsOfVikasBhiVirasatBhi' के रूप में चिन्हित किया गया है, जो विकास और विरासत दोनों पर जोर देता है।1
- लगातार अराजकता फैलाने वाले पाकिस्तान को लेकर एक बड़ी बात कही गई है। इसके अनुसार, पाकिस्तान को अब जल्द ही जम्मू PoK से हाथ धोना पड़ सकता है।1