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हारनी ठोबरिया के युवाओं ने घघर नदी बांध पर ठंडे और मीठे जल की शबील लगाई।
SARDAAR NEWS
हारनी ठोबरिया के युवाओं ने घघर नदी बांध पर ठंडे और मीठे जल की शबील लगाई।
More news from हरियाणा and nearby areas
- हारनी ठोबरिया के युवाओं ने घघर नदी बांध पर ठंडे और मीठे जल की शबील लगाई।1
- राजस्थान के हनुमानगढ़ क्षेत्र में भारी बारिश दर्ज की गई है। इस भारी बारिश के कारण पूरे इलाके में बादल छा गए हैं, जिससे क्षेत्र के सभी ग्रामीण परेशान हैं।1
- स्थानीय नोहर स्थित श्री हरि कृष्ण गौ सेवा समिति की "टीले वाली गौशाला" में आज सोमवती अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं और गौभक्तों ने सुबह से ही गौशाला प्रांगण में आकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस पावन दिन गौभक्तों ने गौमाताओं के लिए दीपदान किया और हरा चारा, पानी टैंकर, तथा सवामणी भोग के लिए उदारतापूर्वक दान दिया। इस दौरान भजन-कीर्तन सहित अन्य धार्मिक क्रियाएं भी सम्पन्न की गईं।1
- इलाके में बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि या तो बिजली बिल्कुल नहीं आ रही है, या फिर इतनी कम वोल्टेज पर मिल रही है कि कूलर और पंखे ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं; पंखे बहुत धीमी गति से चल रहे हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर जोधपुर बिजली विभाग में दो बार शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं। हालांकि, इन शिकायतों के बावजूद बिजली विभाग की ओर से अभी तक कोई सुनवाई या समाधान नहीं किया गया है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।2
- ओड समाज का प्रथम सामूहिक विवाह सम्मेलन सामाजिक बदलाव लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। इस पहल से समुदाय में सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।1
- हनुमानगढ़ के मसतावाली हेड से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार पर स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता को लूटने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यहाँ की जनता का दावा है कि सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर के बहाने लोगों को लूटा जा रहा है।1
- फतेहाबाद जिले में एक गांव की सड़कों और नालियों की वर्तमान खराब स्थिति पर चिंता जताई गई है। संबंधित विभाग से अनुरोध किया गया है कि इन सड़कों और नालियों की जल्द से जल्द सफाई और मरम्मत कराई जाए।1
- अधिक मास के पवित्र अवसर पर, एक महिला मंडल द्वारा गौशाला में अपनी निरंतर सेवा और सहयोग जारी रखा गया है। यह पहल गौशाला के प्रति उनके समर्पण और इस विशेष अवधि में धार्मिक कार्यों में सहभागिता को दर्शाती है।1