मथुरा जनपद के व्यस्त मंडी चौराहे पर नगर निगम द्वारा जनता की सुविधा के लिए लाखों की लागत से बनाए गए एक सार्वजनिक शौचालय के ध्वस्तीकरण ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ ही वर्षों पहले निर्मित इस सुविधा को अचानक ढहा दिया गया है, जिससे स्थानीय लोग अचंभित हैं और पूरे मामले पर सवाल उठा रहे हैं। जनता का कहना है कि यदि यह निर्माण गलत था तो इसे शुरू में बनाया ही क्यों गया था, और यदि यह सही था तो फिर इसे तोड़ा क्यों गया? लोग इसे सरकारी धन की खुली बर्बादी बता रहे हैं, क्योंकि उनके टैक्स का पैसा इस तरह बर्बाद हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी के चलते आम जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में, जनता अब पुरजोर ढंग से मांग कर रही है कि इस ध्वस्तीकरण के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाए। मंडी चौराहे पर बने इस सार्वजनिक शौचालय को किन वजहों से ढहाया गया, इसका स्पष्टीकरण स्थानीय लोग नगर निगम से जानना चाहते हैं।
मथुरा जनपद के व्यस्त मंडी चौराहे पर नगर निगम द्वारा जनता की सुविधा के लिए लाखों की लागत से बनाए गए एक सार्वजनिक शौचालय के ध्वस्तीकरण ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ ही वर्षों पहले निर्मित इस सुविधा को अचानक ढहा दिया गया है, जिससे स्थानीय लोग अचंभित हैं और पूरे मामले पर सवाल उठा रहे हैं। जनता का कहना है कि यदि यह निर्माण गलत था तो इसे शुरू में बनाया ही क्यों गया था, और यदि यह सही था तो फिर इसे तोड़ा क्यों गया? लोग इसे सरकारी धन की खुली बर्बादी बता रहे हैं, क्योंकि उनके टैक्स का पैसा इस तरह बर्बाद हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी के चलते आम जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में, जनता अब पुरजोर ढंग से मांग कर रही है कि इस ध्वस्तीकरण के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाए। मंडी चौराहे पर बने इस सार्वजनिक शौचालय को किन वजहों से ढहाया गया, इसका स्पष्टीकरण स्थानीय लोग नगर निगम से जानना चाहते हैं।
- मथुरा में वर्तमान स्थितियों को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया है। पोस्ट के माध्यम से यह जानना चाहा गया है कि क्या ये घटनाक्रम ‘अच्छे दिनों’ की शुरुआत को दर्शाते हैं, या इसके विपरीत, ये जनता के धन की बर्बादी हैं। इस गंभीर विषय पर लोगों से उनकी राय माँगी गई है।1
- मथुरा की धर्म नगरी वृंदावन में इन दिनों बंदरों का आतंक काफी बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोग और श्रद्धालु परेशान हैं। आए दिन बंदर भक्तों और श्रद्धालुओं से पैसे, मोबाइल और चश्मे छीन लेते हैं। बुधवार को भी ऐसी ही एक घटना सामने आई, जहां एक महिला श्रद्धालु का पर्स छीनकर उसमें रखे ₹40 हजार नकद और एक आईफोन तोड़ दिया गया। बंदर ने पर्स में रखे पैसों को भी फाड़कर फेंक दिया। वृंदावन में बंदरों का यह आतंक एक बड़ी समस्या बन गया है, जिस पर अभी तक किसी का ध्यान नहीं गया है।3
- एक लड़की की शादी के लिए लड़के की तलाश की जा रही है। इच्छुक लड़के दिए गए नंबर 9756002593 पर कॉल करके इस लड़की से शादी करने के लिए संपर्क कर सकते हैं।3
- ग्राम पंचायत अयेरा में एक पोखर की दीवाल का निर्माण किया गया है। इस कार्य को लेकर गोपाल प्रधान ने स्वागत व्यक्त किया।2
- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस पर तोड़फोड़ करने और महिलाओं के साथ अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना का एक CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर पुलिसकर्मी ऐसी गतिविधियों में संलिप्त दिख रहे हैं। वायरल वीडियो में पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय लोगों में काफी रोष देखा जा रहा है। आरोपों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया और महिलाओं के साथ अशोभनीय व्यवहार किया, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।1
- मथुरा वृन्दावन के इस्कॉन मंदिर के पीछे एक व्यक्ति की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट अदालत ने मुख्य दोषी महिला और उसके भाड़े के दो हत्यारों को आजीवन कारावास तथा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला न्यायालय द्वारा बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की तमाम दलीलों को सुनने के बाद सुनाया गया, जिस पर कल सजा का निर्णय सुरक्षित रख लिया गया था। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता मुकेश गोस्वामी ने बताया कि यह घटना 25 अक्टूबर 2023 की रात करीब 1:30 बजे हुई थी, जब गंगानहर, राजस्थान के पवन गर्ग के पुत्र विकास कुमार गर्ग की इस्कॉन मंदिर के पीछे स्थित राधाकृष्ण भवन में निर्मम हत्या कर दी गई थी। उनका चेहरा कुचल दिया गया था। इस मामले में 26 अक्टूबर को उनके भाई नितिन गर्ग द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पूजा जोग (पत्नी राजकुमार, पूर्व पार्षद, गंगानगर), जगमीत सिंह और अमन को दोषी पाया गया। हत्या में, श्रीगंगानगर निवासी महिला पूजा जोग ने रणमीत सिंह उर्फ राजन और अमन पुंशी को बुलाकर लोहे की रॉड व अन्य हथियारों से हमला कर विकास गर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। विकास गर्ग वृंदावन में पूजा जोग के साथ रहकर चाय की कैंटीन चलाते थे। कारोबार को लेकर हुए विवाद के बाद महिला ने भाड़े के हत्यारों से उनकी हत्या करवा दी थी। आज, अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट के विद्वान न्यायाधीश राजेश पाराशर ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।1
- वृंदावन के आई.ओ.पी कॉलेज के प्रोफेसरों पर कॉलेज के छात्रों के साथ उपद्रव करने, बदसलूकी करने और हाथापाई करने का आरोप लगा है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज के शिक्षक सरेआम गुंडागर्दी करते हैं। यह घटना एलएलबी के छात्रों के साथ हुई है।2