देहरादून में लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनज़र दून पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर, सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त कर रही हैं और मौजूदा स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं। पुलिस लाउड हेलर के ज़रिए आम जनता को नदी-नालों और बरसाती गदेरों के किनारों पर न जाने की चेतावनी दे रही है। साथ ही, बढ़ते जलस्तर को देखते हुए, नदी किनारे मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुँचाया जा रहा है। दून पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और बरसाती गदेरों के पास न जाएँ, मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइज़री का पालन करें, तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। पुलिस ने ज़ोर देकर कहा है कि लोगों की सतर्कता ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
देहरादून में लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनज़र दून पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर, सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त कर रही हैं और मौजूदा स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं। पुलिस लाउड हेलर के ज़रिए आम जनता को नदी-नालों और बरसाती गदेरों के किनारों पर न जाने की चेतावनी दे रही है। साथ ही, बढ़ते जलस्तर को देखते हुए, नदी किनारे मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुँचाया जा रहा है। दून पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और बरसाती गदेरों के पास न जाएँ, मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइज़री का पालन करें, तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। पुलिस ने ज़ोर देकर कहा है कि लोगों की सतर्कता ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
- देहरादून में लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनज़र दून पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर, सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त कर रही हैं और मौजूदा स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं। पुलिस लाउड हेलर के ज़रिए आम जनता को नदी-नालों और बरसाती गदेरों के किनारों पर न जाने की चेतावनी दे रही है। साथ ही, बढ़ते जलस्तर को देखते हुए, नदी किनारे मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुँचाया जा रहा है। दून पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और बरसाती गदेरों के पास न जाएँ, मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइज़री का पालन करें, तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। पुलिस ने ज़ोर देकर कहा है कि लोगों की सतर्कता ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।1
- रुद्रपुर 13 साल की मासूम नाबालिग बच्ची को वाटर पार्क जाने के बहाने नाबालिग को ओयो होटल ले जाया गया, जहां नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया गया। घटना का पता चलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। इस मामले में पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इस संबध में एक टीम का गठन कर आरोपियों के ठिकानों पर दबिशें देनी शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक घटना 6 जुलाई की दोपहर की है। पीड़िता की मां ने पुलिस दो दी तहरीर मे बताया कि उसकी 13 वर्षीय बेटी अपने मोहल्ले की एक सहेली के साथ वाटर पार्क जाने के लिए निकली थी। दोनों लड़कियां मेडिसिटी हॉस्पिटल के पास खड़ी होकर ऑटो का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान वहां एक युवक बाइक से पहुंचा, जो कि एक मॉल में काम करता है। पीड़िता की सहेली युवक को पहले से जानती थी। उसने उसे अपना मुंहबोला भाई बताया। युवक के साथ उसका कथित चाचा भी मौजूद था। युवक ने पीड़िता की सहेली से कहा कि वह पीछे-पीछे आए। उसने 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को अपनी बाइक पर बैठा लिया। आरोप है कि युवक और उसका साथी नाबालिग को सीधे लालपुर स्थित टोल प्लाजा के पास बने एक ओयो होटल में ले गए। वहां आरोपियों ने नाबालिग को कोल्ड ड्रिंक में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद युवक और उसके साथी ने बारी-बारी से नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। आरोपियों ने बाद में 2 से 3 अन्य युवकों को भी होटल में बुलाया। उन अज्ञात युवकों ने भी बेहोशी और लाचारी की हालत में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने पीड़िता को पूरी रात बंधक बनाकर अपने पास रखा। अगले दिन यानी 7 जुलाई की सुबह करीब 11.00 बजे आरोपी पीड़िता को होटल के बाहर बदहवास हालत में छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता सड़क पर रोती-चिल्लाती हुई मदद की गुहार लगा रही थी। इसी बीच उसने एक स्थानीय दुकानदार से फोन मांगकर अपनी मां को आपबीती सुनाई। सूचना मिलते ही बदहवास मां मौके पर पहुंची। तुरंत 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी। इस संवेदनशील मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बारीकी से साक्ष्य जुटा रही है। एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।2
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- आज दिनांक 09 जुलाई 2026 को एमडीटी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि विष्णु घाट रेलवे स्टेशन के पास स्थित काली कमली क्षेत्र में एक मकान अचानक ढह गया। इस हादसे में चार लोग मलबे में फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस मायापुर की टीम, जिसमें LFM- नरेंद्र सिंह तोमर, DVR - प्रकाश मनोरी, FM- चंद्र प्रकाश नौटियाल, FM-मातबर सिंह तोमर, FM- सुरेश और FW- दीपाली वर्मा शामिल थीं, तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने बिना समय गंवाए त्वरित एवं कुशल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, मलबे में फंसे सभी चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फंसे हुए व्यक्तियों में एक व्यक्ति बीमार और चलने में असमर्थ था, जिसे फायर सर्विस टीम ने स्ट्रेचर की सहायता से कुशलतापूर्वक सुरक्षित बाहर निकाला। फायर सर्विस मायापुर के इस सराहनीय एवं समयबद्ध प्रयास से एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया गया। बचाव अभियान के दौरान टीम ने पूरी सतर्कता और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया, जिसके कारण सभी लोगों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी। विष्णु घाट रेलवे स्टेशन के पास मकान गिरने से मलबे में फंसे चार लोगों के लिए फायर स्टेशन मायापुर की टीम देवदूत बनकर सामने आई।1
- जनपद टिहरी गढ़वाल की तहसील धनोल्टी के अंतर्गत कद्दूखाल (ग्राम उनियालगांव) स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए पर 08 जुलाई, 2026 की शाम भारी वर्षा के दौरान पहाड़ी का एक हिस्सा दरक गया। जिला प्रशासन द्वारा पहले से ही की गई एहतियाती कार्रवाई के कारण इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल, नितिका खण्डेलवाल ने जानकारी दी कि मिट्टी के कटाव से राजकीय भूमि पर बना एक पुराना निष्प्रयोज्य कमरा (टीन शैड युक्त) पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा, सात छोटे खोखे (टीन शैड से निर्मित) भी खतरे की जद में हैं। सुरक्षा के मद्देनजर, उक्त दुकानों, रेस्टोरेंटों, खोखों और निर्माणकर्ताओं के मजदूरों को घटना से पहले ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया था। संभावित खतरे को देखते हुए, इन दुकानों और खोखों पर क्रॉस का निशान लगाया गया है और उनके स्वामियों को इन स्थलों का उपयोग न करने की सख्त हिदायत दी गई है। निर्माणकर्ता को अलग से नोटिस भी जारी किया जा रहा है। प्रशासनिक जांच में शुरुआती तौर पर यह सामने आया है कि एक निजी व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य के लिए की जा रही अनधिकृत खुदाई के कारण पहाड़ी अस्थिर हो गई, जिससे भूस्खलन की स्थिति बनी। स्थानीय राजस्व अधिकारियों (पटवारी और तहसीलदार, धनोल्टी) की रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को भेज दी गई है और अनधिकृत खुदाई के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और क्षेत्र में कोई व्यापक क्षति नहीं हुई है। मानसून को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। आमजन से अपील की गई है कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों तथा परामर्शों का पालन करें।1
- लक्सर विधानसभा क्षेत्र के दरगाहपुर गाँव में विधायक निधि से हुए सड़क निर्माण कार्य को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। पूर्व राज्य मंत्री और लक्सर विकास समिति के अध्यक्ष रविंद्र सिंह आनंद ने इस मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कागजों में 205.50 मीटर सड़क दर्ज है, जबकि मौके पर केवल 170 मीटर सड़क ही मिली है। इस बड़ी विसंगति का मतलब है कि 35.50 मीटर सड़क गायब है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। रविंद्र सिंह आनंद ने इस दरगाहपुर सड़क घोटाले पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया है कि आखिर आगे क्या कार्रवाई हो सकती है और जनता के लिए यह प्रमुख सवाल बना हुआ है कि इस मामले की जांच में क्या सामने आएगा।1
- ऊधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में एक 13 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किशोरी की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी बेटी अपनी सहेली के साथ वाटर पार्क जाने के लिए किच्छा रोड पर खड़ी थी। इसी दौरान नमन नाम का एक युवक अपने साथी के साथ बाइक पर आया और उनकी बेटी को वाटर पार्क ले जाने का झांसा देकर अपने साथ लालपुर स्थित एक होटल में ले गया। आरोप है कि होटल में दोनों ने किशोरी को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। शिकायत में यह भी बताया गया है कि नमन ने कुछ अन्य लोगों को भी वहां बुलाया, जिन्होंने भी इस वारदात को अंजाम दिया। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद रुद्रपुर के एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने पुष्टि की है कि पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया गया है।1
- हरिद्वार का चंद्राचार्य चौक बारिश में शहर के सर्वाधिक जलभराव से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में से एक है। पिछले दस सालों से इस क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यह समस्या जस की तस बनी हुई है। वर्ष 2016 में हरीश रावत सरकार ने बारिश से पहले यहाँ पंप स्थापित किए थे, जिनके माध्यम से मोटर चलाकर पानी बाहर निकाला जाता था। इसके बाद 2017 में अमृत योजना के तहत लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से गंगा तक बारिश के पानी की निकासी के लिए एक नाला बनाया गया था। हालांकि, ढाल सही न होने के कारण यह पैसा व्यर्थ चला गया और समस्या का समाधान नहीं हो पाया। जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती थी कि 2018 में तत्कालीन मेयर मनोज गर्ग ने समुचित जल निकासी में अवरोध बनी कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम की एक दीवार को स्वयं हथौड़ा लेकर गिरा दिया था। दरअसल, चंद्राचार्य चौक क्षेत्र गहराई में स्थित है और इसके चारों ओर सघन कॉलोनियों का विकास हो चुका है। भेल से आने वाला बरसाती पानी भी यहीं जमा हो जाता है। इस पानी की निकासी के लिए किसी बड़ी और ईमानदार योजना पर काम करने की आवश्यकता है। दुर्भाग्यवश, हर बारिश में इस क्षेत्र में जलभराव को लेकर सिर्फ शोर-शराबा होता है, लेकिन कोई ठोस काम नहीं किया जाता, जिसके परिणामस्वरूप हालात अब भी पहले जैसे ही बने हुए हैं।1