मुआरघाट में 10 वर्षों से निरंतर हो रही मां नर्मदा की महाआरती मुआरघाट में 10 वर्षों से निरंतर हो रही मां नर्मदा की महाआरती हर सोमवार गूंजता है नर्मदा तट ‘हर-हर नर्मदे’ के जयघोष से, आसपास के गांवों सहित गोटेगांव से पहुंचते हैं श्रद्धालु गोटेगांव। मुआरघाट स्थित मां नर्मदा के पावन तट पर धार्मिक आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यहां पिछले 10 वर्षों से भी अधिक समय से प्रत्येक सोमवार को नियमित रूप से मां नर्मदा जी की महाआरती की जा रही है। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा में आसपास के ग्रामीण अंचलों के साथ ही गोटेगांव से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने पहुंचते हैं। सोमवार को शाम के समय नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी से माहौल भक्तिमय हो जाता है। विधि-विधान से मां नर्मदा का पूजन-अर्चन कर महाआरती की जाती है। आरती के दौरान नर्मदा तट ‘हर-हर नर्मदे’ और मां नर्मदा के जयघोष से गूंज उठता है। श्रद्धालु आरती में शामिल होकर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। ग्रामीण अंचलों से पहुंचते हैं श्रद्धालु मुआरघाट की इस साप्ताहिक महाआरती में आसपास के गांवों से श्रद्धालु नियमित रूप से पहुंचते हैं। कई परिवार लंबे समय से प्रत्येक सोमवार को यहां आकर आरती में शामिल होते हैं। गोटेगांव से भी श्रद्धालु मुआरघाट पहुंचकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों से निरंतर हो रही महाआरती ने मुआरघाट को क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशेष पहचान दिलाई है। आस्था के साथ प्रकृति से जुड़ने का अवसर नर्मदा तट पर होने वाली महाआरती श्रद्धालुओं के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मां नर्मदा के प्रति आस्था और प्रकृति के प्रति सम्मान का अवसर भी है। प्रत्येक सोमवार यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु आरती में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करते हैं। वर्षों से बिना किसी व्यवधान के जारी यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को भी नर्मदा संरक्षण और धार्मिक आस्था से जोड़ने का माध्यम बन रही है।
मुआरघाट में 10 वर्षों से निरंतर हो रही मां नर्मदा की महाआरती मुआरघाट में 10 वर्षों से निरंतर हो रही मां नर्मदा की महाआरती हर सोमवार गूंजता है नर्मदा तट ‘हर-हर नर्मदे’ के जयघोष से, आसपास के गांवों सहित गोटेगांव से पहुंचते हैं श्रद्धालु गोटेगांव। मुआरघाट स्थित मां नर्मदा के पावन तट पर धार्मिक आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यहां पिछले 10 वर्षों से भी अधिक समय से प्रत्येक सोमवार को नियमित रूप से मां नर्मदा जी की महाआरती की जा रही है। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा में आसपास के ग्रामीण अंचलों के साथ ही गोटेगांव से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने पहुंचते हैं। सोमवार को शाम के समय नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी से माहौल भक्तिमय हो जाता है। विधि-विधान से मां नर्मदा का पूजन-अर्चन कर महाआरती की जाती है। आरती के दौरान नर्मदा तट ‘हर-हर नर्मदे’ और मां नर्मदा के जयघोष से गूंज उठता है। श्रद्धालु आरती में शामिल होकर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। ग्रामीण अंचलों से पहुंचते हैं श्रद्धालु मुआरघाट की इस साप्ताहिक महाआरती में आसपास के गांवों से श्रद्धालु नियमित रूप से पहुंचते हैं। कई परिवार लंबे समय से प्रत्येक सोमवार को यहां आकर आरती में शामिल होते हैं। गोटेगांव से भी श्रद्धालु मुआरघाट पहुंचकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों से निरंतर हो रही महाआरती ने मुआरघाट को क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशेष पहचान दिलाई है। आस्था के साथ प्रकृति से जुड़ने का अवसर नर्मदा तट पर होने वाली महाआरती श्रद्धालुओं के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मां नर्मदा के प्रति आस्था और प्रकृति के प्रति सम्मान का अवसर भी है। प्रत्येक सोमवार यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु आरती में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करते हैं। वर्षों से बिना किसी व्यवधान के जारी यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को भी नर्मदा संरक्षण और धार्मिक आस्था से जोड़ने का माध्यम बन रही है।
- 🌺 मां नर्मदा के पावन तट मुआर घाट पर भव्य महाआरती 🌺 सोमवार को मां नर्मदा के पावन तट मुआर घाट पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर मां नर्मदा की आराधना करते हैं और पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। मां नर्मदा की भक्ति और आस्था से सराबोर यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक शांति और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। 🙏🌺1
- मुआरघाट में 10 वर्षों से निरंतर हो रही मां नर्मदा की महाआरती मुआरघाट में 10 वर्षों से निरंतर हो रही मां नर्मदा की महाआरती हर सोमवार गूंजता है नर्मदा तट ‘हर-हर नर्मदे’ के जयघोष से, आसपास के गांवों सहित गोटेगांव से पहुंचते हैं श्रद्धालु गोटेगांव। मुआरघाट स्थित मां नर्मदा के पावन तट पर धार्मिक आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यहां पिछले 10 वर्षों से भी अधिक समय से प्रत्येक सोमवार को नियमित रूप से मां नर्मदा जी की महाआरती की जा रही है। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा में आसपास के ग्रामीण अंचलों के साथ ही गोटेगांव से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने पहुंचते हैं। सोमवार को शाम के समय नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी से माहौल भक्तिमय हो जाता है। विधि-विधान से मां नर्मदा का पूजन-अर्चन कर महाआरती की जाती है। आरती के दौरान नर्मदा तट ‘हर-हर नर्मदे’ और मां नर्मदा के जयघोष से गूंज उठता है। श्रद्धालु आरती में शामिल होकर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। ग्रामीण अंचलों से पहुंचते हैं श्रद्धालु मुआरघाट की इस साप्ताहिक महाआरती में आसपास के गांवों से श्रद्धालु नियमित रूप से पहुंचते हैं। कई परिवार लंबे समय से प्रत्येक सोमवार को यहां आकर आरती में शामिल होते हैं। गोटेगांव से भी श्रद्धालु मुआरघाट पहुंचकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों से निरंतर हो रही महाआरती ने मुआरघाट को क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशेष पहचान दिलाई है। आस्था के साथ प्रकृति से जुड़ने का अवसर नर्मदा तट पर होने वाली महाआरती श्रद्धालुओं के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मां नर्मदा के प्रति आस्था और प्रकृति के प्रति सम्मान का अवसर भी है। प्रत्येक सोमवार यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु आरती में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करते हैं। वर्षों से बिना किसी व्यवधान के जारी यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को भी नर्मदा संरक्षण और धार्मिक आस्था से जोड़ने का माध्यम बन रही है।1
- रैबीज से गाय पागल, दिनभर मचाया उत्पात नरसिंहपुर जिला अस्पताल के पास बीती 3 सितंबर को एक सांड पागल हो गया था। उसके हमले में पांच लोग घायल हुए थे। इस घटना के दो दिन बाद यानी 5 सितंबर को एक गाय पागल हो गई। जिसका आतंक शहर के पटेल, आजाद व कामथ वार्ड की गलियों में देखने को मिला। राहगीरों पर आक्रामक इस गाय के कारण हालांकि कोई घायल तो नहीं हुआ, लेकिन दहशत बनी रही। आखिरकार पटेल वार्ड में देर रात पार्षद पूजा-कपिल रैकवार, आजाद वार्ड पार्षद बॉबी खान के प्रयासों से नपाकरि्मयों ने पागल गाय का रेस्क्यू किया। हालांकि रात को ही उसकी मौत भी हो गई। बताया गया कि गाय को रैबीज हो गया था। चार दिन में दूसरा घटनाक्रम, मौत शहर के पटेल वार्ड, आजाद वार्ड, कामथ वार्ड में पागल गाय का आतंक शनिवार को देखने को मिला। गाय ने करीब आधा दर्जन लोगों पर हमला कर दहशत का माहौल निरि्मत कर दिया। जिस गली में ये गाय जाती वह कुछ ही देर में सूनी हो जाती। इसकी जानकारी लगने पर पटेल वार्ड पार्षद पूजा-कपिल रैकवार व आजाद वार्ड पार्षद बाबी खान ने नगर पालिका की रेस्क्यू टीम को सूचित किया। साथ ही वेटनरी चिकित्सक गुड्डू पटेल से भी संपर्क कर उन्हें बुलाया। नपाकरि्मयों की कड़ी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे पागल गाय को पकड़ा गया। इसके बाद वेटरनरी चिकित्सक ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया, जिससे वह शांत हुई। पटेल वार्ड पार्षद प्रतिनिधि कपिल रैकवार ने बताया कि चिकित्सकीय जांच में गाय में रैबीज की पुषि्ट हुई थी। इसी कारण रात को गाय की मौत भी हो गई। श्री रैकवार ने बताया कि चार दिन पहले श्याम टॉकीज के पास जैन मंदिर जा रही महिला को भी एक रैबीजग्रस्त अन्य गाय ने घायल किया था। जिसकी भी मौत हो गई थी।1
- #पाटन जबलपुर के पाटन में 18 अगस्त को किसानों व्यापारियों के द्वारा बढ़ते सड़क हादसों और किसानो की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया गया था मामले में पांच प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद आक्रोशित लोगों ने पाटन थाने का घेराव कर दिया।बड़ी संख्या में महिलाएं किशान और व्यापारी पाटन थाने पहुंचे हैं। #highlights #follower #NewsUpdate #newsfeed #fbnews1
- नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल एवं रेलवे स्टेशन पर लोगो को किया जागरूक नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल एवं रेलवे स्टेशन पर लोगो को किया जागरूक नरसिंहपुर. अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस. नीले आसमान के लिए स्वच्छ वायु के अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया. जिसमें वायु प्रदूषण के बारे में. जागरूकता बढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशन पर एवं रेलवे यात्रियों को अनाउंसमेंट के द्वारा. रेलवे चिकित्सक डॉक्टर आर आर कुर्रे एवं जिला अस्पताल से एपिडेमियोलॉजी. डॉ गुलाब खातरकर द्वारा. अन्य रेलवे कर्मचारियों अधिकारियों एवं प्लेटफार्म में बैठे हुए यात्रियोंक़ो भी जागरूक किया गया.. रेलवे चिकित्सक डॉक्टर आर आर कुर्रे ने बताया कि. W H . O आंकड़ों के अनुसार. वायु के रासायनिक भौतिक एवं जैविक कारण के कारण बाहरी एवं घर के अंदर के हवा जो सांस लेने के लिए सुरक्षित नहीं होना वायु प्रदूषण कहलाती है.. जिसमें शिक्षक कार्ड जो हवा के द्वारा फेफड़ों से होकर के ब्लड में जाने से कैंसर का भी कारण हो सकता है.. हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड नाइट्रोजन ओजोन ईंधन पेंट सॉल्वेंट से निकलने वाले वाष्प से भी. वायु प्रदूषण होता है. जिसमें मुख्य स्रोत है वाहन उत्सर्जन. कारखाना सड़क केनिर्माण एवं धूल.. कोयला आधारित बिजली संयंत्र. खेतों में जलने वाले परा ली.सन 2019. मैं हो के आंकड़ों के अनुसार 42 लाख लोग प्रतिवर्ष की मृत्यु होता है. 99% लोग WHO के मानकों के प्रदूषी त वायु में सांस लेते हैं.. हमारा संकल्प. स्वच्छ वायु हर व्यक्ति का हर जगह मौलिक अधिकार है. वायु प्रदूषण एवं जलवायु प्रदूषण. दोनों को कार्यवाहीसाथ चलना होगा. सरकार उद्योग एवं नागरिकों को.मिलकर अनिवार्य रूप से सामूहिक कार्रवाई होना चाहिए.. हर छोटा स्थानी प्रयास. स्वस्थ स्वच्छ नीले आसमान की ओर. ले जाता है. डॉ आर आर कुर्रे4
- दमोह -अवैध शराब पर बड़ा प्रहार1
- नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन पर मनाया गया 'अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस', वायु प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता का संदेश नरसिंहपुर: अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस (नीले आसमान के लिए स्वच्छ वायु का अंतर्राष्ट्रीय दिवस) के अवसर पर सोमवार, 7 सितंबर 2026 को नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर अनाउंसमेंट के माध्यम से यात्रियों और नागरिकों को वायु प्रदूषण के प्रति जागरूक किया गया। 1
- सरस्वती विद्यालय गोटेगांव में नन्हे मुन्ने भैया बहनों का श्री कृष्ण स्वरूप में पूजन किया गया सरस्वती विद्यालय में धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव गोटेगांव। सरस्वती विद्यालय में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य परिवार द्वारा श्रीकृष्ण स्वरूप में सजे नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।1